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कुरुक्षेत्र के एक सरकारी अस्पताल में नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न मामले की जांच के दौरान रेणु भाटिया द्वारा नर्सिंग स्टाफ को फटकार लगाए जाने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस दौरान उनके एक बयान—'आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं'—पर नर्सिंग संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। नर्सिंग संगठनों ने इस बयान को 'अपमानजनक' करार देते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और हड़ताल शुरू कर दी है। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, रेणु भाटिया ने कहा है कि अगर उनसे अनजाने में कोई गलती हुई है तो वह क्षमा चाहती हैं, लेकिन किसी भी दबाव में वह माफी नहीं मांगेंगी।
Vikrambhardwaj Faridabad
कुरुक्षेत्र के एक सरकारी अस्पताल में नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न मामले की जांच के दौरान रेणु भाटिया द्वारा नर्सिंग स्टाफ को फटकार लगाए जाने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस दौरान उनके एक बयान—'आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं'—पर नर्सिंग संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। नर्सिंग संगठनों ने इस बयान को 'अपमानजनक' करार देते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और हड़ताल शुरू कर दी है। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, रेणु भाटिया ने कहा है कि अगर उनसे अनजाने में कोई गलती हुई है तो वह क्षमा चाहती हैं, लेकिन किसी भी दबाव में वह माफी नहीं मांगेंगी।
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- भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। उनकी करोड़ों की संपत्ति, महंगी गाड़ियों का बड़ा कलेक्शन और चुनावी मैदान में सक्रियता के साथ-साथ उनके नाम कई कानूनी मामले भी दर्ज रहे हैं। इनमें मुंबई में दर्ज हुए दुष्कर्म के आरोप से लेकर चुनावी हलफनामों में बताए गए विभिन्न मामले शामिल हैं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी मामले में आरोप लगना और अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाना दो अलग-अलग बातें हैं, और इन सभी मामलों में अंतिम फैसला अदालत को ही करना है। सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों और नेताओं के रिकॉर्ड को लेकर अक्सर बहस तेज रहती है। इसी संदर्भ में यह सवाल उठाया गया है कि क्या जनता को अपने नेताओं और जनप्रतिनिधियों का पूरा रिकॉर्ड जानने का अधिकार होना चाहिए।1
- यह सवाल उठाया गया है कि इन झुग्गियों में लगे मीटरों का आखिरकार कौन जिम्मेदार है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह पूरा मामला सिर्फ मीटरों से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका असली मुद्दा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का है।1
- साइबर थाना शाहदरा ने साइबर धोखाधड़ी के ₹5.67 लाख के एक मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। एक शिकायत प्राप्त होने के बाद, तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित कुल 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में फर्जी लेन-देन के लिए उपयोग किए गए म्यूल बैंक खातों का पर्दाफाश हुआ और पूरे धन प्रवाह (मनी ट्रेल) का भी पता लगाया गया। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों की साइबर सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए लोगों से संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की सूचना तुरंत 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर देने का आग्रह किया है।1
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट री-एग्जाम की सिटी इंटीमेशन स्लिप जारी कर दी है, जिसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार ने इस बार नीट परीक्षा में किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। इसी बीच, पेपर लीक से बचाने और सेंधमारी रोकने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया गया है: नीट री-एग्जाम का पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट्स का 21 जून तक दुनिया से नाता तोड़ दिया गया है। दरअसल, 3 मई को पेपर लीक के चलते रद्द हुई नीट यूजी 2026 की परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। सरकार ने इस बार परीक्षा की शुचिता और एनटीए की साख बचाने के लिए पूरी तरह कमर कस ली है। पिछली बार पेपर लीक और रद्द होने के कारण देशभर में बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद नीट यूजी 2026 री-एग्जाम के लिए यह सबसे कड़ा कदम उठाया गया है। हाल के वर्षों में शायद ही ऐसा हुआ है कि किसी परीक्षा का पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट्स को भी 'नजरबंद' कर दिया गया हो। नीट री-एग्जाम का पेपर सेट करने वाले, उसका संचालन करने वाले और अनुवाद करने वाले सभी एक्सपर्ट्स को एक ऐसे गुप्त 'सेफ हाउस' में रखा गया है, जिसकी जानकारी सिर्फ उच्च अधिकारियों के अलावा किसी को नहीं है। पेपर बनाने की प्रक्रिया के आखिरी चरण तक शामिल इन सभी लोगों का बाहरी दुनिया से संचार पूरी तरह काट दिया गया है, जिसका अर्थ है कि वे 21 जून तक किसी से भी संपर्क नहीं कर सकेंगे।1
- हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने अपने 'आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं' वाले बयान पर बढ़ते विवाद के बाद देर रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस बयान को लेकर दिन भर सरकारी अस्पतालों में हंगामा चलता रहा। इस बयान के विरोध में हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन ने बुधवार को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक फिर से स्ट्राइक करने की घोषणा की थी। एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि यदि महिला आयोग की चेयरपर्सन ने तब भी माफी नहीं मांगी या इस्तीफा नहीं दिया, तो गुरुवार को पूरे दिन की स्ट्राइक की जाएगी। शाम तक माफी नहीं मांगने पर अड़ी रेणु भाटिया ने विवाद बढ़ता देख रात दस बजे अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजा, जिसमें उन्होंने अपने लगभग साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में निष्ठा और ईमानदारी से अध्यक्ष, हरियाणा राज्य महिला आयोग के पद पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने इस कार्यकाल के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया। रेणु भाटिया ने अपने इस्तीफे में यह भी आश्वस्त किया कि वह महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान के लिए सदैव लड़ती रहेंगी और भविष्य में भी किसी पद पर नियुक्त होने पर पूरी निष्ठा व ईमानदारी से उसका निर्वाह करेंगी।1
- कंगना रनौत की आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले, कंगना अपनी टीम के साथ देशभर में यात्रा कर रही हैं, जहाँ वे उन वास्तविक नायकों को सम्मानित कर रही हैं जो संकट के समय चुपचाप देश की सेवा करते हैं। इसी अभियान के तहत, भुवनेश्वर और रायपुर के बाद यह दल दिल्ली पहुँचा, जहाँ फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं, जिन्होंने कंगना के साथ मिलकर दिल्ली के कई वास्तविक जीवन के नायकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। फिल्म देखने के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'भारत भाग्य विधाता' को दिल्ली में टैक्स फ्री घोषित करने का ऐलान किया। इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिनमें अन्नपूर्णा देवी, गजेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. राज भूषण चौधरी, प्रताप राव जाधव, गिरिराज सिंह और आशीष सूद प्रमुख रूप से शामिल थे।1
- पाकिस्तान आर्मी एविएशन का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर बुधवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मुजफ्फराबाद के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर पर सवार सभी 21 कर्मियों की मौत हो गई। यह हेलीकॉप्टर पीओके में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच नीलम घाटी सेक्टर में अतिरिक्त सैनिकों को ले जा रहा था। सोशल मीडिया पर कुछ दावों में यह कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना के इस हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बताया है कि यह दुर्घटना मुजफ्फराबाद के पास तकनीकी खराबी के कारण हुई, जिसमें हेलीकॉप्टर पर सवार सभी 21 लोग मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुआ यह हेलीकॉप्टर पाकिस्तान आर्मी एविएशन का एमआई-17 था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर पीओके के नीलम घाटी सेक्टर में अतिरिक्त सैनिकों को ले जा रहा था, तभी उड़ान भरते समय उसमें तकनीकी खराबी आ गई। कथित तौर पर विमान ने आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना हुई। इस हादसे में कोई जीवित नहीं बचा और पीड़ितों में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल थे।3