बिल्थरारोड के पिपरौली बड़ागांव निवासी युवा समाजसेवी इंजीनियर विजय मौर्य ने लाखों रुपए की अपनी नौकरी छोड़कर ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने गांव के विकास के लिए कमर कस ली है और अपने इस कदम को गांव की बदहाली दूर करने का एक प्रयास बताया है। इंजीनियर विजय मौर्य का आरोप है कि अब तक गांव के जितने भी प्रधान बने, उन्होंने सर्वांगीण विकास के लोकलुभावन वादे कर जनता को केवल ठगने का काम किया है। उनके अनुसार, गांव में जो भी काम कराए गए हैं, वे सिर्फ कुछ लोगों को देखकर किए गए, जिसके चलते नालियां टूटी पड़ी हैं और बच्चों की शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे आज भी गरीब और असहाय लोग आवास योजना से वंचित हैं। गांव की सड़कें भी जर्जर हालत में हैं। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रधान द्वारा एक सड़क बनवाई जा रही है, लेकिन उसे भी अपने लोगों के घर तक बनवाकर अधूरा छोड़ दिया गया है। विजय मौर्य ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि पूरे गांव का होता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि यदि आने वाले समय में गांव की जनता का आशीर्वाद मिला, तो सरकार की आवास, सड़क, नाली निर्माण, विधवा-वृद्धा पेंशन और स्वच्छता जैसी सभी योजनाएं धरातल पर दिखाई देंगी। उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए भी सरकार की मूलभूत योजनाओं का भरपूर लाभ सुनिश्चित करने की बात कही। उनका लक्ष्य गांव का चौतरफा विकास कराकर समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है, और उनका मानना है कि जनता के आशीर्वाद से गांव की तस्वीर निश्चित रूप से बदलेगी।
बिल्थरारोड के पिपरौली बड़ागांव निवासी युवा समाजसेवी इंजीनियर विजय मौर्य ने लाखों रुपए की अपनी नौकरी छोड़कर ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने गांव के विकास के लिए कमर कस ली है और अपने इस कदम को गांव की बदहाली दूर करने का एक प्रयास बताया है। इंजीनियर विजय मौर्य का आरोप है कि अब तक गांव के जितने भी प्रधान बने, उन्होंने सर्वांगीण विकास के लोकलुभावन वादे कर जनता को केवल ठगने का काम किया है। उनके अनुसार, गांव में जो भी काम कराए गए हैं, वे सिर्फ कुछ लोगों को देखकर किए गए, जिसके चलते नालियां टूटी पड़ी हैं और बच्चों की शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे आज भी गरीब और असहाय लोग आवास योजना से वंचित हैं। गांव की सड़कें भी जर्जर हालत में हैं। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रधान द्वारा एक सड़क बनवाई जा रही है, लेकिन उसे भी अपने लोगों के घर तक बनवाकर अधूरा छोड़ दिया गया है। विजय मौर्य ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि पूरे गांव का होता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि यदि आने वाले समय में गांव की जनता का आशीर्वाद मिला, तो सरकार की आवास, सड़क, नाली निर्माण, विधवा-वृद्धा पेंशन और स्वच्छता जैसी सभी योजनाएं धरातल पर दिखाई देंगी। उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए भी सरकार की मूलभूत योजनाओं का भरपूर लाभ सुनिश्चित करने की बात कही। उनका लक्ष्य गांव का चौतरफा विकास कराकर समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है, और उनका मानना है कि जनता के आशीर्वाद से गांव की तस्वीर निश्चित रूप से बदलेगी।
- बिल्थरारोड के पिपरौली बड़ागांव निवासी युवा समाजसेवी इंजीनियर विजय मौर्य ने लाखों रुपए की अपनी नौकरी छोड़कर ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने गांव के विकास के लिए कमर कस ली है और अपने इस कदम को गांव की बदहाली दूर करने का एक प्रयास बताया है। इंजीनियर विजय मौर्य का आरोप है कि अब तक गांव के जितने भी प्रधान बने, उन्होंने सर्वांगीण विकास के लोकलुभावन वादे कर जनता को केवल ठगने का काम किया है। उनके अनुसार, गांव में जो भी काम कराए गए हैं, वे सिर्फ कुछ लोगों को देखकर किए गए, जिसके चलते नालियां टूटी पड़ी हैं और बच्चों की शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे आज भी गरीब और असहाय लोग आवास योजना से वंचित हैं। गांव की सड़कें भी जर्जर हालत में हैं। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रधान द्वारा एक सड़क बनवाई जा रही है, लेकिन उसे भी अपने लोगों के घर तक बनवाकर अधूरा छोड़ दिया गया है। विजय मौर्य ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि पूरे गांव का होता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि यदि आने वाले समय में गांव की जनता का आशीर्वाद मिला, तो सरकार की आवास, सड़क, नाली निर्माण, विधवा-वृद्धा पेंशन और स्वच्छता जैसी सभी योजनाएं धरातल पर दिखाई देंगी। उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए भी सरकार की मूलभूत योजनाओं का भरपूर लाभ सुनिश्चित करने की बात कही। उनका लक्ष्य गांव का चौतरफा विकास कराकर समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है, और उनका मानना है कि जनता के आशीर्वाद से गांव की तस्वीर निश्चित रूप से बदलेगी।1
