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फ़्लोरोसिस बेल्ट में ‘हर घर नल’ बेदम! बूंद-बूंद को तरसे गांव, सड़कों पर उतरे ग्रामीणभ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाया सोनभद्र कोन/सोनभद्र। जनपद के नवसृजित विकास खंड कोन में केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ज़मीनी हकीकत में पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही है। फ़्लोरोसिस प्रभावित कचनरवा और कुड़वा समेत दर्जनों गांवों में “हर घर नल” योजना अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी और आक्रोश का कारण बन चुकी है। वर्षों पहले पाइप लाइन बिछी, टंकियां बनीं, कनेक्शन दिए गए—लेकिन आज तक कई घरों में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। नतीजा यह है कि ग्रामीण आज भी नदी, नाले और दूषित स्रोतों का पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। सड़कों पर उतरे ग्रामीण, लगे मुर्दाबाद के नारे सोमवार को कुड़वा गांव में समाजसेवी सोमारु यादव की अगुवाई में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने जल निगम और कार्यदायी संस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और प्रदर्शन के बावजूद न तो जलापूर्ति शुरू हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। “नल लगे, पानी गायब”—ग्रामीणों का आरोप स्थानीय लोगों के अनुसार: आधार कार्ड के आधार पर कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन नलों से कभी पानी नहीं आया पाइपलाइन की गुणवत्ता बेहद खराब है, कई जगहों पर मानकों की अनदेखी सड़क किनारे पाइप ढककर खानापूर्ति की गई, लेकिन गांव के अंदर पानी नहीं पहुंचा कचनरवा के असनाबांध वार्ड-3, बागेसोती के सिंगा टोला और बड़ाप गांव जैसे कई इलाके आज भी जलापूर्ति से वंचित हैं, जबकि ये क्षेत्र जलशोधन संयंत्र (WTP) के नजदीक हैं। फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर लोग फ्लोरोसिस प्रभावित इन इलाकों में साफ पानी की कमी ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। समाजसेवी बिहारी प्रसाद यादव और जवाहिर उरांव का कहना है कि— “लोग आज भी नदी-नाले और चुहाड़ का दूषित पानी पी रहे हैं, जिससे बीमारी और मौत का खतरा बढ़ गया है।”ग्रामीणों का दावा है कि कई लोग फ्लोरोसिस की चपेट में आ चुके हैं और कुछ की जान भी जा चुकी है। “करोड़ों की योजना बनी शोपीस”—गंभीर आरोप ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी टंकी सिर्फ शोपीस बनकर रह गई निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और धन का बंदरबांट हुआ बार-बार शिकायत के बावजूद जांच नहीं हुई उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ट्रांसफार्मर हटाने पर भी उठे सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कचनरवा WTP पर लगा 2500 KVA ट्रांसफार्मर हटाकर दूसरी जगह ले जाया गया, जिससे जलापूर्ति और बाधित हो गई। हालांकि, संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर सुदर्शन विंद का कहना है कि ट्रांसफार्मर “अंडर कैपेसिटी” होने के कारण हटाया गया है और जल्द ही नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इंटेकवेल (सोर्स) पर पानी की कमी है और प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। अधिकारी संपर्क से बाहर इस पूरे मामले पर जल निगम के अधिशासी अभियंता अरुण सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। बड़ा सवाल—गर्मी में मिलेगा पानी या फिर वादों का सूखा? सबसे बड़ा सवाल यही है कि भीषण गर्मी के इस दौर में क्या इन गांवों को पीने का पानी मिल पाएगा, या फिर करोड़ों की यह योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी? ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

2 hrs ago
user_Kiran Sahani
Kiran Sahani
Media company Obra, Sonbhadra•
2 hrs ago

फ़्लोरोसिस बेल्ट में ‘हर घर नल’ बेदम! बूंद-बूंद को तरसे गांव, सड़कों पर उतरे ग्रामीणभ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाया सोनभद्र कोन/सोनभद्र। जनपद के नवसृजित विकास खंड कोन में केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ज़मीनी हकीकत में पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही है। फ़्लोरोसिस प्रभावित कचनरवा और कुड़वा समेत दर्जनों गांवों में “हर घर नल” योजना अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी और आक्रोश का कारण बन चुकी है। वर्षों पहले पाइप लाइन बिछी, टंकियां बनीं, कनेक्शन दिए गए—लेकिन आज तक कई घरों में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। नतीजा यह है कि ग्रामीण आज भी नदी, नाले और दूषित स्रोतों का पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। सड़कों पर उतरे ग्रामीण, लगे मुर्दाबाद के नारे सोमवार को कुड़वा गांव में समाजसेवी सोमारु यादव की अगुवाई में ग्रामीणों का

गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने जल निगम और कार्यदायी संस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और प्रदर्शन के बावजूद न तो जलापूर्ति शुरू हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। “नल लगे, पानी गायब”—ग्रामीणों का आरोप स्थानीय लोगों के अनुसार: आधार कार्ड के आधार पर कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन नलों से कभी पानी नहीं आया पाइपलाइन की गुणवत्ता बेहद खराब है, कई जगहों पर मानकों की अनदेखी सड़क किनारे पाइप ढककर खानापूर्ति की गई, लेकिन गांव के अंदर पानी नहीं पहुंचा कचनरवा के असनाबांध वार्ड-3, बागेसोती के सिंगा टोला और बड़ाप गांव जैसे कई इलाके आज भी जलापूर्ति से वंचित हैं, जबकि ये क्षेत्र जलशोधन संयंत्र (WTP) के नजदीक हैं। फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर लोग फ्लोरोसिस प्रभावित इन इलाकों में साफ पानी की कमी ने

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हालात और गंभीर कर दिए हैं। समाजसेवी बिहारी प्रसाद यादव और जवाहिर उरांव का कहना है कि— “लोग आज भी नदी-नाले और चुहाड़ का दूषित पानी पी रहे हैं, जिससे बीमारी और मौत का खतरा बढ़ गया है।”ग्रामीणों का दावा है कि कई लोग फ्लोरोसिस की चपेट में आ चुके हैं और कुछ की जान भी जा चुकी है। “करोड़ों की योजना बनी शोपीस”—गंभीर आरोप ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी टंकी सिर्फ शोपीस बनकर रह गई निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और धन का बंदरबांट हुआ बार-बार शिकायत के बावजूद जांच नहीं हुई उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ट्रांसफार्मर हटाने पर भी उठे सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कचनरवा WTP पर लगा 2500 KVA ट्रांसफार्मर हटाकर दूसरी जगह ले जाया गया, जिससे जलापूर्ति और बाधित

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हो गई। हालांकि, संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर सुदर्शन विंद का कहना है कि ट्रांसफार्मर “अंडर कैपेसिटी” होने के कारण हटाया गया है और जल्द ही नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इंटेकवेल (सोर्स) पर पानी की कमी है और प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। अधिकारी संपर्क से बाहर इस पूरे मामले पर जल निगम के अधिशासी अभियंता अरुण सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। बड़ा सवाल—गर्मी में मिलेगा पानी या फिर वादों का सूखा? सबसे बड़ा सवाल यही है कि भीषण गर्मी के इस दौर में क्या इन गांवों को पीने का पानी मिल पाएगा, या फिर करोड़ों की यह योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी? ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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  • ओबरा में शहीदों के नाम पर बड़ा सवाल उठ गया है! शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रशासन पर तीखे आरोप लगे। ‘सोन चेतना सामाजिक संगठन’ के कार्यक्रम में अभिषेक अग्रहरी ने कहा कि ओबरा आज समस्याओं से जूझ रहा है—शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तीनों पर संकट गहराता जा रहा है। मजदूरों के शोषण, CSR फंड में गड़बड़ी और ठेकों में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दों ने माहौल गरमा दिया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बिखरा हुआ जनमानस ही ओबरा की बदहाली की असली वजह है? अब देखना होगा कि लोग एकजुट होते हैं या हालात ऐसे ही बने रहते हैं।
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    ओबरा में शहीदों के नाम पर बड़ा सवाल उठ गया है! शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रशासन पर तीखे आरोप लगे। ‘सोन चेतना सामाजिक संगठन’ के कार्यक्रम में अभिषेक अग्रहरी ने कहा कि ओबरा आज समस्याओं से जूझ रहा है—शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तीनों पर संकट गहराता जा रहा है। मजदूरों के शोषण, CSR फंड में गड़बड़ी और ठेकों में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दों ने माहौल गरमा दिया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बिखरा हुआ जनमानस ही ओबरा की बदहाली की असली वजह है? अब देखना होगा कि लोग एकजुट होते हैं या हालात ऐसे ही बने रहते हैं।
