हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने 'आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं' वाले बयान पर बढ़ते विवाद के बाद देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस बयान को लेकर दिन भर सरकारी अस्पतालों में हंगामा चलता रहा। इस बयान के विरोध में हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन ने बुधवार को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक फिर से स्ट्राइक करने की घोषणा की थी। एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि यदि महिला आयोग की चेयरपर्सन ने तब भी माफी नहीं मांगी या इस्तीफा नहीं दिया, तो गुरुवार को पूरे दिन की स्ट्राइक की जाएगी। शाम तक माफी नहीं मांगने पर अड़ी रेणु भाटिया ने विवाद बढ़ता देख रात दस बजे अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजा, जिसमें उन्होंने अपने लगभग साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में निष्ठा और ईमानदारी से अध्यक्ष, हरियाणा राज्य महिला आयोग के पद पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने इस कार्यकाल के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया। रेणु भाटिया ने अपने इस्तीफे में यह भी आश्वस्त किया कि वह महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान के लिए सदैव लड़ती रहेंगी और भविष्य में भी किसी पद पर नियुक्त होने पर पूरी निष्ठा व ईमानदारी से उसका निर्वाह करेंगी।
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने 'आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं' वाले बयान पर बढ़ते विवाद के बाद देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस बयान को लेकर दिन भर सरकारी अस्पतालों में हंगामा चलता रहा। इस बयान के विरोध में हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन ने बुधवार को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक फिर से स्ट्राइक करने की घोषणा की थी। एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि यदि महिला आयोग की चेयरपर्सन ने तब भी माफी नहीं मांगी या इस्तीफा नहीं दिया, तो गुरुवार को पूरे दिन की स्ट्राइक की जाएगी। शाम तक माफी नहीं मांगने पर अड़ी रेणु भाटिया ने विवाद बढ़ता देख रात दस बजे अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजा, जिसमें उन्होंने अपने लगभग साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में निष्ठा और ईमानदारी से अध्यक्ष, हरियाणा राज्य महिला आयोग के पद पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने इस कार्यकाल के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया। रेणु भाटिया ने अपने इस्तीफे में यह भी आश्वस्त किया कि वह महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान के लिए सदैव लड़ती रहेंगी और भविष्य में भी किसी पद पर नियुक्त होने पर पूरी निष्ठा व ईमानदारी से उसका निर्वाह करेंगी।
- हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने 'आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं' वाले बयान पर बढ़ते विवाद के बाद देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस बयान को लेकर दिन भर सरकारी अस्पतालों में हंगामा चलता रहा। इस बयान के विरोध में हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन ने बुधवार को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक फिर से स्ट्राइक करने की घोषणा की थी। एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि यदि महिला आयोग की चेयरपर्सन ने तब भी माफी नहीं मांगी या इस्तीफा नहीं दिया, तो गुरुवार को पूरे दिन की स्ट्राइक की जाएगी। शाम तक माफी नहीं मांगने पर अड़ी रेणु भाटिया ने विवाद बढ़ता देख रात दस बजे अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजा, जिसमें उन्होंने अपने लगभग साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में निष्ठा और ईमानदारी से अध्यक्ष, हरियाणा राज्य महिला आयोग के पद पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने इस कार्यकाल के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया। रेणु भाटिया ने अपने इस्तीफे में यह भी आश्वस्त किया कि वह महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान के लिए सदैव लड़ती रहेंगी और भविष्य में भी किसी पद पर नियुक्त होने पर पूरी निष्ठा व ईमानदारी से उसका निर्वाह करेंगी।1
- कुरुक्षेत्र के एक सरकारी अस्पताल में नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न मामले की जांच के दौरान रेणु भाटिया द्वारा नर्सिंग स्टाफ को फटकार लगाए जाने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस दौरान उनके एक बयान—'आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं'—पर नर्सिंग संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। नर्सिंग संगठनों ने इस बयान को 'अपमानजनक' करार देते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और हड़ताल शुरू कर दी है। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, रेणु भाटिया ने कहा है कि अगर उनसे अनजाने में कोई गलती हुई है तो वह क्षमा चाहती हैं, लेकिन किसी भी दबाव में वह माफी नहीं मांगेंगी।1
