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देहरादून में कई नामी कंपनियों की नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ कई नामी दवा कंपनियों के नाम पर स्प्यूरियस (नकली) दवाइयां बनाने वाली फैक्ट्री का देहरादून मे भंडाफोड़: नकली एवं अवैध औषधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) एवं गाज़ियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर, न्यू हाईवे रोड, परवाल क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए Cipla, Lupin, Dr. Reddy’s, Elder, Micro, Mankind, Intas, Abbott, Sun Pharma, Aristo, Macleods और Zydus जैसी नामी दवा कंपनियों के नाम पर स्प्यूरियस (नकली) दवाइयां बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। मामले में विधिक कार्रवाई जारी है...
Ahmed Siraj Farooqi
देहरादून में कई नामी कंपनियों की नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ कई नामी दवा कंपनियों के नाम पर स्प्यूरियस (नकली) दवाइयां बनाने वाली फैक्ट्री का देहरादून मे भंडाफोड़: नकली एवं अवैध औषधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) एवं गाज़ियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर, न्यू हाईवे रोड, परवाल क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए Cipla, Lupin, Dr. Reddy’s, Elder, Micro, Mankind, Intas, Abbott, Sun Pharma, Aristo, Macleods और Zydus जैसी नामी दवा कंपनियों के नाम पर स्प्यूरियस (नकली) दवाइयां बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। मामले में विधिक कार्रवाई जारी है...
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- किशोर सागर तालाब की पहचान बने कृत्रिम घोड़े बदहाली के शिकार पर्यटकों को आकर्षित करने वाले ये शिल्प आज पूरी तरह उपेक्षित कोटा। किशोर सागर तालाब की शान और पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बने कृत्रिम घोड़े वर्षों से उपेक्षा का शिकार हो गए हैं। तालाब के मध्य दौड़ते हुए प्रतीत होने वाले ये सुंदर शिल्प अब गंदगी और कबूतरों की बीट की मोटी परत से ढके पड़े हैं, जिससे उनकी मूल चमक फीकी पड़ गई है और खूबसूरती पर दाग लग गया है। कोटा शहर की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान से जुड़े इन कृत्रिम घोड़ों को लंबे समय से कोई नियमित सफाई या रखरखाव नहीं मिल रहा है। एक समय में पर्यटकों को आकर्षित करने वाले ये शिल्प आज उपेक्षा की कहानी बयां कर रहे हैं। टीम जीवनदाता के संरक्षक एवं संयोजक भुवनेश गुप्ता ने प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि कृत्रिम घोड़ों पर कबूतरों की बीट की मोटी परत जम चुकी है, जिससे उनका मूल रंग बदल गया है। पर्यटक इन्हें देखकर अब शहर की प्रशंसा नहीं, बल्कि उपेक्षा पर सवाल उठाते हैं। विकास के दावों के विपरीत तस्वीर एक ओर प्रशासन कोटा को पर्यटन नगरी बनाने के लिए विभिन्न सौंदर्यीकरण कार्य चला रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर की सदियों पुरानी पहचान बन चुके इन प्रतीकात्मक शिल्पों की अनदेखी हो रही है। यदि समय-समय पर इनकी सफाई, मरम्मत और रंग-रोगन कराया जाए तो किशोर सागर की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ इन कृत्रिम घोड़ों की पुरानी आभा भी वापस लौट सकती है।4
- सम्मोहन के जाल में फंसाकर करते थे ठगी, पुलिस ने दो फर्जी बाबाओं को दबोचा कोटा स्वर्ण रजत मार्केट के मेंन रोड पर एक युवक को दो बाबो ने सम्मोहन कर रुपए एठने का मामला सामने आया तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, मार्केट के व्यापारीयों ने तुरंत दो बाबाओं को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया था1
- Post by Rajendra Kumar Doveriya1
- जयपुर-जोधपुर के बाद अब कोटा में बनेगा तीसरा बड़ा स्टेडियम, 135 करोड़ रुपए होंगे खर्च, रणजी से लेकर IPL मैचों की होगी मेजबानी राजस्थान में क्रिकेट सुविधाओं का विस्तार करते हुए जयपुर और जोधपुर के बाद अब कोटा में तीसरे बड़े स्टेडियम का निर्माण होगा। करीब 135 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह आधुनिक स्टेडियम रणजी ट्रॉफी समेत भविष्य में आईपीएल मैचों की मेजबानी के लिए तैयार किया जाएगा।1
- कोटा विकास प्राधिकरण की सातवीं मीटिंग संपन्न हो गई है। इस मीटिंग में सेल परमिशन को लेकर चर्चा की गई। मीटिंग में लिए गए निर्णयों और चर्चाओं का विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- भरतपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला। सोमवार रात प्लेटफॉर्म नंबर 4 का एक हिस्सा अचानक ढह गया। उसी समय लूप लाइन से गुजर रही मालगाड़ी के नीचे मलबा गिर गया, लेकिन लोको पायलट की सतर्कता से समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए गए और ट्रेन पलटने से बच गई। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। भरतपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला। सोमवार रात प्लेटफॉर्म नंबर 4 का एक हिस्सा अचानक ढह गया। उसी समय लूप लाइन से गुजर रही मालगाड़ी के नीचे मलबा गिर गया, लेकिन लोको पायलट की सतर्कता से समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए गए और ट्रेन पलटने से बच गई। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1