लंबे समय से कोंच रेलवे स्टेशन के रेल यात्री कोंच-एट शटल ट्रेन के फेरों में वृद्धि की मांग कर रहे थे, जिसका मुख्य उद्देश्य एट रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली प्रमुख ट्रेनों के साथ शटल का बेहतर समन्वय स्थापित करना और यात्रियों को सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना था। इस महत्वपूर्ण मांग को पूरा करने के लिए रेलवे स्टेशन सलाहकार समिति के सदस्य सुनील लोहिया लगातार प्रयासरत थे। सुनील लोहिया ने झांसी रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्य उदय सोनी के सहयोग से मंडल रेल प्रबंधक झांसी अनिरुद्ध कुमार से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए शटल के फेरों में वृद्धि की मांग की गई थी। यात्रियों की आवश्यकताओं को देखते हुए, मंडल रेल प्रबंधक ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है, जिससे अब कोंच-एट शटल ट्रेन 29 जून 2026 से बढ़े हुए फेरों के साथ संचालित होगी। नई समय-सारिणी के अनुसार, शटल के कुल फेरे बढ़कर पाँच हो जाएंगे। सुबह 6:35 बजे कोंच से रवाना होकर, यह शटल 7:05 बजे एट पहुंचेगी, जहां से यात्री लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11109) से सीधा संपर्क प्राप्त कर सकेंगे। इसी तरह, दोपहर 2:00 बजे कोंच से चलने वाली शटल एट पहुंचकर ग्वालियर-बरौनी मेल (ट्रेन संख्या 11123/11124) से भी जुड़ेगी। रेलवे के इस निर्णय से कोंच और आसपास के क्षेत्रों के हजारों रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह नई व्यवस्था यात्रियों को ट्रेनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और उनके समय की भी बचत होगी। इस उपलब्धि पर, यात्रियों ने रेलवे प्रशासन, मंडल रेल प्रबंधक, साथ ही सुनील लोहिया और उदय सोनी के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
लंबे समय से कोंच रेलवे स्टेशन के रेल यात्री कोंच-एट शटल ट्रेन के फेरों में वृद्धि की मांग कर रहे थे, जिसका मुख्य उद्देश्य एट रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली प्रमुख ट्रेनों के साथ शटल का बेहतर समन्वय स्थापित करना और यात्रियों को सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना था। इस महत्वपूर्ण मांग को पूरा करने के लिए रेलवे स्टेशन सलाहकार समिति के सदस्य सुनील लोहिया लगातार प्रयासरत थे। सुनील लोहिया ने झांसी रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्य उदय सोनी के सहयोग से मंडल रेल प्रबंधक झांसी अनिरुद्ध कुमार से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए शटल के फेरों में वृद्धि की मांग की गई थी। यात्रियों की आवश्यकताओं को देखते हुए, मंडल रेल प्रबंधक ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है, जिससे अब कोंच-एट शटल ट्रेन 29 जून 2026 से बढ़े हुए फेरों के साथ संचालित होगी। नई समय-सारिणी के अनुसार, शटल के कुल फेरे बढ़कर पाँच हो जाएंगे। सुबह 6:35 बजे कोंच से रवाना होकर, यह शटल 7:05 बजे एट पहुंचेगी, जहां से यात्री लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11109) से सीधा संपर्क प्राप्त कर सकेंगे। इसी तरह, दोपहर 2:00 बजे कोंच से चलने वाली शटल एट पहुंचकर ग्वालियर-बरौनी मेल (ट्रेन संख्या 11123/11124) से भी जुड़ेगी। रेलवे के इस निर्णय से कोंच और आसपास के क्षेत्रों के हजारों रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह नई व्यवस्था यात्रियों को ट्रेनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और उनके समय की भी बचत होगी। इस उपलब्धि पर, यात्रियों ने रेलवे प्रशासन, मंडल रेल प्रबंधक, साथ ही सुनील लोहिया और उदय सोनी के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
- जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के बरोदा कला गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ नींद से जागने के बाद कमरे में रखे लोहे के कूलर को छूने से एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची अनन्या पाठक को जोरदार करंट लग गया। औरैया निवासी अनन्या अपनी बीमार नानी को देखने के लिए मामा के घर बरोदा कला आई हुई थी। करंट लगने के बाद परिजन आनन-फानन में बच्ची को सीएचसी कोंच ले गए, जहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस दुखद घटना से परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है।2
- जालौन जिले की जालौन कोतवाली में आज अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी की अध्यक्षता में सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 14 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।1
