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सरकार शिक्षा के संबंध में बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति ठीक इसके विपरीत है, जहां सब कुछ 'गोल' यानी अव्यवस्थित है। 'डबल इंजन' सरकार के ये बड़े-बड़े दावे हकीकत में खोखले साबित हो रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।
शुभम तिवारी भरावन हरदोई
सरकार शिक्षा के संबंध में बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति ठीक इसके विपरीत है, जहां सब कुछ 'गोल' यानी अव्यवस्थित है। 'डबल इंजन' सरकार के ये बड़े-बड़े दावे हकीकत में खोखले साबित हो रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।
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- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की संडीला तहसील में निबंधन व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों की संयुक्त हड़ताल 15 जून से जारी है। इसी क्रम में मंगलवार, 23 जून को सभी ने एकजुट होकर विरोध स्वरूप एक तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा अधिवक्ता भवन संडीला से शुरू हुई और मुख्य चौराहे से होते हुए कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए इमलिया बाग चौराहे तक पहुंची। इमलिया बाग चौराहे पर सभी अधिवक्ताओं ने एक मानव श्रृंखला बनाई और सामूहिक रूप से "जन गण मन अधिनायक जय हे" का गायन किया, साथ ही "इंकलाब जिंदाबाद" के नारे लगाए। अधिवक्ता संघ संडीला के अध्यक्ष नसीम खान और मंत्री नागेंद्र मिश्रा ने संयुक्त रूप से इस तिरंगा यात्रा की अगुवाई की। उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं के हितों के खिलाफ जारी किए गए 2 अगस्त 2024 और 4 जून 2026 के शासनादेश जब तक वापस नहीं लिए जाते, तब तक यह आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये दोनों शासनादेश अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों के हितों के विरुद्ध हैं और सरकार को इन्हें हर हाल में वापस लेना होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संयुक्त हड़ताल 27 जून तक लगातार जारी रहेगी। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर मौजूद रहे, जिनमें राजेंद्र गुप्ता रानू, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद नवाब, मोहम्मद जहूर, मुईद अहमद, सत्रोहन वर्मा, बाबूलाल, हरिचंद मौर्य, राजेश कुमार आदित्य, सौरभ पांडे, अमित कुमार कश्यप, प्रमोद कुमार यादव, पवन कुमार तिवारी (राजन तिवारी), अशोक सिंह, कमलेश विश्वकर्मा, राकेश कुमार वर्मा, शिवेंद्र सिंह शिवाली, अमर सिंह यादव, नूर मोहम्मद सहित तहसील संडीला के सभी अधिवक्ता शामिल थे।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा संबंधी बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जमीनी स्तर पर उसकी योजनाएं अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही हैं। हरदोई जनपद के विकासखंड भरावन के कई विद्यालयों में सरकार द्वारा चलाई जा रही शिक्षा योजनाएं पूरी तरह से विफल हो गई हैं।1
- संवाददाता आशीष मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है। इसी बीच, मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि राज्य में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। विभाग के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों में, यानी लगभग 25 से 28 जून तक, मॉनसून राज्य के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के बिसवां कस्बे के आदित्य श्रीवास्तव का लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में दुखद निधन हो गया, जिससे उनके पैतृक आवास कैथी टोला पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। बेटे का शव घर आने पर परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के पिता आलोक श्रीवास्तव अपने बेटे का शव लेकर घर पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, रिश्तेदार, मित्रगण और प्रशासनिक अधिकारी आदित्य को अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहे, जिनकी आंखें नम थीं और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों और दोस्तों ने बताया कि आदित्य एक होनहार और मेहनती युवक था, जिसने 3D आर्टिस्ट का कोर्स पूरा कर लिया था और नौकरी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रहा था। उसके सपनों और संघर्षों की चर्चा करते हुए मित्र भावुक हो उठे। आदित्य की असमय मृत्यु ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, क्योंकि जिस बेटे से उन्होंने उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें संजो रखी थीं, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। अंतिम संस्कार की तैयारियों के बाद आदित्य का अंतिम संस्कार कर दिया गया और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने नम आंखों से उसे विदाई दी। इस दर्दनाक हादसे के बाद बिसवां क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है, जहां लोग पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।1
- अलीगंज अग्निकांड मामले में निलंबित किए गए फायर स्टेशन ऑफिसर (FSSO) कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है। सिंह ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है, जबकि मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के पास सारे अधिकार होते हैं। उन्होंने बताया कि NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) CFO द्वारा दिए जाते हैं और दमकल के मौके पर देर से पहुंचने के लिए भी CFO ही जिम्मेदार हैं। FSSO कमलेंद्र सिंह ने स्पष्ट रूप से CFO की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।1
- अलीगंज अग्निकांड मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। मामले की जांच जारी, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी। लखनऊ के बहुचर्चित अलीगंज अग्निकांड मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सोमवार को पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया गया। जेल भेजे गए आरोपियों में इमारत मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट क्लीनिक संचालक रामकृष्ण उपाध्याय, हेक्सा 3D एनीमेशन एवं हेड हूपर्स इंस्टीट्यूट संचालक तुशाक कृष्णा जायसवाल और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। हादसे में हुई जनहानि के बाद पुलिस और प्रशासन मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- सरकार शिक्षा के संबंध में बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति ठीक इसके विपरीत है, जहां सब कुछ 'गोल' यानी अव्यवस्थित है। 'डबल इंजन' सरकार के ये बड़े-बड़े दावे हकीकत में खोखले साबित हो रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।3
- हरदोई के संडीला स्थित मुरार नगर औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण आग लग गई, जिसके चलते एक चाय-समोसे की दुकान और एक किराना स्टोर पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। चाय-समोसे की दुकान के संचालक महेश गुप्ता और किराना व्यापारी कन्हैयालाल ने मिलकर इस आग में करीब 10 लाख रुपये के कुल नुकसान का अनुमान बताया है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।2