रायगढ़ जिले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और स्थानीय विधायक पर विकास कार्यों में गंभीर भेदभाव का आरोप लगाया है। सिदार का दावा है कि जहाँ कांग्रेस सरकार ने लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा की, वहीं प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि लैलूंगा विधानसभा के स्कूलों के विकास के लिए जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) मद के तहत कुल ₹2 करोड़ 89 लाख 39 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। दीपक सिदार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विशेष प्रयासों से लैलूंगा क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मिली इस 'ऐतिहासिक स्वीकृति' के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है, और क्षेत्र की जनता को विश्वास दिलाया है कि भाजपा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास की राजनीति करती है। स्वीकृत राशि का विस्तृत ब्यौरा देते हुए, सिदार ने बताया कि ग्राम लोहड़ापानी में नवीन प्राथमिक शाला भवन के लिए ₹5 लाख 80 हजार और ग्राम उदालबहार में नवीन प्राथमिक शाला भवन के लिए ₹5 लाख 90 हजार स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह, ग्राम पंचायत पुसल्दा में नवीन माध्यमिक शाला भवन के लिए ₹18 लाख और ग्राम भेड़ीमुड़ा में नवीन माध्यमिक शाला भवन के लिए ₹18 लाख 72 हजार की मंजूरी मिली है। मरम्मत कार्यों में ग्राम तुरकापारा की प्राथमिक शाला के लिए ₹6 लाख 40 हजार, ग्राम लारीपारा की प्राथमिक शाला के लिए ₹6 लाख 45 हजार, ग्राम सोनाजोरी के हाई स्कूल की मरम्मत के लिए ₹16 लाख, और ग्राम ढोररोबीजा पटेलपारा की प्राथमिक शाला की मरम्मत के लिए ₹5 लाख 80 हजार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ग्राम जमुना, चवरपुर और आमापाली के माध्यमिक शालाओं में नवीन भवन और शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक में ₹25 लाख की राशि दी गई है, जबकि ग्राम भेलवाटोली, टोंगरीपारा और बैगिनझरिया के प्राथमिक शालाओं में नवीन भवन और शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक में ₹18 लाख स्वीकृत किए गए हैं। सबसे बड़ी राशि, ₹77 लाख 32 हजार, ग्राम तोलमा में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के नए भवन के लिए स्वीकृत की गई है। दीपक सिदार के अनुसार, इन स्वीकृत कार्यों से क्षेत्र के शैक्षणिक वातावरण में बड़ा सुधार आएगा, जिससे बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, ड्रॉप आउट रेट में कमी आएगी, और नए शौचालय निर्माण से बेटियों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ने से 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का संकल्प साकार होगा। इन निर्माण कार्यों से स्थानीय मजदूरों और मिस्त्रियों को रोजगार भी मिलेगा, जिससे DMF का पैसा क्षेत्र में ही रहेगा और शिक्षा का स्तर भी ऊँचा होगा। सिदार ने लैलूंगा के कांग्रेस विधायक पर क्षेत्र की उपेक्षा का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि भूपेश सरकार का दामन DMF घोटाले से दागदार हो चुका था, जिसमें बड़े अधिकारी जेल तक गए। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि कांग्रेस विधायक 5 साल सत्ता में रहने के बावजूद क्षेत्र के स्कूलों की सुध नहीं ली और उनके कार्यकाल में DMF मद 'घोटाले की भेंट चढ़ गया', जिससे क्षेत्र का विकास रुक गया। सिदार ने दावा किया कि भाजपा सरकार आते ही DMF मद भ्रष्टाचार से मुक्त हुआ और क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी राशि स्वीकृत हुई है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कांग्रेस विधायक होने के बावजूद लैलूंगा क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देना यह साबित करता है कि भाजपा सरकार सबके लिए और सबके विकास के लिए काम करती है।
रायगढ़ जिले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और स्थानीय विधायक पर विकास कार्यों में गंभीर भेदभाव का आरोप लगाया है। सिदार का दावा है कि जहाँ कांग्रेस सरकार ने लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा की, वहीं प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि लैलूंगा विधानसभा के स्कूलों के विकास के लिए जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) मद के तहत कुल ₹2 करोड़ 89 लाख 39 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। दीपक सिदार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विशेष प्रयासों से लैलूंगा क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मिली इस 'ऐतिहासिक स्वीकृति' के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है, और क्षेत्र की जनता को विश्वास दिलाया है कि भाजपा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास की राजनीति करती है। स्वीकृत राशि का विस्तृत ब्यौरा देते हुए, सिदार ने बताया कि ग्राम लोहड़ापानी में नवीन प्राथमिक शाला भवन के लिए ₹5 लाख 80 हजार और ग्राम उदालबहार में नवीन प्राथमिक शाला भवन के लिए ₹5 लाख 