logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) में एक प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित जीनगर समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पोटलां निवासी संगीता जीनगर को 9 जुलाई को प्रसव के लिए अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने पूरे दिन उसकी उचित देखभाल नहीं की। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद ही शाम को उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टरों ने दूसरा ऑपरेशन कर उसका गर्भाशय निकाल दिया। मृतका की ननद सानू जीनगर ने आरोप लगाया कि दूसरे ऑपरेशन के बाद संगीता को होश ही नहीं आया और हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार उदयपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में फैले संक्रमण और गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही को ही मौत का कारण बताया है। जीनगर समाज के प्रतिनिधि गौरव जीनगर ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन करेगा। समाज ने बताया कि मृतका अनुसूचित जाति के एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और अपने पीछे एक तीन वर्षीय पुत्र, नवजात पुत्री, वृद्ध विधवा सास और मेहनत-मजदूरी करने वाले पति को छोड़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि वह बिना जांच किए भ्रामक जानकारी फैला रहा है और अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।

2 hrs ago
user_Puneet jain
Puneet jain
भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
2 hrs ago

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) में एक प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित जीनगर समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पोटलां निवासी संगीता जीनगर को 9 जुलाई को प्रसव के लिए अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने पूरे दिन उसकी उचित देखभाल नहीं की। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद ही शाम को उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टरों ने दूसरा ऑपरेशन कर उसका गर्भाशय निकाल दिया। मृतका की ननद सानू जीनगर ने आरोप लगाया कि दूसरे ऑपरेशन के बाद संगीता को होश ही नहीं आया और हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार उदयपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में फैले संक्रमण और गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही को ही मौत का कारण बताया है। जीनगर समाज के प्रतिनिधि गौरव जीनगर ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन करेगा। समाज ने बताया कि मृतका अनुसूचित जाति के एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और अपने पीछे एक तीन वर्षीय पुत्र, नवजात पुत्री, वृद्ध विधवा सास और मेहनत-मजदूरी करने वाले पति को छोड़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि वह बिना जांच किए भ्रामक जानकारी फैला रहा है और अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) में एक प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित जीनगर समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पोटलां निवासी संगीता जीनगर को 9 जुलाई को प्रसव के लिए अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने पूरे दिन उसकी उचित देखभाल नहीं की। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद ही शाम को उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टरों ने दूसरा ऑपरेशन कर उसका गर्भाशय निकाल दिया। मृतका की ननद सानू जीनगर ने आरोप लगाया कि दूसरे ऑपरेशन के बाद संगीता को होश ही नहीं आया और हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार उदयपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में फैले संक्रमण और गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही को ही मौत का कारण बताया है। जीनगर समाज के प्रतिनिधि गौरव जीनगर ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन करेगा। समाज ने बताया कि मृतका अनुसूचित जाति के एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और अपने पीछे एक तीन वर्षीय पुत्र, नवजात पुत्री, वृद्ध विधवा सास और मेहनत-मजदूरी करने वाले पति को छोड़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि वह बिना जांच किए भ्रामक जानकारी फैला रहा है और अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।
    1
    भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) में एक प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित जीनगर समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है।

ज्ञापन के अनुसार, पोटलां निवासी संगीता जीनगर को 9 जुलाई को प्रसव के लिए अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने पूरे दिन उसकी उचित देखभाल नहीं की। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद ही शाम को उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टरों ने दूसरा ऑपरेशन कर उसका गर्भाशय निकाल दिया। मृतका की ननद सानू जीनगर ने आरोप लगाया कि दूसरे ऑपरेशन के बाद संगीता को होश ही नहीं आया और हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार उदयपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में फैले संक्रमण और गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही को ही मौत का कारण बताया है।

