दतिया जिले के सेवढ़ा स्थित शासकीय गोविंद महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में "नशा मुक्ति – एक जागरूक समाज की ओर" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम और विशाल रैली का आयोजन किया गया। शनिवार, 25 जुलाई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज व्यास ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सिविल अस्पताल सेवढ़ा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. मनोज व्यास ने ओजपूर्ण पंक्तियों और कविताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। मुख्य अतिथि डॉ. आशुतोष तिवारी ने कहा कि नशे की लत से लोग अपना स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सम्मान और परिवार खो देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशा पीड़ितों को तिरस्कृत करने के बजाय समझाएं और उन्हें चिकित्सकीय उपचार के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने "नशा छोड़े, जीवन जोड़े" का संकल्प लिया और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। इसके पश्चात महाविद्यालय परिसर से बस स्टैंड, नगर के प्रमुख मार्गों और मुख्य बाजारों से होती हुई विशाल जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली में विद्यार्थी "नशा मुक्त युवा, राष्ट्र की शक्ति", "स्वस्थ युवा–समृद्ध भारत" और "नशे को कहें ना, जीवन को कहें हां" जैसी तख्तियां और बैनर हाथ में लेकर नारे लगाते हुए निकले। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रतिभान गुर्जर ने किया, जबकि हिंदी की सहायक अध्यापक दीक्षा त्यागी ने आभार व्यक्त किया।
दतिया जिले के सेवढ़ा स्थित शासकीय गोविंद महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में "नशा मुक्ति – एक जागरूक समाज की ओर" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम और विशाल रैली का आयोजन किया गया। शनिवार, 25 जुलाई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज व्यास ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सिविल अस्पताल सेवढ़ा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. मनोज व्यास ने ओजपूर्ण पंक्तियों और कविताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। मुख्य अतिथि डॉ. आशुतोष तिवारी ने कहा कि नशे की लत से लोग अपना स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सम्मान और परिवार खो देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नशा पीड़ितों को तिरस्कृत करने के बजाय समझाएं और उन्हें चिकित्सकीय उपचार के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने "नशा छोड़े, जीवन जोड़े" का संकल्प लिया और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। इसके पश्चात महाविद्यालय परिसर से बस स्टैंड, नगर के प्रमुख मार्गों और मुख्य बाजारों से होती हुई विशाल जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली में विद्यार्थी "नशा मुक्त युवा, राष्ट्र की शक्ति", "स्वस्थ युवा–समृद्ध भारत" और "नशे को कहें ना, जीवन को कहें हां" जैसी तख्तियां और बैनर हाथ में लेकर नारे लगाते हुए निकले। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रतिभान गुर्जर ने किया, जबकि हिंदी की सहायक अध्यापक दीक्षा त्यागी ने आभार व्यक्त किया।
- दतिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने शनिवार को पलोथर, उदग्वां और नोनेर सहित एक दर्जन गांवों में घर-घर जनसंपर्क किया और 30 जुलाई को होने वाले मतदान में कांग्रेस के पक्ष में वोट देने की अपील की। जनसंपर्क के दौरान मतदाताओं से संवाद करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और सरकार इस पर लगाम लगाने के बजाय भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने में लगी है। किसानों और छात्रों के मुद्दों को उठाते हुए घनश्याम सिंह ने कहा कि मंडियों में किसानों को खुलेआम लूटा जा रहा है, जहाँ फसल बेचने पर उन्हें नगद भुगतान नहीं मिलता और 2.5 प्रतिशत कमीशन काटा जाता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पेपर लीक ने छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया है और भाजपा सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।1
- भिंड के मौ नगर स्थित वार्ड क्रमांक 13 शंकरपुरा में शनिवार को अचानक लगी भीषण आग से सतेंद्र यादव उर्फ सुभाष यादव के मकान में भारी नुकसान हो गया। आग की लपटों ने देखते ही देखते घर में रखे फ्रीज, कंप्यूटर, स्टेबलाइजर सहित गृहस्थी का अन्य कीमती सामान अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अधिकांश सामान जलकर राख हो गया और परिवार को भारी आर्थिक क्षति हुई। घटना के दौरान परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक घर का अधिकांश सामान नष्ट हो चुका था। इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन व शासन से नुकसान का सर्वे कराकर तत्काल आर्थिक सहायता और राहत राशि उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।1
