डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा उपखंड में करोड़ों रुपये खर्च कर बने सबसे बड़े रोडवेज बस स्टेशन पर बदहाल परिवहन व्यवस्था के कारण आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोमवार को राजस्थान लोक सेवा आयोग की सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान रोडवेज की पोल खुल गई, जब सुबह-सुबह बड़ी संख्या में परीक्षार्थी डूंगरपुर जाने के लिए बस स्टेशन पर बसों का इंतजार करते रहे। अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि पीठ-डूंगरपुर सुबह 6 बजे और चिखली-डूंगरपुर सुबह 7 बजे वाली बसें समय पर आएंगी, लेकिन निर्धारित समय पर पहली बस ही नहीं पहुंची। परीक्षा का समय नजदीक आते देख मजबूरी में कई छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों को निजी वाहनों की छत पर बैठकर डूंगरपुर के लिए रवाना होना पड़ा, जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी राज सिंह और भावना लबाना ने बताया कि परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी और 8:30 बजे तक केंद्र पहुंचना अनिवार्य था, ऐसे में देरी होने पर उनका पूरा साल खराब हो सकता था। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि रोडवेज की इस लापरवाही का खामियाजा आखिर छात्रों को क्यों भुगतना पड़ रहा है। काफी देर बाद जो रोडवेज बस स्टेशन पर पहुंची, उसकी हालत भी दयनीय थी और उसे धक्का देकर व तकनीकी प्रयासों से चालू करना पड़ा। सीमलवाड़ा, चौरासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वे रोजाना नौकरी, शिक्षा, चिकित्सा और व्यापार के लिए डूंगरपुर तथा उदयपुर यात्रा करते हैं, लेकिन बसों की बेहद कम संख्या के कारण उन्हें महंगे निजी परिवहन का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने चौरासी क्षेत्र की इस गंभीर समस्या के लिए जिम्मेदार लोगों और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम प्रशासन से बसों की संख्या बढ़ाने, समय पर संचालन सुनिश्चित करने और जर्जर बसों के स्थान पर सुरक्षित बसें उपलब्ध कराने की मांग की है।
डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा उपखंड में करोड़ों रुपये खर्च कर बने सबसे बड़े रोडवेज बस स्टेशन पर बदहाल परिवहन व्यवस्था के कारण आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोमवार को राजस्थान लोक सेवा आयोग की सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान रोडवेज की पोल खुल गई, जब सुबह-सुबह बड़ी संख्या में परीक्षार्थी डूंगरपुर जाने के लिए बस स्टेशन पर बसों का इंतजार करते रहे। अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि पीठ-डूंगरपुर सुबह 6 बजे और चिखली-डूंगरपुर सुबह 7 बजे वाली बसें समय पर आएंगी, लेकिन निर्धारित समय पर पहली बस ही नहीं पहुंची। परीक्षा का समय नजदीक आते देख मजबूरी में कई छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों को निजी वाहनों की छत पर बैठकर डूंगरपुर के लिए रवाना होना पड़ा, जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी राज सिंह और भावना लबाना ने बताया कि परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी और 8:30 बजे तक केंद्र पहुंचना अनिवार्य था, ऐसे में देरी होने पर उनका पूरा साल खराब हो सकता था। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि रोडवेज की इस लापरवाही का खामियाजा आखिर छात्रों को क्यों भुगतना पड़ रहा है। काफी देर बाद जो रोडवेज बस स्टेशन पर पहुंची, उसकी हालत भी दयनीय थी और उसे धक्का देकर व तकनीकी प्रयासों से चालू करना पड़ा। सीमलवाड़ा, चौरासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वे रोजाना नौकरी, शिक्षा, चिकित्सा और व्यापार के लिए डूंगरपुर तथा उदयपुर यात्रा करते हैं, लेकिन बसों की बेहद कम संख्या के कारण उन्हें महंगे निजी परिवहन का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने चौरासी क्षेत्र की इस गंभीर समस्या के लिए जिम्मेदार लोगों और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम प्रशासन से बसों की संख्या बढ़ाने, समय पर संचालन सुनिश्चित करने और जर्जर बसों के स्थान पर सुरक्षित बसें उपलब्ध कराने की मांग की है।
- डूंगरपुर स्थित नवीन भाजपा जिला कार्यालय में जिला कार्यकारिणी की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अशोक पटेल रणोली ने की। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा और विशिष्ट अतिथियों के रूप में पूर्व जिला अध्यक्ष प्रभु पंड्या, पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा तथा डूंगरपुर विधानसभा प्रत्याशी बंशीलाल कटारा उपस्थित रहे। इस सांगठनिक बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायत राज चुनावों की तैयारियों को गति देना और सांगठनिक कार्यक्रमों को मजबूती प्रदान करना रहा। बैठक में प्रत्येक बूथ को मजबूत करने और सांगठनिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए 15 अगस्त तक बूथ एवं शक्ति केंद्र संरचना का कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही, जिला पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं को नियमित रूप से मंडल क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर सकें और स्थानीय समस्याओं को समझ सकें। आगामी पंचायत राज चुनावों को ध्यान में रखते हुए संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करने, सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाने और सोशल मीडिया व आईटी सेल को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई। प्रदेश सरकार की ग्रामीण सेवा शिविर जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक शिविर में पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय कार्यकर्ताओं का सार्वजनिक सम्मान कर उनका मनोबल बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया। इसके साथ ही, सांगठनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए निष्क्रिय पदाधिकारियों की सूची तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेजने का प्रस्ताव भी बैठक में लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अशोक पटेल रणोली ने संगठन को भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बताया और एकजुटता से कार्य करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि शंकरलाल डेचा ने मजबूत संगठन को पार्टी की जनस्वीकार्यता का आधार बताया, जबकि प्रभु पंड्या ने सोशल मीडिया और युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया। इसी दौरान डूंगरपुर विधानसभा प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों विपक्षी दलों के नेताओं की कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिखाई देता है। बैठक का संचालन जिला महामंत्री सुरमाल परमार ने किया और आभार प्रदर्शन ईश्वरलाल लबाना ने किया।1
- राजस्थान समान नागरिक संहिता (यूसीसी), 2026 के प्रारूप पर आम जनता की राय और सुझाव प्राप्त करने के लिए डूंगरपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला परिषद के ईडीपी सभागार में उदयपुर संभाग स्तरीय एक दिवसीय वर्चुअल जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता और समान नागरिक संहिता समिति के सदस्य श्री बसंत सिंह छाबा ने की। बैठक के दौरान विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, संपत्ति अधिकार और पारिवारिक कानूनों सहित विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई और उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इस वर्चुअल जनसुनवाई में सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा, जिला कलक्टर देशलदान, समाजसेवी अशोक पटेल (रणोली), बंसीलाल कटारा, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रैगर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न धर्मों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक शंकरलाल डेचा ने समान नागरिक संहिता को आमजन के हित में बताते हुए कहा कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन से समाज में समानता, न्याय और सामाजिक समरसता मजबूत होगी। समाजसेवी बंसीलाल कटारा ने इसे महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने वाला बताया और पैतृक संपत्ति व वैवाहिक अधिकारों में महिलाओं की भागीदारी सुदृढ़ करने की बात कही। सामाजिक कार्यकर्ता मधुलिका ने सुझाव दिया कि इस प्रक्रिया में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए और व्यापक स्तर पर सुझाव लेकर पारिवारिक संपत्ति के संरक्षण के प्रावधान जोड़े जाएं। अधिवक्ता सिद्धार्थ मेहता ने सभी धर्मों के पारिवारिक कानूनों में समानता लाने की वकालत करते हुए बाल भिक्षावृत्ति के समाधान के लिए विशेष कानूनी प्रावधान और लिव-इन रिलेशनशिप पर स्पष्ट विधिक नियम बनाने का सुझाव दिया। 'मन की उड़ान' संस्थान की संस्थापक कामना चौबीसा ने विवाह के लिए न्यूनतम आयु की तर्ज पर अधिकतम आयु सीमा निर्धारित करने और लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा, समाजसेवी नीरव जैन ने राष्ट्रीय एकरूपता की बात करते हुए अंतिम प्रारूप से पहले सभी समुदायों से व्यापक सुझाव लेने का आग्रह किया। इस संभाग स्तरीय जनसुनवाई के दूसरे चरण की वीसी मंगलवार को सुबह 10 बजे से जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर और शानदार कनेक्टिविटी के साथ नए भारत की रफ्तार और सपनों की नई पहचान बनकर सामने आया है। सुबह की पहली किरण के साथ विकास की नई तस्वीर पेश करने वाला यह आधुनिक एक्सप्रेसवे सिर्फ शहरों को ही नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और अवसरों को भी आपस में जोड़ रहा है। मीलों तक फैली इसकी शानदार कनेक्टिविटी नए भारत की इसी प्रगतिशील पहचान को दर्शाती है।1
- डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी जोश, उत्साह और उमंग है। पायलट के स्वागत के लिए जगह-जगह पर स्वागत गेट और होर्डिंग लगाए गए हैं और पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। कुशलगढ़ पहुंचने पर सचिन पायलट का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद, साबला में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह के फार्म हाउस पर एक स्वागत कार्यक्रम का आयोजन होगा, और साथ ही आसपुर में वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।1
- बांसवाड़ा में इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में संगठन के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ते हुए नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया और पांच विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति की गई। बैठक के दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष किशन सैन का भव्य स्वागत किया गया। इस बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने बदलते समय में पत्रकारों के संगठित रहने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता को सशक्त बनाया जा सके। इसके साथ ही, लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका, IFWJ की प्रमुख मांगों और सदस्यता अभियान को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई।3
- उदयपुर जिले के लसाड़िया अंतर्गत बेदावल से एक सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर 'यह कब तक ठीक हो जाएगी'। यहां इस बात को लेकर उत्सुकता और सवाल है कि इसे ठीक होने में और कितना वक्त लगेगा और इस स्थिति में कब तक सुधार हो पाएगा।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा उपखंड में करोड़ों रुपये खर्च कर बने सबसे बड़े रोडवेज बस स्टेशन पर बदहाल परिवहन व्यवस्था के कारण आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोमवार को राजस्थान लोक सेवा आयोग की सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान रोडवेज की पोल खुल गई, जब सुबह-सुबह बड़ी संख्या में परीक्षार्थी डूंगरपुर जाने के लिए बस स्टेशन पर बसों का इंतजार करते रहे। अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि पीठ-डूंगरपुर सुबह 6 बजे और चिखली-डूंगरपुर सुबह 7 बजे वाली बसें समय पर आएंगी, लेकिन निर्धारित समय पर पहली बस ही नहीं पहुंची। परीक्षा का समय नजदीक आते देख मजबूरी में कई छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों को निजी वाहनों की छत पर बैठकर डूंगरपुर के लिए रवाना होना पड़ा, जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी राज सिंह और भावना लबाना ने बताया कि परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी और 8:30 बजे तक केंद्र पहुंचना अनिवार्य था, ऐसे में देरी होने पर उनका पूरा साल खराब हो सकता था। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि रोडवेज की इस लापरवाही का खामियाजा आखिर छात्रों को क्यों भुगतना पड़ रहा है। काफी देर बाद जो रोडवेज बस स्टेशन पर पहुंची, उसकी हालत भी दयनीय थी और उसे धक्का देकर व तकनीकी प्रयासों से चालू करना पड़ा। सीमलवाड़ा, चौरासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वे रोजाना नौकरी, शिक्षा, चिकित्सा और व्यापार के लिए डूंगरपुर तथा उदयपुर यात्रा करते हैं, लेकिन बसों की बेहद कम संख्या के कारण उन्हें महंगे निजी परिवहन का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने चौरासी क्षेत्र की इस गंभीर समस्या के लिए जिम्मेदार लोगों और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम प्रशासन से बसों की संख्या बढ़ाने, समय पर संचालन सुनिश्चित करने और जर्जर बसों के स्थान पर सुरक्षित बसें उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- डूंगरपुर में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत के गनमैन कांस्टेबल कपिल पर उनके ही साथी कांस्टेबल कांतिलाल ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी कांस्टेबल ने शराब के नशे में धुत होकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, जिससे कपिल के सीने में गंभीर चोट आई है। उन्हें लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना डूंगरपुर पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर की है, जहां दोनों कांस्टेबल एक ही बिल्डिंग में ऊपर-नीचे रहते हैं। आरोप है कि कांतिलाल लंबे समय से शराब के नशे में कपिल और उनके परिवार के साथ गाली-गलौज तथा अभद्र व्यवहार करता था। रविवार देर रात भी आरोपी ने नशे में कपिल की पत्नी और साली के साथ गाली-गलौज की। इसकी सूचना मिलने पर कपिल जब रात करीब 12 बजे अपने निर्माणाधीन मकान से क्वार्टर पहुंचे, तो आरोपी ने कमरे से बाहर निकलकर बिना किसी चेतावनी के सीधे उनके सीने पर चाकू से वार कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस लाइन में हड़कंप मच गया और घायल कांस्टेबल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। कोतवाली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, जिससे पुलिस प्रशासन की इस चुप्पी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।2