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रेलवे प्रशासन द्वारा शिव वार्ड में सागर फाटक से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी के किनारे बने अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। इस अभियान के तहत कई मकानों को तोड़े जाने से क्षेत्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। प्रभावित परिवारों के पक्ष में अपनी बात रखने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए और उसके बाद ही ऐसी कार्रवाई की जानी चाहिए।

15 hrs ago
user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
15 hrs ago

रेलवे प्रशासन द्वारा शिव वार्ड में सागर फाटक से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी के किनारे बने अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। इस अभियान के तहत कई मकानों को तोड़े जाने से क्षेत्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। प्रभावित परिवारों के पक्ष में अपनी बात रखने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए और उसके बाद ही ऐसी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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  • रेलवे प्रशासन द्वारा शिव वार्ड में सागर फाटक से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी के किनारे बने अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। इस अभियान के तहत कई मकानों को तोड़े जाने से क्षेत्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। प्रभावित परिवारों के पक्ष में अपनी बात रखने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए और उसके बाद ही ऐसी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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    रेलवे प्रशासन द्वारा शिव वार्ड में सागर फाटक से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी के किनारे बने अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है। इस अभियान के तहत कई मकानों को तोड़े जाने से क्षेत्र में सियासी हलचल बढ़ गई है।

प्रभावित परिवारों के पक्ष में अपनी बात रखने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए और उसके बाद ही ऐसी कार्रवाई की जानी चाहिए।
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बीना में भारत के सबसे बड़े पत्रकारों के संगठन पत्रकार कल्याण परिषद के कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक मा. बेदान्ती त्रिपाठी के निर्देशानुसार तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मा. श्री दिवाकर विश्कर्मा और प्रदेश संयोजक मा. राजेश जैन के मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें संगठन की बीना ब्लॉक इकाई का गठन किया गया। बैठक के दौरान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाई दिवाकर विश्वकर्मा ने सभी साथियों को बीना इकाई के परिचय पत्र वितरित किए, जबकि संगठन के वरिष्ठ साथी राकेश सेन ने संचालन की जिम्मेदारी संभाली। संभागीय अध्यक्ष संतोष झा ने निर्वाचन पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहकर बीना ब्लॉक इकाई के गठन की प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मा. दिवाकर विश्कर्मा ने योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई योजनाओं को मूर्त रूप देना आवश्यक है, तभी सफलता मिल पाएगी। प्रदेश संयोजक मा. राजेश जैन ने भी मा. बेदान्ती के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि सभी को मिलकर काम करना होगा और सोये हुए साथियों को जगाना है, क्योंकि संगठन में एक से एक ऊर्जावान साथी हैं जिन्हें उनकी शक्ति याद दिलाने की जरूरत है। नई बीना ब्लॉक इकाई के लिए पदाधिकारियों का भी सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। नारायण चौधरी को पुनः बीना इकाई का अध्यक्ष चुना गया। इसके अतिरिक्त, राजेंद्र गौतम उपाध्यक्ष, जितेंद्र सिंह चौहान महासचिव, ओमप्रकाश लरोठ सह सचिव, जुझार सिंह राजपूत कोषाध्यक्ष और कैलाश नीलम प्रवक्ता घोषित किए गए। लक्ष्मण सिंह राजपूत को जिला प्रतिनिधि और राकेश सेन को संभागीय प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं प्रेषित की गईं, जिसके साथ ही पत्रकार कल्याण परिषद की यह बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
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    बीना में भारत के सबसे बड़े पत्रकारों के संगठन पत्रकार कल्याण परिषद के कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक मा. बेदान्ती त्रिपाठी के निर्देशानुसार तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मा. श्री दिवाकर विश्कर्मा और प्रदेश संयोजक मा. राजेश जैन के मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें संगठन की बीना ब्लॉक इकाई का गठन किया गया।

बैठक के दौरान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाई दिवाकर विश्वकर्मा ने सभी साथियों को बीना इकाई के परिचय पत्र वितरित किए, जबकि संगठन के वरिष्ठ साथी राकेश सेन ने संचालन की जिम्मेदारी संभाली। संभागीय अध्यक्ष संतोष झा ने निर्वाचन पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहकर बीना ब्लॉक इकाई के गठन की प्रक्रिया पूरी की।

