भिंड जिले के लहार अनुभाग में, एसडीएम विजय यादव ने गौरी ग्राम के पास मुख्य मार्ग पर रेत से भरे दो ओवरलोड ट्रैक्टरों को पकड़ा है। इन ट्रैक्टरों में अधिकतम निर्धारित 3 घन मीटर की जगह लगभग 6 से 8 घन मीटर रेत भरी हुई थी और वे अत्यधिक गति से चल रहे थे। पकड़े जाने पर, ट्रैक्टर चालकों ने रॉयल्टी प्रस्तुत की, जिसकी जांच में उसमें दर्ज किलोमीटर, नंबर प्लेट और ट्रांसपोर्टेशन रूट में भिन्नता पाई गई। एसडीएम विजय सिंह यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों ट्रैक्टरों को रोन थाने की सुपुर्दगी में रखवाया और संबंधित अधिकारियों को खनिज एक्ट के तहत जुर्माने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह उल्लेखनीय है कि अनुविभागीय दंडाधिकारी के नेतृत्व में लगातार संचालित हो रही इन कार्रवाइयों के कारण जहां संपूर्ण लहार क्षेत्र के मुख्य हाइवे पर लगभग शांति बनी हुई है, वहीं सड़क पर निकलने वाले राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। इसके विपरीत, जिले के अन्य अनुभागों की सड़कों पर अभी भी ओवरलोड ट्रैक्टरों और डंपरों के चलने से लगातार दुर्घटनाएं होती रहती हैं और राहगीरों की जान खतरे में बनी रहती है।
भिंड जिले के लहार अनुभाग में, एसडीएम विजय यादव ने गौरी ग्राम के पास मुख्य मार्ग पर रेत से भरे दो ओवरलोड ट्रैक्टरों को पकड़ा है। इन ट्रैक्टरों में अधिकतम निर्धारित 3 घन मीटर की जगह लगभग 6 से 8 घन मीटर रेत भरी हुई थी और वे अत्यधिक गति से चल रहे थे। पकड़े जाने पर, ट्रैक्टर चालकों ने रॉयल्टी प्रस्तुत की, जिसकी जांच में उसमें दर्ज किलोमीटर, नंबर प्लेट और ट्रांसपोर्टेशन रूट में भिन्नता पाई गई। एसडीएम विजय सिंह यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों ट्रैक्टरों को रोन थाने की सुपुर्दगी में रखवाया और संबंधित अधिकारियों को खनिज एक्ट के तहत जुर्माने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह उल्लेखनीय है कि अनुविभागीय दंडाधिकारी के नेतृत्व में लगातार संचालित हो रही इन कार्रवाइयों के कारण जहां संपूर्ण लहार क्षेत्र के मुख्य हाइवे पर लगभग शांति बनी हुई है, वहीं सड़क पर निकलने वाले राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। इसके विपरीत, जिले के अन्य अनुभागों की सड़कों पर अभी भी ओवरलोड ट्रैक्टरों और डंपरों के चलने से लगातार दुर्घटनाएं होती रहती हैं और राहगीरों की जान खतरे में बनी रहती है।
- सिस्टम की कार्यप्रणाली से त्रस्त एक युवक कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में दंडवत होकर पहुंचा। युवक हाथों में संबंधित कागजात लेकर आया था और अपनी यह समस्या अधिकारियों के सामने रखी। वह पिछले एक वर्ष से नामांतरण न होने के कारण लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहा था, जिससे परेशान होकर उसने इस अनूठे तरीके से अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की।1
- मौ थाना क्षेत्र की झांकरी चौकी अंतर्गत ग्राम मदनपुरा में एक नाबालिग किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने झांकरी चौकी के सामने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, साथ ही आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मदनपुरा निवासी नाबालिग किशोरी को कथित रूप से प्रेम प्रसंग के चलते उसका प्रेमी बहला-फुसलाकर ग्वालियर ले गया था। परिजनों का आरोप है कि ग्वालियर में तीन लोगों ने किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में साक्ष्य मिटाने की नीयत से उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आरोप है कि आरोपियों ने शव को झाड़ियों में फेंक दिया, जिसके कारण घटना का खुलासा देर से हो सका। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया है, और परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी के साथ दरिंदगी की गई है तथा दोषियों को फांसी जैसी कठोर सजा मिलनी चाहिए। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने झांकरी चौकी पहुंचकर मुख्य सड़क पर चक्का जाम किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और सभी की निगाहें अब पुलिस की जांच पर टिकी हुई हैं।1
