पीलीभीत वल्लभनगर कॉलोनी में सीसी रोड निर्माण पर बड़ा खेल? पीलीभीत नगर पालिका द्वारा वल्लभनगर कॉलोनी में कराए जा रहे सीसी रोड निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठेकेदार रामनरेश वर्मा अपने ही निजी भट्टे से पीला अरोड़ा (घटिया गुणवत्ता की सामग्री) मंगवाकर सड़क निर्माण में डलवा रहे हैं। ग्राउंड पर जब टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि सड़क को पूरी तरह नए तरीके से बनाया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार का दावा है कि यह सिर्फ मरम्मत कार्य है। ठेकेदार का अपना भट्टा, वहीं से आ रही सामग्री पीला अरोड़ा और घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का आरोप नया निर्माण या सिर्फ मरम्मत? बयानों में विरोधाभास कॉलोनीवासियों में भारी रोष स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही घटिया सामग्री डाली गई तो सड़क कुछ ही महीनों में टूट सकती है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होगी। अब सवाल यह उठता है कि: क्या नगर पालिका अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया क्या गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी? आखिर मरम्मत के नाम पर नया निर्माण क्यों?
पीलीभीत वल्लभनगर कॉलोनी में सीसी रोड निर्माण पर बड़ा खेल? पीलीभीत नगर पालिका द्वारा वल्लभनगर कॉलोनी में कराए जा रहे सीसी रोड निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठेकेदार रामनरेश वर्मा अपने ही निजी भट्टे
से पीला अरोड़ा (घटिया गुणवत्ता की सामग्री) मंगवाकर सड़क निर्माण में डलवा रहे हैं। ग्राउंड पर जब टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि सड़क को पूरी तरह नए तरीके से बनाया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार का दावा है कि यह सिर्फ
मरम्मत कार्य है। ठेकेदार का अपना भट्टा, वहीं से आ रही सामग्री पीला अरोड़ा और घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का आरोप नया निर्माण या सिर्फ मरम्मत? बयानों में विरोधाभास कॉलोनीवासियों में भारी रोष स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही घटिया सामग्री डाली गई तो
सड़क कुछ ही महीनों में टूट सकती है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होगी। अब सवाल यह उठता है कि: क्या नगर पालिका अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया क्या गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी? आखिर मरम्मत के नाम पर नया निर्माण क्यों?
- पीलीभीत नगर पालिका द्वारा वल्लभनगर कॉलोनी में कराए जा रहे सीसी रोड निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठेकेदार रामनरेश वर्मा अपने ही निजी भट्टे से पीला अरोड़ा (घटिया गुणवत्ता की सामग्री) मंगवाकर सड़क निर्माण में डलवा रहे हैं। ग्राउंड पर जब टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि सड़क को पूरी तरह नए तरीके से बनाया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार का दावा है कि यह सिर्फ मरम्मत कार्य है। ठेकेदार का अपना भट्टा, वहीं से आ रही सामग्री पीला अरोड़ा और घटिया मटेरियल के इस्तेमाल का आरोप नया निर्माण या सिर्फ मरम्मत? बयानों में विरोधाभास कॉलोनीवासियों में भारी रोष स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही घटिया सामग्री डाली गई तो सड़क कुछ ही महीनों में टूट सकती है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होगी। अब सवाल यह उठता है कि: क्या नगर पालिका अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया क्या गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी? आखिर मरम्मत के नाम पर नया निर्माण क्यों?4
- बगिया फॉर्म तमाशबीन बनी भीड़, घायलों के मददगार बने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पूरनपुर हाईवे पर सड़क हादसे में घायल मां–बेटी को तड़पता देख भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह ने बिना देर किए अपनी कार रोक दी। भीड़ जुटी रही, पर मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर सकरिया निवासी पलविंदर कौर अपनी बेटी खुशनप्रीत के साथ पूरनपुर आ रही थीं। बगिया फॉर्म के पास तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की भिड़ंत में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहां से गुजर रहे गुरभाग सिंह ने घायलों को अपनी कार में बैठाकर सीधे पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और बेटी को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर किया गया।1
- पूरनपुर हाईवे पर सड़क हादसे में घायल मां–बेटी को तड़पता देख भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह ने बिना देर किए अपनी कार रोक दी। भीड़ जुटी रही, पर मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर सकरिया निवासी पलविंदर कौर अपनी बेटी खुशनप्रीत के साथ पूरनपुर आ रही थीं। बगिया फॉर्म के पास तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की भिड़ंत में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहां से गुजर रहे गुरभाग सिंह ने घायलों को अपनी कार में बैठाकर सीधे पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और बेटी को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर किया गया।1
- पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में थाना अमरिया पुलिस ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर लगभग 8 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य साजिशकर्ता को पीलीभीत पुलिस ने गिरफ्तार किया। #Dmpilibhit #UPPolice #MYogiAdityanath #क्राइम #UttarPradesh #viral1
- Post by संदीप निडर1
- पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यहाँ फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दी गई दवा का सेवन करने के बाद तीन महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला हजारा थाना क्षेत्र के गांव चंदिया हजारा का है। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गांव की निवासी ललिता (पत्नी विवेक मालिक) और रीना (पत्नी रॉबिन) की हालत अचानक खराब हो गई। दोनों को लगातार उल्टियां, कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर दोनों को पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। हैरानी की बात यह है कि इसी गांव की एक अन्य महिला बसंत (पत्नी वीरेंद्र दास) की तबीयत भी सोमवार को इसी तरह बिगड़ी थी। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बसंत की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। इस पूरे मामले पर CHC के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा का कहना है कि तीनों महिलाओं ने 13 फरवरी को फाइलेरिया की दवा खाई थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में तबीयत खराब होने का कारण कुछ और भी हो सकता है। फिलहाल CHC में भर्ती दोनों महिलाओं की हालत स्थिर और सामान्य बताई जा रही है। इस घटना के बाद से चंदिया हजारा गांव में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है और जानकारी जुटा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।1
- Post by के के मिश्रा अमरउजाला2
- चंदिया हजारा में फाइलेरिया की दवा के बाद तीन महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती हजारा थाना क्षेत्र के गांव चंदिया हजारा में फाइलेरिया की दवा सेवन के बाद तीन महिलाओं की अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव चंदिया हजारा निवासी ललिता पत्नी विवेक मालिक और रीना पत्नी रॉबिन की हालत अचानक खराब हो गई। दोनों को उल्टियां, कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत होने लगी, जिसके बाद एंबुलेंस की मदद से पूरनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं इससे एक दिन पहले सोमवार को इसी गांव की बसंत पत्नी वीरेंद्र दास की भी हालत बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें भी सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। फिलहाल बसंत का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त तीनों महिलाओं ने 13 फरवरी को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दी गई दवा का सेवन किया था। दवा खाने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में उल्टियां शुरू हो गईं और धीरे-धीरे तबीयत बिगड़ने लगी। अधिक परेशानी बढ़ने पर परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मनीष राज शर्मा ने बताया कि सीएचसी में भर्ती महिलाओं की हालत फिलहाल स्थिर और सामान्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं ने 13 फरवरी को फाइलेरिया की दवा का सेवन किया था, लेकिन वर्तमान में तबीयत खराब होने का कारण कोई अन्य हो सकता है। एहतियातन एक महिला को जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि बाकी दो का उपचार सीएचसी में जारी है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और लोगों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और अफवाहों पर ध्यान न दे।1