इस अवसर पर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मा. दिवाकर विश्कर्मा ने योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई योजनाओं को मूर्त रूप देना आवश्यक है, तभी सफलता मिल पाएगी। प्रदेश संयोजक मा. राजेश जैन ने भी मा. बेदान्ती के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि सभी को मिलकर काम करना होगा और सोये हुए साथियों को जगाना है, क्योंकि संगठन में एक से एक ऊर्जावान साथी हैं जिन्हें उनकी शक्ति याद दिलाने की जरूरत है।

नई बीना ब्लॉक इकाई के लिए पदाधिकारियों का भी सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। नारायण चौधरी को पुनः बीना इकाई का अध्यक्ष चुना गया। इसके अतिरिक्त, राजेंद्र गौतम उपाध्यक्ष, जितेंद्र सिंह चौहान महासचिव, ओमप्रकाश लरोठ सह सचिव, जुझार सिंह राजपूत कोषाध्यक्ष और कैलाश नीलम प्रवक्ता घोषित किए गए। लक्ष्मण सिंह राजपूत को जिला प्रतिनिधि और राकेश सेन को संभागीय प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं प्रेषित की गईं, जिसके साथ ही पत्रकार कल्याण परिषद की यह बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले विदिशा को कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। विदिशा के ग्राम बेरखेड़ी जेतू में कृषि विज्ञान केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया है, जिसका लाभ न केवल विदिशा बल्कि रायसेन, सीहोर और देवास जिले के किसानों को भी मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस केंद्र को किसानों के लिए "फसलों का अस्पताल" बताया, जहां वैज्ञानिक उपचार, मार्गदर्शन, अनुसंधान और प्रशिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि अत्यधिक रासायनिक खाद और कीटनाशकों के इस्तेमाल से धरती की उर्वरक शक्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कई बार किसानों को यह जानकारी नहीं होती कि किस फसल में कितनी मात्रा में खाद और दवा का उपयोग करना है, जिससे फसल और भूमि दोनों को नुकसान होता है। यह कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा और उन्हें आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ते हुए खाद व दवाओं के सही उपयोग की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कृषि और ग्रामीण विकास में देश की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि विदिशा में स्थापित यह केंद्र अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। उनका विश्वास है कि यह केंद्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधानों का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचाकर उनकी आय बढ़ाएगा और खेती को अधिक लाभकारी बनाएगा, जिससे क्षेत्र के किसानों की तकदीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी। इस केंद्र की स्थापना को क्षेत्र के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, जो आधुनिक अनुसंधान और प्रशिक्षण के माध्यम से चार जिलों के कृषि विकास का नया मॉडल स्थापित करेगा।
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    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले विदिशा को कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। विदिशा के ग्राम बेरखेड़ी जेतू में कृषि विज्ञान केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया है, जिसका लाभ न केवल विदिशा बल्कि रायसेन, सीहोर और देवास जिले के किसानों को भी मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस केंद्र को किसानों के लिए "फसलों का अस्पताल" बताया, जहां वैज्ञानिक उपचार, मार्गदर्शन, अनुसंधान और प्रशिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी।

चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि अत्यधिक रासायनिक खाद और कीटनाशकों के इस्तेमाल से धरती की उर्वरक शक्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कई बार किसानों को यह जानकारी नहीं होती कि किस फसल में कितनी मात्रा में खाद और दवा का उपयोग करना है, जिससे फसल और भूमि दोनों को नुकसान होता है। यह कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा और उन्हें आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ते हुए खाद व दवाओं के सही उपयोग की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा।

