उत्तर-प्रदेश के बाराबंकी में आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद और पुलिस के बीच हुई जोरदार झड़प... गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी पुलिस ने रामनगर थाना क्षेत्र के पास रोक लिया, जिसके बाद वहां भारी हंगामा और पुलिस से तीखी झड़प हुई। यह पूरी घटना आज दिनांक 13 सितंबर 2026 की है जब गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल काफी तेज हो गई है, चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के काफिले के साथ गोंडा के लिए निकले थे। कानून-व्यवस्था और तनाव की स्थिति को देखते हुए बाराबंकी पुलिसने बहराइच-बाराबंकी हाईवे पर रामनगर क्षेत्र और शहाबपुर टोल प्लाजा के पास उनके काफिले को रोक दिया। रोके जाने पर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और नोक-झोंक हुई, इस दौरान उग्र समर्थकों द्वारा टोल प्लाजा का बैरियर तोड़े जाने की भी खबर सामने आ रही है ।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस चंद्रशेखर आजाद को रामनगर के सर्किट हाउस और बुढ़वल गेस्ट हाउस ले गई, जहां उन्हें कुछ समय के लिए रोक कर रखा गया, बाद में उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें वापस भेज दिया गया, चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना को राजनीतिक करार देते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
उत्तर-प्रदेश के बाराबंकी में आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद और पुलिस के बीच हुई जोरदार झड़प... गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी पुलिस ने रामनगर थाना क्षेत्र के पास रोक लिया, जिसके बाद वहां भारी हंगामा और पुलिस से तीखी झड़प हुई। यह पूरी घटना आज दिनांक 13 सितंबर 2026 की है जब गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल काफी तेज हो गई है, चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के काफिले के साथ गोंडा के लिए निकले थे। कानून-व्यवस्था और
तनाव की स्थिति को देखते हुए बाराबंकी पुलिसने बहराइच-बाराबंकी हाईवे पर रामनगर क्षेत्र और शहाबपुर टोल प्लाजा के पास उनके काफिले को रोक दिया। रोके जाने पर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और नोक-झोंक हुई, इस दौरान उग्र समर्थकों द्वारा टोल प्लाजा का बैरियर तोड़े जाने की भी खबर सामने आ रही है ।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस चंद्रशेखर आजाद को रामनगर के सर्किट हाउस और बुढ़वल गेस्ट हाउस ले गई, जहां उन्हें कुछ समय के लिए रोक कर रखा गया, बाद में उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें वापस भेज दिया गया, चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना को राजनीतिक करार देते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
- उत्तर-प्रदेश के बाराबंकी में आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद और पुलिस के बीच हुई जोरदार झड़प... गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी पुलिस ने रामनगर थाना क्षेत्र के पास रोक लिया, जिसके बाद वहां भारी हंगामा और पुलिस से तीखी झड़प हुई। यह पूरी घटना आज दिनांक 13 सितंबर 2026 की है जब गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल काफी तेज हो गई है, चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के काफिले के साथ गोंडा के लिए निकले थे। कानून-व्यवस्था और तनाव की स्थिति को देखते हुए बाराबंकी पुलिसने बहराइच-बाराबंकी हाईवे पर रामनगर क्षेत्र और शहाबपुर टोल प्लाजा के पास उनके काफिले को रोक दिया। रोके जाने पर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और नोक-झोंक हुई, इस दौरान उग्र समर्थकों द्वारा टोल प्लाजा का बैरियर तोड़े जाने की भी खबर सामने आ रही है ।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस चंद्रशेखर आजाद को रामनगर के सर्किट हाउस और बुढ़वल गेस्ट हाउस ले गई, जहां उन्हें कुछ समय के लिए रोक कर रखा गया, बाद में उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें वापस भेज दिया गया, चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना को राजनीतिक करार देते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।2
