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चित्तौड़गढ़ में कई अस्थायी पुलिस चौकियों की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। इन चौकियों के आसपास घनी झाड़ियां और गंदगी फैली हुई है, जिसके कारण वहां हमेशा जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। इस बदहाल स्थिति को देखते हुए अब पुलिस जवानों के लिए एक बेहतर कार्यस्थल की मांग उठने लगी है।
Hello Chittorgarh News
चित्तौड़गढ़ में कई अस्थायी पुलिस चौकियों की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। इन चौकियों के आसपास घनी झाड़ियां और गंदगी फैली हुई है, जिसके कारण वहां हमेशा जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। इस बदहाल स्थिति को देखते हुए अब पुलिस जवानों के लिए एक बेहतर कार्यस्थल की मांग उठने लगी है।
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- चित्तौड़गढ़ में सरकारी फार्मासिस्टों के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया। इसके साथ ही, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में महिला पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, घोसुंडा में हुए तलवार हमले के मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।1
- भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) में एक प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित जीनगर समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पोटलां निवासी संगीता जीनगर को 9 जुलाई को प्रसव के लिए अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने पूरे दिन उसकी उचित देखभाल नहीं की। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद ही शाम को उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टरों ने दूसरा ऑपरेशन कर उसका गर्भाशय निकाल दिया। मृतका की ननद सानू जीनगर ने आरोप लगाया कि दूसरे ऑपरेशन के बाद संगीता को होश ही नहीं आया और हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार उदयपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में फैले संक्रमण और गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही को ही मौत का कारण बताया है। जीनगर समाज के प्रतिनिधि गौरव जीनगर ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन करेगा। समाज ने बताया कि मृतका अनुसूचित जाति के एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और अपने पीछे एक तीन वर्षीय पुत्र, नवजात पुत्री, वृद्ध विधवा सास और मेहनत-मजदूरी करने वाले पति को छोड़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि वह बिना जांच किए भ्रामक जानकारी फैला रहा है और अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।1
- नीमच के भगाना स्थित धनेरा रोड की गोकुलधाम कॉलोनी में नाली की हालत बहुत खराब हो चुकी है। यहाँ नाले की साफ-सफाई की स्थिति बदहाल बनी हुई है।4
- भीलवाड़ा के एफसीआई रोड स्थित कच्ची बस्ती में कोहिनूर सेवा समिति (कोहिनूर ग्रुप इन राजस्थान) के तत्वावधान में 13 जुलाई को करीब 100 बालक-बालिकाओं को स्टेशनरी किट बांटी गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि रामनिवास "रोनी राज" रहे और विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज सेवक छीतर मल गेंगट ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री पूजा साल्वी द्वारा की गई सरस्वती वंदना से हुआ। अपने अध्यक्षीय भाषण में छीतर मल गेंगट ने कहा कि समाज सेवा उनका परम लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि समाज के 13 क्रिकेट क्लबों के 200 बच्चों को खेल सामग्री देने के साथ-साथ झुग्गियों में जरूरतमंदों की स्कूल फीस, खाद्य सामग्री और सर्दियों में कंबल व स्वेटर बांटना उनका संकल्प है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कवि रामनिवास रोनी राज की "अ से अनार" और "A for Apple" पर आधारित कविता ने बच्चों में नई उमंग जगाई। इसके साथ ही, कवयित्री पूजा साल्वी ने बेटी पर आधारित रचना प्रस्तुत की और हास्य कवि जय प्रकाश "जय" ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी, राजेश पाटनी, संपत गावरी, राकेश कुमार SI, कुणाल गोरण, जगदीश गोरण, महादेव सरपटा, महावीर गेंगट, शुभम चन्नाल, पुरण आदिवाल, सुनील कुमार, मुकुल कुमार, आशीष कुमार, मनीष कुमार, नेहा गेंगट और सोनू खोकर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। अंत में श्याम बी गारू ने सभी का आभार व्यक्त किया।3
- भीलवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित राजस्थान के दूसरे कच्ची दीवार वाले बांध को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नेगड़िया खेड़ा पंचायत के फुंकिया बांध की पाल की मरम्मत का काम कई वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शुरू हो गया है। वर्तमान में यह निर्माण कार्य बहुत तेज गति से चल रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी हर्ष और खुशी का माहौल है। लंबे समय से इस जीर्णोद्धार की मांग कर रहे स्थानीय लोगों ने कार्य शुरू होने पर क्षेत्रीय विधायक लादू लाल पितलिया और प्रशासन का खुले दिल से आभार जताया है। सिंचाई विभाग गंगापुर के जेईएन श्रीकांत शर्मा ने भी इस परियोजना की तकनीकी जानकारी साझा की है।2
- चित्तौड़गढ़ जिले के डूँगला क्षेत्र के चिकारड़ा अंतर्गत पदमपुरा स्थित राजकीय विद्यालय के बाहर लंबे समय से जलभराव, कीचड़ और दुर्गंध के कारण विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विद्यालय आने-जाने वाले छोटे बच्चों को प्रतिदिन इस कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे उनके आवागमन प्रभावित होने के साथ ही हर समय दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती थी। इस गंभीर समस्या के उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत पालोद ने रविवार को विद्यालय के बाहर जलभराव वाले स्थान पर मिट्टी डलवाकर ट्रैक्टर की सहायता से उसे समतल कराया, जिससे बच्चों और ग्रामीणों को लंबे समय से बनी इस परेशानी से राहत मिली है। ग्राम पंचायत के सरपंच सुरेश डांगी ने बताया कि पदमपुरा में जर्जर सड़क, सड़क किनारे उगी झाड़ियां, टूटी पुलिया और झुके हुए बिजली पोल जैसी अन्य कई समस्याएं भी मौजूद हैं। इन सभी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से इन समस्याओं का भी शीघ्र समाधान कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।3
- भीलवाड़ा में समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय टीम मुस्कान फाउंडेशन ने रक्तदान के बाद अब पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नई पहल शुरू की है। फाउंडेशन ने अपने 1285 यूनिट रक्तदान के ऐतिहासिक संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अब 1285 पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इस हरित अभियान के प्रथम चरण के तहत सार्वजनिक स्थानों पर 95 पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही फाउंडेशन के सदस्यों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण करने का भी पूरा संकल्प लिया है। फाउंडेशन का मानना है कि जिस तरह रक्तदान से लोगों को नया जीवन मिलता है, उसी प्रकार पौधारोपण से पर्यावरण को जीवन मिलता है। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। टीम मुस्कान फाउंडेशन ने भीलवाड़ा के शहरवासियों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें सुरक्षित रखने की अपील की है ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।1
- चित्तौड़गढ़ में कई अस्थायी पुलिस चौकियों की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। इन चौकियों के आसपास घनी झाड़ियां और गंदगी फैली हुई है, जिसके कारण वहां हमेशा जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। इस बदहाल स्थिति को देखते हुए अब पुलिस जवानों के लिए एक बेहतर कार्यस्थल की मांग उठने लगी है।1