    user_Mustaf Ahamad
    Mustaf Ahamad
    Credit reporting agency ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • ओबरा (सोनभद्र): शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर सोमवार को ओबरा का गांधी मैदान एक ओर जहां श्रद्धा और सम्मान का केंद्र बना, वहीं दूसरी ओर नगर की बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली के खिलाफ जनभावनाओं का बड़ा मंच भी बन गया। ‘सोन चेतना सामाजिक संगठन’ के बैनर तले आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि ओबरा का जनमानस अब चुप बैठने के मूड में नहीं है। कार्यक्रम के आयोजक अभिषेक अग्रहरी ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और इसके बाद अपने संबोधन में नगर की मौजूदा स्थिति पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिन क्रांतिकारियों ने एक शोषणमुक्त, समानता आधारित भारत का सपना देखा था, आज उसी देश के ओबरा जैसे नगरों में आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। ओबरा की पहचान कभी ऊर्जा नगरी के रूप में होती थी, लेकिन आज यहां की तस्वीर जर्जर व्यवस्थाओं और उपेक्षा की कहानी बयां कर रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल सभा में वक्ताओं ने ओबरा इंटर कॉलेज के निजीकरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं ओबरा का सरकारी अस्पताल खुद “वेंटिलेटर” पर बताया गया, जहां संसाधनों की कमी और अव्यवस्था के कारण मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा। रोजगार और श्रमिक शोषण का मुद्दा गरमाया स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता न मिलने पर भी नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बाहरी लोगों को तवज्जो दी जा रही है, जबकि योग्य स्थानीय युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। श्रमिकों की स्थिति को सबसे चिंताजनक बताते हुए कहा गया कि उनसे 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान 8 घंटे का भी नहीं दिया जाता—जो सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन है। CSR फंड और ठेका प्रणाली पर उठे सवाल सभा में यह भी आरोप लगाया गया कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा है। ठेका आवंटन में पारदर्शिता की कमी और भुगतान में अनियमितताओं को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। वक्ताओं का कहना था कि शिकायत करने के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं होना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। “बिखराव ही सबसे बड़ी कमजोरी” अभिषेक अग्रहरी ने अपने संबोधन में साफ कहा कि ओबरा की बदहाली के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां के लोगों में एकजुटता की कमी है। जाति, वर्ग और व्यक्तिगत स्वार्थों में बंटा समाज प्रशासन और ठेकेदारों के लिए आसान लक्ष्य बन गया है। उन्होंने आह्वान किया कि जब तक जनता एक मंच पर नहीं आएगी, तब तक शोषण और अन्याय का सिलसिला जारी रहेगा। जनता ने लिया संघर्ष का संकल्प कार्यक्रम में मौजूद विकास पाठक, सूर्य पटेल, संजय गौतम, सिद्धांत पटेल, बाबूलाल सोनकर सहित अन्य नागरिकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे ओबरा में पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और जनहित के मुद्दों के लिए संगठित होकर आवाज उठाएंगे। निष्कर्ष: श्रद्धांजलि सभा केवल औपचारिक कार्यक्रम बनकर नहीं रह गई, बल्कि यह ओबरा के जनमानस के भीतर पनप रहे असंतोष का खुला मंच बन गई। साफ संकेत है कि यदि समस्याओं पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में यह असंतोष एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
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    ओबरा (सोनभद्र):
शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर सोमवार को ओबरा का गांधी मैदान एक ओर जहां श्रद्धा और सम्मान का केंद्र बना, वहीं दूसरी ओर नगर की बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली के खिलाफ जनभावनाओं का बड़ा मंच भी बन गया।
‘सोन चेतना सामाजिक संगठन’ के बैनर तले आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि ओबरा का जनमानस अब चुप बैठने के मूड में नहीं है। कार्यक्रम के आयोजक अभिषेक अग्रहरी ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और इसके बाद अपने संबोधन में नगर की मौजूदा स्थिति पर तीखा प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि जिन क्रांतिकारियों ने एक शोषणमुक्त, समानता आधारित भारत का सपना देखा था, आज उसी देश के ओबरा जैसे नगरों में आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। ओबरा की पहचान कभी ऊर्जा नगरी के रूप में होती थी, लेकिन आज यहां की तस्वीर जर्जर व्यवस्थाओं और उपेक्षा की कहानी बयां कर रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
