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जनाधिकार मोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष संजय केशरी, जो श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं, नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की सफाई करने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

9 hrs ago
user_Cockroach News 18
Cockroach News 18
Court reporter प्रीत विहार, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
9 hrs ago

जनाधिकार मोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष संजय केशरी, जो श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं, नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की सफाई करने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

More news from दिल्ली and nearby areas
  • दिल्ली के मुस्तफाबाद क्षेत्र में दहेज की प्रताड़ना से परेशान एक महिला ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली है।
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    दिल्ली के मुस्तफाबाद क्षेत्र में दहेज की प्रताड़ना से परेशान एक महिला ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली है।
    user_भारत हिंदी खबर
    भारत हिंदी खबर
    Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • राजधानी दिल्ली में शाम के समय तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश भी देखने को मिली। इसी दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में एक निर्माणधीन मकान के बाहर फिनिशिंग के काम के लिए लगाई गई पाढ़ अचानक गिर गई। इस हादसे में राहगीर बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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    राजधानी दिल्ली में शाम के समय तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश भी देखने को मिली। इसी दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में एक निर्माणधीन मकान के बाहर फिनिशिंग के काम के लिए लगाई गई पाढ़ अचानक गिर गई। इस हादसे में राहगीर बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
    user_ख़बर का सच
    ख़बर का सच
    पत्रकारिता सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • Post by Mukammil Rana
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    Post by Mukammil Rana
    user_Mukammil Rana
    Mukammil Rana
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • देशभर में ईद-उल-अज़हा का त्योहार हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। इसी अवसर पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में मुस्लिम समाज के कई लोगों ने एक अनोखी पहल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। ईद की नमाज़ के बाद इन लोगों ने हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लेकर अपनी बात रखी, जिन पर लिखा था, “मोदी जी, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।” मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, और इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए। इस पहल के पीछे का उद्देश्य देश में भाईचारे, आपसी सम्मान और सौहार्द का संदेश देना बताया गया। लोगों ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना और देश की एकता को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ईद के इस खास मौके पर इलाके में शांति और सौहार्द का माहौल देखने को मिला, जहाँ लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन की दुआ की।
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    देशभर में ईद-उल-अज़हा का त्योहार हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। इसी अवसर पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में मुस्लिम समाज के कई लोगों ने एक अनोखी पहल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की।

ईद की नमाज़ के बाद इन लोगों ने हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लेकर अपनी बात रखी, जिन पर लिखा था, “मोदी जी, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।” मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, और इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए।

इस पहल के पीछे का उद्देश्य देश में भाईचारे, आपसी सम्मान और सौहार्द का संदेश देना बताया गया। लोगों ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना और देश की एकता को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ईद के इस खास मौके पर इलाके में शांति और सौहार्द का माहौल देखने को मिला, जहाँ लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन की दुआ की।
    user_Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
    Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim
    Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • जनाधिकार मोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष संजय केशरी, जो श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं, नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की सफाई करने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
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    जनाधिकार मोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष संजय केशरी, जो श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं, नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की सफाई करने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
    user_Cockroach News 18
    Cockroach News 18
    Court reporter प्रीत विहार, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    9 hrs ago
  • कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बेंगलुरु में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हाईकमान ने उन्हें इस्तीफा देने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने आज इस्तीफा दे दिया। उनके अनुसार, अब अगले मुख्यमंत्री को अवसर मिलना चाहिए। इस दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी उनके साथ मौजूद थे। सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के सेक्रेटरी को अपना इस्तीफा सौंपा, क्योंकि गहलोत पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर हैं। नियमों के मुताबिक, राज्यपाल की अनुपस्थिति में भी मुख्यमंत्री राजभवन के अधिकारियों को लिखित इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसे राज्यपाल बाद में स्वीकार करते हैं। जब तक इस्तीफा मंजूर नहीं होता, निवर्तमान मुख्यमंत्री ही पद पर बने रहते हैं। इस्तीफा देने से पहले, सिद्धारमैया ने गुरुवार सुबह अपने आवास पर मंत्रियों के साथ एक नाश्ते की बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने अपने फैसले से सभी मंत्रियों को अवगत कराया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद सिद्धारमैया ने उन्हें गले लगा लिया। कर्नाटक सरकार में मंत्री एचके पाटिल ने पुष्टि की कि बैठक में डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगी और वह अगले मुख्यमंत्री होंगे। इस राजनीतिक फेरबदल के बाद कर्नाटक में तीन प्रमुख संभावनाएं जताई जा रही हैं। पहली, डीके शिवकुमार को शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद कांग्रेस उनके नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। दूसरी, जिस तरह बिहार में NDA ने पूर्व सीएम नीतीश के बेटे को नई सरकार में मंत्री बनाया था, उसी तरह सिद्धारमैया के बेटे को भी मंत्री पद मिल सकता है। तीसरी, मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की आशंका है, जिसमें लगभग 15 से 20 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है और 35 मंत्रियों में से करीब 25 को हटाया जा सकता है। इसके साथ ही, दो उपमुख्यमंत्री भी संभव हैं, जिनमें एक पद किसी दलित चेहरे और दूसरा लिंगायत या ओबीसी नेता को मिल सकता है। कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री बदलने के पीछे तीन मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। पहली, मई 2023 में चुनाव जीतने के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिस पर राहुल गांधी ने रोटेशनल सीएम फॉर्मूला तय किया था। अब सरकार के तीन साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में डीके शिवकुमार पर दबाव चरम पर था। दूसरी, सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाला जैसे मामलों में घिर चुकी थी। तीसरी, पार्टी हाईकमान का मानना है कि समय रहते नेतृत्व बदलने से मंत्रियों के खिलाफ पैदा हो रही 'एंटी-इंकम्बेंसी' को खत्म किया जा सकता है।
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    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बेंगलुरु में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हाईकमान ने उन्हें इस्तीफा देने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने आज इस्तीफा दे दिया। उनके अनुसार, अब अगले मुख्यमंत्री को अवसर मिलना चाहिए। इस दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी उनके साथ मौजूद थे। सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के सेक्रेटरी को अपना इस्तीफा सौंपा, क्योंकि गहलोत पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर हैं। नियमों के मुताबिक, राज्यपाल की अनुपस्थिति में भी मुख्यमंत्री राजभवन के अधिकारियों को लिखित इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसे राज्यपाल बाद में स्वीकार करते हैं। जब तक इस्तीफा मंजूर नहीं होता, निवर्तमान मुख्यमंत्री ही पद पर बने रहते हैं।

