जालौन जिले की कोंच तहसील क्षेत्र के बरोदा कला गाँव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक पाँच वर्षीय मासूम बच्ची की कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से दुखद मृत्यु हो गई। मृतक बच्ची की पहचान अनन्या पाठक (5 वर्ष) पुत्री कुलदीप पाठक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जिला औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र स्थित नगला पाठक गाँव की निवासी थी। जानकारी के अनुसार, अनन्या अपनी नानी की तबीयत खराब होने के कारण बरोदा कला स्थित अपने मामा के घर आई हुई थी। बताया गया कि घटना के समय नानी कमरे में अस्वस्थ होने के कारण आराम कर रही थीं। इसी बीच, अनन्या की नींद खुली और वह कमरे में खेलते-खेलते वहाँ रखे लोहे के कूलर के पास पहुँच गई। जैसे ही उसने कूलर को हाथ लगाया, वह उसमें उतरे करंट की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से झुलस गई। करंट लगने से बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई। परिजन तुरंत उसकी ओर दौड़े और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस असामयिक और दर्दनाक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गाँव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
जालौन जिले की कोंच तहसील क्षेत्र के बरोदा कला गाँव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक पाँच वर्षीय मासूम बच्ची की कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से दुखद मृत्यु हो गई। मृतक बच्ची की पहचान अनन्या पाठक (5 वर्ष) पुत्री कुलदीप पाठक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जिला औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र स्थित नगला पाठक गाँव की निवासी थी। जानकारी के अनुसार, अनन्या अपनी नानी की तबीयत खराब होने के कारण बरोदा कला स्थित अपने मामा के घर आई हुई थी। बताया गया कि घटना के समय नानी कमरे में अस्वस्थ होने के कारण आराम कर रही थीं। इसी बीच, अनन्या की नींद खुली और वह कमरे में खेलते-खेलते वहाँ रखे लोहे के कूलर के पास पहुँच गई। जैसे ही उसने कूलर को हाथ लगाया, वह उसमें उतरे करंट की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से झुलस गई। करंट लगने से बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई। परिजन तुरंत उसकी ओर दौड़े और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस असामयिक और दर्दनाक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गाँव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
- जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नाहिली में ग्राम प्रधान ने वर्षों से जमी गंदगी को हटाकर तालाब को साफ करवाया। यह पहल कुठौंद थाना क्षेत्र के गाँव में की गई, जिससे तालाब में जमा सालों की गंदगी दूर हो गई है।1
- जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामचबूतरा में एक घर के अंदर दर्जनों जुआरी जुए का फड़ सजाकर जुआ खेलते हुए दिखाई दिए हैं। वीडियो में ये जुआरी हजारों रुपये की हार-जीत की बाजी लगाते नजर आ रहे हैं, और जुआ खेलने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।2
- दीक्षा रावत ने अपनी पैतृक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपनिबंधक कार्यालय में एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है। यह शिकायत उन्होंने अपने पति के खिलाफ दर्ज कराई है, जिसमें आरोप है कि उनके पति द्वारा पैतृक संपत्ति की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया जा रहा है। रावत का कहना है कि यदि यह रजिस्ट्री होती है, तो इससे उनके और परिवार के अन्य सदस्यों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने उपनिबंधक से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक संबंधित संपत्ति की रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। दीक्षा रावत ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो पैतृक संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। उपनिबंधक कार्यालय ने इस शिकायत को प्राप्त कर लिया है और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस मामले में दूसरे पक्ष, यानी दीक्षा रावत के पति का बयान अभी तक नहीं आया है।1
- कानपुर नगर जनपद में 28 जून को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के कुल 5,12,184 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर "दो बूंद जिंदगी की" अवश्य पिलाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत भले ही पोलियो मुक्त देश है, लेकिन इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि "एक भी बच्चा छूटा, पल्स पोलियो का सुरक्षा चक्र टूटा"। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी बच्चे को इस अभियान से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभियान के क्रियान्वयन संबंधी विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में कुल 2,069 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 29 जून से स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगे। इस वृहद कार्य के लिए 8,561 घर-घर टीमें, 672 ट्रांजिट टीमें और 350 मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। कुल मिलाकर, 9,585 टीमें तथा 12,642 स्वास्थ्यकर्मी एवं सहयोगी कर्मचारी इस अभियान में लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों तथा घुमंतू एवं प्रवासी परिवारों के बच्चों तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी और विशेष टीमों की तैनाती भी की गई है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो रोधी खुराक से वंचित न रह जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से शुरू हुई जागरूकता रैली पीएसी चौराहा होते हुए वापस कार्यालय परिसर पहुँची। इस रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ, जेएसआई, नेहरू युवा केंद्र संगठन, महिला एवं बाल विकास विभाग, आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं तथा नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर लोगों को पल्स पोलियो अभियान के महत्व के बारे में जागरूक किया।1
- जालौन जिले की जालौन कोतवाली में आज अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी की अध्यक्षता में सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 14 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।1
- शासन की मंशा एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए, शनिवार को जालौन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कपिल कुमार गुप्ता ने बताया कि यह मॉक ड्रिल शासन की मंशा और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेशों के अनुरूप आयोजित की गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान, कर्मचारियों को आग लगने पर तत्काल सूचना देने, मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, अग्निशमन यंत्रों का सही ढंग से उपयोग करने और आपातकालीन परिस्थितियों में संयम तथा सतर्कता बनाए रखने के संबंध में गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु, डॉ. प्रियम यादव सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही, फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, सचिन गुप्ता, लोकेन्द्र पाल एवं जितेंद्र राठौर ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। सुरक्षा व्यवस्था में सिक्योरिटी कर्मी अवधेश, दीपक और परशुराम भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर, चिकित्सा अधीक्षक ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे नियमित रूप से सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में घबराए बिना निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही कार्य करें।1
- जालौन जिले की कोंच तहसील क्षेत्र के बरोदा कला गाँव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक पाँच वर्षीय मासूम बच्ची की कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से दुखद मृत्यु हो गई। मृतक बच्ची की पहचान अनन्या पाठक (5 वर्ष) पुत्री कुलदीप पाठक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जिला औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र स्थित नगला पाठक गाँव की निवासी थी। जानकारी के अनुसार, अनन्या अपनी नानी की तबीयत खराब होने के कारण बरोदा कला स्थित अपने मामा के घर आई हुई थी। बताया गया कि घटना के समय नानी कमरे में अस्वस्थ होने के कारण आराम कर रही थीं। इसी बीच, अनन्या की नींद खुली और वह कमरे में खेलते-खेलते वहाँ रखे लोहे के कूलर के पास पहुँच गई। जैसे ही उसने कूलर को हाथ लगाया, वह उसमें उतरे करंट की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से झुलस गई। करंट लगने से बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई। परिजन तुरंत उसकी ओर दौड़े और उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस असामयिक और दर्दनाक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गाँव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।1