सागर जिले के मकरोनिया स्थित दीपक मेमोरियल एकेडमी में आयोजित मेधावी विद्यार्थियों की अवार्ड सेरेमनी में पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने एकेडमी में एक रोबोटिक्स लैब का भी उद्घाटन किया। अपने संबोधन में श्री सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि, "जो समय के अनुसार स्वयं को बदलता है, वही आगे बढ़ता है" और आज के युग में नई तकनीकों को सीखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के 70 प्रतिशत से अधिक चैंपियन और पदक विजेता छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे हैं, तथा सफलता रातों-रात नहीं, बल्कि हर दिन खुद को बेहतर बनाने से मिलती है। श्री सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि असफलता का मुख्य कारण आज के काम को कल पर टालना है, और तरक्की व्यस्तता पर नहीं, बल्कि व्यवस्थित काम पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि संभाल कर रखी हुई चीज और ध्यान से सुनी गई बात हमेशा काम आती है। अमेरिका के राष्ट्रपति बेंजामिन फ्रैंकलिन के संस्मरणों का उदाहरण देते हुए उन्होंने 'समय ही धन है' के महत्व को समझाया, और बताया कि जल्दी सोना, जल्दी उठना और समय में निवेश करना आज भी विद्यार्थियों के लिए जीवन-मंत्र हैं। उन्होंने युवा अवस्था को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौर बताते हुए कहा कि यही वह समय है जब सपनों को उड़ान देकर भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने छात्रों को दूसरों में अच्छाई ढूंढने, अपनी कमियों को दूर करने, एक समय-सारणी बनाने और प्रतिदिन स्वयं से यह प्रश्न पूछने की सलाह दी कि उन्होंने क्या अच्छा किया। साथ ही, श्री सिंह ने युवाओं में जोखिम लेने के स्वाभाविक गुण पर बल दिया, यह कहते हुए कि जो सुरक्षित किनारे पर रहते हैं, वे कभी समंदर की गहराई नहीं नाप सकते, और "जो खेलेगा, वही खिलेगा", क्योंकि फिटनेस और खेल केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि टीम वर्क और चरित्र निर्माण का भी साधन हैं। रोबोटिक्स लैब के उद्घाटन के संदर्भ में, श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि नए स्टार्टअप और उद्योग स्थापित करने का अवसर भी है, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव क्षेत्रों के विस्तार को देखते हुए। उन्होंने बताया कि भारतीय रोबोटिक्स बाजार में ऑटोमोटिव क्षेत्र का ऐतिहासिक वर्चस्व रहा है, जो कुल मांग का 30 से 36 प्रतिशत हिस्सा है। श्री सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स लैब विद्यार्थियों को भविष्य का निर्माता बनाती है और भारत में युवाओं के लिए रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सुनहरे अवसर बन रहे हैं। उन्होंने दीपक मेमोरियल एकेडमी के चेयरमैन ब्रज जायसवाल, प्रिंसिपल डॉ. रितु जायसवाल और उनके पुत्र श्रीकृष्ण जायसवाल को रोबोटिक्स लैब स्थापित करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में एकेडमी की ओर से चेयरमैन और प्रिंसिपल जायसवाल परिवार ने पूर्व गृहमंत्री का पुष्पमाला के स्थान पर जरूरतमंद विद्यार्थियों में वितरण हेतु 5000 पुस्तकें भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन ब्रज जायसवाल, प्रिंसिपल डॉ. ऋतु जायसवाल, वाइस प्रिंसिपल अजय श्रीवास्तव और श्रीकृष्ण जायसवाल मंच पर उपस्थित रहे। अवार्ड सेरेमनी में, श्री भूपेन्द्र सिंह ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में विभिन्न विषयों में मेरिट में आए विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और मोमेंटो देकर सम्मानित किया, जिनमें अक्षत गौतम (97.20%), हर्षिदा जोशी (96.40%), आर्या जैन (93.80%), देवांश तिवारी (92.60%), सूर्या सिंह दांगी (92.60%), संजू पांडे (92.40%), अनुभव केशरवानी (92.00%), लक्ष्य छेत्री (91.80%), शयांक जैन (91.80%), आयुष कुमार (91.60%), दर्शिका राठौर (91.60%), मानसी राजपूत (91.00%), करुण आठिया (90.40%), सूर्या गोस्वामी (90.20%), राघवेंद्र सिंह (89.80%), वेदांत चंदेल (89.40%) और गरिमा पाराशर (89.20%) जैसे 10वीं कक्षा के मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 12वीं कक्षा के टॉपर्स में आर्ट्स से जिया खान (96.8%), सांब कोड़ेरिया (92.6%), भूमिका कुशवाहा (92.4%), देविका राजपूत (91.8%); कॉमर्स से विधि केशरवानी (94.6%), माही जैन (94%), श्रेया जैन (91.8%), गौरांग जैन (90.4%); पीसीबी से कार्तिक महाजन (95.8%), माधवं दुबे (91.2%), मानसी कुशवाहा (88.4%) और पीसीएम से शिवम पंजवानी (94.8%), नूर फरा (93.2%), आदित्य सिंह राठौर (85.6%) को भी सम्मानित किया गया।