- तेज रफ्तार ट्रक, महिला और दो वर्षीय मासूम को रौंदा, दोनों की मौत, मचा कोहराम तेज रफ्तार ट्रक, महिला और दो वर्षीय मासूम को रौंदा, दोनों की मौत, मचा कोहराम नैनी ,प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब छह बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला और उसके दो वर्षीय मासूम बेटे की मौत हो गई। महूवारी स्थित सरस्वती हाईटेक सिटी के सामने पानी लेने जा रही महिला और उसके मासूम बेटे को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। मृतकों की पहचान माया देवी पत्नी परमचंदर उर्फ बचनू और उनके दो वर्षीय पुत्र खतरू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों सुबह पानी लेने के लिए जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार मृतक परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश के रीवा जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलोही कला पोस्ट हनुमना गांव का रहने वाला है। परिवार पिछले करीब चार वर्षों से सरस्वती हाईटेक सिटी के समीप झोपड़पट्टी में रहकर मजदूरी कर जीवन-यापन कर रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही औद्योगिक क्षेत्र पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना में शामिल ट्रक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।1
- सराय कला में लाखों की लागत से बना श्मशान घाट बदहाल, अब तक नहीं हुआ एक भी अंतिम संस्कार सराय कला में लाखों की लागत से बना श्मशान घाट बदहाल, अब तक नहीं हुआ एक भी अंतिम संस्कार मेजा, प्रयागराज। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए श्मशान घाटों की स्थिति कई जगहों पर चिंता का विषय बनी हुई है। मेजा क्षेत्र के सराय कला गांव स्थित शमशान कोठरी घाट इसका उदाहरण बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, लाखों रुपये की लागत से तैयार कराया गया यह श्मशान घाट आज बदहाल होकर जंगल और झाड़ियों से घिरता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन इसके बाद से यहां एक भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। उपयोग के अभाव में परिसर में घास-फूस और झाड़ियां उग आई हैं। देखरेख और साफ-सफाई न होने के कारण श्मशान घाट धीरे-धीरे खंडहरनुमा स्थिति में पहुंचता जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सरकार द्वारा जनसुविधा के लिए खर्च की गई बड़ी धनराशि के बावजूद यदि श्मशान घाट का इस्तेमाल ही नहीं हो पा रहा है तो इसके निर्माण के उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने बताया कि अंतिम संस्कार के समय लोगों को आज भी अन्य स्थानों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से श्मशान घाट की स्थिति का निरीक्षण कराकर साफ-सफाई, मरम्मत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी धन से बनाया गया यह स्थल उपयोग में नहीं आ रहा है तो इसके कारणों की जांच होनी चाहिए और इसे ग्रामीणों के लिए उपयोगी बनाया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर लाखों रुपये की लागत से बना यह श्मशान घाट इसी तरह झाड़ियों और वीरानी के बीच उपेक्षित पड़ा रहता है।1
- Post by Raju Yadav1