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कृषि और ग्रामीण विकास में देश की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि विदिशा में स्थापित यह केंद्र अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। उनका विश्वास है कि यह केंद्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधानों का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचाकर उनकी आय बढ़ाएगा और खेती को अधिक लाभकारी बनाएगा, जिससे क्षेत्र के किसानों की तकदीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी। इस केंद्र की स्थापना को क्षेत्र के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, जो आधुनिक अनुसंधान और प्रशिक्षण के माध्यम से चार जिलों के कृषि विकास का नया मॉडल स्थापित करेगा।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • विदिशा के पुलिस लाइन ग्राउंड में 11 से 13 जून 2026 तक आयोजित 65वीं अंतर जिला जोनल पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता मध्यजोन, भोपाल-2026 का 13 जून को भव्य समापन हुआ। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के नेतृत्व में हुए इस तीन दिवसीय खेल महाकुंभ में जिला विदिशा ने कुल 124 पदक हासिल कर ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया, जबकि जिला राजगढ़ कुल 45 पदकों के साथ उपविजेता रहा। इस प्रतियोगिता में 10 जिलों और इकाइयों के कुल 266 खिलाड़ियों ने भाग लिया। विदिशा ने 48 स्वर्ण, 53 रजत और 23 कांस्य पदक जीते, जिसमें पुरुष एवं महिला टीमों ने टीम इवेंट्स में 8 स्वर्ण और 8 रजत पदक हासिल किए, वहीं व्यक्तिगत एथलेटिक्स स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने 40 स्वर्ण, 45 रजत और 23 कांस्य पदक प्राप्त किए। प्रधान आरक्षक बसंत शाक्य के नेतृत्व में विदिशा की टीम ने यह उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। महिला वर्ग की 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में विदिशा पुलिस की खिलाड़ी बबीता पाल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़, 100 मीटर रिले, 1500 मीटर दौड़, 5 किलोमीटर दौड़, 10 किलोमीटर दौड़, 21 किलोमीटर मैराथन, जेवलिन थ्रो, ट्रेडिशनल योगा, टेबल टेनिस, गोला फेंक, फुटबॉल, तैराकी, बॉक्सिंग, कबड्डी, वॉलीबॉल, कुश्ती, हैंडबॉल, साइकिलिंग, एथलेटिक्स, जिम्नास्टिक, हॉकी, जूडो एवं कराटे सहित विभिन्न व्यक्तिगत एवं टीम खेल स्पर्धाएं आयोजित की गईं। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल रहे, जिनका पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि राजेश सिंह चंदेल ने खेलों को पुलिस बल में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता के विकास का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि खेलों से प्राप्त अनुभव पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने तथा कार्यकुशलता बढ़ाने में सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और इसके पश्चात प्रतियोगिता के समापन की औपचारिक घोषणा की। मुख्य अतिथि द्वारा विभिन्न खेल स्पर्धाओं के विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को पदक, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, साथ ही ओवरऑल चैंपियन जिला विदिशा और उपविजेता जिला राजगढ़ को चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जोनल स्पोर्ट्स ऑफिसर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, स्प्रिंग फील्ड स्कूल के डायरेक्टर, महिला थाना प्रभारी उर्मिला यादव, सूबेदार आशीष राय, रक्षित निरीक्षक भूर सिंह चौहान, सूबेदार भगीरथ सहित विभिन्न जिलों से आए खेल प्रबंधक, अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षु नव आरक्षक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, टीम प्रबंधकों, निर्णायकों एवं सहयोगी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिसमें प्रधान आरक्षक दिलीप थापा, भानु दुबे (तैराकी कोच) एवं विवेक बबेले का विशेष योगदान रहा।
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    विदिशा के पुलिस लाइन ग्राउंड में 11 से 13 जून 2026 तक आयोजित 65वीं अंतर जिला जोनल पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता मध्यजोन, भोपाल-2026 का 13 जून को भव्य समापन हुआ। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के नेतृत्व में हुए इस तीन दिवसीय खेल महाकुंभ में जिला विदिशा ने कुल 124 पदक हासिल कर ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया, जबकि जिला राजगढ़ कुल 45 पदकों के साथ उपविजेता रहा।

इस प्रतियोगिता में 10 जिलों और इकाइयों के कुल 266 खिलाड़ियों ने भाग लिया। विदिशा ने 48 स्वर्ण, 53 रजत और 23 कांस्य पदक जीते, जिसमें पुरुष एवं महिला टीमों ने टीम इवेंट्स में 8 स्वर्ण और 8 रजत पदक हासिल किए, वहीं व्यक्तिगत एथलेटिक्स स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने 40 स्वर्ण, 45 रजत और 23 कांस्य पदक प्राप्त किए। प्रधान आरक्षक बसंत शाक्य के नेतृत्व में विदिशा की टीम ने यह उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। महिला वर्ग की 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में विदिशा पुलिस की खिलाड़ी बबीता पाल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़, 100 मीटर रिले, 1500 मीटर दौड़, 5 किलोमीटर दौड़, 10 किलोमीटर दौड़, 21 किलोमीटर मैराथन, जेवलिन थ्रो, ट्रेडिशनल योगा, टेबल टेनिस, गोला फेंक, फुटबॉल, तैराकी, बॉक्सिंग, कबड्डी, वॉलीबॉल, कुश्ती, हैंडबॉल, साइकिलिंग, एथलेटिक्स, जिम्नास्टिक, हॉकी, जूडो एवं कराटे सहित विभिन्न व्यक्तिगत एवं टीम खेल स्पर्धाएं आयोजित की गईं।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल रहे, जिनका पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि राजेश सिंह चंदेल ने खेलों को पुलिस बल में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता के विकास का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि खेलों से प्राप्त अनुभव पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने तथा कार्यकुशलता बढ़ाने में सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और इसके पश्चात प्रतियोगिता के समापन की औपचारिक घोषणा की।