सागर जिले के मकरोनिया स्थित दीपक मेमोरियल एकेडमी में आयोजित मेधावी विद्यार्थियों की अवार्ड सेरेमनी में पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने एकेडमी में एक रोबोटिक्स लैब का भी उद्घाटन किया। अपने संबोधन में श्री सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि, "जो समय के अनुसार स्वयं को बदलता है, वही आगे बढ़ता है" और आज के युग में नई तकनीकों को सीखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के 70 प्रतिशत से अधिक चैंपियन और पदक विजेता छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे हैं, तथा सफलता रातों-रात नहीं, बल्कि हर दिन खुद को बेहतर बनाने से मिलती है। श्री सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि असफलता का मुख्य कारण आज के काम को कल पर टालना है, और तरक्की व्यस्तता पर नहीं, बल्कि व्यवस्थित काम पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि संभाल कर रखी हुई चीज और ध्यान से सुनी गई बात हमेशा काम आती है। अमेरिका के राष्ट्रपति बेंजामिन फ्रैंकलिन के संस्मरणों का उदाहरण देते हुए उन्होंने 'समय ही धन है' के महत्व को समझाया, और बताया कि जल्दी सोना, जल्दी उठना और समय में निवेश करना आज भी विद्यार्थियों के लिए जीवन-मंत्र हैं। उन्होंने युवा अवस्था को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौर बताते हुए कहा कि यही वह समय है जब सपनों को उड़ान देकर भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने छात्रों को दूसरों में अच्छाई ढूंढने, अपनी कमियों को दूर करने, एक समय-सारणी बनाने और प्रतिदिन स्वयं से यह प्रश्न पूछने की सलाह दी कि उन्होंने क्या अच्छा किया। साथ ही, श्री सिंह ने युवाओं में जोखिम लेने के स्वाभाविक गुण पर बल दिया, यह कहते हुए कि जो सुरक्षित किनारे पर रहते हैं, वे कभी समंदर की गहराई नहीं नाप सकते, और "जो खेलेगा, वही खिलेगा", क्योंकि फिटनेस और खेल केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि टीम वर्क और चरित्र निर्माण का भी साधन हैं। रोबोटिक्स लैब के उद्घाटन के संदर्भ में, श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि नए स्टार्टअप और उद्योग स्थापित करने का अवसर भी है, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव क्षेत्रों के विस्तार को देखते हुए। उन्होंने बताया कि भारतीय रोबोटिक्स बाजार में ऑटोमोटिव क्षेत्र का ऐतिहासिक वर्चस्व रहा है, जो कुल मांग का 30 से 36 प्रतिशत हिस्सा है। श्री सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स लैब विद्यार्थियों को भविष्य का निर्माता बनाती है और भारत में युवाओं के लिए रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सुनहरे अवसर बन रहे हैं। उन्होंने दीपक मेमोरियल एकेडमी के चेयरमैन ब्रज जायसवाल, प्रिंसिपल डॉ. रितु जायसवाल और उनके पुत्र श्रीकृष्ण जायसवाल को रोबोटिक्स लैब स्थापित करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में एकेडमी की ओर से चेयरमैन और प्रिंसिपल जायसवाल परिवार ने पूर्व गृहमंत्री का पुष्पमाला के स्थान पर जरूरतमंद विद्यार्थियों में वितरण हेतु 5000 पुस्तकें भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन ब्रज जायसवाल, प्रिंसिपल डॉ. ऋतु जायसवाल, वाइस प्रिंसिपल अजय श्रीवास्तव और श्रीकृष्ण जायसवाल मंच पर उपस्थित रहे। अवार्ड सेरेमनी में, श्री भूपेन्द्र सिंह ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में विभिन्न विषयों में मेरिट में आए विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और मोमेंटो देकर सम्मानित किया, जिनमें अक्षत गौतम (97.20%), हर्षिदा जोशी (96.40%), आर्या जैन (93.80%), देवांश तिवारी (92.60%), सूर्या सिंह दांगी (92.60%), संजू पांडे (92.40%), अनुभव केशरवानी (92.00%), लक्ष्य छेत्री (91.80%), शयांक जैन (91.80%), आयुष कुमार (91.60%), दर्शिका राठौर (91.60%), मानसी राजपूत (91.00%), करुण आठिया (90.40%), सूर्या गोस्वामी (90.20%), राघवेंद्र सिंह (89.80%), वेदांत चंदेल (89.40%) और गरिमा पाराशर (89.20%) जैसे 10वीं कक्षा के मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 12वीं कक्षा के टॉपर्स में आर्ट्स से जिया खान (96.8%), सांब कोड़ेरिया (92.6%), भूमिका कुशवाहा (92.4%), देविका राजपूत (91.8%); कॉमर्स से विधि केशरवानी (94.6%), माही जैन (94%), श्रेया जैन (91.8%), गौरांग जैन (90.4%); पीसीबी से कार्तिक महाजन (95.8%), माधवं दुबे (91.2%), मानसी कुशवाहा (88.4%) और पीसीएम से शिवम पंजवानी (94.8%), नूर फरा (93.2%), आदित्य सिंह राठौर (85.6%) को भी सम्मानित किया गया।
