उत्तर प्रदेश के तरबगंज तहसील क्षेत्र के टकटोना गांव में राजस्व टीम पर हमला करने और उन्हें डंडा लेकर खदेड़ने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक राजस्व टीम, तालाब की ग्रामसभा भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत पर जाँच और सीमांकन करने पहुँची थी, तभी यह घटना हुई। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने टीम के साथ तीखी बहस और अभद्रता भी की। दरअसल, तहसील समाधान दिवस में ग्रामीणों द्वारा तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जब राजस्व टीम ने अवैध निर्माण को रोकने और जमीन का सीमांकन करने का प्रयास किया, तो अतिक्रमणकारियों ने इसका कड़ा विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने हाथ में लाठी-डंडे ले लिए और सरकारी टीम को मौके से खदेड़ दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को कानून को ताक पर रखकर काम करने से रोके जाने की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। घटना के बाद, पीड़ित लेखपाल की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्रता करने और धमकी देने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के तरबगंज तहसील क्षेत्र के टकटोना गांव में राजस्व टीम पर हमला करने और उन्हें डंडा लेकर खदेड़ने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक राजस्व टीम, तालाब की ग्रामसभा भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत पर जाँच और सीमांकन करने पहुँची थी, तभी यह घटना हुई। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने टीम के साथ तीखी बहस और अभद्रता भी की। दरअसल, तहसील समाधान दिवस में ग्रामीणों द्वारा तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जब राजस्व टीम ने अवैध निर्माण को रोकने और जमीन का सीमांकन करने का प्रयास किया, तो अतिक्रमणकारियों ने इसका कड़ा विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने हाथ में लाठी-डंडे ले लिए और सरकारी टीम को मौके से खदेड़ दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को कानून को ताक पर रखकर काम करने से रोके जाने की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। घटना के बाद, पीड़ित लेखपाल की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्रता करने और धमकी देने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में योगी आदित्यनाथ के घर की वैधता को लेकर सीधे सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट के अनुसार, यह पूछा जा रहा है कि क्या खुद योगी आदित्यनाथ का घर अवैध घोषित किया गया है। इसी के साथ, यह भी प्रश्न किया जा रहा है कि क्या अब उनके अपने ही घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा। पोस्ट में विशेष रूप से योगी आदित्यनाथ और बीजेपी का उल्लेख है, जो इस मुद्दे पर तीखे सवाल उठा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में सियासी एकजुटता का प्रदर्शन किया गया।1
- मुमताज अहमद नदी में मस्ती करते हुए सीधे लाइव आए हैं, जिसे दर्शक इस समय देख सकते हैं। उनसे इस वीडियो को लाइक, कमेंट, शेयर और सब्सक्राइब करने का आग्रह किया जा रहा है।1
- एक व्यक्ति ने बताया कि उनका भाई, जिन्हें वे 'ड्राइवर बाबू' कहकर संबोधित कर रहे हैं, ट्रैक्टर चलाते हुए खूब मस्ती कर रहे हैं। पोस्ट में दर्शकों से इसे लाइक, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- Post by Jitendra Kumar1
- आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर 30 जून 2026 को अपना 155वां स्थापना दिवस बड़े ही भव्य और गरिमामय ढंग से मनाने की तैयारी कर रही है। नगर पालिका की स्थापना 30 जून 1871 को हुई थी। परिषद के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने इस गौरवशाली आयोजन का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य नगर पालिका परिषद बलरामपुर की ऐतिहासिक विरासत, विकास यात्रा और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना है। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, खेल, राजनीति, धर्म, शिक्षा, समाजसेवा और संस्कृति सहित कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया जाएगा। स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें समारोह की रूपरेखा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सम्मान समारोह और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू और अधिशासी अधिकारी (ई.ओ.) लालचन्द्र मोर्या के साथ-साथ महंथ बृजानंद जी गेल्हापुर, कृष्ण गोपाल शुक्ल, डॉ. देवेश चन्द्र श्रीवास्तव, विजय अग्रवाल, नरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, डी.पी. सिंह बैस, संजय शर्मा, मनोज आर्य बाल्मीकी बाबा, संजय शुक्ल, सहजप्रीत सिंह, राम प्यारे कश्यप, अजीत शुक्ला, रुपेश मिश्रा, डॉ. तुलसीदास दूबे, शिव कुमार द्विवेदी, प्रद्युम्न सिंह, परमजीत सिंह, डॉ. राकेश चंद श्रीवास्तव, अविनाश मिश्र, डी.एन. सिंह, मंजू तिवारी, जय गर्ग, एम.पी. तिवारी, ए.के. सिंह (एम.एल.के.), कैप्टन रामेन्द्र सिंह, एडवोकेट गोमती त्रिपाठी, रमेश पहवा, साधना, श्रीवास्तव इन्दू भूषण जायसवाल जैसे कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने बलरामपुर के नगरवासियों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर को सफल और यादगार बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रमों में सहभागिता करें।1
- उत्तर प्रदेश के तरबगंज तहसील क्षेत्र के टकटोना गांव में राजस्व टीम पर हमला करने और उन्हें डंडा लेकर खदेड़ने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक राजस्व टीम, तालाब की ग्रामसभा भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत पर जाँच और सीमांकन करने पहुँची थी, तभी यह घटना हुई। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने टीम के साथ तीखी बहस और अभद्रता भी की। दरअसल, तहसील समाधान दिवस में ग्रामीणों द्वारा तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जब राजस्व टीम ने अवैध निर्माण को रोकने और जमीन का सीमांकन करने का प्रयास किया, तो अतिक्रमणकारियों ने इसका कड़ा विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने हाथ में लाठी-डंडे ले लिए और सरकारी टीम को मौके से खदेड़ दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को कानून को ताक पर रखकर काम करने से रोके जाने की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। घटना के बाद, पीड़ित लेखपाल की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्रता करने और धमकी देने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1