कमई गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में रोष, समस्याओं के समाधान की उठी मांग जिला मथुरा तहसील गोवर्धन के ब्लॉक नंदगांव अंतर्गत ग्राम कमई में विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, इसके बावजूद समाधान की गति संतोषजनक नहीं है। गांववासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने को बाध्य होंगे। वहीं, गांव के लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ विकास योजनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग गांव की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे। कमई गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में रोष, समस्याओं के समाधान की उठी मांग जिला मथुरा तहसील गोवर्धन के ब्लॉक नंदगांव अंतर्गत ग्राम कमई में विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, इसके बावजूद समाधान की गति संतोषजनक नहीं है। गांववासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने को बाध्य होंगे। वहीं, गांव के लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ विकास योजनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग गांव की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे।
कमई गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में रोष, समस्याओं के समाधान की उठी मांग जिला मथुरा तहसील गोवर्धन के ब्लॉक नंदगांव अंतर्गत ग्राम कमई में विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, इसके बावजूद समाधान की गति संतोषजनक नहीं है। गांववासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने को बाध्य होंगे। वहीं, गांव के लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ विकास योजनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग गांव की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे। कमई गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में रोष, समस्याओं के समाधान की उठी मांग जिला मथुरा तहसील गोवर्धन के ब्लॉक नंदगांव अंतर्गत ग्राम कमई में विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, इसके बावजूद समाधान की गति संतोषजनक नहीं है। गांववासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने को बाध्य होंगे। वहीं, गांव के लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ विकास योजनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग गांव की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे।
- Rajuगोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेशbhai new sade noice jyda h3 hrs ago
- मथुरा के छाता से बड़ी खबर मथुरा। छाता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में रात 8 बजे के बाद डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों की अक्सर अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्टाफ की गैरमौजूदगी का वीडियो बनाने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (MOIC) देवेंद्र चौधरी ने एक पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी है। एक मरीज के साथ अस्पताल पहुंचे हरिकृष्ण ने बताया कि रात होते ही अस्पताल में कोई स्टाफ मौजूद नहीं रहता। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि MOIC देवेंद्र चौधरी छाता के निवासी होने के कारण अपनी मनमानी करते हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में खुलेआम रिश्वतखोरी का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार, मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए पैसे वसूले जाते हैं। रिश्वत देने पर ही 'सही' मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, अन्यथा सामान्य रिपोर्ट दी जाती है। शिकायतकर्ताओं में पवन, मन्नू, दिनेश और श्वेतांक शर्मा शामिल हैं। हरिकृष्ण ने यह भी आरोप लगाया कि लड़के के जन्म पर 2100 से 5100 रुपये और लड़की के जन्म पर 1100 रुपये वसूले जाते हैं। स्टाफ कथित तौर पर यह कहकर पैसे मांगता है कि निजी अस्पतालों में 20,000 रुपये लगते हैं, जबकि यहां कम पैसों में काम हो रहा है। इस संबंध में जब MOIC देवेंद्र चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई मामला है तो लिखित शिकायत दी जाए, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- कमई गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में रोष, समस्याओं के समाधान की उठी मांग जिला मथुरा तहसील गोवर्धन के ब्लॉक नंदगांव अंतर्गत ग्राम कमई में विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, इसके बावजूद समाधान की गति संतोषजनक नहीं है। गांववासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने को बाध्य होंगे। वहीं, गांव के लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ विकास योजनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग गांव की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे। कमई गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में रोष, समस्याओं के समाधान की उठी मांग जिला मथुरा तहसील गोवर्धन के ब्लॉक नंदगांव अंतर्गत ग्राम कमई में विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, इसके बावजूद समाधान की गति संतोषजनक नहीं है। गांववासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने को बाध्य होंगे। वहीं, गांव के लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ विकास योजनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग गांव की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे।1