- मध्यप्रदेश पुलिस के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया (आईपीएस) के नेतृत्व में, सागर जिले के बंडा पुलिस अनुभाग द्वारा चलाए गए 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता 'सेफ क्लिक 2.0 अभियान–2026' का 08 जुलाई 2026 को शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय, बंडा में भव्य समापन हुआ। इस दौरान 300 से अधिक विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली और 'सोचें... समझें... फिर क्लिक करें' का महत्वपूर्ण संदेश जन-जन तक पहुँचाया। समारोह की शुरुआत से पहले, लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय से बड़ा चौराहा, गांधी प्रतिमा और भारत चौराहा होते हुए पूरे नगर में एक विशाल साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली। विद्यार्थियों ने 'सजग नागरिक–सुरक्षित समाज', 'OTP किसी से साझा न करें', और 'साइबर अपराध से बचें, सतर्क रहें' जैसे नारों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया। समापन समारोह में पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया (आईपीएस) मुख्य अतिथि और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जयवीर सिंह भदौरिया विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उप पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी बंडा प्रदीप वाल्मीकि ने अभियान का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक बंडा विकासखंड के विद्यालयों में चित्रकला, पोस्टर, स्लोगन, निबंध, भाषण, कविता, साइबर क्विज, एकल एवं समूह गायन, वाद-विवाद तथा नुक्कड़ नाटक जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। अपने संबोधन में, मुख्य अतिथि अनुराग सुजानिया ने डिजिटल युग में प्रत्येक नागरिक के लिए साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी और पासवर्ड साझा न करने और साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी उपस्थित विद्यार्थियों और नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने जागरूकता को साइबर अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका बताते हुए, प्रत्येक विद्यार्थी को अपने परिवार का 'साइबर सुरक्षा दूत' बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर, भाषण, एकल गायन, चित्रकला, पोस्टर, स्लोगन, साइबर क्विज, निबंध, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक और वाद-विवाद जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि द्वारा प्रमाण-पत्र, मेडल और सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य संयोजक प्रदीप वाल्मीकि के नेतृत्व में संजय सेन, राजेश राजपूत, रंजीत गौर, दिवाकर मिश्रा, रविन्द्र सिरोही, राजेश तिवारी, शुभम नामदेव, सविता खरे, मनीष विश्वकर्मा, शुभम ठाकुर, राजेश लोधी, थाना प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, उपनिरीक्षक राज रोहित सहित पुलिस बल और विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों ने भी अभियान के प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम का समापन 'सोचें... समझें... फिर क्लिक करें' और 'सजग नागरिक–सुरक्षित समाज' के सामूहिक संकल्प, साइबर सुरक्षा शपथ और आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए दोहराया कि जागरूक युवा ही एक सुरक्षित डिजिटल भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।2