- जालौन के माधौगढ़ में एक बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रत्याशी के घर से लाइसेंसी रिवाल्वर चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में घर में काम करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और चोरी की गई रिवाल्वर के साथ-साथ कारतूस भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, बसपा प्रत्याशी के घर से लाइसेंसी रिवाल्वर गायब होने के बाद जब जाँच शुरू हुई, तो संदेह की सुई घर में कार्यरत मुरारी द्विवेदी की ओर घूमी। गहन पूछताछ के बाद आरोपी मुरारी द्विवेदी की निशानदेही पर चोरी की गई रिवाल्वर और कारतूस बरामद कर लिए गए। आरोपी ने चोरी के बाद रिवाल्वर को एक लाल थैले में रखकर झाड़ियों में छिपा दिया था, जबकि कारतूसों को अलग जगह रखा था। थानाध्यक्ष अभिलाष कुमार मिश्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। यह घटना सुरक्षा और विश्वास दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि जिस व्यक्ति पर घर की जिम्मेदारियों का भरोसा किया गया था, उसी पर चोरी का आरोप लगा है। फिलहाल, आरोपी के कथित इरादों और संभावित योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जाँच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी का उद्देश्य केवल चोरी था या इसके पीछे कोई अन्य बड़ी वजह भी थी।1
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम हिंगुटा के ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे एसडीएम हेमंत पटेल से शिकायत की है, जिसमें उन्होंने गांव की सार्वजनिक भूमि और सार्वजनिक कुएं पर अवैध कब्जे के कथित प्रयास का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से ग्राम सभा की संपत्ति को सुरक्षित कराने के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि गांव में ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर एक सार्वजनिक कुआं स्थित है, जिसका उपयोग वर्षों से ग्रामीण पानी भरने के साथ-साथ सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि गांव का ही एक व्यक्ति इस भूमि और सार्वजनिक कुएं पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, जिसके लिए उसने जमीन पर पिलर खड़े कर मकान निर्माण की तैयारी भी शुरू कर दी है। जब ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई, तो उनकी बात नहीं सुनी गई, जिससे गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह महत्वपूर्ण संपत्ति अतिक्रमित हो जाएगी और आम जनता सामुदायिक उपयोग के लिए उपलब्ध स्थान से वंचित हो जाएगी। ग्रामीणों ने एसडीएम से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सार्वजनिक भूमि और कुएं को अतिक्रमण से मुक्त कराने, तथा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि भविष्य में ऐसे प्रयासों को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए जाएं। एसडीएम हेमंत पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शिकायत की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिकायत सौंपते समय रणजीत सिंह, लालाराम, भूपेंद्र, अजीत सिंह, प्रभुदयाल, कैलाश, गजराज सिंह, हेमेंद्र कुमार, माखन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- जालौन नगर और तहसील क्षेत्र में इन दिनों SDM रिंकू सिंह राही के संभावित तबादले को लेकर जोरों पर चर्चा है, जिसने आम जनता, व्यापारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के बीच बहस छेड़ दी है। कई लोग उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें जालौन में ही बनाए रखने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ वर्गों द्वारा उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए गए हैं। जनता का कहना है कि रिंकू सिंह राही ने जालौन में अतिक्रमण, राजस्व मामलों, जनसुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में उनकी कई पहलें चर्चा में रहीं, जिनमें बुजुर्गों को स्कूल में प्रवेश दिलाकर साक्षरता अभियान चलाना और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना शामिल है। एक व्यापारी ने कहा, "जो अधिकारी जनता की सुनता है, उसका तबादला नहीं होना चाहिए," जबकि एक युवा ने टिप्पणी की, "राही साहब ने काम करने की कोशिश की है, ऐसे अधिकारियों की जरूरत है।" हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि प्रशासन में अनुशासन आवश्यक है, लेकिन सभी वर्गों को साथ लेकर चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हाल के दिनों में शिक्षक संगठनों द्वारा उनके खिलाफ शिकायतें भी सामने आई हैं। फ़िलहाल, इस संभावित तबादले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जालौन की जनता के बीच यह सवाल बना हुआ है कि क्या एक सक्रिय और चर्चित अधिकारी को हटाना प्रशासनिक व्यवस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, या ऐसे अधिकारी को और समय मिलना चाहिए।1
