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दिल्ली के सीलमपुर इलाके में ईद की नमाज़ के बाद एक अनोखा प्रवचन देखने को मिला, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद के अवसर पर 'गौ माता' को राष्ट्रीय पशु बनाने की अपील की। इन लोगों ने हाथ में बैनर लेकर मान्य प्रधानमंत्री से यह मांग उठाई, जिसके बाद सीलमपुर इलाके में बकरीद नमाज़ के बाद गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की यह आवाज़ प्रमुखता से उठाई गई।
ख़बर का सच
दिल्ली के सीलमपुर इलाके में ईद की नमाज़ के बाद एक अनोखा प्रवचन देखने को मिला, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद के अवसर पर 'गौ माता' को राष्ट्रीय पशु बनाने की अपील की। इन लोगों ने हाथ में बैनर लेकर मान्य प्रधानमंत्री से यह मांग उठाई, जिसके बाद सीलमपुर इलाके में बकरीद नमाज़ के बाद गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की यह आवाज़ प्रमुखता से उठाई गई।
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- दिल्ली के सीलमपुर इलाके में ईद की नमाज़ के बाद एक अनोखा प्रवचन देखने को मिला, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद के अवसर पर 'गौ माता' को राष्ट्रीय पशु बनाने की अपील की। इन लोगों ने हाथ में बैनर लेकर मान्य प्रधानमंत्री से यह मांग उठाई, जिसके बाद सीलमपुर इलाके में बकरीद नमाज़ के बाद गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की यह आवाज़ प्रमुखता से उठाई गई।1
- जनाधिकार मोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष संजय केशरी, जो श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं, नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की सफाई करने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।1
- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बेंगलुरु में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हाईकमान ने उन्हें इस्तीफा देने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने आज इस्तीफा दे दिया। उनके अनुसार, अब अगले मुख्यमंत्री को अवसर मिलना चाहिए। इस दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी उनके साथ मौजूद थे। सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के सेक्रेटरी को अपना इस्तीफा सौंपा, क्योंकि गहलोत पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर हैं। नियमों के मुताबिक, राज्यपाल की अनुपस्थिति में भी मुख्यमंत्री राजभवन के अधिकारियों को लिखित इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसे राज्यपाल बाद में स्वीकार करते हैं। जब तक इस्तीफा मंजूर नहीं होता, निवर्तमान मुख्यमंत्री ही पद पर बने रहते हैं। इस्तीफा देने से पहले, सिद्धारमैया ने गुरुवार सुबह अपने आवास पर मंत्रियों के साथ एक नाश्ते की बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने अपने फैसले से सभी मंत्रियों को अवगत कराया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद सिद्धारमैया ने उन्हें गले लगा लिया। कर्नाटक सरकार में मंत्री एचके पाटिल ने पुष्टि की कि बैठक में डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगी और वह अगले मुख्यमंत्री होंगे। इस राजनीतिक फेरबदल के बाद कर्नाटक में तीन प्रमुख संभावनाएं जताई जा रही हैं। पहली, डीके शिवकुमार को शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद कांग्रेस उनके नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। दूसरी, जिस तरह बिहार में NDA ने पूर्व सीएम नीतीश के बेटे को नई सरकार में मंत्री बनाया था, उसी तरह सिद्धारमैया के बेटे को भी मंत्री पद मिल सकता है। तीसरी, मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की आशंका है, जिसमें लगभग 15 से 20 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है और 35 मंत्रियों में से करीब 25 को हटाया जा सकता है। इसके साथ ही, दो उपमुख्यमंत्री भी संभव हैं, जिनमें एक पद किसी दलित चेहरे और दूसरा लिंगायत या ओबीसी नेता को मिल सकता है। कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री बदलने के पीछे तीन मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। पहली, मई 2023 में चुनाव जीतने के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिस पर राहुल गांधी ने रोटेशनल सीएम फॉर्मूला तय किया था। अब सरकार के तीन साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में डीके शिवकुमार पर दबाव चरम पर था। दूसरी, सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाला जैसे मामलों में घिर चुकी थी। तीसरी, पार्टी हाईकमान का मानना है कि समय रहते नेतृत्व बदलने से मंत्रियों के खिलाफ पैदा हो रही 'एंटी-इंकम्बेंसी' को खत्म किया जा सकता है।1
- लखनऊ की ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद देश में खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगी गईं। यह पूरा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसमें अमन-चैन की कामना की गई। इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। लखनऊ के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा पर विशेष नजर रखी गई। प्रशासन ने ड्रोन कैमरों के जरिए हर गतिविधि की निगरानी की। पुलिस के आलाधिकारी भारी फोर्स के साथ लगातार मुस्तैद रहे, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी नमाज के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलर्ट थीं।2
- रात के समय एक यात्री को अपनी आरक्षित तीन बर्थों में से दो पर पहले से ही एक महिला और एक पुरुष सोते हुए मिले। जब यात्री ने अपनी बर्थ पर अधिकार जताया, तो उन दोनों ने भी अपना टिकट दिखाते हुए अधिकार का दावा किया, जिससे स्थिति थोड़ी भ्रमित हो गई क्योंकि उनका टिकट भी पहली नज़र में कन्फर्म लग रहा था। इसके बाद यात्री ने अपना PNR चेक किया, जो सही पाया गया। फिर उन दोनों यात्रियों का PNR नंबर सिस्टम में जांचा गया, लेकिन उनका टिकट प्रदर्शित ही नहीं हुआ। इस जाँच से स्पष्ट हुआ कि उनके टिकट में एडिटिंग या गलत तरीके से बदलाव किया गया था। यात्री ने उन्हें बताया कि यह टिकट गलत है और जिसने भी ऐसा टिकट दिया है, उसके खिलाफ उचित कार्यवाही होनी चाहिए। आखिरकार, बर्थ खाली करवाई गई और सही यात्री को उसका स्थान मिल सका।1
- बकरा ईद के त्योहार के मद्देनज़र उत्तर-पूर्वी दिल्ली पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जिसके चलते इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। पुलिस कर्मी लगातार पैदल गश्त कर रहे हैं और पूरे इलाके की निगरानी कर रहे हैं।1
- बकरा ईद के अवसर पर उत्तरी पूर्वी दिल्ली जिले के डीसीपी राहुल अलवाल ने देर रात क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान उनके साथ सीलमपुर थाने की टीम और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। डीसीपी अलवाल ने यह फ्लैग मार्च सीलमपुर थाने के क्षेत्र और उत्तरी पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में किया। फ्लैग मार्च के दौरान डीसीपी ने जनता से अपील की कि यदि उन्हें कुछ भी संदिग्ध नज़र आता है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्षेत्र की जनता को बकरा ईद की मुबारकबाद भी दी।1
- रोहतक पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुछ कुख्यात अपराधियों को वारदात करने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए हैं।1