- सेवा में, श्रीमान मुख्य विकास अधिकारी महोदय, जनपद – मथुरा, उत्तर प्रदेश। विषय: ग्राम कमई, तहसील गोवर्धन, जनपद मथुरा में गंभीर जनसमस्याओं, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों, आईजीआरएस शिकायतों के भ्रामक निस्तारण एवं निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने के संबंध में प्रार्थना-पत्र। महोदय, सविनय निवेदन है कि हम ग्राम कमई, तहसील गोवर्धन, विकास खंड नन्दगांव, जनपद मथुरा के निवासी हैं। ग्राम के श्मशान घाट पर टीन शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण विशेष रूप से वर्षा ऋतु में अंतिम संस्कार कराने में अत्यधिक कठिनाई होती है।ग्राम की आबादी लगभग 6,000–7,000 है, किन्तु आज भी ग्रामवासी अनेक मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रामवासियों द्वारा समय-समय पर संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के समक्ष लिखित एवं ऑनलाइन माध्यम (आईजीआरएस) से शिकायतें प्रस्तुत की गईं, परंतु अधिकांश मामलों में बिना प्रभावी समाधान के केवल कागजी कार्रवाई कर शिकायतों का निस्तारण दर्शा दिया गया। इससे ग्रामीणों में प्रशासनिक प्रक्रिया के प्रति असंतोष उत्पन्न हुआ है। आईजीआरएस शिकायत संख्या: 40014526020447, 40014526020010, 40014526019000, 40014526022291, 40014526017103, 40014526012912, 40014526010836, 40014526010818, 40014526014382, 40014525001533, 92614500017221। इन शिकायतों के निस्तारण में गंभीर विरोधाभास दिखाई देते हैं। उदाहरण के तौर पर, एक ओर रिपोर्ट में ग्राम में पेयजल संकट से इंकार किया गया, जबकि दूसरी ओर विभागीय स्तर पर चार स्थानों पर पानी की टंकियां स्थापित किए जाने का प्रस्ताव दर्शाया गया। इससे जांच एवं निस्तारण की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगता है। इसी प्रकार मार्ग निर्माण से संबंधित शिकायत संख्या 40014525006566, 40014525001536, 60000250172236 एवं 50000250172236 में विभिन्न विभागों द्वारा परस्पर विरोधी आख्या प्रस्तुत की गई है, जिसके कारण वर्षों से मार्ग निर्माण कार्य लंबित है। ग्राम की प्रमुख समस्याएं निम्नलिखित हैं: ग्राम में गंभीर पेयजल संकट है। उपलब्ध पानी की गुणवत्ता अत्यंत खराब बताई जाती है तथा लगभग 30,000+ TDS होने का उल्लेख किया गया है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय, सरकारी अस्पताल, आंगनवाड़ी केंद्र एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं के वितरण में अनियमितता एवं पक्षपात की शिकायतें हैं। साथ ही, समस्याएं उठाने वाले ग्रामीणों पर दबाव बनाने एवं भय का वातावरण उत्पन्न करने की भी शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। ग्राम के कई पोखरों की वर्षों से सफाई नहीं कराई गई है। कमई–डारौली मार्ग सहित अनेक रास्ते एवं खड़ंजे जर्जर अवस्था में हैं। कई परिवार 10–20 वर्षों से कच्चे चकमार्गों के सहारे आवागमन करने को विवश हैं। ग्राम समाज, गोचर भूमि, गो-बैठक भूमि एवं खेल मैदान हेतु सुरक्षित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें हैं। सरकारी विद्यालय के नाम दर्ज लगभग 12 बीघा भूमि का उपयोग विद्यालय एवं बच्चों के हित में सुनिश्चित किया जाए तथा वहां खेल मैदान एवं आवश्यक शैक्षिक सुविधाएं विकसित की जाएं। अतः श्रीमान से विनम्र निवेदन है कि— उपरोक्त सभी मामलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई हो तो उसकी जांच कर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। सरकारी भूमि, गोचर भूमि एवं खेल मैदान की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए। ग्राम की पेयजल, सड़क, श्मशान घाट एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। शिकायतकर्ताओं एवं ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि वे बिना किसी भय के अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख सकें। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके स्तर से निष्पक्ष जांच एवं प्रभावी कार्रवाई कराकर ग्राम कमई के ग्रामीणों को न्याय एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की कृपा की जाएगी। भवदीय, समस्त ग्रामवासीगण ग्राम – कमई तहसील – गोवर्धन विकास खंड – नन्दगांव जनपद – मथुरा (उ.प्र.) प्रार्थी विष्णु सिंह यदुवंशी मोबाइल: 9557130102 दिनांक: 01/08/20264
- पूंछरी के लोठा मुकूटमुखारविंदगोवर्धन पर्वत के नजदीक सरकारी शौचालय गंदगी का अम्बार अमर दीप सैनडीग जिले के धार्मिक स्थल पूंछरी के लौटा में आज एडवोकेट स्वेता यादव, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस डीग, के द्वारा गोवर्धन पर्वत तलहटी भगवान गिरराज महाराज जी के मंदिर से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित सरकारी शौचालय का निरीक्षण करने पर उनके द्वारा बताया गया कि पूंछरी में सरकारी शौचालय बना हुआ है जो कि गिरराज महाराज के मंदिर से केवल 50 मीटर की दूरी पर है। इस टॉयलेट में लेडीज-जेंट्स लैट्रिन गंदगी से भरी रहती है। बदबू इस कदर रहती है कि इसमें घुसना मुश्किल हो जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि यहाँ छोटे-छोटे टैंक बने हुए हैं जो कि 2-3 दिन में भर जाते हैं और इन टॉयलेट्स में हमेशा गंदगी और बदबू रहती है। जबकि देश-विदेश से लोग यहाँ दर्शन करने आते हैं। बीजेपी सरकार में प्रशासन का ध्यान इस टॉयलेट की सफाई की ओर नहीं जा रहा है, जिससे क्षेत्र की संस्कृति का गलत संदेश जा रहा है। जबकि राजस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री भी अभिषेक और दर्शन करने के लिए इसी मंदिर पर आते हैं, फिर भी इस धार्मिक स्थल पर प्रशासन एवं बीजेपी सरकार के नेताओं द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जब इस बीजेपी सरकार में धार्मिक स्थान पर ही सफाई नहीं करवाई जा रही है, तो आम जनता इस सरकार से क्या उम्मीद कर सकती है। जिला अध्यक्ष द्वारा चेतावनी देते हुए कहा गया कि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वह स्थानीय लोगों के साथ धार्मिक स्थल पर ही धरना प्रदर्शन करेंगी।3
- मोनू ई रिक्शा रिपेयरिंग की दुकान में लगी आग ,कई लाख का सामान जलकर खाक मामला गोवर्धन के सौंख के रोड स्थित बोहरे पेट्रोल पम्प के सामने राजू कुन्तल के घर में बनी दुकान में मोनू सैनी पुत्र श्याम लाल ई रिक्शा रिपेयरिंग की कई सालों से दुकान चला रहा है गत रात जिसमें रात्रि लगभग 11बजे के बाद अज्ञात कारणों से लगी आग में कई लाखों सामान जलकर खाक हो परिक्रमा जा रहे लोगो ने मकान मालिक राजू कुंतल को आवाज देकर बताया और राजू कुंतल ने तुरंत मोनू सैनी पुलिस , फायर ब्रिगेड को सूचना मौके पर पहुँची पुलिस और फायर ब्रिगेड की घंटे की मसक्कत के बाद आग पर काबू पाए गया1