- सागर जिले के मकरोनिया स्थित दीपक मेमोरियल एकेडमी में आयोजित मेधावी विद्यार्थियों की अवार्ड सेरेमनी में पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने एकेडमी में एक रोबोटिक्स लैब का भी उद्घाटन किया। अपने संबोधन में श्री सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि, "जो समय के अनुसार स्वयं को बदलता है, वही आगे बढ़ता है" और आज के युग में नई तकनीकों को सीखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के 70 प्रतिशत से अधिक चैंपियन और पदक विजेता छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे हैं, तथा सफलता रातों-रात नहीं, बल्कि हर दिन खुद को बेहतर बनाने से मिलती है। श्री सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि असफलता का मुख्य कारण आज के काम को कल पर टालना है, और तरक्की व्यस्तता पर नहीं, बल्कि व्यवस्थित काम पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि संभाल कर रखी हुई चीज और ध्यान से सुनी गई बात हमेशा काम आती है। अमेरिका के राष्ट्रपति बेंजामिन फ्रैंकलिन के संस्मरणों का उदाहरण देते हुए उन्होंने 'समय ही धन है' के महत्व को समझाया, और बताया कि जल्दी सोना, जल्दी उठना और समय में निवेश करना आज भी विद्यार्थियों के लिए जीवन-मंत्र हैं। उन्होंने युवा अवस्था को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौर बताते हुए कहा कि यही वह समय है जब सपनों को उड़ान देकर भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने छात्रों को दूसरों में अच्छाई ढूंढने, अपनी कमियों को दूर करने, एक समय-सारणी बनाने और प्रतिदिन स्वयं से यह प्रश्न पूछने की सलाह दी कि उन्होंने क्या अच्छा किया। साथ ही, श्री सिंह ने युवाओं में जोखिम लेने के स्वाभाविक गुण पर बल दिया, यह कहते हुए कि जो सुरक्षित किनारे पर रहते हैं, वे कभी समंदर की गहराई नहीं नाप सकते, और "जो खेलेगा, वही खिलेगा", क्योंकि फिटनेस और खेल केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि टीम वर्क और चरित्र निर्माण का भी साधन हैं। रोबोटिक्स लैब के उद्घाटन के संदर्भ में, श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि नए स्टार्टअप और उद्योग स्थापित करने का अवसर भी है, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव क्षेत्रों के विस्तार को देखते हुए। उन्होंने बताया कि भारतीय रोबोटिक्स बाजार में ऑटोमोटिव क्षेत्र का ऐतिहासिक वर्चस्व रहा है, जो कुल मांग का 30 से 36 प्रतिशत हिस्सा है। श्री सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स लैब विद्यार्थियों को भविष्य का निर्माता बनाती है और भारत में युवाओं के लिए रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सुनहरे अवसर बन रहे हैं। उन्होंने दीपक मेमोरियल एकेडमी के चेयरमैन ब्रज जायसवाल, प्रिंसिपल डॉ. रितु जायसवाल और उनके पुत्र श्रीकृष्ण जायसवाल को रोबोटिक्स लैब स्थापित करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में एकेडमी की ओर से चेयरमैन और प्रिंसिपल जायसवाल परिवार ने पूर्व गृहमंत्री का पुष्पमाला के स्थान पर जरूरतमंद विद्यार्थियों में वितरण हेतु 5000 पुस्तकें भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन ब्रज जायसवाल, प्रिंसिपल डॉ. ऋतु जायसवाल, वाइस प्रिंसिपल अजय श्रीवास्तव और श्रीकृष्ण जायसवाल मंच पर उपस्थित रहे। अवार्ड सेरेमनी में, श्री भूपेन्द्र सिंह ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में विभिन्न विषयों में मेरिट में आए विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और मोमेंटो देकर सम्मानित किया, जिनमें अक्षत गौतम (97.20%), हर्षिदा जोशी (96.40%), आर्या जैन (93.80%), देवांश तिवारी (92.60%), सूर्या सिंह दांगी (92.60%), संजू पांडे (92.40%), अनुभव केशरवानी (92.00%), लक्ष्य छेत्री (91.80%), शयांक जैन (91.80%), आयुष कुमार (91.60%), दर्शिका राठौर (91.60%), मानसी राजपूत (91.00%), करुण आठिया (90.40%), सूर्या गोस्वामी (90.20%), राघवेंद्र सिंह (89.80%), वेदांत चंदेल (89.40%) और गरिमा पाराशर (89.20%) जैसे 10वीं कक्षा के मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 12वीं कक्षा के टॉपर्स में आर्ट्स से जिया खान (96.8%), सांब कोड़ेरिया (92.6%), भूमिका कुशवाहा (92.4%), देविका राजपूत (91.8%); कॉमर्स से विधि केशरवानी (94.6%), माही जैन (94%), श्रेया जैन (91.8%), गौरांग जैन (90.4%); पीसीबी से कार्तिक महाजन (95.8%), माधवं दुबे (91.2%), मानसी कुशवाहा (88.4%) और पीसीएम से शिवम पंजवानी (94.8%), नूर फरा (93.2%), आदित्य सिंह राठौर (85.6%) को भी सम्मानित किया गया।1
