मथुरा के छाता से बड़ी खबर मथुरा। छाता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में रात 8 बजे के बाद डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों की अक्सर अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्टाफ की गैरमौजूदगी का वीडियो बनाने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (MOIC) देवेंद्र चौधरी ने एक पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी है। एक मरीज के साथ अस्पताल पहुंचे हरिकृष्ण ने बताया कि रात होते ही अस्पताल में कोई स्टाफ मौजूद नहीं रहता। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि MOIC देवेंद्र चौधरी छाता के निवासी होने के कारण अपनी मनमानी करते हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में खुलेआम रिश्वतखोरी का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार, मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए पैसे वसूले जाते हैं। रिश्वत देने पर ही 'सही' मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, अन्यथा सामान्य रिपोर्ट दी जाती है। शिकायतकर्ताओं में पवन, मन्नू, दिनेश और श्वेतांक शर्मा शामिल हैं। हरिकृष्ण ने यह भी आरोप लगाया कि लड़के के जन्म पर 2100 से 5100 रुपये और लड़की के जन्म पर 1100 रुपये वसूले जाते हैं। स्टाफ कथित तौर पर यह कहकर पैसे मांगता है कि निजी अस्पतालों में 20,000 रुपये लगते हैं, जबकि यहां कम पैसों में काम हो रहा है। इस संबंध में जब MOIC देवेंद्र चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई मामला है तो लिखित शिकायत दी जाए, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा के छाता से बड़ी खबर मथुरा। छाता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में रात 8 बजे के बाद डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों की अक्सर अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्टाफ की गैरमौजूदगी का वीडियो बनाने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (MOIC) देवेंद्र चौधरी ने एक पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी है। एक मरीज के साथ अस्पताल पहुंचे हरिकृष्ण ने बताया कि रात होते ही अस्पताल में कोई स्टाफ मौजूद नहीं रहता। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि MOIC देवेंद्र चौधरी छाता के निवासी होने के कारण अपनी मनमानी करते हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में खुलेआम रिश्वतखोरी का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार, मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए पैसे वसूले जाते हैं। रिश्वत देने पर ही 'सही' मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, अन्यथा सामान्य रिपोर्ट दी जाती है। शिकायतकर्ताओं में पवन, मन्नू, दिनेश और श्वेतांक शर्मा शामिल हैं। हरिकृष्ण ने यह भी आरोप लगाया कि लड़के के जन्म पर 2100 से 5100 रुपये और लड़की के जन्म पर 1100 रुपये वसूले जाते हैं। स्टाफ कथित तौर पर यह कहकर पैसे मांगता है कि निजी अस्पतालों में 20,000 रुपये लगते हैं, जबकि यहां कम पैसों में काम हो रहा है। इस संबंध में जब MOIC देवेंद्र चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई मामला है तो लिखित शिकायत दी जाए, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- मथुरा के छाता से बड़ी खबर मथुरा। छाता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में रात 8 बजे के बाद डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों की अक्सर अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्टाफ की गैरमौजूदगी का वीडियो बनाने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (MOIC) देवेंद्र चौधरी ने एक पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी है। एक मरीज के साथ अस्पताल पहुंचे हरिकृष्ण ने बताया कि रात होते ही अस्पताल में कोई स्टाफ मौजूद नहीं रहता। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि MOIC देवेंद्र चौधरी छाता के निवासी होने के कारण अपनी मनमानी करते हैं। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में खुलेआम रिश्वतखोरी का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार, मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए पैसे वसूले जाते हैं। रिश्वत देने पर ही 'सही' मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, अन्यथा सामान्य रिपोर्ट दी जाती है। शिकायतकर्ताओं में पवन, मन्नू, दिनेश और श्वेतांक शर्मा शामिल हैं। हरिकृष्ण ने यह भी आरोप लगाया कि लड़के के जन्म पर 2100 से 5100 रुपये और लड़की के जन्म पर 1100 रुपये वसूले जाते हैं। स्टाफ कथित तौर पर यह कहकर पैसे मांगता है कि निजी अस्पतालों में 20,000 रुपये लगते हैं, जबकि यहां कम पैसों में काम हो रहा है। इस संबंध में जब MOIC देवेंद्र चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई मामला है तो लिखित शिकायत दी जाए, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- कमई गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में रोष, समस्याओं के समाधान की उठी मांग जिला मथुरा तहसील गोवर्धन के ब्लॉक नंदगांव अंतर्गत ग्राम कमई में विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, इसके बावजूद समाधान की गति संतोषजनक नहीं है। गांववासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने को बाध्य होंगे। वहीं, गांव के लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ विकास योजनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग गांव की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे। कमई गांव में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में रोष, समस्याओं के समाधान की उठी मांग जिला मथुरा तहसील गोवर्धन के ब्लॉक नंदगांव अंतर्गत ग्राम कमई में विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क, जल निकासी, सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, इसके बावजूद समाधान की गति संतोषजनक नहीं है। गांववासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने को बाध्य होंगे। वहीं, गांव के लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ विकास योजनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग गांव की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे।1
- बलदेव: विधायक से गुहार के बाद भी नहीं हिला 'पीला पंजा', दबंगों के कब्जे से बिलख रही पीड़ित महिला* *विशेष रिपोर्ट: सुनील राज (सच कहूँ) महावन (मथुरा)*। उत्तर प्रदेश में जहां एक तरफ *सरकारी जमीन हो या निजी संपत्ति, अवैध कब्जा* करने वालों के खिलाफ शासन के *'पीले पंजे' (बुलडोजर)* की कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बलदेव विधानसभा क्षेत्र में एक पीड़ित महिला अपनी ही जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। *सत्ताधारी विधायक से भी लगाई गुहार, हाथ लगी सिर्फ निराशा* पीड़ित महिला का आरोप है कि उसकी जमीन पर रसूखदार यादव समाज के दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। पीड़िता ने न्याय की उम्मीद में क्षेत्रीय भाजपा विधायक पूरन प्रकाश के सामने भी अपनी गुहार लगाई और मदद की अपील की, लेकिन सत्तापक्ष के विधायक के हस्तक्षेप के बावजूद पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिल सका है। *तहसील में लगातार फेरबदल से लटकीं फाइलें* महावन तहसील में पिछले एक से दो वर्षों के भीतर अधिकारियों के लगातार तबादले हुए हैं। अल्पावधि में ही कई *उपजिलाधिकारी (SDM) और तहसीलदार* बदले जा चुके हैं। प्रशासनिक अस्थिरता के कारण जन-समस्याओं के निस्तारण की गति बेहद धीमी हो गई है, जिसका सीधा फायदा दबंग और रसूखदार किस्म के लोग उठा रहे हैं। कार्रवाई पर उठ रहे सवाल क्षेत्रीय जनता में अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि *आखिर प्रशासन का 'पीला पंजा' इन रसूखदार दबंगों पर चलने से क्यों हिचकिचा रहा है?* एक तरफ तो अवैध निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई का ढिंढोरा पीटा जाता है, वहीं दूसरी तरफ एक *बेबस महिला अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने को विवश* है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और शासन से गुहार लगाई है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।3
- जिस समाजवादी पार्टी में है उसी के लिए बोले गोल्डी भैया जनता इन्हें उखाड़ फेंकना चाहती है हुआ यूं आरक्षण स्थापना दिवस संविधान मान स्तंभ स्थापना दिवस कार्यक्रम से अपने कार्यालय पहुंचे गोल्डी भैया जहां पत्रकारो से बात करते हुए महेश चंद उर्फ गोल्डी भैया ने कहा कि समाजवादी पार्टी यदि आज चुनाव होते हैं या कल होते तो उत्तर प्रदेश में जनता इन्हें उखाड़ फेंकना चाहती है क्योंकि इन लोगों किसान पिछड़े दलित मजदूर नौजवानों को इन्होंने धोखा दिया है इसका जवाब जनता देना चाहती है हालांकि बाद वो अपनी बात को संभालते हुए भाजपा पर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री पर हमलावर होते दिखे पर सवाल यह है कि क्या इनकी जुवान फिसल गई या जो दिल में है वही जुवान पर आ गया कौन जाने क्या समाजवादी पार्टी इस वक्तव्य पर संज्ञान लेगी बाद मैं इन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधा और बड़े चैनलों के प्रति भी जहर उगला अभी तो कोई पद भी तब ऐसा हाल है जो अपनी पार्टी के ऐसा बोल दे वो जनता का क्या खाक भला करेगा सोचने की बात है फैसला जनता के हाथ होगा चुनावों में1