सभा में वक्ताओं ने ओबरा इंटर कॉलेज के निजीकरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं ओबरा का सरकारी अस्पताल खुद “वेंटिलेटर” पर बताया गया, जहां संसाधनों की कमी और अव्यवस्था के कारण मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा।
रोजगार और श्रमिक शोषण का मुद्दा गरमाया
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता न मिलने पर भी नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बाहरी लोगों को तवज्जो दी जा रही है, जबकि योग्य स्थानीय युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं।
श्रमिकों की स्थिति को सबसे चिंताजनक बताते हुए कहा गया कि उनसे 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान 8 घंटे का भी नहीं दिया जाता—जो सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
CSR फंड और ठेका प्रणाली पर उठे सवाल
सभा में यह भी आरोप लगाया गया कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा है। ठेका आवंटन में पारदर्शिता की कमी और भुगतान में अनियमितताओं को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई।
वक्ताओं का कहना था कि शिकायत करने के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं होना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
“बिखराव ही सबसे बड़ी कमजोरी”
अभिषेक अग्रहरी ने अपने संबोधन में साफ कहा कि ओबरा की बदहाली के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां के लोगों में एकजुटता की कमी है। जाति, वर्ग और व्यक्तिगत स्वार्थों में बंटा समाज प्रशासन और ठेकेदारों के लिए आसान लक्ष्य बन गया है।
उन्होंने आह्वान किया कि जब तक जनता एक मंच पर नहीं आएगी, तब तक शोषण और अन्याय का सिलसिला जारी रहेगा।
जनता ने लिया संघर्ष का संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद विकास पाठक, सूर्य पटेल, संजय गौतम, सिद्धांत पटेल, बाबूलाल सोनकर सहित अन्य नागरिकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे ओबरा में पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और जनहित के मुद्दों के लिए संगठित होकर आवाज उठाएंगे।
निष्कर्ष:
श्रद्धांजलि सभा केवल औपचारिक कार्यक्रम बनकर नहीं रह गई, बल्कि यह ओबरा के जनमानस के भीतर पनप रहे असंतोष का खुला मंच बन गई। साफ संकेत है कि यदि समस्याओं पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में यह असंतोष एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
    user_Kiran Sahani
    Kiran Sahani
    Media company Obra, Sonbhadra•
    9 hrs ago
  • Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    1
    Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    user_@PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    Farmer Robertsganj, Sonbhadra•
    10 hrs ago
  • Post by Singrauli Madhya Pradesh
    1
    Post by Singrauli Madhya Pradesh
    user_Singrauli Madhya Pradesh
    Singrauli Madhya Pradesh
    सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • आज जिले के मेराल थाना अंतर्गत ग्राम दुलदुलवा में मेराल थाना के द्वारा अवैध देशी महुआ शराब के विरुद्ध छापामारी अभियान चलाया गया। छापामारी के क्रम में करीब 01 क्विंटल जावा महुआ विनष्ट किया गया। #JharkhandPolice #igpalamu #digpalamu #dcgarhwa
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    आज जिले के मेराल थाना अंतर्गत ग्राम दुलदुलवा में मेराल थाना के द्वारा अवैध देशी महुआ शराब के विरुद्ध छापामारी अभियान चलाया गया। छापामारी के क्रम में करीब 01 क्विंटल जावा महुआ विनष्ट किया गया।
#JharkhandPolice #igpalamu #digpalamu #dcgarhwa
    user_Men of jharkhand
    Men of jharkhand
    Court reporter धुरकी, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • u
    1
    u
    user_Rajan Mirzapuri
    Rajan Mirzapuri
    Marketing consultant Chunar, Mirzapur•
    7 hrs ago