- सेफ क्लिक 2.0 अभियान के अंतर्गत, SI अंकिता मिश्रा ने लोगों को विभिन्न सावधानी के उपाय बताए।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा क्षेत्र में निवासियों को सड़क की गंभीर बदहाली के कारण भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उनके 'कॉमेडी के रास्ते' की स्थिति इतनी खराब है कि इसके चलते स्कूली बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सरपंच-सचिव से कई बार संपर्क कर सड़क का निर्माण करवाने या मुरम डलवाने का आग्रह किया है। हालांकि, उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और सरपंच-सचिव उनकी समस्याओं को सुनने से मना कर रहे हैं।1
- सागर जिले के गौरझामर में रहली-सालावारा जाने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग जनप्रतिनिधियों की अरुचि के कारण वर्षों से बदहाल स्थिति में है। यदि इस मार्ग का निर्माण हो जाता, तो यह यात्रा की दूरी को 7 किलोमीटर तक कम कर देता। यह मार्ग 400 से अधिक घरों, एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी भवन, कचरा रीसायकल सेंटर, बेलघाट डैम, और सुनार नदी पर वार्ड 20 के निवासियों के लिए रहली मार्ग तक पहुँचने का सबसे सरल और सुगम रास्ता है। बावजूद इसके, सड़क का उद्धार संभव नहीं दिख रहा। पिछले दशकों में, इस ग्रेवल सड़क को कभी पी डब्लू डी तो कभी आर ई एस के पाले में डाल दिया जाता है, और फिर ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कार्य पर चर्चा होती है। हालांकि, इसे अक्सर 'खेत सड़क मार्ग' बताकर सुधार प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है। विभागों द्वारा सही मार्गदर्शन न दिए जाने के कारण, इस बहुउपयोगी मार्ग पर केवल दो स्लिप पुलिया का निर्माण हुआ है, और यह मार्ग अभी भी कच्चा और कीचड़नुमा बना हुआ है।1
- आम आदमी पार्टी (आप) की सागर जिला इकाई ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में महिला डॉक्टरों के साथ हुई अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। शहर में लगातार भारी बारिश के बावजूद, आप कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सागर जिलाध्यक्ष इंजीनियर डी.के. सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ केवल खानापूर्ति न की जाए, बल्कि सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मीडिया से बात करते हुए, इंजी. डी.के. सिंह ने कहा कि कार्यस्थलों पर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा 'भगवान भरोसे' है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जो डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, वे आज अपने कार्यस्थल पर ही सुरक्षित नहीं हैं। बीएमसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में महिला डॉक्टर के साथ हुई अभद्रता को उन्होंने बेहद शर्मनाक और निंदनीय बताया। सिंह ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषकर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तो वे भयमुक्त होकर अपनी सेवाएं कैसे दे पाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इस मामले में मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगी और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन पर सख्त धाराएं लगाने की मांग की। आप के संगठन मंत्री पुष्पेन्द्र राजपूत ने कुछ प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता करने वाले असामाजिक तत्वों की तत्काल गिरफ्तारी शामिल है, वह भी बिना किसी राजनीतिक दबाव के और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कड़ी कार्रवाई के साथ। इसके अतिरिक्त, बीएमसी परिसर और संवेदनशील वार्डों में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता ऑडिट करने, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सख्त करने की मांग की गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक जांच की भी वकालत की। इस दौरान ज्ञापन सौंपते समय जिलाध्यक्ष इंजी. डी.के. सिंह के साथ जिला संगठन मंत्री पुष्पेंद्र राजपूत, जिला उपाध्यक्ष आशुतोष कुर्मी, आरटीआई विंग जिला अध्यक्ष प्रदीप जैन, मीडिया प्रभारी संजेश कश्यप, जिला संयुक्त सचिव लक्ष्मीकांत राज, ज्योतिष सोनी, मयंक खरे और कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में जल्द और ठोस कदम नहीं उठाए, तो आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष इंजीनियर डी.के. सिंह के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।3
