साइबर जागृति अभियान के तहत 85 लोगों को किया गया जागरूक साइबर जागृति अभियान के तहत 85 लोगों को किया गया जागरूक फरसगांव :- साइबर अपराधों से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर जागृति अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) फरसगांव एवं थाना फरसगांव के सामने तथा नगर क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव के डॉक्टरों, नर्सों, अस्पताल स्टाफ तथा अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में लोगों ने सेल्फी स्टैंड पर फोटो खिंचवाए, QR कोड स्कैन कर सेल्फी ली तथा साइबर जागरूकता का संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं एक्स (ट्विटर) पर साझा किया। साथ ही जागरूक हुए लोगों की जानकारी निर्धारित प्रोफॉर्मा के अनुसार रजिस्टर में दर्ज की गई। अभियान के दौरान कुल 85 लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करना रहा।
साइबर जागृति अभियान के तहत 85 लोगों को किया गया जागरूक साइबर जागृति अभियान के तहत 85 लोगों को किया गया जागरूक फरसगांव :- साइबर अपराधों से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर जागृति अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) फरसगांव एवं थाना फरसगांव के सामने तथा नगर क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव के डॉक्टरों, नर्सों, अस्पताल स्टाफ तथा अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में लोगों ने सेल्फी स्टैंड पर फोटो खिंचवाए, QR कोड स्कैन कर सेल्फी ली तथा साइबर जागरूकता का संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं एक्स (ट्विटर) पर साझा किया। साथ ही जागरूक हुए लोगों की जानकारी निर्धारित प्रोफॉर्मा के अनुसार रजिस्टर में दर्ज की गई। अभियान के दौरान कुल 85 लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करना रहा।
- ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों को दिया गया प्राथमिक उपचार एवं साइबर जागरूकता का प्रशिक्षण ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों को दिया गया प्राथमिक उपचार एवं साइबर जागरूकता का प्रशिक्षण कोंडागांव :- पुलिस अधीक्षक कोंडागांव पंकज चंद्रा के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के निर्देशन तथा उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल सिद्धार्थ बघेल एवं यातायात प्रभारी रक्षित निरीक्षक मुकेश जोशी के नेतृत्व में 20 अगस्त 2026 को पुलिस लाइन कोंडागांव में ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद, साइबर अपराधों से बचाव एवं शासन की सहायता योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्राथमिक उपचार का दिया प्रशिक्षण जिला चिकित्सालय के मेडिकल ऑफिसर डॉ. कृष्ण कुमार सिंह द्वारा सड़क दुर्घटना के समय घायलों को दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार, CPR, घाव पर पट्टी बांधने तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान प्राथमिक उपचार का डेमो भी प्रस्तुत किया गया। साइबर अपराधों से बचाव के बताए उपाय उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल सिद्धार्थ बघेल ने साइबर जागरूकता अभियान के तहत फर्जी लिंक, UPI फ्रॉड, OTP ठगी एवं सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग करने की जानकारी दी। शासकीय योजनाओं की दी जानकारी NIC विभाग से श्रीमती त्रिदर्शी ने उपस्थित सदस्यों को PM राहत योजना एवं राहवीर योजना के संबंध में जानकारी दी। साथ ही सड़क दुर्घटना की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। इस अवसर पर ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों को दुर्घटना के समय घायलों की तत्काल सहायता करने तथा आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने की अपील की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित सहायता के माध्यम से जीवन बचाना, आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना रहा। साथ ही साइबर जागृति अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध मुक्त बनाने का संदेश दिया गया।2
- बड़ेराजपुर: विश्रामपुरी में अखिल भारतीय हल्बा समाज की बैठक, ब्लॉक स्तरीय युवा प्रभाग का हुआ गठन विश्रामपुरी के गोंडवाना भवन में सर्व अखिल भारतीय हल्बा समाज 18 गढ़, 32 गढ़ एवं 36 गढ़ की बैठक आयोजित हुई। मां दंतेश्वरी माई की पूजा-अर्चना के बाद आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में युवा, युवतियां और महिलाएं शामिल हुए। इस दौरान ब्लॉक स्तरीय युवा प्रभाग का गठन कर युवाओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। સમાજ के वरिष्ठजनों ने युवाओं से शिक्षा, संस्कार, एकता और सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।1
- *✰संत रामपाल जी महाराज के अन्नपुर्णा मुहिम के तहत हो रहा आवास निर्माण✰* अवश्य देखिए पूरी वीडियो *AnnaPurna Muhim* YouTube Channel पर *✰संत रामपाल जी महाराज के अन्नपुर्णा मुहिम के तहत हो रहा आवास निर्माण✰* अवश्य देखिए पूरी वीडियो *AnnaPurna Muhim* YouTube Channel पर1
- जगदलपुर साइबर जागृति अभियान इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति बस्तर पुलिस ने किया जागरूक जगदलपुर साइबर जागृति अभियान इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति बस्तर पुलिस ने किया जागरूक1
