Shuru
Apke Nagar Ki App…
रीवा जिले में पंचायत सचिवों और सहायक सचिवों पर रीवा कलेक्टर, जिला पंचायत और जनपद पंचायत का दबाव बढ़ रहा है, जिससे वे काम करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। कलेक्टर महोदय का स्पष्ट कहना है कि सरकार की योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लाया जाए, जिसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। उनका आरोप है कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को मेहनत करना नहीं आता और वे चाहते हैं कि बिना मेहनत के ही उनकी सैलरी आती रहे। अब रीवा में ऐसा नहीं चलने वाला है, क्योंकि जो सरकारी कर्मचारी काम नहीं करेगा, रीवा कलेक्टर महोदय द्वारा उस पर कार्रवाई की जा रही है। इसी वजह से सरकारी कर्मचारी डरे और सहमे हुए हैं, और रीवा जिले में एक रोज़गार सहायक भी अपनी ड्यूटी से परेशान बताया जा रहा है।
स्थानीय संवाददाता: अमर पांडेय
रीवा जिले में पंचायत सचिवों और सहायक सचिवों पर रीवा कलेक्टर, जिला पंचायत और जनपद पंचायत का दबाव बढ़ रहा है, जिससे वे काम करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। कलेक्टर महोदय का स्पष्ट कहना है कि सरकार की योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लाया जाए, जिसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। उनका आरोप है कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को मेहनत करना नहीं आता और वे चाहते हैं कि बिना मेहनत के ही उनकी सैलरी आती रहे। अब रीवा में ऐसा नहीं चलने वाला है, क्योंकि जो सरकारी कर्मचारी काम नहीं करेगा, रीवा कलेक्टर महोदय द्वारा उस पर कार्रवाई की जा रही है। इसी वजह से सरकारी कर्मचारी डरे और सहमे हुए हैं, और रीवा जिले में एक रोज़गार सहायक भी अपनी ड्यूटी से परेशान बताया जा रहा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- रीवा जिले में पंचायत सचिवों और सहायक सचिवों पर रीवा कलेक्टर, जिला पंचायत और जनपद पंचायत का दबाव बढ़ रहा है, जिससे वे काम करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। कलेक्टर महोदय का स्पष्ट कहना है कि सरकार की योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लाया जाए, जिसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। उनका आरोप है कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को मेहनत करना नहीं आता और वे चाहते हैं कि बिना मेहनत के ही उनकी सैलरी आती रहे। अब रीवा में ऐसा नहीं चलने वाला है, क्योंकि जो सरकारी कर्मचारी काम नहीं करेगा, रीवा कलेक्टर महोदय द्वारा उस पर कार्रवाई की जा रही है। इसी वजह से सरकारी कर्मचारी डरे और सहमे हुए हैं, और रीवा जिले में एक रोज़गार सहायक भी अपनी ड्यूटी से परेशान बताया जा रहा है।1
- रीवा जिले में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने मंगलवार रात अचानक बैकुंठपुर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के विभिन्न कक्षों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति और कार्यप्रणाली का जायजा लिया। एसपी गुरुकरण सिंह ने बताया कि इन दौरों का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझना और पुलिसिंग को अधिक जनोपयोगी बनाना है। निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस अधिकारियों को सजगता से कार्य करने की हिदायत देते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इनमें क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के निर्देश शामिल थे। उन्होंने अवैध नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई करने को कहा। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रि गश्त बढ़ाने और संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग करने के भी निर्देश दिए गए। एसपी ने यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर हादसों को रोकने के प्रयास तेज करने पर भी जोर दिया। उन्होंने थाने की अधूरी बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य को गति देने तथा आम जनता से प्राप्त शिकायतों का समय सीमा के भीतर संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने का भी निर्देश दिया। इस महत्वपूर्ण भ्रमण के दौरान बैकुंठपुर थाना प्रभारी श्रृंग़ेश सिंह राजपूत ने एसपी को थाने के वर्तमान मामलों, स्टाफ की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।1