- औरंगाबाद में एक मकान में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते घर का सारा सामान जलकर राख में तब्दील हो गया। आग इतनी तेज थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन लग रहा था। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। यह भीषण आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। इस घटना में गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।4
- मास्टर श्यौराज ने एक महत्वपूर्ण बयान में सभी किसान संगठनों को एक गंभीर साजिश का शिकार बताया है। उन्होंने जोर दिया कि यदि किसान संगठनों को जीवित रहना है, तो उन्हें एकजुट होकर इस स्थिति पर विचार करना होगा।1
- हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित एलएनजेपी सिविल अस्पताल से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें 15 वर्षीय एक मरीज के परिजनों ने अस्पताल में कार्यरत एक कंसल्टेंट डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, यह किशोरी इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी, जिसके बाद परिजनों ने कुछ आपत्तियां जताते हुए संबंधित अधिकारियों को अपनी शिकायत सौंपी। इस मामले के सामने आने के बाद, अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, और पुलिस ने शिकायत के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने संबंधित डॉक्टर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- हापुड़ शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें हापुड़ शहर के 41 वार्डों से आए वार्ड अध्यक्षों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस बैठक की अध्यक्षता शहर उपाध्यक्ष अमित अग्रवाल ने की। शहर अध्यक्ष जनाब इरफान अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी वर्ष 2027 के विधानसभा एवं निकाय चुनावों को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए लगातार कार्यरत है। इरफान अहमद ने यह भी बताया कि विधानसभा अध्यक्षों को गांव-गांव जाकर बूथ समितियों का गठन करने के साथ-साथ युवाओं को कांग्रेस के गौरवशाली इतिहास और विचारधारा से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हापुड़ विधानसभा (SIR) कोऑर्डिनेटर नरेश भाटी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा करते हुए प्रत्येक वार्ड में उन लोगों तक पहुंचने की आवश्यकता पर बल दिया जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़े हैं या किसी कारणवश हट गए हैं, ताकि एक निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतदाता सूची तैयार की जा सके। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. खालिद मोहम्मद ने कहा कि संगठन की वास्तविक मजबूती बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता से आती है, और जितना मजबूत बूथ संगठन होगा, आगामी चुनावों में पार्टी को उतना ही अधिक लाभ मिलेगा। बैठक में शहर अध्यक्ष इरफान अहमद, विकास त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष सरला देवी, गुलफाम कुरैशी, अफजाल आड़ती, एडवोकेट रघुवीर सिंह, रतन सिंह, आकाश त्यागी, यशपाल सिंह ढिलोर, सचिन गोयल, सुरेंद्र सिंह, तारेश्वर त्यागी, हसन आतिफ, खुशनुद अली, जस्सा सिंह, वार्ड अध्यक्ष सुनील कुमार, यश कुमार, जावेद सैफी, इलियास सैफी, धीरज प्रजापति, ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल कलाम, महासचिव देवेंद्र कुमार जयंत, संदीप कुमार, सचिन कुमार, सोनू कुमार, विपिन कुमार, राजेंद्र कुमार, दीपक कुमार, युसूफ हवारी, राहुल शर्मा, युसूफ हावरी, रतनलाल, कमला देवी, विमला देवी, उषा देवी, पूजा, अनीता देवी, रजनी, अंजू, ओमवती, परमजीत कौर, शकुंतला देवी आदिसहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, वार्ड अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का समापन संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा आगामी चुनावों की तैयारियों को गति देने के संकल्प के साथ हुआ।1
- गाजियाबाद के जिला अस्पताल एमएमजी में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक लड़की हाथ में चाकू लेकर लगातार लोगों को डरा-धमका रही है। यह स्थिति दोपहर 3:00 बजे से लेकर शाम 6:25 बजे तक, यानी तीन घंटे से भी अधिक समय तक बनी रही। इतने लंबे समय के बावजूद, न तो अस्पताल की डॉक्टरों की टीम, न वार्ड बॉय, और न ही पुलिस प्रशासन लड़की को काबू कर पाया। यह घटना जिला अस्पताल के डॉक्टरों और प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार है। इस लड़की का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह डॉक्टर की कुर्सी पर बैठी दिखाई दे रही है।1
- बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक सरकारी कॉलोनी में गैस सिलेंडर में आग लगने से एक घर में भीषण आग लग गई। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के तुरंत बाद घर में मौजूद सभी लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई, जिसके चलते परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित रहे। हालांकि, इस दुखद घटना के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। आग की सूचना मिलने पर तुरंत फायर फाइटर्स मौके पर पहुँचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड के कारण परिवार को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।4