जरूवामोड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जरूवा-मदनपुर स्कूल पहुंचते ही बच्चों ने सांसद को बताई समस्याएं मांस-मछली की दुकानों की दुर्गंध से बंद करनी पड़ती हैं खिड़कियां, दो साल से खराब है सोलर पानी टंकी चंद्रपुरा। जरूवामोड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जरूवा-मदनपुर में सोमवार को उस समय विद्यालय की समस्याएं सामने आईं, जब गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी औचक निरीक्षण के लिए 2 बजे पहुंचे। सांसद के पहुंचते ही प्रधानाध्यापक और विद्यार्थियों ने विद्यालय की बदहाल व्यवस्था से उन्हें अवगत कराया। बच्चों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं सांसद के सामने रखीं और समाधान की मांग की। विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी के सामने मांस, मछली और मुर्गे की दुकानें संचालित होती हैं। दुकानों से आने वाली दुर्गंध के कारण कक्षा में बैठकर पढ़ाई करने में परेशानी होती है। खासकर गर्मी के दिनों में दुर्गंध से बचने के लिए खिड़कियां बंद रखनी पड़ती हैं, जिससे कक्षाओं में उमस और परेशानी बढ़ जाती है। बच्चों ने विद्यालय में शौचालय की समस्या भी सांसद के सामने रखी। विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में केवल एक शौचालय है, जिसका इस्तेमाल छात्र और छात्राएं दोनों करते हैं। वहीं परिसर में लगी सोलरयुक्त पानी टंकी करीब दो वर्षों से खराब पड़ी है। पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन कमरों में चल रही आठ कक्षाओं की पढ़ाई विद्यालय के प्रधानाध्यापक जमुना प्रसाद ने सांसद को बताया कि विद्यालय में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है, लेकिन भवन और शिक्षकों की कमी के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यालय के आसपास के कुछ भवन काफी जर्जर हो चुके हैं और बारिश के दौरान उनकी छत से पानी टपकता है। वर्तमान में महज तीन कमरों में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई संचालित की जा रही है। प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के लिए अतिरिक्त भवन, कमरों की मरम्मत, शिक्षकों की उपलब्धता, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता से सांसद को अवगत कराया। 100 मीटर के दायरे की जांच कराने का आश्वासन समस्याएं सुनने के बाद सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने विद्यालय की सभी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। विद्यालय के सामने संचालित मांसाहारी दुकानों के संबंध में उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई के लिए पहल होगी। सांसद ने कहा कि बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलना जरूरी है। विद्यालय की मूलभूत समस्याओं को संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि जल्द समाधान की दिशा में काम हो सके। सांसद के निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
जरूवामोड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जरूवा-मदनपुर स्कूल पहुंचते ही बच्चों ने सांसद को बताई समस्याएं मांस-मछली की दुकानों की दुर्गंध से बंद करनी पड़ती हैं खिड़कियां, दो साल से खराब है सोलर पानी टंकी चंद्रपुरा। जरूवामोड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जरूवा-मदनपुर में सोमवार को उस समय विद्यालय की समस्याएं सामने आईं, जब गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी औचक निरीक्षण के लिए 2 बजे पहुंचे। सांसद के पहुंचते ही प्रधानाध्यापक और विद्यार्थियों ने विद्यालय की बदहाल व्यवस्था से उन्हें अवगत कराया। बच्चों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं सांसद के सामने रखीं और समाधान की मांग की। विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी के सामने मांस, मछली और मुर्गे की दुकानें संचालित होती हैं। दुकानों से आने वाली दुर्गंध के कारण कक्षा में बैठकर पढ़ाई करने में परेशानी होती है। खासकर गर्मी के दिनों में दुर्गंध से बचने के लिए खिड़कियां बंद रखनी पड़ती हैं, जिससे कक्षाओं में उमस और परेशानी बढ़ जाती है। बच्चों ने विद्यालय में शौचालय की समस्या भी सांसद के सामने रखी। विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में केवल एक शौचालय है, जिसका इस्तेमाल छात्र और छात्राएं दोनों करते हैं। वहीं परिसर में लगी सोलरयुक्त पानी टंकी करीब दो वर्षों से खराब पड़ी है। पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन कमरों में चल रही आठ कक्षाओं की पढ़ाई विद्यालय के प्रधानाध्यापक जमुना प्रसाद ने सांसद को बताया कि विद्यालय में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है, लेकिन भवन और शिक्षकों की कमी के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यालय के आसपास के कुछ भवन काफी जर्जर हो चुके हैं और बारिश के दौरान उनकी छत से पानी टपकता है। वर्तमान में महज तीन कमरों में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई संचालित की जा रही है। प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के लिए अतिरिक्त भवन, कमरों की मरम्मत, शिक्षकों की उपलब्धता, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता से सांसद को अवगत कराया। 