- जनपद जालौन के माधौगढ़ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संभावित विधानसभा प्रत्याशी और चर्चित नेता आशीष पांडे की चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर चोरी हुई रिवॉल्वर के साथ कारतूस भी बरामद किए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि आशीष पांडे का ही एक भरोसेमंद परिचित निकला, जिस पर विश्वास किया जाता था। पुलिस के अनुसार, कुछ समय पूर्व आशीष पांडे की लाइसेंसी रिवॉल्वर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, जिसमें तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पड़ताल को आगे बढ़ाया। इसी दौरान पुलिस का शक मुरारी द्विवेदी पर गहराया, जिसने कड़ी पूछताछ में चोरी की वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस बरामद कर लिए। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी मुरारी द्विवेदी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है कि जिस व्यक्ति पर विश्वास किया गया, उसी ने भरोसा तोड़ते हुए वारदात को अंजाम दिया। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना बताती है कि अपराधी हमेशा बाहर से नहीं आते, बल्कि कई बार अपने ही विश्वास को चोट पहुँचा देते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी की जा रही है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। रिवॉल्वर और कारतूस की बरामदगी से पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है, जिससे किसी संभावित दुरुपयोग की आशंका भी समाप्त हो गई है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही जारी है।2
- भिंड जिले के लहार अनुभाग में, एसडीएम विजय यादव ने गौरी ग्राम के पास मुख्य मार्ग पर रेत से भरे दो ओवरलोड ट्रैक्टरों को पकड़ा है। इन ट्रैक्टरों में अधिकतम निर्धारित 3 घन मीटर की जगह लगभग 6 से 8 घन मीटर रेत भरी हुई थी और वे अत्यधिक गति से चल रहे थे। पकड़े जाने पर, ट्रैक्टर चालकों ने रॉयल्टी प्रस्तुत की, जिसकी जांच में उसमें दर्ज किलोमीटर, नंबर प्लेट और ट्रांसपोर्टेशन रूट में भिन्नता पाई गई। एसडीएम विजय सिंह यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों ट्रैक्टरों को रोन थाने की सुपुर्दगी में रखवाया और संबंधित अधिकारियों को खनिज एक्ट के तहत जुर्माने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह उल्लेखनीय है कि अनुविभागीय दंडाधिकारी के नेतृत्व में लगातार संचालित हो रही इन कार्रवाइयों के कारण जहां संपूर्ण लहार क्षेत्र के मुख्य हाइवे पर लगभग शांति बनी हुई है, वहीं सड़क पर निकलने वाले राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। इसके विपरीत, जिले के अन्य अनुभागों की सड़कों पर अभी भी ओवरलोड ट्रैक्टरों और डंपरों के चलने से लगातार दुर्घटनाएं होती रहती हैं और राहगीरों की जान खतरे में बनी रहती है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले की ग्राम पंचायत बंधी में सीसी सड़क निर्माण कार्य के दौरान गंभीर विवाद हो गया। इस दौरान तीन लोगों ने पंचायत के कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जब घटना हुई तब ग्राम पंचायत के सचिव, जीआरएस और अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद थे। बताया गया है कि इन दबंगों ने नवनिर्मित सीसी सड़क पर ट्रैक्टर चलाया और सचिव तथा जीआरएस के साथ गाली-गलौज भी की। इस पूरी घटना के बाद, सरपंच, सचिव, जीआरएस सहित समस्त पंचायत कर्मचारी थाने के बाहर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।1
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम खुर्द के ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे एसडीएम कोंच हेमंत पटेल को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत विभाग के सभी बकाया बिलों का भुगतान किए जाने के बावजूद 31 मई 2026 से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि गांव की विद्युत आपूर्ति को शीघ्र बहाल किया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति नियमित रूप से जारी है, लेकिन सिर्फ ग्राम खुर्द को अंधेरे में रखा गया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने बिजली कटौती के संबंध में विद्युत विभाग के एसडीओ से फोन पर संपर्क किया, तो उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला, बल्कि उनकी शिकायत सुनने के बजाय अपमानजनक बातें सुननी पड़ीं। शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लाइनमैन ने बिजली कनेक्शन दोबारा जोड़ने के लिए रुपयों की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने इस बातचीत का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो कर्मचारी ने स्वयं को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाने की धमकी दी। भीषण गर्मी के बीच गांव में बिजली न होने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके कारण पेयजल आपूर्ति, घरेलू कार्यों और दैनिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, एसडीएम हेमंत पटेल ने विद्युत विभाग के एसडीओ को निर्देश दिए हैं कि वे ग्रामीणों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करें। इस दौरान सोहिल, अनूप कुमार, अभिषेक यादव, अंशु कुमार, सूर्यप्रताप, महेश, कृपाल सिंह, नारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1