ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा
ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को 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की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी 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है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा
- ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को 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की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा1
- मिर्ज़ापुर में कोतवाली कटरा पुलिस ने अंतरराज्यीय खरवार गैंग का किया पर्दाफाश, आठ गिरफ्तार।1
- अहरौरा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 233 मरीजों को मिला स्वास्थ्य लाभ जनसेवा मिशन के तहत जोड़ों के दर्द, थायराइड, लिवर-किडनी सहित कई जांचें निःशुल्क अहरौरा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 233 मरीजों को मिला स्वास्थ्य लाभ जनसेवा मिशन के तहत जोड़ों के दर्द, थायराइड, लिवर-किडनी सहित कई जांचें निःशुल्क अहरौरा, मिर्जापुर। डॉ. एस. पी. पटेल, अध्यक्ष भूमि विकास बैंक लालगंज के नेतृत्व में रविवार को सब्जी मंडी के पास निर्मलवा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगा। दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चले शिविर में 233 मरीजों का निःशुल्क उपचार हुआ। शिविर में जोड़ों के दर्द, पेट, आंख और त्वचा रोगों के मरीज अधिक मिले। चिकित्सकों ने जांच कर परामर्श और ब्रांडेड दवाएं निःशुल्क दीं। शिविर की खास बात यह रही कि बुखार से लेकर थायराइड, लीवर फंक्शन, किडनी फंक्शन, लिपिड प्रोफाइल, शुगर और हार्ट से जुड़ी 800 से 1000 रुपये तक की महंगी जांचों के लिए ब्लड सैंपल लिए गए। रिपोर्ट 1 से 2 दिन में व्हाट्सएप पर भेजी जाएगी। मरीजों को डॉक्टर की 500 से 1000 रुपये फीस और जांच का खर्च बचाकर गांव-बाजार में ही इलाज मिला। टीम में डॉ. एम. बी. शर्मा, डॉ. शालिनी सिंह पटेल, डॉ. नवेंदु पटेल, डॉ. शालिनी सिंह और डॉ. रविन्द्र पाल रहे। पैरामेडिकल टीम में संजीव प्रजापति, शिवम मौर्य, मनीष मौर्य, दीपिका भारद्वाज, अर्चना, आंचल यादव और आंचल मौर्य का सहयोग रहा। आयोजन में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सोनकर का विशेष सहयोग रहा। डॉ. पटेल ने कहा, यह किसी सरकारी योजना से नहीं, दो वर्षों से चल रहा जनसेवा अभियान है। दवाएं ब्रांडेड हैं, पूरा उपयोग करें। जल्दबाजी न करें, यह जीवन का प्रश्न है। जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना ही उद्देश्य है। अगला शिविर अगले रविवार बाबा मंदिर पर 3 से 6 बजे लगेगा।1
- आखिर मिर्जापुर के विकास को लेकर उनकी क्या सोच है? छात्रों के हित में वे क्या काम कर रहे हैं और आगामी चुनाव को लेकर उनकी क्या राय है? आइए, जानते हैं इस खास बातचीत में। आज हमारी खास बातचीत है अधिवक्ता एवं युवा छात्र नेता आकाश सिंह से। गरीबों और असहायों की मदद से लेकर छात्र हितों की लड़ाई तक, आकाश सिंह ने समाजसेवा और युवाओं के मुद्दों पर अपनी बात रखी।1
- औराई के श्रीजी होटल में फिल्म ‘सत्तो’ का शुभारंभ, डी ब्लॉक अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने नारियल फोड़कर किया उद्घाटन छट्टी मईया के ऊपर ये फिल्म की शूटिंग होने वाला है औराई के श्रीजी होटल में फिल्म ‘सत्तो’ का शुभारंभ, डी ब्लॉक अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने नारियल फोड़कर किया उद्घाटन छट्टी मईया के ऊपर ये फिल्म की शूटिंग होने वाला है नीलिमा एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘सत्तो’ के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में बढ़ी उत्सुकता, स्थानीय स्तर पर फिल्म को लेकर चर्चा औराई, भदोही। जनपद भदोही के औराई क्षेत्र स्थित श्रीजी होटल में नीलिमा एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘सत्तो’ के शुभारंभ का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर डी ब्लॉक अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने नारियल फोड़कर फिल्म का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के माध्यम से फिल्म के शुभारंभ की औपचारिक शुरुआत हुई। फिल्म ‘सत्तो’ के उद्घाटन के अवसर पर क्षेत्र में इस फिल्म को लेकर चर्चा देखने को मिली। मनोरंजन जगत से जुड़े ऐसे आयोजन स्थानीय स्तर पर फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक गतिविधियों को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्रीजी होटल, औराई में आयोजित इस कार्यक्रम में नीलिमा एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘सत्तो’ के शुभारंभ को लेकर उत्साह का माहौल रहा। डी ब्लॉक अध्यक्ष मनोज मिश्रा द्वारा नारियल फोड़कर उद्घाटन किए जाने के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। फिल्म ‘सत्तो’ को लेकर आगे की गतिविधियों और फिल्म से जुड़ी अन्य जानकारियों पर लोगों की निगाहें रहेंगी। फिल्म के कलाकारों, निर्देशक तथा शूटिंग से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर खबर को और विस्तार दिया जा सकता है।4
- बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए संपूर्ण टीकाकरण जरूरी, सीएमओ कार्यालय में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए संपूर्ण टीकाकरण जरूरी, सीएमओ कार्यालय में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित मिर्जापुर। बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने और नियमित टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मिर्जापुर में एक विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यूनिसेफ (UNICEF) एवं मंडलीय चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सीएमओ कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने संपूर्ण टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को निर्धारित समय पर टीके लगवाना बेहद आवश्यक है। नियमित टीकाकरण से पोलियो, टीबी, खसरा सहित कई गंभीर बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है। वक्ताओं ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के टीकाकरण में लापरवाही न बरतें और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करें। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र की प्रभारी बीके बिंदु दीदी, बीके रूपाली, बीके नीति बहन और बीके वीरेंद्र सहित गायत्री परिवार तथा मुस्लिम समाज के मौलाना एवं अन्य सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। स्वास्थ्य क्षेत्र से मंडलीय स्वास्थ्य समन्वयक संतोष श्रीवास्तव, राहुल सिंह, कमलेश, तुलसी दास तिवारी, विष्णु मिश्रा, राजन सिंह, कोमल मौर्य और अर्चना मिश्रा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बच्चों के संपूर्ण टीकाकरण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और इस जनकल्याणकारी अभियान में सहयोग करने का संकल्प लिया। आयोजकों के अनुसार, यह पहल बच्चों को स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।4
- नित्यवार्ता डेस्क : मीरजापुर। थाना को0कटरा, एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा चोरी करने वाले अंतरराज्यीय खरवार गैंग का खुलासा, 08 अभियुक्त गिरफ्तार, अनुमानित कीमत करीब 65 लाख रूपये के चोरी के आभूषण (सफेद व पीली धातू) बरामद, पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम को 25000 रूपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।1
- मिर्ज़ापुर में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों पर जताया तीखा आक्रोश।1