- कॉप ऑफ द मंथ सम्मान से सम्मानित हुए जिले के 6 पुलिसकर्मी 20 अगस्त शाम साढ़े 5 बजे पुलिस से मिली जानकारी अनुसार,कांकेर जिले में अपराध नियंत्रण, विवेचना, आरोपियों की गिरफ्तारी और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों को जून दो हजार छब्बीस के “कॉप ऑफ द मंथ” सम्मान से सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने सम्मानित पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, ऐसे उत्कृष्ट कार्य पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सम्मानित होने वालों में एएसआई कलावती थापा (भानुप्रतापपुर), एएसआई राजकुमार सिन्हा (बांदे), एएसआई कन्हैया लाल मरकाम (अंतागढ़), आरक्षक तिरीथ दिवाकर (साइबर सेल), टोमन साहू (भानुप्रतापपुर) और आरक्षक जितेंद्र नाग (साइबर सेल) शामिल हैं। उन्होंने महिला अपराध, धोखाधड़ी, आबकारी, साइबर क्राइम, चैन स्नेचिंग एवं हत्या के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और विवेचना में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। एसपी श्री राखेचा ने कहा कि कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता, टीमवर्क और तकनीकी दक्षता के साथ कार्य करने से जिले में प्रभावी एवं परिणाममुखी पुलिसिंग को बढ़ावा मिलता है।1
- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने बाढ़ बचाव परिदृश्य पर मॉक अभ्यास सम्पन्न,बड़ा रघुनाथनगर जलाशय में हुआ मॉक ड्रिल विभागों के समन्वय से राहत-बचाव, रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का किया गया प्रदर्शन,बाढ़ प्रबंधन में प्रशासन और विभागों का समन्वय से दिखा सजीव अनुभव बलरामपुर। प्राकृतिक आपदाओं तथा बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसी कड़ी में जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत बड़ा रघुनाथनगर जलाशय में बाढ़ नियंत्रण एवं विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त मॉक अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल में जनपद पंचायत वाड्रफनगर की अध्यक्ष शशि सिंह पोर्ते ,जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पवन जायसवाल,जनपद सदस्य अन्य , जनप्रतिनिधिगण, अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी, अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर श्री नीर निधि नंदेहा, रामानुजगंज श्री आनंद राम नेताम, तहसीलदार, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित स्कूली विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। अभ्यास के दौरान बाढ़ की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें अचानक भारी वर्षा के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ने और आसपास के गांवों में पानी भरने की स्थिति प्रदर्शित की गई। इसके बाद मुनादी के माध्यम से आसपास के नागरिकों को सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की जानकारी दी गई। स्थिति के अनुरूप रेस्क्यू दल नाव और लाइफ जैकेट के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचा तथा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। रेस्क्यू किए गए लोगों को बारी-बारी से अस्थायी राहत शिविर में पहुंचाया गया। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस एवं मेडिकल टीम ने घायलों को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस तक पहुंचाने और प्राथमिक उपचार प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के दौरान अस्थायी राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविर, जांच एवं उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, गंभीर मरीजों को रेफर करने जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बताया गया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान की गई राहत एवं बचाव गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान बताया गया कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा कभी भी अचानक उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में जन-जीवन की सुरक्षा के लिए सभी विभागों का पहले से तैयार रहना और वह आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करना आवश्यक है। मॉक अभ्यास के माध्यम से जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों और राहत-बचाव क्षमता की सजीव झलक प्रस्तुत की गई।3
- साइबर जागृति अभियान के तहत 85 लोगों को किया गया जागरूक साइबर जागृति अभियान के तहत 85 लोगों को किया गया जागरूक फरसगांव :- साइबर अपराधों से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर जागृति अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) फरसगांव एवं थाना फरसगांव के सामने तथा नगर क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसगांव के डॉक्टरों, नर्सों, अस्पताल स्टाफ तथा अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में लोगों ने सेल्फी स्टैंड पर फोटो खिंचवाए, QR कोड स्कैन कर सेल्फी ली तथा साइबर जागरूकता का संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं एक्स (ट्विटर) पर साझा किया। साथ ही जागरूक हुए लोगों की जानकारी निर्धारित प्रोफॉर्मा के अनुसार रजिस्टर में दर्ज की गई। अभियान के दौरान कुल 85 लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करना रहा।1
- कुआकोंडा में हत्या के प्रयास के दो आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम बड़ेबेड़मा में पुराने लेन-देन के विवाद में जोगा मंडावी पर चाकू से गले पर हमला किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दोनों आरोपियों की पहचान कर ली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पाण्डु सोरी और भूमा मंडावी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में कुआकोंडा थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2