आसींद विधानसभा के ब्यावर जिले के बदनोर उपखंड के तहत ग्राम पंचायत परा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर एवं परा प्रशासक रुक्मणी देवी सहित सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और नन्हे बालक-बालिकाओं का भी सम्मान किया गया। इसी शिविर के दौरान मीडिया द्वारा गांव की सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर जानकारी मांगे जाने पर बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है, जिसके कारण चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। उन्होंने इस विषय पर जल्द ही ब्यावर जिला कलेक्टर को जानकारी देकर उचित कदम उठाने और कार्रवाई करने की बात कही है।
आसींद विधानसभा के ब्यावर जिले के बदनोर उपखंड के तहत ग्राम पंचायत परा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर एवं परा प्रशासक रुक्मणी देवी सहित सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और नन्हे बालक-बालिकाओं का
भी सम्मान किया गया। इसी शिविर के दौरान मीडिया द्वारा गांव की सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर जानकारी मांगे जाने पर बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है, जिसके कारण चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। उन्होंने इस विषय पर जल्द ही ब्यावर जिला कलेक्टर को जानकारी देकर उचित कदम उठाने और कार्रवाई करने की बात कही है।
- आसींद विधानसभा के ब्यावर जिले के बदनोर उपखंड के तहत ग्राम पंचायत परा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर एवं परा प्रशासक रुक्मणी देवी सहित सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और नन्हे बालक-बालिकाओं का भी सम्मान किया गया। इसी शिविर के दौरान मीडिया द्वारा गांव की सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर जानकारी मांगे जाने पर बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है, जिसके कारण चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। उन्होंने इस विषय पर जल्द ही ब्यावर जिला कलेक्टर को जानकारी देकर उचित कदम उठाने और कार्रवाई करने की बात कही है।2
- राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में जलापूर्ति के समय होने वाली बिजली कटौती से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। पानी की सप्लाई के वक्त ही बिजली गुल हो जाने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस विकट समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने विद्युत विभाग पर उनकी परेशानी के प्रति पूरी तरह से अनदेखी करने का आरोप लगाया है।1
- अजमेर के ब्यावर की बेटी नीलम ने 'बॉलीवुड ग्लैम' फैशन शो में फर्स्ट विनर का खिताब जीतकर रैंप पर तहलका मचा दिया है। एक छोटे शहर से निकलकर फैशन की दुनिया में इतना बड़ा मुकाम हासिल करने वाली नीलम ने पहली बार कैमरे के सामने आकर अपना पहला और सबसे बेबाक इंटरव्यू साझा किया है। इस बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी जीत के हर एक सीक्रेट, तैयारियों और जीवन के कड़े संघर्ष की पूरी कहानी को सबके सामने रखा है। ब्यावर की बेटी की इस बेमिसाल जीत और कड़े संघर्ष की पूरी कहानी सीधे नीलम की जुबानी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।1
- राजस्थान सरकार द्वारा संचालित ओबीसी वर्गीकरण सर्वे को लेकर पाली जिले में रावणा राजपूत समाज की ओर से व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया। समाज के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह परिहार के सानिध्य में जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। इस अभियान के तहत समाजबंधुओं को राजधारा ऐप डाउनलोड करवाकर सर्वे में अपनी जानकारी सही ढंग से दर्ज करने के लिए प्रेरित किया गया और सभी ने सर्वे के जाति कॉलम में अपनी पहचान "रावणा राजपूत" अंकित कराने का सामूहिक संकल्प लिया। समाज के मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर उन्हें ओबीसी वर्गीकरण सर्वे के महत्व से अवगत कराना है। इसके तहत पाली शहर में राजू सिंह चौहान, गुंदोज में रघुनाथ सिंह पंवार, रानी में जय सिंह सिसोदिया एवं एडवोकेट राजेंद्र सिंह, फलना में सुख सिंह, देसूरी में भीम सिंह, नाडोल में नरपत सिंह, बिसलपुर में गोपाल सिंह कच्छवाह, राजू सिंह गहलोत, मंगू सिंह गहलोत व बद्री सिंह, बेड़ा में रतन सिंह तथा सुमेरपुर में तेजपाल सिंह व प्रभु सिंह के नेतृत्व में जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर राजधारा ऐप के माध्यम से लोगों का पंजीयन करा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि यह ओबीसी वर्गीकरण सर्वे समाज की वास्तविक जनसंख्या और पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से स्वयं राजधारा ऐप पर पंजीयन करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने की अपील की। इस दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठजन, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर समाज की पहचान को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।1
- भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) में एक प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित जीनगर समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पोटलां निवासी संगीता जीनगर को 9 जुलाई को प्रसव के लिए अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने पूरे दिन उसकी उचित देखभाल नहीं की। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद ही शाम को उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टरों ने दूसरा ऑपरेशन कर उसका गर्भाशय निकाल दिया। मृतका की ननद सानू जीनगर ने आरोप लगाया कि दूसरे ऑपरेशन के बाद संगीता को होश ही नहीं आया और हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार उदयपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में फैले संक्रमण और गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही को ही मौत का कारण बताया है। जीनगर समाज के प्रतिनिधि गौरव जीनगर ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन करेगा। समाज ने बताया कि मृतका अनुसूचित जाति के एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और अपने पीछे एक तीन वर्षीय पुत्र, नवजात पुत्री, वृद्ध विधवा सास और मेहनत-मजदूरी करने वाले पति को छोड़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि वह बिना जांच किए भ्रामक जानकारी फैला रहा है और अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।1
- भीलवाड़ा के एफसीआई रोड स्थित कच्ची बस्ती में कोहिनूर सेवा समिति (कोहिनूर ग्रुप इन राजस्थान) के तत्वावधान में 13 जुलाई को करीब 100 बालक-बालिकाओं को स्टेशनरी किट बांटी गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि रामनिवास "रोनी राज" रहे और विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज सेवक छीतर मल गेंगट ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री पूजा साल्वी द्वारा की गई सरस्वती वंदना से हुआ। अपने अध्यक्षीय भाषण में छीतर मल गेंगट ने कहा कि समाज सेवा उनका परम लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि समाज के 13 क्रिकेट क्लबों के 200 बच्चों को खेल सामग्री देने के साथ-साथ झुग्गियों में जरूरतमंदों की स्कूल फीस, खाद्य सामग्री और सर्दियों में कंबल व स्वेटर बांटना उनका संकल्प है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कवि रामनिवास रोनी राज की "अ से अनार" और "A for Apple" पर आधारित कविता ने बच्चों में नई उमंग जगाई। इसके साथ ही, कवयित्री पूजा साल्वी ने बेटी पर आधारित रचना प्रस्तुत की और हास्य कवि जय प्रकाश "जय" ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के प्यार चंद सालवी, राजेश पाटनी, संपत गावरी, राकेश कुमार SI, कुणाल गोरण, जगदीश गोरण, महादेव सरपटा, महावीर गेंगट, शुभम चन्नाल, पुरण आदिवाल, सुनील कुमार, मुकुल कुमार, आशीष कुमार, मनीष कुमार, नेहा गेंगट और सोनू खोकर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। अंत में श्याम बी गारू ने सभी का आभार व्यक्त किया।3
- भीलवाड़ा में समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय टीम मुस्कान फाउंडेशन ने रक्तदान के बाद अब पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नई पहल शुरू की है। फाउंडेशन ने अपने 1285 यूनिट रक्तदान के ऐतिहासिक संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अब 1285 पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इस हरित अभियान के प्रथम चरण के तहत सार्वजनिक स्थानों पर 95 पौधे लगाए गए हैं। इसके साथ ही फाउंडेशन के सदस्यों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण करने का भी पूरा संकल्प लिया है। फाउंडेशन का मानना है कि जिस तरह रक्तदान से लोगों को नया जीवन मिलता है, उसी प्रकार पौधारोपण से पर्यावरण को जीवन मिलता है। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। टीम मुस्कान फाउंडेशन ने भीलवाड़ा के शहरवासियों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें सुरक्षित रखने की अपील की है ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।1
- राजस्थान में अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी और आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश भर में कार्य का बहिष्कार कर रखा है। इसी कड़ी में, आसींद क्षेत्र में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी और आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने आसींद उपखंड कार्यालय पर इकट्ठा होकर जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अभी तक स्थायी नहीं किया गया है और उनका मानदेय भी काफी कम है, जिसे जल्द से जल्द बढ़ाया जाना चाहिए। आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो इस आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा।1