मोहर्रम पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बलरामपुर जनपद पुलिस द्वारा संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के पर्यवेक्षण में, जनपद के सभी थाना प्रभारी/थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्रों में इन स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। इस निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधिकारी ताज़ियादारों, स्थानीय नागरिकों और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों से संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे सभी से पर्व को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील कर रहे हैं। इसी क्रम में, प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह ने ग्राम बसंतपुर और परसपुर में ताज़ियादारों के साथ जुलूस मार्ग का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, प्रभारी निरीक्षक ने जुलूस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ताज़ियादारों और आयोजकों को शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा जुलूस को निर्धारित मार्ग और समयानुसार निकालने के निर्देश दिए। साथ ही, उच्चाधिकारीगण द्वारा प्राप्त आदेश-निर्देशों से अवगत कराते हुए आमजन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने हेतु जागरूक किया गया।
मोहर्रम पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बलरामपुर जनपद पुलिस द्वारा संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के पर्यवेक्षण में, जनपद के सभी थाना प्रभारी/थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्रों में इन स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। इस निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधिकारी ताज़ियादारों, स्थानीय नागरिकों और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों से संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे सभी से पर्व को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील कर रहे हैं। इसी क्रम में, प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह ने ग्राम बसंतपुर और परसपुर में ताज़ियादारों के साथ जुलूस मार्ग का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, प्रभारी निरीक्षक ने जुलूस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ताज़ियादारों और आयोजकों को शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा जुलूस को निर्धारित मार्ग और समयानुसार निकालने के निर्देश दिए। साथ ही, उच्चाधिकारीगण द्वारा प्राप्त आदेश-निर्देशों से अवगत कराते हुए आमजन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने हेतु जागरूक किया गया।
- बलरामपुर जिले के मनकापुर रोड और उतरौला रोड के चौराहे पर स्थित राम अवध यादव इंटर कॉलेज के ठीक सामने एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस गंभीर स्थिति के दौरान, घटनास्थल पर न तो कोई पुलिसकर्मी मौजूद था और न ही फायर ब्रिगेड की कोई टीम पहुंची। इसके बावजूद, उपस्थित लोगों ने किसी तरह एकजुट होकर आग पर काबू पाया और उसे बुझाने में सफलता हासिल की।1
- बलरामपुर के जिलाधिकारी ने खरीफ सीजन के लिए खाद की कमी न होने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि जनपद में यूरिया सहित सभी उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि खाद की कालाबाजारी करने वाले और किसानों से अधिक कीमत वसूलने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने किसानों से समय पर खाद का उपयोग करने की अपील भी की।1
- बलरामपुर जिले के तुलसीपुर तहसील के अंतर्गत विकासखंड गैसडी के ग्राम सभा बेला में संचालित एक गौशाला में बड़े खेल और अव्यवस्था का आरोप लगाया गया है। ग्राम वासियों और गौशाला की देखरेख करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि वे गौशाला के सेक्रेटरी द्वारा प्रताड़ित हैं, जहाँ व्यवस्था सही ढंग से नहीं है और गौमाता की सेवा के नाम पर केवल कागजी कार्यवाही हो रही है। गौशाला की देखरेख करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, और जब वे वेतन मांगते हैं तो सेक्रेटरी मना कर देते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला के सेक्रेटरी बृजेश अंबानी जी काफी दबंग किस्म के व्यक्ति हैं, जो न तो गौशाला की ठीक से देखभाल करते हैं और न ही कर्मचारियों को उनका वेतन देते हैं, बल्कि केवल कागजों में काम पूरा करते हैं। इस वजह से गौशाला के कर्मचारियों में बृजेश अंबानी जी के प्रति भारी नाराजगी है। ग्राम वासियों ने उत्तर प्रदेश शासन से ग्राम सभा बेला की गौशाला पर तत्काल जांच बैठक करने की मांग की है। उन्होंने यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज जी से सीधे सवाल किया है कि क्या वे इस मामले में सबसे सख्त कार्रवाई नहीं करेंगे, खासकर जब वे स्वयं गौमाता की सुरक्षा की बात करते हैं। ग्रामीणों को विश्वास है कि मुख्यमंत्री जी बेला ग्राम सभा में गौशाला के नाम पर हो रहे इस खेल की जांच अवश्य करेंगे।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में योगी आदित्यनाथ के घर की वैधता को लेकर सीधे सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट के अनुसार, यह पूछा जा रहा है कि क्या खुद योगी आदित्यनाथ का घर अवैध घोषित किया गया है। इसी के साथ, यह भी प्रश्न किया जा रहा है कि क्या अब उनके अपने ही घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा। पोस्ट में विशेष रूप से योगी आदित्यनाथ और बीजेपी का उल्लेख है, जो इस मुद्दे पर तीखे सवाल उठा रहा है।1
- स्थानीय निवासियों को अपने घर के ठीक बगल में जमा कचरे से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि घर के पास स्थित तालाब में भी कचरे का ढेर लगा हुआ है। निवासियों की शिकायत है कि उनके क्षेत्र में कचरा हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।1
- वैभव सूर्यवंशी ने एक नया विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के तरबगंज तहसील क्षेत्र के टकटोना गांव में राजस्व टीम पर हमला करने और उन्हें डंडा लेकर खदेड़ने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक राजस्व टीम, तालाब की ग्रामसभा भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत पर जाँच और सीमांकन करने पहुँची थी, तभी यह घटना हुई। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने टीम के साथ तीखी बहस और अभद्रता भी की। दरअसल, तहसील समाधान दिवस में ग्रामीणों द्वारा तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जब राजस्व टीम ने अवैध निर्माण को रोकने और जमीन का सीमांकन करने का प्रयास किया, तो अतिक्रमणकारियों ने इसका कड़ा विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने हाथ में लाठी-डंडे ले लिए और सरकारी टीम को मौके से खदेड़ दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को कानून को ताक पर रखकर काम करने से रोके जाने की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। घटना के बाद, पीड़ित लेखपाल की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्रता करने और धमकी देने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1