- बलिया के रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आरओ प्लांट का काम शुरू कर दिया गया है। अधिशासी अभियंता ने बताया है कि यह प्लांट 24 घंटे के भीतर चालू हो जाएगा। अधिशासी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी।1
- मऊ सदर के विधायक अब्बास अंसारी को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक मऊ, अनूप कुमार ने एक महत्वपूर्ण बात कही है। यह बयान माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन न करने और उनके खिलाफ की जा रही कार्यवाही के संबंध में आया है।1
- देवरिया जनपद में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने शांति एवं कानून-व्यवस्था, सुरक्षा तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से संयुक्त रूप से पैदल गश्त किया। प्रशासनिक एवं पुलिस बल के साथ यह गश्त थाना कोतवाली क्षेत्र के सुभाष चौक, रेलवे चौकी सहित प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों और मुख्य मार्गों में की गई, जिसका लक्ष्य आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना था। गश्त के दौरान, अधिकारियों ने स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि जनपद पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सहायता के लिए हर समय प्रतिबद्ध है और किसी भी असामाजिक गतिविधि या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु अथवा गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्कता, अनुशासन एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित किया गया।2
- जनपद देवरिया की सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण राहगीरों को इन दिनों काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसी क्रम में, पुलिस लाइन स्थित सड़क पर दो सांड आपस में भिड़ गए, जिसके परिणामस्वरूप दूर तक लंबा जाम लग गया। इस घटना के चलते देवरिया की सड़क एक रणक्षेत्र जैसी बन गई, जिसने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी।1
- देवरिया जिले की श्रीरामपुर पुलिस ने वाहन चेकिंग अभियान के दौरान बांकुल मोड़ पर अवैध शराब की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी में छिपाकर रखी गई 98 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की। इस मामले में पुलिस ने बिहार राज्य के निवासी दो शराब तस्करों, अनवर अली और ध्रुव कुमार, को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।2
- देवरिया में चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति ने बैतालपुर चीनी मिल को पुनः चालू कराने और बैतालपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की अपनी मांगों को लेकर सरकार पर वादा खिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप समिति ने एक प्रेस वार्ता के दौरान लगाया, जहाँ इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्यवाही की माँग की गई। समिति के अध्यक्ष ब्रजेन्द्र मणि त्रिपाठी और संयोजक अवधेश मणि त्रिपाठी ने याद दिलाते हुए कहा कि देवरिया कभी "चीनी का कटोरा" कहलाता था, जहाँ कुल 14 चीनी मिलें संचालित होती थीं। उन्होंने बताया कि बैतालपुर चीनी मिल को आधुनिक रूप से चलाने के कई बार वादे किए गए, लेकिन आज तक यह मिल शुरू नहीं हो पाई है। संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेताओं द्वारा इस संबंध में कई बार आश्वासन दिए गए, फिर भी अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसके साथ ही, बैतालपुर रेलवे क्रॉसिंग पर आए दिन लगने वाले जाम और होने वाले हादसों का मुद्दा उठाते हुए समिति ने तत्काल रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की पुरज़ोर माँग की। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो एक बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।1
- बिल्थरारोड में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और कड़ी धूप को देखते हुए, समाजसेवी प्रशांत कुमार जायसवाल, जिन्हें 'मंटू' के नाम से भी जाना जाता है, ने नगर के लोहा पट्टी के सामने राहगीरों और आम लोगों के लिए निःशुल्क प्याऊ जल की व्यवस्था शुरू की है। यह पहल तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस प्याऊ स्थल पर राहगीरों, दुकानदारों और बाजार आने-जाने वाले लोगों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जहाँ दोपहर के समय बड़ी संख्या में लोग रुककर पानी पी रहे हैं और इस सामाजिक पहल की सराहना कर रहे हैं। प्रशांत कुमार जायसवाल 'मंटू' ने इस व्यवस्था के बारे में कहा कि भीषण गर्मी में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना मानव सेवा का कार्य है और इसका उद्देश्य गर्मी के इस मौसम में राहगीरों को राहत पहुंचाना है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यों से लोगों को गर्मी में काफी राहत मिलती है और समाज में सेवा भावना का महत्वपूर्ण संदेश जाता है।1