- ललितपुर जिले की मड़ावरा तहसील सभागार में बुधवार दोपहर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा एवं डीबीटी योजना का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी से किए गए राज्यस्तरीय शुभारंभ का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे स्थानीय शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने देखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और विद्यालयों में एक बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने का आह्वान किया, साथ ही शिक्षा को समाज की आधारशिला बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से शिक्षकों और उनके परिवारों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, डीबीटी व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को ड्रेस, जूते, मोजे और बैग सहित अन्य आवश्यक सामग्री के लिए मिलने वाली धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। स्थानीय कार्यक्रम में अतिथियों ने उपस्थित शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए, जिस पर कार्ड प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने इस योजना को शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत और पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मजबूती बताया। इस दौरान मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी मदन मोहन गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख चन्द्रदीप रावत और जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह बुंदेला ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में न्यायिक उपजिलाधिकारी घनश्याम भारती, प्रभारी तहसीलदार मनोज कुमार श्रीवास्तव, मंत्री प्रतिनिधि कैलाश साहू, सेवानिवृत्त शिक्षक रमेशचंद्र जैन, राजकीय हाईस्कूल दिदोनिया के प्रधानाचार्य और सरस्वती मंदिर इंटर कॉलेज मड़ावरा के भवानी शंकर सिंह सहित कई ग्राम प्रधान, शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक उपस्थित रहे। खंड शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार रावत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और इमरान खान ने संचालन किया, अंत में खंड शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार रावत ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।1
- बीना में माननीय न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता आकाश गोदना को एक राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठे मुकदमे से पूरी तरह बरी कर दिया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार कुन्दू की अदालत ने 7 जुलाई 2026 को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिससे बीना, जिला सागर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी हर्ष की लहर दौड़ गई है। आकाश गोदना को 11 अगस्त 2023 को दर्ज किए गए धारा 307 सहित कई अन्य गंभीर और पूरी तरह झूठे आरोपों से ससम्मान दोषमुक्त किया गया है। उन्होंने मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि कुछ साल पहले, जब वे एक पूर्ववर्ती संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे, तब उनकी बढ़ती लोकप्रियता और सामाजिक प्रभाव से घबराकर तत्कालीन स्थानीय राजनीतिक विरोधियों ने उनके खिलाफ एक गहरा षड्यंत्र रचा था। उनके अनुसार, यह मामला केवल राजनीतिक द्वेष और उन्हें राजनीतिक रूप से दबाने के उद्देश्य से दर्ज करवाया गया था। फैसले के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए आकाश गोदना ने देश के कानून और न्यायपालिका पर अपने पूर्ण विश्वास पर जोर दिया। उन्होंने इस लड़ाई को आकाश गोदना की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि सत्ता और प्रभाव के दुरुपयोग के खिलाफ सच्चाई की लड़ाई बताया, जिसमें अंततः सत्य की ही जीत हुई है। उन्होंने इस कठिन समय में संबल देने के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, सभी वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और विशेष रूप से पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हमेशा निष्पक्षता के साथ सच का साथ दिया।2