मुख्य अतिथि द्वारा विभिन्न खेल स्पर्धाओं के विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को पदक, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, साथ ही ओवरऑल चैंपियन जिला विदिशा और उपविजेता जिला राजगढ़ को चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जोनल स्पोर्ट्स ऑफिसर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, स्प्रिंग फील्ड स्कूल के डायरेक्टर, महिला थाना प्रभारी उर्मिला यादव, सूबेदार आशीष राय, रक्षित निरीक्षक भूर सिंह चौहान, सूबेदार भगीरथ सहित विभिन्न जिलों से आए खेल प्रबंधक, अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षु नव आरक्षक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, टीम प्रबंधकों, निर्णायकों एवं सहयोगी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिसमें प्रधान आरक्षक दिलीप थापा, भानु दुबे (तैराकी कोच) एवं विवेक बबेले का विशेष योगदान रहा।
    user_IBN NEWS
    IBN NEWS
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और फोगसी सागर शाखा ने चिकित्सा क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला PICSEP (Programme for Inculcating Culture of Scientific Enquiry and Pursuit) के अंतर्गत आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों, निजी प्रैक्टिशनरों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान की संस्कृति को विकसित करना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अहमदाबाद के डॉ. सुनील ताम्बवेकर ने साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (Evidence-Based Medicine) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा में केवल रोगों का उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवीन शोधों और वैज्ञानिक तथ्यों को समझकर उन्हें व्यवहार में लागू करना भी आवश्यक है। कार्यशाला में शोध विषय चयन, अध्ययन डिज़ाइन, डेटा विश्लेषण, बायोस्टैटिस्टिक्स, वैज्ञानिक लेखन, शोध पत्र प्रकाशन तथा अनुसंधान नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की। फोगसी सागर अध्यक्ष डॉ. ज्योति चौहान ने बताया कि कार्यशाला से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि कैसे एक सामान्य चिकित्सीय प्रश्न को वैज्ञानिक अध्ययन में परिवर्तित कर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए योगदान दिया जा सकता है। वहीं, आईएमए अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने अनुसंधान को न केवल ज्ञान के विस्तार का माध्यम बताया, बल्कि रोगियों को बेहतर एवं प्रमाण-आधारित उपचार उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण साधन भी करार दिया। उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले शोधों की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस कार्यशाला ने विभिन्न विशेषज्ञताओं के चिकित्सकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और सहयोगात्मक शोध परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, युवा चिकित्सकों और शोधार्थियों को अनुभवी विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। आयोजकों के अनुसार, आईएमए और फोगसी सागर शाखा की यह पहल चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो चिकित्सकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा चिकित्सा विज्ञान में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।
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    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और फोगसी सागर शाखा ने चिकित्सा क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला PICSEP (Programme for Inculcating Culture of Scientific Enquiry and Pursuit) के अंतर्गत आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों, निजी प्रैक्टिशनरों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान की संस्कृति को विकसित करना था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अहमदाबाद के डॉ. सुनील ताम्बवेकर ने साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (Evidence-Based Medicine) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा में केवल रोगों का उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवीन शोधों और वैज्ञानिक तथ्यों को समझकर उन्हें व्यवहार में लागू करना भी आवश्यक है। कार्यशाला में शोध विषय चयन, अध्ययन डिज़ाइन, डेटा विश्लेषण, बायोस्टैटिस्टिक्स, वैज्ञानिक लेखन, शोध पत्र प्रकाशन तथा अनुसंधान नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की। फोगसी सागर अध्यक्ष डॉ. ज्योति चौहान ने बताया कि कार्यशाला से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि कैसे एक सामान्य चिकित्सीय प्रश्न को वैज्ञानिक अध्ययन में परिवर्तित कर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए योगदान दिया जा सकता है। वहीं, आईएमए अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने अनुसंधान को न केवल ज्ञान के विस्तार का माध्यम बताया, बल्कि रोगियों को बेहतर एवं प्रमाण-आधारित उपचार उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण साधन भी करार दिया। उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले शोधों की आवश्यकता पर भी बल दिया।