- तिल्खवार गांव में सड़क की हालत इतनी खराब है कि सड़क और गड्ढों में फर्क करना मुश्किल हो गया है प्रयागराज। तिल्खवार गांव में सड़क की हालत बेहद खराब होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी हुई सतह के कारण यह पहचानना भी मुश्किल हो गया है कि आखिर सड़क है कहां। बारिश के बाद स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों में काफी गुस्सा है। उनका कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि और नेता वोट मांगने गांव तक पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी समस्याओं की सुध लेने वाला कोई नहीं रहता। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। तिल्खवार गांव के लोगों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक और मजबूती से पहुंचाएंगे।1
- *राजसी वैभव के साथ भक्तों को सजीव दर्शन देने निकले श्रीकृष्ण- बलदाऊ* शंखनाद के साथ हुआ दल का शुभारंभ, रंग बिरंगी रोशनी से नहाया सुलेम सरांय* प्रयागराज। सुलेम सरांय का प्राचीन दधिकांदो मेला अपनी पूरी दिव्यता और भव्यता के साथ सैकड़ो वर्ष पुरानी धार्मिक परपंरा का निर्वहन करते हुए रविवार को रात्रि आठ बजे सुलेम सरांय स्थिति ठाकुर द्वारा मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण-बलदाऊ के पूजा-आरती के साथ मेले का शुभारंभ हुआ। सैकड़ों वर्ष पुराने प्राचीन दधिकांदो मेले में भगवान श्रीकृष्ण-बलदाऊ की विधि-विधान से पूजा अर्चना व आरती मुख्य अतिथि बाघमबंरी मठ के महंत बलवीर गिरी जी महाराज व विशिष्ट अतिथि सांसद प्रवीण पटेल, एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, पूर्व सांसद केशरी देवी, पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता और डॉ. सुशील कुमार सिन्हा,पूर्व सांसद शैलेंद्र कुमार ,पूर्व सत्यवीर मुन्ना द्वारा किया गया। भगवान की पूजा आरती के पश्चात् राजसी वैभव के साथ प्रतीकात्मक हाथी पर चांदी के हौदे पर सवार होकर श्रीकृष्ण-बलदाऊ दल-बल के साथ श्रध्दालुओं को अपने सजीव दर्शन देने निकले। दल में आगे-आगे ध्वजा-पताका, डीजे बैंड, गणेश, हनुमान, विष्णु, दुर्गा और शंकर जी की शोभायात्रा, 40 सदस्यों की धमाल पार्टी और ब्रास बैंड दल में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। साथ ही ढोल-नगाड़ों के साथ 25 से अधिक रोशनी कमेटियां आधुनिक लाइटिंग से मेले को रोशन करेंगी। कृष्ण लीलाओं और सामाजिक संदेश पर आधारित एक दर्जन से अधिक चौकियां रात भर पूरे मेला क्षेत्र में अपनी झांकियों का प्रदर्शन करते रही। मेला अध्यक्ष पियूष केसरवानी की अगुवाई में दल सुलेम सरांय ठाकुर द्वारा से उठकर सुलेम सरांय,जयन्तीपुर,प्रीतमनगर,धूमनगंज,पीएसी स्थिति माई जी कुटिया में पूजा अर्चना के कर मीरापट्टी, ट्रासंपोर्ट नगर, मुण्डेरा चुंगी से वापिस ठाकुर द्वारा पहुंच कर समाप्त हुआ। पूरा मेला क्षेत्र चौफटका से लेकर बेगम बजार तक आधुनिक रंग बिरंगी रोशनियां पूरी रात अपनी अनूखी छठा बिखेरती रही, जगह-जगह लोग अनरसा, सोहन पापडी, चाट, फास्ट फूड के जायकों के साथ ही बच्चे देर रात तक झूलों का आनंद लेते रहे, चौराहे पर लाइउस्पीकर काम्पटीशन होते रहे, दधिकांदो मेले में भारी भीड़ उमड़ी पड़ी, श्रध्दालु भगवान की एक झलक पाने को लालाइत रहे। पूरी रात लोगों ने मेले जमकर आनंद लिया। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे बड़ी संख्या पुलिस, पीएसी, आरएफ, सिविल पुलिस के जवान पूरे मेला तैनात रहे। दल की अगुवाई मेला प्रमुख नरेन्द्र खेड़ा, विरेन्द्र केसरवानी, धर्मचंद जायसवाल, महामंत्री मुकेश साहू, कोषाध्यक्ष अंकुर रस्तोगी, प्रभारी सुभाष केसरवानी, संयोजक पीयूष जयसवाल, प्रवक्ता हिमांशु निक्की गुप्ता, समेत मेला कमेटी के पदाधिकारी व गणमान्य जन उपस्थित रहे। शगुन1
- *शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक का मरीजों से तीन से चार हजार रुपए के लेनदेन को लेकर वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय : भाग तीन ?*1
- *दिनांक 12.09.2026 को थाना कर्नलगंज क्षेत्रांतर्गत सलोरी के दधिकांदो मेला में कुछ अराजक/शरारती तत्वों द्वारा आपस में विवाद करके शांति एवं कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया है। थाना कर्नलगंज पुलिस द्वारा उक्त अराजक तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की गई है।*1