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जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नाहिली में ग्राम प्रधान ने वर्षों से जमी गंदगी को हटाकर तालाब को साफ करवाया। यह पहल कुठौंद थाना क्षेत्र के गाँव में की गई, जिससे तालाब में जमा सालों की गंदगी दूर हो गई है।
Komesh kumar
जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नाहिली में ग्राम प्रधान ने वर्षों से जमी गंदगी को हटाकर तालाब को साफ करवाया। यह पहल कुठौंद थाना क्षेत्र के गाँव में की गई, जिससे तालाब में जमा सालों की गंदगी दूर हो गई है।
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- जालौन जिले के डकोर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बंधौली गांव में ट्यूबवेल की केबल काटते हुए दो कथित चोरों को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इन युवकों ने ग्रामीणों को अपने नाम शिवम और आनंद बताए, और खुद को उरई निवासी बताया। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। दरअसल, बंधौली गांव में पिछले कई दिनों से ट्यूबवेल की केबल चोरी की घटनाओं से किसान काफी परेशान थे, जिसके चलते ग्रामीण सतर्क थे। पुलिस फिलहाल पकड़े गए दोनों युवकों से गहन पूछताछ कर रही है, और यह जांच की जा रही है कि उनका पहले हुई केबल चोरियों से कोई संबंध है या नहीं। आरोपों की जांच अभी जारी है।1
- जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नाहिली में ग्राम प्रधान ने वर्षों से जमी गंदगी को हटाकर तालाब को साफ करवाया। यह पहल कुठौंद थाना क्षेत्र के गाँव में की गई, जिससे तालाब में जमा सालों की गंदगी दूर हो गई है।1
- जालौन जिले की जालौन कोतवाली में आज अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी की अध्यक्षता में सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 14 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से दो शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।1
- शासन की मंशा एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए, शनिवार को जालौन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कपिल कुमार गुप्ता ने बताया कि यह मॉक ड्रिल शासन की मंशा और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेशों के अनुरूप आयोजित की गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी के लिए अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान, कर्मचारियों को आग लगने पर तत्काल सूचना देने, मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, अग्निशमन यंत्रों का सही ढंग से उपयोग करने और आपातकालीन परिस्थितियों में संयम तथा सतर्कता बनाए रखने के संबंध में गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. योगेश आर्य, राजीव दुबे, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रियांशु, डॉ. प्रियम यादव सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही, फार्मासिस्ट पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत, अरविंद राठौर, हाशिम, राहुल, एल.टी. राज नारायण वर्मा, सचिन गुप्ता, लोकेन्द्र पाल एवं जितेंद्र राठौर ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की। सुरक्षा व्यवस्था में सिक्योरिटी कर्मी अवधेश, दीपक और परशुराम भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर, चिकित्सा अधीक्षक ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे नियमित रूप से सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में घबराए बिना निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही कार्य करें।1
- शुक्रवार देर रात जालौन के उरई स्थित गोहन थाना क्षेत्र में एसओजी, सर्विलांस टीम और गोहन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान बदमाशों के साथ मुठभेड़ हो गई। पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले एक बदमाश आशिफ के पैर में जवाबी कार्रवाई के दौरान गोली लग गई, जबकि उसके साथी उदल को पुलिस ने पीछा कर दबोच लिया। डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की, जिसके बाद बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में की गई पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आशिफ घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। आशिफ का साथी उदल मौके से भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे पुलिस टीम ने पीछा कर गिरफ्तार कर लिया। एएसपी के अनुसार, घायल आरोपी आशिफ पूर्व में गो-तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। कुछ दिन पहले उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर गोहन थाना क्षेत्र में एक पशुपालक के साथ मारपीट की थी और उसकी तीन बकरियां वाहन से चोरी कर ली थीं। जांच में इस घटना में आशिफ और उदल दोनों की संलिप्तता सामने आई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, और उनके दो अन्य साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी रिंकू चौधरी, गोहन थाना प्रभारी सतीश कुमार कुशवाहा और उनकी टीम शामिल रही।2
- जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामचबूतरा में एक घर के अंदर दर्जनों जुआरी जुए का फड़ सजाकर जुआ खेलते हुए दिखाई दिए हैं। वीडियो में ये जुआरी हजारों रुपये की हार-जीत की बाजी लगाते नजर आ रहे हैं, और जुआ खेलने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।2
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद से बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक पत्रकार और एक सप्लाई इंस्पेक्टर के बीच तीखी बहस और नोकझोंक दिखाई दे रही है। विवाद का मुख्य कारण 'दलाल' शब्द को लेकर बताया जा रहा है। वीडियो में मौके पर मौजूद एक एसडीएम भी नजर आ रहे हैं, जिनकी उपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, खबर जारी करने वाले चैनल ने इस वायरल वीडियो की सत्यता, स्थान, समय या उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। यह जानकारी केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के आधार पर दी गई है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले संबंधित प्रशासनिक जांच या आधिकारिक बयान का इंतजार करने की सलाह दी गई है।1
- जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में 10वीं मोहर्रम अशूरा के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे धार्मिक अनुशासन, अकीदत और गमगीन माहौल के बीच शांतिपूर्वक निकाला गया। यह जुलूस सुबह करीब 10 बजे बजरिया स्थित इमामबाड़े से शुरू हुआ और निर्धारित मार्गों से होते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरा, अंततः इमामबाड़े में ही संपन्न हुआ। जुलूस में सैकड़ों अकीदतमंद शामिल हुए, वहीं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मार्गों पर मौजूद रहकर जुलूस का नज़ारा देखते रहे। जुलूस के दौरान 'या हुसैन या अब्बास' और अन्य मातमी सदाओं से पूरा इलाका गूंज उठा। नौहाख्वानी और सीना ज़नी के माध्यम से कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया गया। अकीदतमंदों ने गम और अकीदत का इजहार करते हुए मातम किया और इमाम हुसैन की कुर्बानी को इंसानियत, न्याय और सच्चाई की राह में दी गई सबसे बड़ी मिसाल बताया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, कई अकीदतमंदों ने ज़ंजीरों और ब्लेड से स्वयं को घायल कर शोक व्यक्त किया, जिससे कई स्थानों पर सड़कों पर खून के निशान भी दिखाई दिए। इस जुलूस में युवाओं के साथ कुछ बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक रस्मों में हिस्सा लेते हुए दिखाई दिए, पूरे मार्ग पर गम, अकीदत और अनुशासन का माहौल बना रहा। मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जुलूस के पूरे रूट पर पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य सुरक्षा कर्मी तैनात थे, वहीं संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों ने लगातार जुलूस की निगरानी की और यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखा। यह जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिसने शहर में आपसी सौहार्द, धार्मिक आस्था और अनुशासन की एक मिसाल पेश की।4