इस कार्यशाला ने विभिन्न विशेषज्ञताओं के चिकित्सकों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और सहयोगात्मक शोध परियोजनाओं की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, युवा चिकित्सकों और शोधार्थियों को अनुभवी विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। आयोजकों के अनुसार, आईएमए और फोगसी सागर शाखा की यह पहल चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो चिकित्सकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा चिकित्सा विज्ञान में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।
    user_Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • विदिशा के माधवगंज में ड्रग्स के ओवरडोज के कारण एक युवक की मौत हो गई। युवक को अचेत अवस्था में पाए जाने के बाद एक समाजसेवी अपनी एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान कपिल कर्ण के रूप में हुई है। कपिल के पिता राजकुमार कर्ण ने पुष्टि की है कि उनका बेटा कपिल पिछले करीब 3 सालों से अवैध नशा कर रहा था। पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस चाहे तो ड्रग्स के नशे को रोककर युवाओं को मौत के मुंह से बचा सकती है, क्योंकि पुलिस को उन सभी जगहों की जानकारी होती है जहाँ ड्रग्स बेचा जा रहा है, लेकिन वे इसे रोकने में सफल नहीं हो रही है। इसके अतिरिक्त, राजकुमार कर्ण ने जिला अस्पताल में अपने बेटे के पोस्टमॉर्टम के दौरान एक स्वीपर द्वारा पहले ₹500 और फिर 'जीव खर्ची' मांगे जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। युवक की मौत के इस मामले में, कोतवाली टीआई आनंद राज का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ था कि युवक का नशे की लत का इलाज भी किया जा रहा था।
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    विदिशा के माधवगंज में ड्रग्स के ओवरडोज के कारण एक युवक की मौत हो गई। युवक को अचेत अवस्था में पाए जाने के बाद एक समाजसेवी अपनी एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान कपिल कर्ण के रूप में हुई है।

कपिल के पिता राजकुमार कर्ण ने पुष्टि की है कि उनका बेटा कपिल पिछले करीब 3 सालों से अवैध नशा कर रहा था। पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस चाहे तो ड्रग्स के नशे को रोककर युवाओं को मौत के मुंह से बचा सकती है, क्योंकि पुलिस को उन सभी जगहों की जानकारी होती है जहाँ ड्रग्स बेचा जा रहा है, लेकिन वे इसे रोकने में सफल नहीं हो रही है।

इसके अतिरिक्त, राजकुमार कर्ण ने जिला अस्पताल में अपने बेटे के पोस्टमॉर्टम के दौरान एक स्वीपर द्वारा पहले ₹500 और फिर 'जीव खर्ची' मांगे जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। युवक की मौत के इस मामले में, कोतवाली टीआई आनंद राज का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ था कि युवक का नशे की लत का इलाज भी किया जा रहा था।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बीना के कच्चे रोड स्थित जैन स्कूल के ठीक पीछे बनी गौशाला के अंदर की पानी की टंकी में लीकेज होने से भारी मात्रा में जल बर्बाद हो रहा है। टंकी से लगातार पानी रिसने के कारण हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है और यह पानी गौशाला के भीतर जमा हो रहा है, जिससे समस्या उत्पन्न हो रही है।
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    बीना के कच्चे रोड स्थित जैन स्कूल के ठीक पीछे बनी गौशाला के अंदर की पानी की टंकी में लीकेज होने से भारी मात्रा में जल बर्बाद हो रहा है। टंकी से लगातार पानी रिसने के कारण हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है और यह पानी गौशाला के भीतर जमा हो रहा है, जिससे समस्या उत्पन्न हो रही है।
    user_बिजय चोहन
    बिजय चोहन
    Carpenter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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