  • ओबरा (सोनभद्र)। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को स्थानीय गांधी मैदान में 'सोन चेतना सामाजिक संगठन' के तत्वाधान में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजक अभिषेक अग्रहरी ने अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन करते हुए ओबरा नगर की वर्तमान जर्जर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अभिषेक अग्रहरी ने तीखा प्रहार किया कि जिन क्रांतिकारियों ने शोषण मुक्त और न्यायपूर्ण भारत का सपना देखा था, आज उन्हीं के बलिदान की धरती ओबरा प्रशासनिक उत्पीड़न और जनमानस की उपेक्षा का केंद्र बन चुकी है। नगर में समस्याओं का अंबार लगा है ओबरा इंटर कॉलेज का निजीकरण कर गरीब बच्चों की शिक्षा छीनी जा रही है, ओबरा अस्पताल स्वयं वेंटिलेटर पर है और स्थानीय परियोजनाओं में योग्यता होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दरकिनार किया जा रहा है। सबसे भयावह स्थिति श्रमिक वर्ग की है, जहाँ मजदूरों से 12-12 घंटे का कठिन परिश्रम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें भुगतान मात्र 8 घंटे का भी नहीं मिल रहा है।CSR फंड का दुरुपयोग हो रहा है अभिषेक अग्रहरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ओबरा की इस बदहाली का मुख्य कारण स्थानीय जनमानस का आपसी बिखराव और एकजुटता की कमी है, जिसका सीधा फायदा उठाकर प्रशासनिक अधिकारी और ठेकेदार आम आदमी का शोषण कर रहे हैं। जब तक ओबरा का नागरिक अपनी जाति और व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर एक मंच पर नहीं आएगा, तब तक न्याय की उम्मीद बेमानी है। ठेका आवंटन में पारदर्शिता का अभाव और भुगतान की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर भी न्याय न मिलना लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विकास पाठक, सूर्य पटेल, संजय गौतम, सिद्धांत पटेल, बाबूलाल सोनकर सहित जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी जब ओबरा का जनमानस संगठित होकर अपने संवैधानिक अधिकारों, पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त ऊर्जा नगरी के लिए साझा संघर्ष का बिगुल फूंकेगा।
    1
    ओबरा (सोनभद्र)। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को स्थानीय गांधी मैदान में 'सोन चेतना सामाजिक संगठन' के तत्वाधान में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजक अभिषेक अग्रहरी ने अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन करते हुए ओबरा नगर की वर्तमान जर्जर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अभिषेक अग्रहरी ने तीखा प्रहार किया कि जिन क्रांतिकारियों ने शोषण मुक्त और न्यायपूर्ण भारत का सपना देखा था, आज उन्हीं के बलिदान की धरती ओबरा प्रशासनिक उत्पीड़न और जनमानस की उपेक्षा का केंद्र बन चुकी है। नगर में समस्याओं का अंबार लगा है ओबरा इंटर कॉलेज का निजीकरण कर गरीब बच्चों की शिक्षा छीनी जा रही है, ओबरा अस्पताल स्वयं वेंटिलेटर पर है और स्थानीय परियोजनाओं में योग्यता होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दरकिनार किया जा रहा है। सबसे भयावह स्थिति श्रमिक वर्ग की है, जहाँ मजदूरों से 12-12 घंटे का कठिन परिश्रम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें भुगतान मात्र 8 घंटे का भी नहीं मिल रहा है।CSR फंड का दुरुपयोग हो रहा है 
अभिषेक अग्रहरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ओबरा की इस बदहाली का मुख्य कारण स्थानीय जनमानस का आपसी बिखराव और एकजुटता की कमी है, जिसका सीधा फायदा उठाकर प्रशासनिक अधिकारी और ठेकेदार आम आदमी का शोषण कर रहे हैं। जब तक ओबरा का नागरिक अपनी जाति और व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर एक मंच पर नहीं आएगा, तब तक न्याय की उम्मीद बेमानी है। ठेका आवंटन में पारदर्शिता का अभाव और भुगतान की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर भी न्याय न मिलना लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विकास पाठक, सूर्य पटेल, संजय गौतम, सिद्धांत पटेल, बाबूलाल सोनकर सहित जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी जब ओबरा का जनमानस संगठित होकर अपने संवैधानिक अधिकारों, पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त ऊर्जा नगरी के लिए साझा संघर्ष का बिगुल फूंकेगा।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    1
    Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    user_@PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    @PappuKumar-ky6qb you tube my channel
    Farmer Robertsganj, Sonbhadra•
    10 hrs ago
  • Post by Excellent news 66
    1
    Post by Excellent news 66
    user_Excellent news 66
    Excellent news 66
    Kandi, Garhwa•
    13 hrs ago
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