शासन की मंशा एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए, शनिवार को जालौन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कपिल कुमार गुप्ता ने बताया कि यह मॉक ड्रिल शासन की मंशा और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेशों के अनुरूप आयोजित की गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान, कर्मचारियों को आग लगने पर तत्काल सूचना देने, मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, अग्निशमन यंत्रों का सही ढंग से उपयोग करने और आपातकालीन परिस्थितियों में संयम तथा सतर्कता बनाए रखने के संबंध में गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु, डॉ. प्रियम यादव सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही, फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, सचिन गुप्ता, लोकेन्द्र पाल एवं जितेंद्र राठौर ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। सुरक्षा व्यवस्था में सिक्योरिटी कर्मी अवधेश, दीपक और परशुराम भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर, चिकित्सा अधीक्षक ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे नियमित रूप से सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में घबराए बिना निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही कार्य करें।
शासन की मंशा एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए, शनिवार को जालौन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कपिल कुमार गुप्ता ने बताया कि यह मॉक ड्रिल शासन की मंशा और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेशों के अनुरूप आयोजित की गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान, कर्मचारियों को आग लगने पर तत्काल सूचना देने, मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, अग्निशमन यंत्रों का सही ढंग से उपयोग करने और आपातकालीन परिस्थितियों में संयम तथा सतर्कता बनाए रखने के संबंध में गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु, डॉ. प्रियम यादव सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही, फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, सचिन गुप्ता, लोकेन्द्र पाल एवं जितेंद्र राठौर ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। सुरक्षा व्यवस्था में सिक्योरिटी कर्मी अवधेश, दीपक और परशुराम भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर, चिकित्सा अधीक्षक ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे नियमित रूप से सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में घबराए बिना निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही कार्य करें।
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो महाअभियान के तहत 28 जून को आयोजित होने वाले पोलियो बूथ दिवस की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को जालौन के उरई स्थित जिला पुरुष चिकित्सालय से एक भव्य जन जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस विभागों के साथ-साथ नगर क्षेत्र की आंगनबाड़ी व आशा कार्यकत्रियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, मेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में आमजन ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। जिला पुरुष चिकित्सालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यह रैली वापस चिकित्सालय परिसर में संपन्न हुई। पूरे रास्ते प्रतिभागियों ने "दो बूंद जिंदगी की" और "पोलियो मुक्त भारत" जैसे नारों के जरिए लोगों को अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाने का संदेश दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने जोर देकर कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा केवल दो बूंद दवा से संभव है और उन्होंने सभी नागरिकों से अपने बच्चों के साथ-साथ आसपास के बच्चों को भी पोलियो बूथ तक लाने का आह्वान किया। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने 'पोलियो मुक्त भारत' के संकल्प को दोहराते हुए इसे स्वस्थ भविष्य के लिए प्रत्येक बच्चे तक खुराक पहुँचाने का सामूहिक दायित्व बताया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने 28 जून को 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निकटतम पोलियो बूथ पर दवा पिलाने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि एक भी बच्चा छूटने पर अभियान की सफलता प्रभावित हो सकती है, इसलिए हर अभिभावक अपनी जिम्मेदारी निभाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिनंदन प्रसाद और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में अभियान के लिए व्यापक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसके तहत 1188 पोलियो बूथों और 590 टीमों के माध्यम से 2,16,833 लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से भी अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग की अपील की।1
- जालौन के कालपी में मोहर्रम का पर्व गहरे गम, अकीदत और धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। आशूरा के अवसर पर शुक्रवार सुबह अकीदतमंदों ने मस्जिदों में नमाज अदा की। इसके बाद शाम होते ही नगर के विभिन्न इमाम चौकों से ताजियों का भव्य जुलूस निकला। हजारों लोग मातमी धुनों और नौहाख्वानी के बीच ताजियों के साथ प्राचीन कर्बला मैदान पहुंचे। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार, कालपी नगर के 11 ताजियों को पूरे सम्मान और अकीदत के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। कर्बला परिसर में जगह-जगह लंगर और शर्बत का प्रबंध किया गया, जिसे अकीदतमंदों और आम लोगों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया। स्थानीय सामाजिक संगठनों और युवाओं ने भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा; पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रहे, जिसके चलते सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुए। पूरे शहर में मातम, नौहाख्वानी और 'या हुसैन' की सदाओं से माहौल गमगीन बना रहा।4