जीनगर समाज के प्रतिनिधि गौरव जीनगर ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन करेगा। समाज ने बताया कि मृतका अनुसूचित जाति के एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और अपने पीछे एक तीन वर्षीय पुत्र, नवजात पुत्री, वृद्ध विधवा सास और मेहनत-मजदूरी करने वाले पति को छोड़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि वह बिना जांच किए भ्रामक जानकारी फैला रहा है और अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।
    user_Puneet jain
    Puneet jain
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • भीलवाड़ा के एफसीआई रोड स्थित कच्ची बस्ती में कोहिनूर सेवा समिति (कोहिनूर ग्रुप इन राजस्थान) के तत्वावधान में 13 जुलाई को करीब 100 बालक-बालिकाओं को स्टेशनरी किट बांटी गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि रामनिवास "रोनी राज" रहे और विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज सेवक छीतर मल गेंगट ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री पूजा साल्वी द्वारा की गई सरस्वती वंदना से हुआ। अपने अध्यक्षीय भाषण में छीतर मल गेंगट ने कहा कि समाज सेवा उनका परम लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि समाज के 13 क्रिकेट क्लबों के 200 बच्चों को खेल सामग्री देने के साथ-साथ झुग्गियों में जरूरतमंदों की स्कूल फीस, खाद्य सामग्री और सर्दियों में कंबल व स्वेटर बांटना उनका संकल्प है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कवि रामनिवास रोनी राज की "अ से अनार" और "A for Apple" पर आधारित कविता ने बच्चों में नई उमंग जगाई। इसके साथ ही, कवयित्री पूजा साल्वी ने बेटी पर आधारित रचना प्रस्तुत की और हास्य कवि जय प्रकाश "जय" ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी, राजेश पाटनी, संपत गावरी, राकेश कुमार SI, कुणाल गोरण, जगदीश गोरण, महादेव सरपटा, महावीर गेंगट, शुभम चन्नाल, पुरण आदिवाल, सुनील कुमार, मुकुल कुमार, आशीष कुमार, मनीष कुमार, नेहा गेंगट और सोनू खोकर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। अंत में श्याम बी गारू ने सभी का आभार व्यक्त किया।
    3
    भीलवाड़ा के एफसीआई रोड स्थित कच्ची बस्ती में कोहिनूर सेवा समिति (कोहिनूर ग्रुप इन राजस्थान) के तत्वावधान में 13 जुलाई को करीब 100 बालक-बालिकाओं को स्टेशनरी किट बांटी गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि रामनिवास "रोनी राज" रहे और विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज सेवक छीतर मल गेंगट ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री पूजा साल्वी द्वारा की गई सरस्वती वंदना से हुआ। अपने अध्यक्षीय भाषण में छीतर मल गेंगट ने कहा कि समाज सेवा उनका परम लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि समाज के 13 क्रिकेट क्लबों के 200 बच्चों को खेल सामग्री देने के साथ-साथ झुग्गियों में जरूरतमंदों की स्कूल फीस, खाद्य सामग्री और सर्दियों में कंबल व स्वेटर बांटना उनका संकल्प है।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कवि रामनिवास रोनी राज की "अ से अनार" और "A for Apple" पर आधारित कविता ने बच्चों में नई उमंग जगाई। इसके साथ ही, कवयित्री पूजा साल्वी ने बेटी पर आधारित रचना प्रस्तुत की और हास्य कवि जय प्रकाश "जय" ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी, राजेश पाटनी, संपत गावरी, राकेश कुमार SI, कुणाल गोरण, जगदीश गोरण, महादेव सरपटा, महावीर गेंगट, शुभम चन्नाल, पुरण आदिवाल, सुनील कुमार, मुकुल कुमार, आशीष कुमार, मनीष कुमार, नेहा गेंगट और सोनू खोकर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। अंत में श्याम बी गारू ने सभी का आभार व्यक्त किया।
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    8 hrs ago
  • भीलवाड़ा में समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय टीम मुस्कान फाउंडेशन ने रक्तदान के बाद अब पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नई पहल शुरू की है। फाउंडेशन ने अपने 1285 यूनिट रक्तदान के ऐतिहासिक संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अब 1285 पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इस हरित अभियान के प्रथम चरण के तहत सार्वजनिक स्थानों पर 95 पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही फाउंडेशन के सदस्यों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण करने का भी पूरा संकल्प लिया है। फाउंडेशन का मानना है कि जिस तरह रक्तदान से लोगों को नया जीवन मिलता है, उसी प्रकार पौधारोपण से पर्यावरण को जीवन मिलता है। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। टीम मुस्कान फाउंडेशन ने भीलवाड़ा के शहरवासियों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें सुरक्षित रखने की अपील की है ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
    1
    भीलवाड़ा में समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय टीम मुस्कान फाउंडेशन ने रक्तदान के बाद अब पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नई पहल शुरू की है। फाउंडेशन ने अपने 1285 यूनिट रक्तदान के ऐतिहासिक संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अब 1285 पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इस हरित अभियान के प्रथम चरण के तहत सार्वजनिक स्थानों पर 95 पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही फाउंडेशन के सदस्यों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण करने का भी पूरा संकल्प लिया है।

