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घर घर जाकर सहिया खिला रही फाइलेरिया का दवा, आम जनों का मिल रहा सहयोग सिसई प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों लगातार जोर सोर से फाईलेरिया का दावा खिलाया जा रहा हैं। बी टी टी लिलन कुमारी, सिलवंती मिंज के द्वारा प्रखंड के 185 सहिया को सुबह शाम गूगल मिट के माध्यम से एवं साथ में फील्ड में घूम घूम कर सहयोग दिया जा रहा हैं। यह कार्यकम का शुरुआत 10 फरवरी से किया गया हैं, जो 25 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने बताया कि खाली पेट में , गर्भवती माता, 2 वर्ष से छोटे बच्चें और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को दावा का सेवन नहीं करना हैं।
कृष्णा कुमार साहु
घर घर जाकर सहिया खिला रही फाइलेरिया का दवा, आम जनों का मिल रहा सहयोग सिसई प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों लगातार जोर सोर से फाईलेरिया का दावा खिलाया जा रहा हैं। बी टी टी लिलन कुमारी, सिलवंती मिंज के द्वारा प्रखंड के 185 सहिया को सुबह शाम गूगल मिट के माध्यम से एवं साथ में फील्ड में घूम घूम कर सहयोग दिया जा रहा हैं। यह कार्यकम का शुरुआत 10 फरवरी से किया गया हैं, जो 25 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने बताया कि खाली पेट में , गर्भवती माता, 2 वर्ष से छोटे बच्चें और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को दावा का सेवन नहीं करना हैं।
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- *मनरेगा सामाजिक अंकेक्षन में भारी लापरवाही* सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के भदौली पंचायत में इन दिनों मनरेगा से संबंधित वित्तीय वर्ष 2024 - 25 में हुए कार्यों का भारी लापरवाही के साथ सामाजिक अंकेक्षन का कार्य किया जा रहा है। पंचायत में बिना एंट्री पॉइंट जनप्रतिनिधियों के साथ बिना बैठक कर के कार्य किया जा रहा है। ऑडिट टीम के द्वारा बताया गया कि पंचायत सचिव विनोद भगत और रोजगार सेवक अजय पात्रिक लकड़ा कार्य में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण परेशानी हो रहा है। दिन मंगलवार को पंचायत के राजस्व ग्राम सकरौली में ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में तीन वार्ड सदस्यों की अनुपस्थिति में ग्राम सभा का बैठक किया गया। प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण चार टोला में से मात्र 12 से 14 ग्रामीण ही उपस्थित रहे । वहीं ग्रामीणों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं किया गया था जिसके कारण ग्रामीण जमीन पर बैठने को विवश थे। यह देखकर सकरौली वार्ड सदस्य कृष्णा कुमार साहु भड़क उठे और उन्होंने कहा कि हर समय ग्रामीणों को अंधकार में रखकर हस्ताक्षर लेकर सिर्फ कोरम पूरा किया जाता हैं। जिसके कारण योग्य लाभुक को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। राजस्व ग्राम सकरौली के अंतर्गत सकरौली खास, उरांव टोली सकरौली, सकरौली कुंबाटोली एवं छापर डीपा आता है। चार वार्ड को मिलाकर लगभग 2000 की आबादी है जिसमें से सिर्फ 12 से 14 ग्रामीणों के बीच ग्राम सभा का बैठक करा कर कोरम पूरा किया गया। इस विषय में जब भदौली पंचायत के रोजगार सेवक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ग्रामसभा के बैठक की सूचना सभी ग्रामीणों को दिया गया था वहीं ग्राम प्रधान के द्वारा बैठक को लेकर घंट भी बजवाया गया था। बावजूद ग्रामीण बैठक में नहीं आये। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हमलोगों को इस बैठक के विषय में पूर्व में किसी के द्वारा कोई सूचना नहीं मिली थी। जानकारी ना होने के कारण हमलोग बैठक में शामिल नहीं हो सके।1
- सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के भदौली पंचायत में इन दिनों मनरेगा से संबंधित वित्तीय वर्ष 2024 - 25 में हुए कार्यों का भारी लापरवाही के साथ सामाजिक अंकेक्षन का कार्य किया जा रहा है। पंचायत में बिना एंट्री पॉइंट जनप्रतिनिधियों के साथ बिना बैठक कर के कार्य किया जा रहा है। ऑडिट टीम के द्वारा बताया गया कि पंचायत सचिव विनोद भगत और रोजगार सेवक अजय पात्रिक लकड़ा कार्य में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण परेशानी हो रहा है। दिन मंगलवार को पंचायत के राजस्व ग्राम सकरौली में ग्राम प्रधान सुमन पहान की अध्यक्षता में तीन वार्ड सदस्यों की अनुपस्थिति में ग्राम सभा का बैठक किया गया। प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण चार टोला में से मात्र 12 से 14 ग्रामीण ही उपस्थित रहे । वहीं ग्रामीणों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं किया गया था जिसके कारण ग्रामीण जमीन पर बैठने को विवश थे। यह देखकर सकरौली वार्ड सदस्य कृष्णा कुमार साहु भड़क उठे और उन्होंने कहा कि हर समय ग्रामीणों को अंधकार में रखकर हस्ताक्षर लेकर सिर्फ कोरम पूरा किया जाता हैं। जिसके कारण योग्य लाभुक को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। राजस्व ग्राम सकरौली के अंतर्गत सकरौली खास, उरांव टोली सकरौली, सकरौली कुंबाटोली एवं छापर डीपा आता है। चार वार्ड को मिलाकर लगभग 2000 की आबादी है जिसमें से सिर्फ 12 से 14 ग्रामीणों के बीच ग्राम सभा का बैठक करा कर कोरम पूरा किया गया। इस विषय में जब भदौली पंचायत के रोजगार सेवक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ग्रामसभा के बैठक की सूचना सभी ग्रामीणों को दिया गया था वहीं ग्राम प्रधान के द्वारा बैठक को लेकर घंट भी बजवाया गया था। बावजूद ग्रामीण बैठक में नहीं आये। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हमलोगों को इस बैठक के विषय में पूर्व में किसी के द्वारा कोई सूचना नहीं मिली थी। जानकारी ना होने के कारण हमलोग बैठक में शामिल नहीं हो सके। इस प्रकार के कार्य प्रणाली संबंधित अधिकारी, कर्मचारी के घोर लापरवाही को दर्शाता है और कई सवालों को जन्म देता है।4
