होली के रंग में घुला भेदभाव! वाल्मीकि समाज को “आखत” से रोका, मिर्जापुर थाने में तहरीर के बाद भी कार्रवाई नहीं शाहजहांपुर। रंगों के पर्व होली के दिन शाहजहांपुर के थाना मिर्जापुर क्षेत्र से सामाजिक सौहार्द को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि होली मिलन के दौरान उन्हें यह कहकर अलग कर दिया गया— “तुम लोग वाल्मीकि हो, हमारे साथ आखत नहीं डाल सकते।” पीड़ितों के अनुसार 4 मार्च को गांव में होली के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह घटना हुई। इस व्यवहार से आहत वाल्मीकि समाज के लोगों ने इसे छुआछूत की मानसिकता का उदाहरण बताते हुए थाना मिर्जापुर में लिखित तहरीर दी है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस घटना से समाज में आक्रोश फैल गया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनके सम्मान पर आघात नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी चोट पहुंचाने वाली घटना है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शिकायत के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब प्रशासन के लिए भी परीक्षा बनता जा रहा है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर कितनी गंभीरता से कदम उठाता है। समाज के लिए बड़ा सवाल जब दुनिया तकनीक, विज्ञान और विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है, तब भी यदि समाज में छुआछूत जैसी सोच जिंदा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। होली रंगों और मेल-मिलाप का पर्व है, लेकिन अगर इसी दिन किसी को जाति के आधार पर अलग कर दिया जाए तो यह हमारे सामाजिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है। सनातन परंपरा का मूल संदेश समरसता, करुणा और समानता का रहा है। ऐसे में समाज को जाति के आधार पर बांटने वाली सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी विरासत छोड़ रही है, यह विचार करने का समय है। होली के रंग तभी सच्चे होंगे, जब मन के रंग भी एक जैसे हों।
होली के रंग में घुला भेदभाव! वाल्मीकि समाज को “आखत” से रोका, मिर्जापुर थाने में तहरीर के बाद भी कार्रवाई नहीं शाहजहांपुर। रंगों के पर्व होली के दिन शाहजहांपुर के थाना मिर्जापुर क्षेत्र से सामाजिक सौहार्द को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि होली मिलन के दौरान उन्हें यह कहकर अलग कर दिया गया— “तुम लोग वाल्मीकि हो, हमारे साथ आखत नहीं डाल सकते।” पीड़ितों के अनुसार 4 मार्च को गांव में होली के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह घटना हुई। इस व्यवहार से आहत वाल्मीकि समाज के लोगों ने इसे छुआछूत की मानसिकता का उदाहरण बताते हुए थाना मिर्जापुर में लिखित तहरीर दी है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस घटना से समाज में आक्रोश फैल गया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनके सम्मान पर आघात नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी चोट पहुंचाने वाली घटना है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शिकायत के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब प्रशासन के लिए भी परीक्षा बनता जा रहा है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर कितनी गंभीरता से कदम उठाता है। समाज के लिए बड़ा सवाल जब दुनिया तकनीक, विज्ञान और विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है, तब भी यदि समाज में छुआछूत जैसी सोच जिंदा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। होली रंगों और मेल-मिलाप का पर्व है, लेकिन अगर इसी दिन किसी को जाति के आधार पर अलग कर दिया जाए तो यह हमारे सामाजिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है। सनातन परंपरा का मूल संदेश समरसता, करुणा और समानता का रहा है। ऐसे में समाज को जाति के आधार पर बांटने वाली सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी विरासत छोड़ रही है, यह विचार करने का समय है। होली के रंग तभी सच्चे होंगे, जब मन के रंग भी एक जैसे हों।
- शाहजहांपुर में दबंगों ने आधी रात को सड़क पर जमकर हंगामा किया और एक परिवार पर हमला कर दिया। इस दौरान कई राउंड फायरिंग भी की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने घर में छिपकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि किसी को गोली नहीं लगी1
- होली खेलने के बहाने की पत्नी की हत्या : मुखौटा पहनकर घर में घुसा, प्रेमी पर तेजाब फेंका; शाहजहांपुर में पति को छोड़कर लिव-इन में रहती थी,1