100 मीटर के दायरे की जांच कराने का आश्वासन समस्याएं सुनने के बाद सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने विद्यालय की सभी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। विद्यालय के सामने संचालित मांसाहारी दुकानों के संबंध में उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई के लिए पहल होगी। सांसद ने कहा कि बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलना जरूरी है। विद्यालय की मूलभूत समस्याओं को संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि जल्द समाधान की दिशा में काम हो सके। सांसद के निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
- जरूवामोड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जरूवा-मदनपुर स्कूल पहुंचते ही बच्चों ने सांसद को बताई समस्याएं मांस-मछली की दुकानों की दुर्गंध से बंद करनी पड़ती हैं खिड़कियां, दो साल से खराब है सोलर पानी टंकी चंद्रपुरा। जरूवामोड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जरूवा-मदनपुर में सोमवार को उस समय विद्यालय की समस्याएं सामने आईं, जब गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी औचक निरीक्षण के लिए 2 बजे पहुंचे। सांसद के पहुंचते ही प्रधानाध्यापक और विद्यार्थियों ने विद्यालय की बदहाल व्यवस्था से उन्हें अवगत कराया। बच्चों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं सांसद के सामने रखीं और समाधान की मांग की। विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी के सामने मांस, मछली और मुर्गे की दुकानें संचालित होती हैं। दुकानों से आने वाली दुर्गंध के कारण कक्षा में बैठकर पढ़ाई करने में परेशानी होती है। खासकर गर्मी के दिनों में दुर्गंध से बचने के लिए खिड़कियां बंद रखनी पड़ती हैं, जिससे कक्षाओं में उमस और परेशानी बढ़ जाती है। बच्चों ने विद्यालय में शौचालय की समस्या भी सांसद के सामने रखी। विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में केवल एक शौचालय है, जिसका इस्तेमाल छात्र और छात्राएं दोनों करते हैं। वहीं परिसर में लगी सोलरयुक्त पानी टंकी करीब दो वर्षों से खराब पड़ी है। पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन कमरों में चल रही आठ कक्षाओं की पढ़ाई विद्यालय के प्रधानाध्यापक जमुना प्रसाद ने सांसद को बताया कि विद्यालय में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है, लेकिन भवन और शिक्षकों की कमी के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यालय के आसपास के कुछ भवन काफी जर्जर हो चुके हैं और बारिश के दौरान उनकी छत से पानी टपकता है। वर्तमान में महज तीन कमरों में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई संचालित की जा रही है। प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के लिए अतिरिक्त भवन, कमरों की मरम्मत, शिक्षकों की उपलब्धता, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता से सांसद को अवगत कराया। 100 मीटर के दायरे की जांच कराने का आश्वासन समस्याएं सुनने के बाद सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने विद्यालय की सभी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। विद्यालय के सामने संचालित मांसाहारी दुकानों के संबंध में उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई के लिए पहल होगी। सांसद ने कहा कि बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलना जरूरी है। विद्यालय की मूलभूत समस्याओं को संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि जल्द समाधान की दिशा में काम हो सके। सांसद के निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- रानी बाजार में दुर्गा पूजा की तैयारी तेज 80 फीट ऊंचा बनेगा भव्य पंडाल ओडिशा के मयूर पैलेस की तर्ज पर तैयार हो रहा पंडाल जीरो ग्रेविटी झूला रहेगा आकर्षण का केंद्र बाघमारा ।शारदीय नवरात्र को लेकर कतरास के रानी बाजार में दुर्गा पूजा की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। रानी बाजार पूजा समिति की ओर से इस वर्ष ओडिशा में बने मयूर पैलेस की आकृति की तर्ज पर भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पंडाल निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पूजा समिति के अध्यक्ष रंजीत रवानी ने बताया कि पंडाल की ऊंचाई करीब 80 फीट और चौड़ाई लगभग 60 फीट होगी। पंडाल को थर्माकोल लकड़ी की बीट और बांस की मदद से आकर्षक रूप दिया जा रहा है। पंडाल और लाइटिंग व्यवस्था पर करीब 25 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। दुर्गा पूजा मेले में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए कई तरह के आकर्षक झूले लगाए जाएंगे। इनमें नया जीरो ग्रेविटी झूला इस बार मेले का मुख्य आकर्षण रहेगा। वहीं, मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा पश्चिम बंगाल के कुशल मूर्तिकारों द्वारा तैयार की जा रही है। पूजा समिति की ओर से पंडाल और मेले को भव्य रूप देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।1
