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नरसिंहपुर के करेली स्थित थाना स्टेशनगंज के अंतर्गत एक अवैध देशी पिस्टल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ग्राहक को देशी पिस्टल बेचने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल बरामद की है।
कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
नरसिंहपुर के करेली स्थित थाना स्टेशनगंज के अंतर्गत एक अवैध देशी पिस्टल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ग्राहक को देशी पिस्टल बेचने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल बरामद की है।
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- नरसिंहपुर के करेली स्थित थाना स्टेशनगंज के अंतर्गत एक अवैध देशी पिस्टल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ग्राहक को देशी पिस्टल बेचने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल बरामद की है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की तारीफ की है। उन्होंने 'कैच द रेन' अभियान के तहत वर्षा जल संग्रहण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। विशेष रूप से, नरसिंहपुर जिले में निर्मित अमृत सरोवर तालाबों की प्रशंसा की गई। नरसिंहपुर जिले में लगभग 63 अमृत सरोवर तालाब बनाए गए हैं, जो पानी की एक-एक बूंद को सहेजकर भूजल स्तर को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। नर्मदा नदी के किनारे स्थित होने के बावजूद, जिले में बोर वेल के कारण भूजल स्तर में गिरावट आई है। कुछ आदिवासी क्षेत्रों में, विशेष रूप से लिघारी की ग्राम पंचायत के जेरा गांव में, नरसिंहपुर प्रशासन ने अमृत सरोवर तालाब का निर्माण किया है, जिससे पथरीली जमीन पर भी खेती आसान हो गई है। जिले के छह ब्लॉकों में स्थित ये 63 अमृत सरोवर तालाब लगभग 6 से 7 लाख घनमीटर पानी को सहेज रहे हैं। यह जल संकट से लड़ने में जनसमुदाय के योगदान और प्रशासन की सकारात्मक सोच को दर्शाता है।3
- मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पिछले चार दिनों से बिजली की आंख मिचौली जारी है। इस समस्या से ग्रामीण क्षेत्र के लोग खासे आक्रोशित हैं। बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की इस अनियमितता के कारण उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों की सिंचाई, घरों में कामकाज और बच्चों की पढ़ाई सब कुछ प्रभावित हो रहा है। लोग बिजली विभाग से इस समस्या के त्वरित समाधान की मांग कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बारे में अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं मिली है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ की गई है। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।1
- नरसिंहपुर जिले के भूत पिपरिया के ग्रामीणों ने अवैध अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे अतिक्रमण को हटाने की बात करते हैं, तो अतिक्रमणकारी उन्हें धमकी देते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि भूत पिपरिया में कई जगहों पर अवैध अतिक्रमण हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की अपील की है।1
- नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में आज गौ सम्मान अभियान के तहत संत समाज ने प्रधानमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संत समाज ने गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग की। इसके साथ ही, देश भर में गौ माता पर हो रहे अत्याचार को रोकने और उस पर कठोर कानून बनाने की मांग की गई। इस दौरान संत समाज के साथ गौ प्रेमी और समाज सेवियों की मौजूदगी रही। संत समाज का कहना है कि गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने से न केवल गौ माता की रक्षा होगी बल्कि इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा। संत समाज ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्थित गाडरवारा लीला ओशो आश्रम में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। आश्रम में जाकर ली गई जानकारी के अनुसार, इस गुरु पूर्णिमा उत्सव में शामिल होने के लिए भारत के अलग-अलग राज्यों से संन्यासी गाडरवारा आश्रम में आएंगे।1
- नरसिंहपुर जिले के नरसिंहपुर तहसील में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार जो पिछले 50 वर्षों से एक भूमि पर काबिज है, उसका नाम अचानक सरकारी सर्वे से गायब हो गया है। इस परिवार का दावा है कि वे दशकों से इस भूमि पर रह रहे हैं और उनका अधिकार है। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और न ही कोई स्पष्टीकरण मिला है। वे इस फैसले के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सर्वे में यह चूक कैसे हुई। परिवार के वकील ने कहा है कि वे कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया।1