- दतिया जिले की सेवढ़ा विधानसभा की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। करीब 40 वर्षों तक बहुजन समाज पार्टी में सक्रिय रहे और बसपा से चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ नेता लाखन सिंह यादव ने 24 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। बीजेपी में शामिल होते ही उनके सियासी सुर बदल गए हैं और अब वे पार्टी की नीतियों के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। 40 साल पुराना नाता तोड़कर बीजेपी का दामन थामने के इस फैसले से सेवढ़ा के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस बड़े सियासी बदलाव का आने वाले उपचुनाव पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- आगामी विधानसभा उपचुनाव-2026 के दृष्टिगत दतिया में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में CAPF और दतिया पुलिस के जवानों ने शहर के प्रमुख मार्गों पर संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च भैरव मंदिर और किला चौक से होकर रिछारा फाटक पर सम्पन्न हुआ। फ्लैग मार्च का नेतृत्व CRPF कमांडेंट एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनजीत सिंह चावला ने किया। इसके माध्यम से नागरिकों को शांति व्यवस्था का भरोसा दिया गया और चेतावनी दी गई कि चुनाव में उपद्रव या शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मार्च से पूर्व पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस फ्लैग मार्च में एसडीओपी दतिया श्रीमती आकांक्षा जैन, रक्षित निरीक्षक अजय वर्मा, थाना प्रभारी कोतवाली, थाना प्रभारी सिविल लाइन समेत पुलिस और CAPF के अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।1
- झांसी जिले के समथर नगर स्थित वार्ड नंबर 1, मोहल्ला अंबेडकर नगर में एक महिला ने पड़ोसियों पर घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता लाली, पत्नी नीरज के अनुसार, शुक्रवार रात लगभग 9:30 बजे वह अपने घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली रीना (पुत्री अमर सिंह), पवन (पुत्र रामसहाय) तथा दीपू (पुत्र मोतीलाल), जो कथित रूप से जुआ खेल रहे थे, उनसे गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर तीनों ने पीड़िता और उनके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए दोनों घर के अंदर चले गए, लेकिन आरोपित उनके घर में भी घुस आए और वहां मारपीट कर मौके से फरार हो गए। महिला का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से कथित रूप से जुआ और कच्ची शराब का अवैध कारोबार चल रहा है, जिससे मोहल्ले का माहौल खराब हो रहा है। पीड़िता ने पुलिस से आरोपितों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में जुआ और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।1
- देवास में आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र समाज द्वारा भगवान विठ्ठल पंढरीनाथ की पारंपरिक दिंडी यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। "विठ्ठल... विठ्ठल... जय हरी विठ्ठल" के जयघोष और ढोल-ताशों की गूंज के बीच यात्रा का शुभारंभ महाराष्ट्र समाज परिसर से भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी के पूजन-अर्चन और महाआरती के साथ हुआ। भगवान विठ्ठल पंढरीनाथ की सुसज्जित पालकी के साथ बड़ी संख्या में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा पहनकर इस यात्रा में शामिल हुए। यह दिंडी यात्रा शहर के नावेल्टी चौराहा, तहसील चौराहा और शनि मंदिर चौराहा सहित प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री फड़नीस जी के विठ्ठल मंदिर पहुंची, जहां विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। यात्रा का मुख्य आकर्षण महाराष्ट्र समाज की महिलाओं और युवतियों द्वारा ढोल-ताशों की थाप पर प्रस्तुत की गई पारंपरिक लेजिम रही। रास्ते में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर दिंडी यात्रा का स्वागत किया, जिसके बाद यह पुनः महाराष्ट्र समाज परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।1
- मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के लौर खुर्द गांव में अनुसूचित जाति (कुम्हार) समुदाय की एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर सरकारी पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास, मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता चंद्रवती प्रजापति के अनुसार, 11 जुलाई 2026 की सुबह कुछ लोग उनकी जमीन पर हनुमान जी की मूर्ति लेकर पहुंचे और उसे स्थापित करने लगे। जब उन्होंने और उनकी सास ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, जातिसूचक अपमान किया और विरोध करने पर इसी जमीन में जिंदा गाड़ देने की धमकी दी। इसके साथ ही महिला के 10 वर्षीय दिव्यांग बेटे को लेकर भी डराने-धमकाने वाली बातें कही गईं। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद जब वह लौर थाने पहुंचीं, तो पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की और न ही मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक मऊगंज और पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय रीवा को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता ने बताया कि अधिकारी के कार्यालय से लौटते समय भी आरोपियों ने उनका रास्ता रोककर फिर से धमकी दी। आवेदन में दावा किया गया है कि यह भूमि वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा उनके ससुर को कई खसरा नंबरों के साथ वैध रूप से आवंटित की गई थी और ऋण पुस्तिका भी दी गई थी। पीड़िता का आरोप है कि कुछ लोग उन्हें इस जमीन से बेदखल कर कब्जा करना चाहते हैं और राजस्व अभिलेखों में भी कथित गड़बड़ी हुई है, जिसकी जांच चल रही है। पीड़ित परिवार फिलहाल भय के साए में जी रहा है और उसने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की है।1