Shuru
Apke Nagar Ki App…
झारखंड के एक मेडिकल कॉलेज में बिजली नहीं होने के कारण मरीज बेहाल हैं, जहाँ व्यवस्था के लिए लगाए गए जनरेटर भी फेल हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्थापित की गई व्यवस्था के बावजूद, डॉक्टरों को मरीजों का इलाज टॉर्च की रोशनी में करना पड़ रहा है। यह चौंकाने वाली स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करती है और गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर इस अव्यवस्था और मरीजों की परेशानी के लिए जिम्मेदार कौन है, जब मूलभूत सुविधाओं के नाम पर इतनी बड़ी राशि खर्च की गई है।
Shashikant
झारखंड के एक मेडिकल कॉलेज में बिजली नहीं होने के कारण मरीज बेहाल हैं, जहाँ व्यवस्था के लिए लगाए गए जनरेटर भी फेल हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्थापित की गई व्यवस्था के बावजूद, डॉक्टरों को मरीजों का इलाज टॉर्च की रोशनी में करना पड़ रहा है। यह चौंकाने वाली स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करती है और गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर इस अव्यवस्था और मरीजों की परेशानी के लिए जिम्मेदार कौन है, जब मूलभूत सुविधाओं के नाम पर इतनी बड़ी राशि खर्च की गई है।
More news from झारखंड and nearby areas
- झारखंड के एक मेडिकल कॉलेज में बिजली नहीं होने के कारण मरीज बेहाल हैं, जहाँ व्यवस्था के लिए लगाए गए जनरेटर भी फेल हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि करोड़ों रुपये खर्च कर स्थापित की गई व्यवस्था के बावजूद, डॉक्टरों को मरीजों का इलाज टॉर्च की रोशनी में करना पड़ रहा है। यह चौंकाने वाली स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करती है और गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर इस अव्यवस्था और मरीजों की परेशानी के लिए जिम्मेदार कौन है, जब मूलभूत सुविधाओं के नाम पर इतनी बड़ी राशि खर्च की गई है।1
- हजारीबाग शहर में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि वे पुलिस को खुली चुनौती देते हुए लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी क्रम में आज सुबह करीब 10 बजे सदर थाना क्षेत्र की नवाबगंज गली में दिनदहाड़े एक महिला को निशाना बनाया गया। दो बाइक सवार अपराधियों ने घर के सामने से गुजर रही महिला के गले से सोने की चेन झपटी और मौके से तेजी से फरार हो गए। यह पूरी वारदात गली में लगे एक घर के सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट रूप से कैद हो गई है, जिसमें अपराधियों की तस्वीरें और चेन छीनने की लाइव घटना साफ देखी जा सकती है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि दिन के उजाले में ऐसी वारदात का होना शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी और मोहल्ले में पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और अपराधियों के हुलिए के आधार पर अपनी छानबीन में जुट गई है।1
- हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने आज पुराने समाहरणालय भवन परिसर का औचक निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि परिसर में कई भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि कुछ भवन जर्जर अवस्था में हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से इन भवनों की वर्तमान स्थिति और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने बताया कि जो भवन अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में हैं, उन्हें कार्यालय संचालन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जिले में कई ऐसे कार्यालय हैं जहाँ कमरों की कमी है, और ऐसे कार्यालयों को आवश्यकता के अनुसार पुराने समाहरणालय परिसर में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारू बनाना है।1
- हजारीबाग में तमन्ना प्रवीण और मो. रिजवान नामक दो मासूम बच्चों की दर्दनाक हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना की सूचना मिलने पर प्रदेश प्रवक्ता साजिद अली खान ने पीड़ित परिवार और आक्रोशित लोगों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को दी। इसके बाद, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने तत्काल हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती को चौबीस घंटे के भीतर दोषियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक सहयोग प्रदान करने के निर्देश भी दिए। तत्पश्चात, हजारीबाग के कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता साजिद अली खान, नगर अध्यक्ष परवेज आलम, प्रखर समाजसेवी इरफान उर्फ काजू और अन्य राजनीतिक दलों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी से मुलाकात की। सभी वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सार्थक आश्वासन मिलने के बाद, पीड़ित परिवार और क्षेत्र की जनता द्वारा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर सड़क पर किए जा रहे प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया। कांग्रेस पार्टी की तत्परता और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के निर्देशों पर, जिला प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को आर्थिक लाभ उपलब्ध कराया गया है। उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, आवास एवं राशन कार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने, परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने और परिवार की एक बची हुई बेटी की शिक्षा के लिए प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहें और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करें। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, और न्याय की इस लड़ाई में पूरा समाज पीड़ित परिवार के साथ है।1
- एक पिता ने अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की है, जिसका सीधा आरोप उन्होंने सिस्टम की लापरवाही पर लगाया है। इस दुख और लाचारी के बीच उन्होंने अपनी अशिक्षा का भी उल्लेख किया, जो उनकी स्थिति को और भी अधिक गंभीर बना देती है।1
- हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पर लगातार बढ़ रही छिनतई की घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है, जिसके कारण यह स्थान अब छिनतई के अड्डे में तब्दील होता दिख रहा है। इन वारदातों के बीच, स्थानीय लोगों और प्रभावित पक्षों द्वारा पुलिस की भूमिका पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इन घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस प्रशासन मौन क्यों है और क्यों कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।1
- यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि न्याय के नाम पर किए जा रहे अत्याचार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया है कि प्रत्येक नागरिक की जान और उसके सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।1