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आखिरकार सच्चाई सामने आ गई है, जहाँ एक महिला ने स्वयं उस बयान को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने साफ किया कि वह राजीव तिवारी को पिछले 10 वर्षों से जानती हैं और दोनों का रिश्ता भाई-बहन जैसा है। महिला ने मीडिया में चल रही खबरों को गलत और भ्रामक बताते हुए इस मामले का सच सबके सामने रखा।
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आखिरकार सच्चाई सामने आ गई है, जहाँ एक महिला ने स्वयं उस बयान को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने साफ किया कि वह राजीव तिवारी को पिछले 10 वर्षों से जानती हैं और दोनों का रिश्ता भाई-बहन जैसा है। महिला ने मीडिया में चल रही खबरों को गलत और भ्रामक बताते हुए इस मामले का सच सबके सामने रखा।
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- आखिरकार सच्चाई सामने आ गई है, जहाँ एक महिला ने स्वयं उस बयान को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने साफ किया कि वह राजीव तिवारी को पिछले 10 वर्षों से जानती हैं और दोनों का रिश्ता भाई-बहन जैसा है। महिला ने मीडिया में चल रही खबरों को गलत और भ्रामक बताते हुए इस मामले का सच सबके सामने रखा।1
- रीवा जिले के भीटी गांव के ग्रामीण सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। अपनी इस परेशानी के समाधान के लिए उन्होंने अब कलेक्टर कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है।1
- डीके शिवाकुमार को कर्नाटक का नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। उनके मुख्यमंत्री बनने पर, लोगों ने उनका बड़े हर्ष और उत्साह के साथ स्वागत किया।1
- ग्राम मौदहा में ठेकेदारों की मनमानी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ठेकेदार ने किसान द्वारा अपने निजी खेत से पाइपलाइन डालने की अनुमति न दिए जाने पर, बीच सड़क को ही खोदकर पाइप डाल दिए। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। हद तो तब हो गई जब ठेकेदार ने खुलेआम यह कह दिया कि वह खुदाई के बाद केवल मिट्टी भर देगा और सड़क को पहले की तरह कंक्रीट से दुरुस्त नहीं करेगा। ठेकेदार के इस मनमाने रवैये के कारण आवागमन बुरी तरह बाधित हो रहा है और सड़क का नामोनिशान मिटने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। जनता अब सवाल पूछ रही है कि आखिर विकास के नाम पर सरकारी धन का ऐसा दुरुपयोग कब तक चलता रहेगा? स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेने और मनमानी करने वाले ऐसे ठेकेदारों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि भविष्य में कोई भी अपनी मनमर्जी से सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुँचा सके।1
- रीवा जिले में पंचायत सचिवों और सहायक सचिवों पर रीवा कलेक्टर, जिला पंचायत और जनपद पंचायत का दबाव बढ़ रहा है, जिससे वे काम करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। कलेक्टर महोदय का स्पष्ट कहना है कि सरकार की योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लाया जाए, जिसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। उनका आरोप है कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को मेहनत करना नहीं आता और वे चाहते हैं कि बिना मेहनत के ही उनकी सैलरी आती रहे। अब रीवा में ऐसा नहीं चलने वाला है, क्योंकि जो सरकारी कर्मचारी काम नहीं करेगा, रीवा कलेक्टर महोदय द्वारा उस पर कार्रवाई की जा रही है। इसी वजह से सरकारी कर्मचारी डरे और सहमे हुए हैं, और रीवा जिले में एक रोज़गार सहायक भी अपनी ड्यूटी से परेशान बताया जा रहा है।1
- खरीफ के सीजन की आधिकारिक शुरुआत होने से पहले ही खाद की कालाबाजारी का सिलसिला चालू हो गया है।1
- जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र में बादल फटने से भीषण तबाही का मंजर देखने को मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के कारण कुछ ही मिनटों में पानी के साथ हजारों टन मलबा नीचे आ गया, जिसने कई इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस घटना के चलते कई लोगों के मलबे में फंसे होने की संभावना जताई जा रही है।1