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एक सोशल मीडिया पोस्ट में योगी आदित्यनाथ के घर की वैधता को लेकर सीधे सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट के अनुसार, यह पूछा जा रहा है कि क्या खुद योगी आदित्यनाथ का घर अवैध घोषित किया गया है। इसी के साथ, यह भी प्रश्न किया जा रहा है कि क्या अब उनके अपने ही घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा। पोस्ट में विशेष रूप से योगी आदित्यनाथ और बीजेपी का उल्लेख है, जो इस मुद्दे पर तीखे सवाल उठा रहा है।
Aam janta ke Humdard
एक सोशल मीडिया पोस्ट में योगी आदित्यनाथ के घर की वैधता को लेकर सीधे सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट के अनुसार, यह पूछा जा रहा है कि क्या खुद योगी आदित्यनाथ का घर अवैध घोषित किया गया है। इसी के साथ, यह भी प्रश्न किया जा रहा है कि क्या अब उनके अपने ही घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा। पोस्ट में विशेष रूप से योगी आदित्यनाथ और बीजेपी का उल्लेख है, जो इस मुद्दे पर तीखे सवाल उठा रहा है।
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- एक सोशल मीडिया पोस्ट में योगी आदित्यनाथ के घर की वैधता को लेकर सीधे सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट के अनुसार, यह पूछा जा रहा है कि क्या खुद योगी आदित्यनाथ का घर अवैध घोषित किया गया है। इसी के साथ, यह भी प्रश्न किया जा रहा है कि क्या अब उनके अपने ही घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा। पोस्ट में विशेष रूप से योगी आदित्यनाथ और बीजेपी का उल्लेख है, जो इस मुद्दे पर तीखे सवाल उठा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में सियासी एकजुटता का प्रदर्शन किया गया।1
- प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 17 से 19 जून तक आयोजित हुई 7वीं साउथ एशियन चैंपियनशिप में जनपद श्रावस्ती के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इकौना निवासी आदित्य शर्मा ने 48 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में भूटान के खिलाड़ी को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, श्रावस्ती के ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी अनूप कुमार मिश्रा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया; फाइनल में उन्होंने मालदीव के खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन मात्र एक अंक के अंतर से हारकर रजत पदक हासिल किया और जिले का गौरव बढ़ाया। इन दोनों खिलाड़ियों की ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे श्रावस्ती जनपद में खुशी की लहर दौड़ गई। खिलाड़ियों के सम्मान में शुक्रवार को कटरा बाजार से लेकर इकौना बाजार तक एक भव्य विजय जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जुलूस के दौरान लोगों ने खिलाड़ियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। खिलाड़ियों की इस सफलता पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, खेल प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। लोगों ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने न केवल इकौना और श्रावस्ती, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों के कोच मो. शादाब हुसैन ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आदित्य शर्मा और अनूप कुमार मिश्रा की सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए और भी गौरवशाली उपलब्धियां हासिल करेंगे। इन खिलाड़ियों की सफलता ने जनपद के युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह भर दिया है और यह साबित कर दिया है कि श्रावस्ती की प्रतिभाएं किसी से कम नहीं हैं।1
- श्रावस्ती जनपद के भिनगा में 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और एनजीओ देहात इंडिया की संयुक्त कार्रवाई में चार नेपाली युवतियों को मानव तस्करी के संभावित चंगुल से मुक्त कराया गया है। यह महत्वपूर्ण सफलता 20 जून 2026 को समवाय सुइयां को विश्वसनीय जानकारी मिलने के बाद मिली, जिसमें बताया गया था कि दो भारतीय व्यक्ति मोटरसाइकिल से चार नेपाली युवतियों को मानव तस्करी के इरादे से भारतीय क्षेत्र में ला रहे थे। इस सूचना पर, कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के दिशा-निर्देशन में, समवाय सुइयां और एनजीओ देहात इंडिया ने एक विशेष नाका पार्टी का गठन किया। गुलरा गांव में लगाई गई नाकाबंदी के दौरान, गुलरा गांव से खैरी तराई गांव की ओर जा रहे दो भारतीय व्यक्तियों को मोटरसाइकिल पर इन चार नेपाली युवतियों के साथ रोका गया। पूछताछ और जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर, संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों युवतियों को मानव तस्करी के संभावित चंगुल से बचाया। बचाई गई युवतियों और पकड़े गए दोनों भारतीय व्यक्तियों को, एनजीओ देहात इंडिया के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में, अग्रिम विधिक एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस थाना सिरसिया, जनपद श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश) को सुपुर्द कर दिया गया है। 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल मानव तस्करी, सीमा पार अपराधों और अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु प्रतिबद्ध है, तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन एवं सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है।1
- गोंडा जिले के मेहनौन विधानसभा क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक मां पटमेश्वरी देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास किया गया है। इस पहल का उद्देश्य मंदिर को धार्मिक पर्यटन के लिए एक नई पहचान दिलाना और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना है। मेहनौन ग्राम पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम में भव्य भूमि पूजन और शिलान्यास के साथ सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास कार्यों की शुरुआत हुई। क्षेत्रीय विधायक विनय कुमार द्विवेदी उर्फ मुन्ना भैया ने मुख्य अतिथि के रूप में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन कर विकास कार्यों का शुभारंभ कराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मां पटमेश्वरी देवी मंदिर क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक प्रमुख केंद्र है। विधायक ने यह भी बताया कि सौंदर्यीकरण से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और इससे धार्मिक पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों की उपस्थिति दर्ज की गई।3
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में एक दूल्हे ने अपनी शादी में दिखावा छोड़कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अनूठी पहल में, दूल्हे की बारात पारंपरिक भव्य वाहनों के बजाय ई-रिक्शों से निकाली गई। यह कदम शादी जैसे आयोजनों में सादगी बरतने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया।1
- उत्तर प्रदेश के तरबगंज तहसील क्षेत्र के टकटोना गांव में राजस्व टीम पर हमला करने और उन्हें डंडा लेकर खदेड़ने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक राजस्व टीम, तालाब की ग्रामसभा भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत पर जाँच और सीमांकन करने पहुँची थी, तभी यह घटना हुई। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने टीम के साथ तीखी बहस और अभद्रता भी की। दरअसल, तहसील समाधान दिवस में ग्रामीणों द्वारा तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जब राजस्व टीम ने अवैध निर्माण को रोकने और जमीन का सीमांकन करने का प्रयास किया, तो अतिक्रमणकारियों ने इसका कड़ा विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने हाथ में लाठी-डंडे ले लिए और सरकारी टीम को मौके से खदेड़ दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को कानून को ताक पर रखकर काम करने से रोके जाने की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। घटना के बाद, पीड़ित लेखपाल की तहरीर पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्रता करने और धमकी देने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1