फाउंडेशन का मानना है कि जिस तरह रक्तदान से लोगों को नया जीवन मिलता है, उसी प्रकार पौधारोपण से पर्यावरण को जीवन मिलता है। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। टीम मुस्कान फाउंडेशन ने भीलवाड़ा के शहरवासियों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें सुरक्षित रखने की अपील की है ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
    user_PRAVIN KUMAR SEN
    PRAVIN KUMAR SEN
    Event Planning Service भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • भीलवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित राजस्थान के दूसरे कच्ची दीवार वाले बांध को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नेगड़िया खेड़ा पंचायत के फुंकिया बांध की पाल की मरम्मत का काम कई वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शुरू हो गया है। वर्तमान में यह निर्माण कार्य बहुत तेज गति से चल रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी हर्ष और खुशी का माहौल है। लंबे समय से इस जीर्णोद्धार की मांग कर रहे स्थानीय लोगों ने कार्य शुरू होने पर क्षेत्रीय विधायक लादू लाल पितलिया और प्रशासन का खुले दिल से आभार जताया है। सिंचाई विभाग गंगापुर के जेईएन श्रीकांत शर्मा ने भी इस परियोजना की तकनीकी जानकारी साझा की है।
    2
    भीलवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित राजस्थान के दूसरे कच्ची दीवार वाले बांध को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नेगड़िया खेड़ा पंचायत के फुंकिया बांध की पाल की मरम्मत का काम कई वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शुरू हो गया है। वर्तमान में यह निर्माण कार्य बहुत तेज गति से चल रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी हर्ष और खुशी का माहौल है।

लंबे समय से इस जीर्णोद्धार की मांग कर रहे स्थानीय लोगों ने कार्य शुरू होने पर क्षेत्रीय विधायक लादू लाल पितलिया और प्रशासन का खुले दिल से आभार जताया है। सिंचाई विभाग गंगापुर के जेईएन श्रीकांत शर्मा ने भी इस परियोजना की तकनीकी जानकारी साझा की है।
    user_Banshilal Mali
    Banshilal Mali
    Sahara, Bhilwara•
    19 hrs ago
  • आसींद विधानसभा के ब्यावर जिले के बदनोर उपखंड के तहत ग्राम पंचायत परा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर एवं परा प्रशासक रुक्मणी देवी सहित सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और नन्हे बालक-बालिकाओं का भी सम्मान किया गया। इसी शिविर के दौरान मीडिया द्वारा गांव की सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर जानकारी मांगे जाने पर बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है, जिसके कारण चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। उन्होंने इस विषय पर जल्द ही ब्यावर जिला कलेक्टर को जानकारी देकर उचित कदम उठाने और कार्रवाई करने की बात कही है।
    2
    आसींद विधानसभा के ब्यावर जिले के बदनोर उपखंड के तहत ग्राम पंचायत परा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर एवं परा प्रशासक रुक्मणी देवी सहित सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और नन्हे बालक-बालिकाओं का भी सम्मान किया गया।

इसी शिविर के दौरान मीडिया द्वारा गांव की सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर जानकारी मांगे जाने पर बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है, जिसके कारण चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। उन्होंने इस विषय पर जल्द ही ब्यावर जिला कलेक्टर को जानकारी देकर उचित कदम उठाने और कार्रवाई करने की बात कही है।
    user_आसींद मंजूर
    आसींद मंजूर
    Advertising Photographer आसींद, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • चित्तौड़गढ़ में सरकारी फार्मासिस्टों के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया। इसके साथ ही, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में महिला पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, घोसुंडा में हुए तलवार हमले के मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
    1
    चित्तौड़गढ़ में सरकारी फार्मासिस्टों के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया। इसके साथ ही, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में महिला पुलिस द्वारा विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, घोसुंडा में हुए तलवार हमले के मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • भीलवाड़ा जिले के अंतिम छोर पर स्थित फूलियाकलां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी से जूझ रहा है। डॉक्टरों के अवकाश पर चले जाने और कर्मचारियों के डेपुटेशन के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं, जिससे क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल में लगातार आ रहे मरीजों को इलाज न मिलने के कारण निराश होकर लौटना पड़ रहा है या फिर अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल में चिकित्सा और जांच व्यवस्था ठप होने के पीछे कर्मचारियों की कमी एक बड़ा कारण है। डॉ. सत्यनारायण शर्मा 1 जून से मेडिकल अवकाश पर हैं, जबकि डॉ. नितेश झाजोरिया 2 जुलाई से अवैतनिक अवकाश पर चल रहे हैं। इसके अलावा, डॉ. दुर्गेश खिंची को 23 मई से पीएचसी कोठियां में डेपुटेशन पर लगाया गया है। फार्मासिस्ट हितेश सेन पिछले छह महीने से केकड़ी में और लैब टेक्नीशियन सालु खां पिछले पांच महीने से बच्छखेड़ा पीएचसी में डेपुटेशन पर कार्यरत हैं। इन परिस्थितियों के चलते अस्पताल की पूरी व्यवस्था नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिले के अंतिम छोर पर होने की वजह से यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से विभागीय अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार है। उच्च अधिकारियों के दौरे भी बहुत कम होते हैं और केवल निरीक्षण की सूचना मिलने पर ही कर्मचारी उपस्थित नजर आते हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार द्वारा डेपुटेशन पर रोक संबंधी निर्देशों के उल्लंघन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गंभीर रोगियों को केवल प्राथमिक उपचार देकर अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू करने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द ही प्रभावी कदम उठाकर डॉक्टरों और आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
    2
    भीलवाड़ा जिले के अंतिम छोर पर स्थित फूलियाकलां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी से जूझ रहा है। डॉक्टरों के अवकाश पर चले जाने और कर्मचारियों के डेपुटेशन के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं, जिससे क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल में लगातार आ रहे मरीजों को इलाज न मिलने के कारण निराश होकर लौटना पड़ रहा है या फिर अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