- टुंडी में हाथियों का खौफनाक तांडव तड़के 3 बजे पारा शिक्षक को कुचलकर मौत गुलियाडीह में मातम, ग्रामीणों में भारी आक्रोश मुआवजे और सुरक्षा की मांग पर शव उठाने से इनकार2
- बाधमारा,गणेशपुर से लगातार बिजली काटने से लोग परेशान1
- धनबाद में MMDR काले कानून के खिलाफ CITU का रणधीर वर्मा चौक पर हल्लाबोल, हजारों मजदूरों के हस्ताक्षर से PM को भेजेंगे ज्ञापन । धनबाद में आज CITU के नेतृत्व में केंद्र सरकार के लाए गए MMDR और लेबर कोड कानून के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व CITU के धनबाद जिला अध्यक्ष ने किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों को दबाने के लिए काले कानून ला रही है। MMDR कानून के जरिए झारखंड के खनिज संपदा पर कब्जा करने की साजिश रची जा रही है। देश के 60 प्रतिशत खनिज झारखंड में हैं, और सरकार ज्यादा उत्पादन के नाम पर झारखंड को लूटना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार, इलेक्शन कमीशन और सरकारी मशीनरी मिलकर देश को बर्बाद करने पर तुली है। कोयला मजदूर हजारों साल से जमीन के अंदर दबे कोयले को निकालकर देश को रोशनी देते हैं, लेकिन उन्हें ही दबाया जा रहा है। इस काले कानून के खिलाफ हजारों मजदूरों और आम जनता से हस्ताक्षर कराकर उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 1 से 3 अक्टूबर तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि मजदूर, किसान और नौजवान सड़कों पर उतरकर ही इस कानून से मुक्ति दिलाएंगे। बाइट - जिला अध्यक्ष, CITU, धनबाद1
- गोला :आदर्श कल्याणी महिला संकुल स्तरीय प्राथमिक समिति सोसो कलां की बैठक आयोजित,1
- झूमर लोक नृत्य और संगीत पर शायरी धड़कन और संगीत का मेल माटी की सोंधी खुशबू में जब मंजीरा बजता है, पैरों में बंधते हैं घुंघरू और सारा गाँव झूमर में रमता है। संस्कृति की शान यह सिर्फ नृत्य नहीं, हमारी विरासत की कहानी है, झूमर की हर एक थाप पर थिरकती जवानी है। त्योहारों की रौनक अंगना में बिखरी है खुशियाँ, ढोल-नगाड़े बाजे हैं, आओ मिलकर कदम मिलाएं, आज झूमर के सुर साजे हैं। viral videos1
- चंद्रपुरा में दिनदहाड़े घर का ताला तोड़कर 45 लाख के गहने और एक लाख नकद की चोरी।। डीवीसी आवासीय कॉलोनी में वारदात, बच्चों के स्कूल से लौटने पर चला चोरी का पता। चंद्रपुरा थाना क्षेत्र की डीवीसी आवासीय कॉलोनी स्थित एफ/डी-5 में मंगलवार को दिनदहाड़े चोरी की बड़ी वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। चोरों ने स्व गोपाल सिंह की पत्नी डोली सिंह के घर का मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर करीब 45 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और लगभग एक लाख रुपये नकद पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद कॉलोनी के लोगों में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय गोपाल सिंह का करीब दो वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। उनकी विधवा पत्नी डोली सिंह अपने बच्चों के साथ डीवीसी आवासीय कॉलोनी के एफ/डी-5 स्थित आवास में रहती हैं। मंगलवार की सुबह करीब 7:30 बजे उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजा और इसके बाद निजी काम से घर से बाहर चली गईं। इसी दौरान चोरों ने सुनसान घर को निशाना बनाया और मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश कर गए। बताया गया कि स्कूल से लौटने के बाद बच्चों ने घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ देखा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना अपनी मां को दी। महिला और परिजन जब घर पहुंचे तो अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। घर में रखे आभूषण और नकदी गायब मिले। इसके बाद मामले की सूचना चंद्रपुरा थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने घर के आसपास की स्थिति की भी जानकारी ली। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चोरी गए आभूषणों की वास्तविक कीमत और कुल कितने सामान की चोरी हुई है, इसका पूरा आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। चंद्रपुरा क्षेत्र में करीब 13 दिन पहले हुए दोहरे हत्याकांड का मामला अभी पूरी तरह सुलझा भी नहीं है। इसी बीच दिनदहाड़े लाखों रुपये की चोरी की घटना सामने आने से पुलिस की कार्यशैली और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में सवाल उठने लगे हैं। लगातार हुई इन घटनाओं से आस्थानीय लोगों में भय और नाराजगी का माहौल है। अब लोगों की नजर पुलिस की जांच पर टिकी है। देखना होगा कि पुलिस चोरी और पूर्व में हुए दोहरे हत्याकांड, दोनों मामलों में आरोपियों तक कितनी जल्दी पहुंचती है और घटनाओं का खुलासा कब तक हो पाता है।1