- जालौन के गोहन थाना क्षेत्र में, गोहन थाना पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की एक संयुक्त टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान दो अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी बकरी चोरी की घटना को अंजाम देने में शामिल थे। इस पूरे प्रकरण के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा एक बाइट जारी कर जानकारी दी गई है।1
- जनपद जालौन में आधी रात को एक बार फिर पुलिस और अपराधियों के बीच गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी, जब थाना गोहन पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम जालौन की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता मिली। वादी को घायल कर बकरी चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले दो शातिर अभियुक्तों को मुखबिर की सूचना पर पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। यह मुठभेड़ रसूलपुर से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग पर चेकिंग के दौरान हुई। पुलिस कार्रवाई में एक शातिर अभियुक्त को गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि दूसरे अभियुक्त को पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी करके पकड़ा गया। मौके से एक अवैध असलाह जिसमें कारतूस फंसा हुआ था, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक ब्लेडनुमा चाकू बरामद किया गया है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक जालौन, ईशान सोनी द्वारा बाइट के माध्यम से जानकारी दी गई।1
- जालौन जिले में एक अहम घटनाक्रम के तहत, जिलाधिकारी (DM) ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जालौन रिंकू सिंह राही से संबंधित एक खबर के बाद की गई है।1
- जनपद जालौन के अजीतापुर गांव में मोहर्रम के अवसर पर एक भव्य ताजिया निकाला गया, जो आसपास के गांवों और कस्बों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे का अनूठा माहौल देखने को मिला। ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से शांतिपूर्ण ढंग से गुजरा, जिसकी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी लगातार मुस्तैद रहे। मोहर्रम के इस पवित्र अवसर पर, स्थानीय लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए सत्य, न्याय और इंसानियत के उनके संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। अजीतापुर का यह ऐतिहासिक और भव्य ताजिया हर वर्ष की तरह इस बार भी लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा।1
- जालौन जनपद के कालपी नगर स्थित व्यस्ततम मुख्य बाजार में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला से सोने की चेन छीनने की वारदात सामने आई। इस घटना के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए। जानकारी के अनुसार, सरस्वती विद्या मंदिर में कार्यरत लिपिक अर्जुन प्रसाद मौर्य की पत्नी शाम के समय पैदल सब्जी खरीदने बाजार जा रही थीं। जैसे ही वे मुख्य बाजार क्षेत्र में पहुंचीं, बाइक सवार एक अज्ञात युवक ने अचानक उनके गले से सोने की चेन झपट ली और तेजी से टरननगंज की ओर फरार हो गया। घटना इतनी अचानक हुई कि महिला को संभलने का मौका भी नहीं मिला। बाजार में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने आरोपी का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन बाइक सवार युवक भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस कुछ देर बाद मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पीड़िता व आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है, साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की तैयारी कर रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। पीड़ित दंपति ने बताया कि वारदात अचानक हुई और आरोपी बहुत तेजी से भाग निकला। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने की कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।2
- जालौन के उरई स्थित जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब अस्पताल परिसर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन का तार टूटकर सीधे 108 एंबुलेंस कंट्रोल रूम की केबिन पर जा गिरा। इस घटना के कारण परिसर में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया। दरअसल, हाईटेंशन लाइन में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद तेज धमाके के साथ तार टूटकर एंबुलेंस कंट्रोल रूम पर गिर पड़ा। तार गिरने से कंट्रोल रूम में आग लग गई, जिससे अस्पताल में मौजूद मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि पूरे अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए डर का माहौल बन गया। हालांकि, अस्पताल स्टाफ ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए फायर सेफ्टी सिलेंडर की मदद से आग पर काबू पा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने में जुट गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल, आग लगने और हाईटेंशन लाइन टूटने के कारणों की जांच की जा रही है।1