अस्पताल में चिकित्सा और जांच व्यवस्था ठप होने के पीछे कर्मचारियों की कमी एक बड़ा कारण है। डॉ. सत्यनारायण शर्मा 1 जून से मेडिकल अवकाश पर हैं, जबकि डॉ. नितेश झाजोरिया 2 जुलाई से अवैतनिक अवकाश पर चल रहे हैं। इसके अलावा, डॉ. दुर्गेश खिंची को 23 मई से पीएचसी कोठियां में डेपुटेशन पर लगाया गया है। फार्मासिस्ट हितेश सेन पिछले छह महीने से केकड़ी में और लैब टेक्नीशियन सालु खां पिछले पांच महीने से बच्छखेड़ा पीएचसी में डेपुटेशन पर कार्यरत हैं। इन परिस्थितियों के चलते अस्पताल की पूरी व्यवस्था नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिले के अंतिम छोर पर होने की वजह से यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से विभागीय अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार है। उच्च अधिकारियों के दौरे भी बहुत कम होते हैं और केवल निरीक्षण की सूचना मिलने पर ही कर्मचारी उपस्थित नजर आते हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार द्वारा डेपुटेशन पर रोक संबंधी निर्देशों के उल्लंघन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गंभीर रोगियों को केवल प्राथमिक उपचार देकर अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू करने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द ही प्रभावी कदम उठाकर डॉक्टरों और आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
    user_के एम कुरेशी
    के एम कुरेशी
    Local News Reporter फूलिया कलां, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • भीलवाड़ा के पुर थाना क्षेत्र के काणोली चौराहे पर स्थित जंबो पंजाब ढाबे पर बैठे एक युवक पर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में चाकू सीधे युवक की छाती पर लगा। घायल युवक को लहूलुहान हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया है, जहां ट्रॉमा वार्ड में उसका इलाज जारी है। अस्पताल में भर्ती घायल राजोला निवासी 22 वर्षीय सत्यनारायण उर्फ सत्तू जाट (पिता हीरा जाट) ने रविवार शाम करीब 5 बजे बताया कि वह दिन में ढाबे पर बैठा हुआ था। इसी दौरान कमलेश जाट, सांवर जाट और उनके साथ 3 से 4 अन्य लोग वहां पहुंचे और आते ही मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच कमलेश ने अचानक उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। वारदात के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए।
    1
    भीलवाड़ा के पुर थाना क्षेत्र के काणोली चौराहे पर स्थित जंबो पंजाब ढाबे पर बैठे एक युवक पर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में चाकू सीधे युवक की छाती पर लगा। घायल युवक को लहूलुहान हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया है, जहां ट्रॉमा वार्ड में उसका इलाज जारी है।

अस्पताल में भर्ती घायल राजोला निवासी 22 वर्षीय सत्यनारायण उर्फ सत्तू जाट (पिता हीरा जाट) ने रविवार शाम करीब 5 बजे बताया कि वह दिन में ढाबे पर बैठा हुआ था। इसी दौरान कमलेश जाट, सांवर जाट और उनके साथ 3 से 4 अन्य लोग वहां पहुंचे और आते ही मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच कमलेश ने अचानक उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। वारदात के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए।
    user_Puneet jain
    Puneet jain
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    20 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.