इस्तीफा देने से पहले, सिद्धारमैया ने गुरुवार सुबह अपने आवास पर मंत्रियों के साथ एक नाश्ते की बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने अपने फैसले से सभी मंत्रियों को अवगत कराया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद सिद्धारमैया ने उन्हें गले लगा लिया। कर्नाटक सरकार में मंत्री एचके पाटिल ने पुष्टि की कि बैठक में डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगी और वह अगले मुख्यमंत्री होंगे।

इस राजनीतिक फेरबदल के बाद कर्नाटक में तीन प्रमुख संभावनाएं जताई जा रही हैं। पहली, डीके शिवकुमार को शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद कांग्रेस उनके नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। दूसरी, जिस तरह बिहार में NDA ने पूर्व सीएम नीतीश के बेटे को नई सरकार में मंत्री बनाया था, उसी तरह सिद्धारमैया के बेटे को भी मंत्री पद मिल सकता है। तीसरी, मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की आशंका है, जिसमें लगभग 15 से 20 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है और 35 मंत्रियों में से करीब 25 को हटाया जा सकता है। इसके साथ ही, दो उपमुख्यमंत्री भी संभव हैं, जिनमें एक पद किसी दलित चेहरे और दूसरा लिंगायत या ओबीसी नेता को मिल सकता है।

कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री बदलने के पीछे तीन मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। पहली, मई 2023 में चुनाव जीतने के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिस पर राहुल गांधी ने रोटेशनल सीएम फॉर्मूला तय किया था। अब सरकार के तीन साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में डीके शिवकुमार पर दबाव चरम पर था। दूसरी, सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाला जैसे मामलों में घिर चुकी थी। तीसरी, पार्टी हाईकमान का मानना है कि समय रहते नेतृत्व बदलने से मंत्रियों के खिलाफ पैदा हो रही 'एंटी-इंकम्बेंसी' को खत्म किया जा सकता है।
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Civil Lines, Central Delhi•
    10 hrs ago
  • लखनऊ की ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद देश में खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगी गईं। यह पूरा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसमें अमन-चैन की कामना की गई। इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। लखनऊ के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा पर विशेष नजर रखी गई। प्रशासन ने ड्रोन कैमरों के जरिए हर गतिविधि की निगरानी की। पुलिस के आलाधिकारी भारी फोर्स के साथ लगातार मुस्तैद रहे, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी नमाज के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलर्ट थीं।
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    लखनऊ की ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद देश में खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगी गईं। यह पूरा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसमें अमन-चैन की कामना की गई।

इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। लखनऊ के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा पर विशेष नजर रखी गई। प्रशासन ने ड्रोन कैमरों के जरिए हर गतिविधि की निगरानी की। पुलिस के आलाधिकारी भारी फोर्स के साथ लगातार मुस्तैद रहे, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी नमाज के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलर्ट थीं।
    user_Mamta singh Up beuro chief namo TV live
    Mamta singh Up beuro chief namo TV live
    पत्रकारिता एवं समस्या समाधान Civil Lines, Central Delhi•
    13 hrs ago
  • दिल्ली के सीलमपुर इलाके में ईद की नमाज़ के बाद एक अनोखा प्रवचन देखने को मिला, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद के अवसर पर 'गौ माता' को राष्ट्रीय पशु बनाने की अपील की। इन लोगों ने हाथ में बैनर लेकर मान्य प्रधानमंत्री से यह मांग उठाई, जिसके बाद सीलमपुर इलाके में बकरीद नमाज़ के बाद गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की यह आवाज़ प्रमुखता से उठाई गई।
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    दिल्ली के सीलमपुर इलाके में ईद की नमाज़ के बाद एक अनोखा प्रवचन देखने को मिला, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद के अवसर पर 'गौ माता' को राष्ट्रीय पशु बनाने की अपील की। इन लोगों ने हाथ में बैनर लेकर मान्य प्रधानमंत्री से यह मांग उठाई, जिसके बाद सीलमपुर इलाके में बकरीद नमाज़ के बाद गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की यह आवाज़ प्रमुखता से उठाई गई।
    user_ख़बर का सच
    ख़बर का सच
    पत्रकारिता सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
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