- मनीष पटेल से जुड़े मामले को लेकर लगातार कई सवाल उठ रहे हैं, खास तौर पर यह जानने के लिए कि क्या यह पूरा मामला केवल 2026 की एक नई एफआईआर से संबंधित है, या 2016 के कुछ पुराने प्रकरणों को भी इसमें शामिल कर कार्रवाई की जा रही है। एक वीडियो में इन सभी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालने का दावा किया गया है, जिसमें मनीष पटेल पर दर्ज बताए जा रहे 6 मामलों का पूरा सच समझाने की बात कही गई है। इस वीडियो में 2016 में दर्ज बताए जा रहे 5 पुराने मामलों की चर्चा है, जिनमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएँ 379 (चोरी), 392 (लूट) और 356 शामिल हैं। इसके अलावा, 2026 की एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 196(1)(A) और 353(2) लगाए जाने का भी उल्लेख किया गया है, और वीडियो में इन सभी कानूनी धाराओं का मतलब समझाया गया है। वीडियो में इस बात पर भी गौर किया गया है कि आखिर इतने सालों बाद इस कार्रवाई पर चर्चा क्यों हो रही है, और इस पूरे प्रकरण पर जनता तथा सोशल मीडिया की क्या राय है। इस विश्लेषण को सार्वजनिक रिपोर्टों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है, साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाता है। दर्शकों से अपनी राय कमेंट करके साझा करने और वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा दिनांक 03 और 04 जून को आयोजित की जा रही प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) परीक्षा के पहले दिन, चित्रकूट इंटर कॉलेज, चित्रकूट में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री डीपी पाल ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से किया गया था। निरीक्षण के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, नामित सेक्टर मजिस्ट्रेटों और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को कड़े निर्देश दिए, जिसमें स्पष्ट किया गया कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर कोई भी शिथिलता या शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को सकुशल, शांतिपूर्ण और शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने का निर्देश दिया। आज आयोजित परीक्षा के दोनों पालियों के आंकड़े बताते हैं कि प्रथम पाली में पंजीकृत 3,683 छात्र-छात्राओं में से 2,048 उपस्थित रहे, जबकि 1,635 अनुपस्थित थे। द्वितीय पाली में, 3,868 पंजीकृत छात्र-छात्राओं में से 2,144 उपस्थित हुए और 1,724 अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन की सतर्कता के परिणामस्वरूप, परीक्षा के प्रथम दिन अनुचित साधनों (नकल) का प्रयोग करते हुए दो परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। इनमें भंवरी कृषक इंटर कॉलेज केंद्र पर परीक्षार्थी विकास सिंह और चित्रकूट इंटर कॉलेज, चित्रकूट केंद्र पर परीक्षार्थी विवेक कुमार शामिल हैं। शुचिता भंग करने के प्रयास में इन दोनों परीक्षार्थियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- आखिरकार सच्चाई सामने आ गई है, जहाँ एक महिला ने स्वयं उस बयान को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने साफ किया कि वह राजीव तिवारी को पिछले 10 वर्षों से जानती हैं और दोनों का रिश्ता भाई-बहन जैसा है। महिला ने मीडिया में चल रही खबरों को गलत और भ्रामक बताते हुए इस मामले का सच सबके सामने रखा।1
- रीवा जिले के भीटी गांव के ग्रामीण सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। अपनी इस परेशानी के समाधान के लिए उन्होंने अब कलेक्टर कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है।1
- डीके शिवाकुमार को कर्नाटक का नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। उनके मुख्यमंत्री बनने पर, लोगों ने उनका बड़े हर्ष और उत्साह के साथ स्वागत किया।1
- जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र में बादल फटने से भीषण तबाही का मंजर देखने को मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के कारण कुछ ही मिनटों में पानी के साथ हजारों टन मलबा नीचे आ गया, जिसने कई इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस घटना के चलते कई लोगों के मलबे में फंसे होने की संभावना जताई जा रही है।1