- प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजन की तैयारियां पूर्ण कलश यात्रा के साथ बुधवार से होगा आरम्भ1
- घाघरा (गुमला) :- उपायुक्त की पहल पर ग्रामीण क्षेत्र के कामकाजी अभिभावकों को संज्ञान में रखते हुए उनके बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। इसके तहत “एक प्लेट काम” योजना के अंतर्गत बच्चों का जन्मदिन सामूहिक रूप से मनाया जा रहा है।इसी क्रम में घाघरा प्रखंड के कोटामाटी, घोड़ाटांगर, पाकरटोली, गम्हरिया सहित कई अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित पालक एवं मडुवा (रागी) जैसे मोटे अनाज से बने केक का उपयोग कर बच्चों का जन्मदिन मनाया गया। इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना है।बताया गया कि यह जन्मदिन कार्यक्रम हर महीने के तीसरे बुधवार को आयोजित किया जाएगा, जिसमें उसी माह जन्म लेने वाले बच्चों का जन्मदिन सामूहिक रूप से मनाया जाएगा।गम्हरिया आंगनबाड़ी केंद्र में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी महिला बाल विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार द्वारा बच्चों से केक कटवाकर जन्मदिन मनाया गया।इस अवसर पर बीडीओ दिनेश कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें विशेष महसूस कराना है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।वहीं, कार्यक्रम को लेकर एलएस श्वेता ने बताया कि उपायुक्त, गुमला के निर्देशानुसार इस माह जन्म लेने वाले बच्चों का जन्मदिन मनाने का आदेश प्राप्त हुआ था, जिसके आलोक में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी उपायुक्त के निर्देशानुसार इस पहल को नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।2
- आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन हेतु अपील गुमला: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के अंतर्गत जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें पड़ोस के अभिवंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस प्रावधान के तहत शैक्षणिक सत्र हेतु निम्नलिखित विद्यालयों में नामांकन लिया जाना है: * सरस्वती विद्या मंदिर, गुमला * सरस्वती शिशु मंदिर, गुमल * सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, भरनो * डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गुमला * संत मेरी स्कूल, कुदा, कामडारा * चंचल सिग्नेस स्कूल, अरमई * सरस्वती शिशु मंदिर, भलमंदा * सोलिटियर एजुकेशनल अकादमी, मकरा * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, टोंगों, चैनपुर * मॉट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया, * किशोर मोहन लाल साहू, सरस्वती शिशु मंदिर, कयम्बा, पालकोट * रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्यालय, कुदरा, सिसई * कार्तिक उरांव आदिवासी बाल विद्यालय, निजमा बधराईटोली * संत अन्ना मध्य विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु * नोट्रेडेम स्कूल, गुमला * जटया मध्य विद्यालय, बुरहू * संत जेवियर्स स्कूल, गुमला * विकास चिल्ड्रेन एकेडमी, विशुनपुर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ‘पड़ोस’ से आशय विद्यालय से 01 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत निवास करने वाले बच्चों से है। यदि 01 किलोमीटर की परिधि में पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विद्यालय की विस्तारित सीमा 06 किलोमीटर की परिधि तक निवास करने वाले बच्चों का नामांकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आरटीई अधिनियम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संबंधित विद्यालय अथवा प्रखंड शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें एवं अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।1
- गुमला के आदिवासी सरना स्थल में मिशन संस्था के दबाव से रोड मांगा जा रहा है? #gumla #aadivasi #jameen1
- Post by आदिवासी जोहार1
- सड़क सुरक्षा को लेकर गुमला जिला प्रशासन का विशेष जागरूकता अभियान जारी गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार माइकिंग कर आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पटेल चौक, थाना चौक, उर्मी चौक, समाहरणालय चौक एवं टावर चौक सहित अन्य व्यस्त स्थानों पर माइक लगवाकर सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों का प्रसारण किया जा रहा है। वहां से गुजरने वाले राहगीरों, वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को सीट बेल्ट लगाने, दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए केवल विधिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उक्त अभियान जिला परिवहन विभाग की सड़क सुरक्षा टीम द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जैयवासवल के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। टीम द्वारा नियमित रूप से विभिन्न स्थलों पर निरीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के सभी नागरिकों से आग्रह है कि सड़क पर सावधानी बरतें, यातायात नियमों का पालन करें तथा “सुरक्षित सड़क – सुरक्षित जीवन” के संकल्प को साकार करने में अपना सहयोग प्रदान करें।3