- शासन की मंशा एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए, शनिवार को जालौन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कपिल कुमार गुप्ता ने बताया कि यह मॉक ड्रिल शासन की मंशा और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेशों के अनुरूप आयोजित की गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान, कर्मचारियों को आग लगने पर तत्काल सूचना देने, मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, अग्निशमन यंत्रों का सही ढंग से उपयोग करने और आपातकालीन परिस्थितियों में संयम तथा सतर्कता बनाए रखने के संबंध में गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु, डॉ. प्रियम यादव सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही, फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, सचिन गुप्ता, लोकेन्द्र पाल एवं जितेंद्र राठौर ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। सुरक्षा व्यवस्था में सिक्योरिटी कर्मी अवधेश, दीपक और परशुराम भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर, चिकित्सा अधीक्षक ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे नियमित रूप से सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में घबराए बिना निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही कार्य करें।1
- जनपद जालौन के कस्बा कोटरा में मोहर्रम के अवसर पर भव्य ताजिये निकाले गए। पूरे भारत में अपनी असाधारण लंबाई के लिए प्रसिद्ध ये ताजिए नगर के ही ख्याति प्राप्त कारीगरों द्वारा तैयार किए जाते हैं, जिनकी लंबाई 60 से 65 फुट तक होती है। नगर में छोटे-बड़े सभी ताजियों को मिलाकर कुल लगभग एक दर्जन ताजिए निकाले गए, जिनमें से 8 से 10 छोटे ताजिए नगर के प्रमुख रास्तों से होते हुए कर्बला की ओर ले जाए गए। विशेष रूप से, कोटरा के नारेघाट और मियां पुरा नामक दो वार्डों में एक-एक ताजिया बनाया जाता है, जो अपनी असाधारण लंबाई के कारण पूरे भारत में विख्यात हैं। इन विशालकाय ताजियों को कर्बला तक ले जाने के लिए लगभग 150 लोगों की टीम लगाई जाती है, जो इन्हें ढलान भरे कच्चे और दुर्गम रास्तों से होकर कर्बला तक पहुंचाती है। इस अद्वितीय आयोजन को देखने के लिए मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली और कानपुर जैसे महानगरों से भी बड़ी संख्या में लोग कोटरा पहुंचते हैं, और कर्बला में ताजिया देखने वालों की भारी भीड़ मौजूद रही। ताजिया के इस जुलूस के दौरान, कोटरा नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था की गई, वहीं सुरक्षा की दृष्टि से कोटरा थाना प्रभारी विमलेश कुमार अपने पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।1
- जालौन के गोहन थाना क्षेत्र में, गोहन थाना पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की एक संयुक्त टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान दो अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी बकरी चोरी की घटना को अंजाम देने में शामिल थे। इस पूरे प्रकरण के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा एक बाइट जारी कर जानकारी दी गई है।1
- जालौन जिले की कोंच तहसील क्षेत्र के बरोदा कला गाँव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक पाँच वर्षीय मासूम बच्ची की कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से दुखद मृत्यु हो गई। मृतक बच्ची की पहचान अनन्या पाठक (5 वर्ष) पुत्री कुलदीप पाठक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जिला औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र स्थित नगला पाठक गाँव की निवासी थी। जानकारी के अनुसार, अनन्या अपनी नानी की तबीयत खराब होने के कारण बरोदा कला स्थित अपने मामा के घर आई हुई थी। बताया गया कि घटना के समय नानी कमरे में अस्वस्थ होने के कारण आराम कर रही थीं। इसी बीच, अनन्या की नींद खुली और वह कमरे में खेलते-खेलते वहाँ रखे लोहे के कूलर के पास पहुँच गई। जैसे ही उसने कूलर को हाथ लगाया, वह उसमें उतरे करंट की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से झुलस गई। करंट लगने से बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई। परिजन तुरंत उसकी ओर दौड़े और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस असामयिक और दर्दनाक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गाँव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।1