- *रिजर्व पुलिस लाइन शाहजहाँपुर में होली मिलन समारोह आयोजित, अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर दी शुभकामनाएँ ।* जनपद शाहजहाँपुर में होली पर्व को सकुशल एवं शान्तिपूर्ण रूप से सम्पन्न कराने के उपरांत आज दिनांक 05.03.2026 को रिजर्व पुलिस लाइन, शाहजहाँपुर में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीमान जिलाधिकारी महोदय शाहजहाँपुर एवं श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद शाहजहाँपुर की उपस्थिति में जनपद के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली मिलन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिसार निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। होली मिलन समारोह के दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक-दूसरे को रंग व गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं तथा आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा जनपद में होली पर्व को शान्तिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न कराने में पुलिस बल द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की गई तथा सभी को भविष्य में भी इसी प्रकार कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। *कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस परिवार के मध्य आपसी समन्वय, सौहार्द एवं उत्साह को बढ़ावा देना रहा, जिससे पुलिस बल जनपद में कानून-व्यवस्था को प्रभावी रूप से बनाए रखने हेतु सदैव तत्पर रह सके।*4
- शाहजहाँपुर: पुलिस लाइन में धूमधाम से मनाई गई होली, अधिकारियों ने दी शुभकामनाएँ शाहजहाँपुर। होली के पावन पर्व पर पुलिस लाइन परिसर में बुधवार को होली मिलन समारोह का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं और आपसी भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया।1
- होली के रंग में घुला भेदभाव! वाल्मीकि समाज को “आखत” से रोका, मिर्जापुर थाने में तहरीर के बाद भी कार्रवाई नहीं शाहजहांपुर। रंगों के पर्व होली के दिन शाहजहांपुर के थाना मिर्जापुर क्षेत्र से सामाजिक सौहार्द को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि होली मिलन के दौरान उन्हें यह कहकर अलग कर दिया गया— “तुम लोग वाल्मीकि हो, हमारे साथ आखत नहीं डाल सकते।” पीड़ितों के अनुसार 4 मार्च को गांव में होली के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह घटना हुई। इस व्यवहार से आहत वाल्मीकि समाज के लोगों ने इसे छुआछूत की मानसिकता का उदाहरण बताते हुए थाना मिर्जापुर में लिखित तहरीर दी है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस घटना से समाज में आक्रोश फैल गया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनके सम्मान पर आघात नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी चोट पहुंचाने वाली घटना है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शिकायत के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब प्रशासन के लिए भी परीक्षा बनता जा रहा है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर कितनी गंभीरता से कदम उठाता है। समाज के लिए बड़ा सवाल जब दुनिया तकनीक, विज्ञान और विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है, तब भी यदि समाज में छुआछूत जैसी सोच जिंदा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। होली रंगों और मेल-मिलाप का पर्व है, लेकिन अगर इसी दिन किसी को जाति के आधार पर अलग कर दिया जाए तो यह हमारे सामाजिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है। सनातन परंपरा का मूल संदेश समरसता, करुणा और समानता का रहा है। ऐसे में समाज को जाति के आधार पर बांटने वाली सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी विरासत छोड़ रही है, यह विचार करने का समय है। होली के रंग तभी सच्चे होंगे, जब मन के रंग भी एक जैसे हों।1
- Post by Asha Rani1
- Post by Krish mishra1
- सिंधौली (शाहजहांपुर)। थाना क्षेत्र के बाजपुर गांव में गुरुवार सुबह एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पॉपुलर के पेड़ से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतक की पहचान बाजपुर निवासी रामसनेही के 21 वर्षीय पुत्र गोपाल उर्फ शेखू के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार गोपाल बुधवार शाम करीब सात बजे गांव में ही एक परिचित के घर गया था, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटा। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, मगर रात भर उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। गुरुवार सुबह गांव का एक व्यक्ति खेत की ओर गया तो उसने गांव के पूर्व फकीरे के खेत में लगे पॉपुलर के पेड़ से रस्सी के सहारे एक युवक का शव लटका देखा। उसने तुरंत ग्रामीणों और परिजनों को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने शव की पहचान गोपाल उर्फ शेखू के रूप में की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। बताया गया कि युवक का शव पेड़ से लटका था, लेकिन उसके पैर जमीन को छू रहे थे। इस स्थिति को देखते हुए परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक की मां सुबोधा देवी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। मौके पर फोरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की जांच जारी है।1