90 हजार स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह, ग्राम पंचायत पुसल्दा में नवीन माध्यमिक शाला भवन के लिए ₹18 लाख और ग्राम भेड़ीमुड़ा में नवीन माध्यमिक शाला भवन के लिए ₹18 लाख 72 हजार की मंजूरी मिली है। मरम्मत कार्यों में ग्राम तुरकापारा की प्राथमिक शाला के लिए ₹6 लाख 40 हजार, ग्राम लारीपारा की प्राथमिक शाला के लिए ₹6 लाख 45 हजार, ग्राम सोनाजोरी के हाई स्कूल की मरम्मत के लिए ₹16 लाख, और ग्राम ढोररोबीजा पटेलपारा की प्राथमिक शाला की मरम्मत के लिए ₹5 लाख 80 हजार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ग्राम जमुना, चवरपुर और आमापाली के माध्यमिक शालाओं में नवीन भवन और शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक में ₹25 लाख की राशि दी गई है, जबकि ग्राम भेलवाटोली, टोंगरीपारा और बैगिनझरिया के प्राथमिक शालाओं में नवीन भवन और शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक में ₹18 लाख स्वीकृत किए गए हैं। सबसे बड़ी राशि, ₹77 लाख 32 हजार, ग्राम तोलमा में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के नए भवन के लिए स्वीकृत की गई है। दीपक सिदार के अनुसार, इन स्वीकृत कार्यों से क्षेत्र के शैक्षणिक वातावरण में बड़ा सुधार आएगा, जिससे बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, ड्रॉप आउट रेट में कमी आएगी, और नए शौचालय निर्माण से बेटियों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ने से 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का संकल्प साकार होगा। इन निर्माण कार्यों से स्थानीय मजदूरों और मिस्त्रियों को रोजगार भी मिलेगा, जिससे DMF का पैसा क्षेत्र में ही रहेगा और शिक्षा का स्तर भी ऊँचा होगा। सिदार ने लैलूंगा के कांग्रेस विधायक पर क्षेत्र की उपेक्षा का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि भूपेश सरकार का दामन DMF घोटाले से दागदार हो चुका था, जिसमें बड़े अधिकारी जेल तक गए। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि कांग्रेस विधायक 5 साल सत्ता में रहने के बावजूद क्षेत्र के स्कूलों की सुध नहीं ली और उनके कार्यकाल में DMF मद 'घोटाले की भेंट चढ़ गया', जिससे क्षेत्र का विकास रुक गया। सिदार ने दावा किया कि भाजपा सरकार आते ही DMF मद भ्रष्टाचार से मुक्त हुआ और क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी राशि स्वीकृत हुई है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कांग्रेस विधायक होने के बावजूद लैलूंगा क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देना यह साबित करता है कि भाजपा सरकार सबके लिए और सबके विकास के लिए काम करती है।
- रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन हंट' लगातार जारी है, जिसके तहत कई बड़े खाईवालों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दबाव में कई आरोपियों ने आत्मसमर्पण भी किया है। इसी क्रम में थाना साइबर रायगढ़ की टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के एक फरार आरोपी आकाश पंसारी, उम्र 32 वर्ष, निवासी ऑफिसर कॉलोनी, सक्ती को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से लगभग 60,000 रुपये का एक आईफोन और लगभग 5,000 रुपये का एक वीवो मोबाइल फोन जब्त किया गया है। आरोपी आकाश पंसारी का नाम करण चौधरी सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क की गहन जांच के दौरान सामने आया था। सीएसपी मयंक मिश्रा द्वारा थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक 217/2026 एवं 218/2026 तथा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा से जुड़े अन्य प्रकरणों में गिरफ्तार करण चौधरी गैंग की जांच की जा रही थी। जांच में करण चौधरी के साथ अवैध सट्टा कारोबार में संलिप्त कई व्यक्तियों के नाम सामने आए, जिनमें सक्ती निवासी आकाश पंसारी भी शामिल था। तकनीकी एवं वित्तीय साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी पतासाजी के लिए साइबर थाना की टीम लगातार प्रयासरत थी। मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे सक्ती से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के करण चौधरी सिंडिकेट के साथ ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं। वह क्रिकेट सट्टा खिलाने के साथ-साथ सट्टे की रकम को हवाला के माध्यम से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने में भी सहयोग करता था। गौरतलब है कि 26 अप्रैल 2026 को साइबर सेल, थाना कोतवाली और थाना घरघोड़ा की संयुक्त टीम ने रायगढ़ शहर एवं घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर एक साथ दबिश देकर सोनू देवांगन, हर्षित देवांगन, भरत गोयल, गौतम भोजवानी, लक्ष्मीनारायण सिदार और सागर गुप्ता सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान सात मोबाइल फोन, लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 15,490 रुपये नगद जब्त किए गए थे। उक्त प्रकरण में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 218/2026 के तहत धारा 4 एवं 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ में रायगढ़ से दिल्ली तक फैले सट्टा नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके संचालन में रायगढ़ के खाईवाल करण चौधरी एवं जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार का हाथ था। टेक्निकल इनपुट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और फाइनेंशियल एनालिसिस से पता चला कि करण चौधरी अपने साथियों के साथ लंबे समय से रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। सट्टे से प्राप्त बड़ी रकम को सीधे अपने पास न रखकर परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से कैश डंप किया जाता था, जिसे बाद में हवाला चैनलों के जरिए आगे स्थानांतरित किया जाता था। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि कृष्णा प्राइड टॉवर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल एवं उनके पिता सुनील अग्रवाल इस पूरे मनी मूवमेंट नेटवर्क के अहम हिस्से थे और सट्टे से प्राप्त ब्लैक मनी को हवाला के माध्यम से व्हाइट करने का कार्य कर रहे थे। ज्ञात हो कि रायगढ़ पुलिस ने करण चौधरी से प्राप्त सूचना के आधार पर कृष्णा प्राइड टॉवर स्थित फ्लैट में छापेमार कार्रवाई की थी, जहां से सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नगद, नोट गिनने की मशीन एवं मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। वहीं पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नगद तथा दो मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। इससे पहले करण चौधरी के कब्जे से भी नगदी एवं मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके थे। इलेक्ट्रॉनिक डाटा, चैट रिकॉर्ड, यूपीआई लेनदेन और वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल सट्टेबाजी का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट के रूप में संचालित नेटवर्क था। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी अपने निजी बैंक खातों एवं डिजिटल अकाउंट का उपयोग करने के बजाय कर्मचारियों, परिचितों एवं सहयोगियों के खातों तथा मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर जांच एजेंसियों से बचने का प्रयास कर रहे थे। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने संदेश दिया है कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, हवाला और आर्थिक अपराध से जुड़े संगठित नेटवर्क के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय जांच के आधार पर अपराध से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा और अवैध सट्टे से अर्जित काली कमाई को वैध बनाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- सारंगढ़ शहर में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला है। इस दौरान पुलिस ने अपराधियों को कड़ी चेतावनी दी और शहर में शांति कायम रखने की पहल की। पुलिस बल ने बस स्टैंड, सदर बाजार और तुर्की तालाब चौपाटी क्षेत्र में पैदल पेट्रोलिंग करते हुए संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने आम नागरिकों से संवाद कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया और उनकी शिकायतें सुनीं। साथ ही, पुलिस ने युवकों को आपसी विवाद, झगड़ा-मारपीट और स्टंटबाजी जैसी गतिविधियों से दूर रहने की समझाइश दी। असामाजिक तत्वों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने की अपील की, जिसके लिए बीट आरक्षकों और थाना प्रभारी के मोबाइल नंबर भी साझा किए गए। फ्लैग मार्च के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। पुलिस ने साफ किया है कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और अपराधियों को सावधान रहने की हिदायत दी गई है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक नाबालिग ने आत्महत्या कर ली है। यह दुखद घटना एक ऐसे विवाद के बाद सामने आई है, जिसमें एक युवक ने नाबालिग को सरेआम थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के बाद से पुलिस उस युवक की तलाश में जुट गई है।1
- एक रेस्क्यू टीम ने गांव के एक घर से दुनिया के सबसे जहरीले और 11 फीट लंबे किंग कोबरा को सफलतापूर्वक बाहर निकालकर मौत को मात देने वाली जीत हासिल की है। इस जोखिम भरे अभियान में रेस्क्यू टीम ने अपनी जान को खतरे में डालकर किंग कोबरा को सुरक्षित निकाला।1
- जांजगीर चांपा जिले में भूमि पर कब्जा दिलाने के नाम पर पैसों की मांग के आरोप के बाद पंतोरा चौकी के एक प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है।1
- ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट से जुड़े एक आरोपी को सक्ती से गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी रायगढ़ में क्रिकेट सट्टे के संचालन के साथ-साथ हवाला नेटवर्क में भी भूमिका निभा रहा था।1
- कोरबा जिले में एक ग्रामीण के घर में एक विशालकाय किंग कोबरा घुस गया है। इस घटना की सूचना मिलते ही, कोरबा वन विभाग की टीम सांप को रेस्क्यू करने के लिए तुरंत मौके पर पहुंची।1
- चांपा स्थित पद्मिनी टॉकीज में 'भी सड़क' होने के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1