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राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में जलापूर्ति के समय होने वाली बिजली कटौती से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। पानी की सप्लाई के वक्त ही बिजली गुल हो जाने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस विकट समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने विद्युत विभाग पर उनकी परेशानी के प्रति पूरी तरह से अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
Prahalad singh
राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में जलापूर्ति के समय होने वाली बिजली कटौती से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। पानी की सप्लाई के वक्त ही बिजली गुल हो जाने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस विकट समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने विद्युत विभाग पर उनकी परेशानी के प्रति पूरी तरह से अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
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- राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में जलापूर्ति के समय होने वाली बिजली कटौती से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। पानी की सप्लाई के वक्त ही बिजली गुल हो जाने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस विकट समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने विद्युत विभाग पर उनकी परेशानी के प्रति पूरी तरह से अनदेखी करने का आरोप लगाया है।1
- आसींद विधानसभा के ब्यावर जिले के बदनोर उपखंड के तहत ग्राम पंचायत परा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर एवं परा प्रशासक रुक्मणी देवी सहित सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और नन्हे बालक-बालिकाओं का भी सम्मान किया गया। इसी शिविर के दौरान मीडिया द्वारा गांव की सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर जानकारी मांगे जाने पर बदनोर तहसीलदार और शिविर प्रभारी भवानी शंकर ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है, जिसके कारण चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हुआ है। उन्होंने इस विषय पर जल्द ही ब्यावर जिला कलेक्टर को जानकारी देकर उचित कदम उठाने और कार्रवाई करने की बात कही है।2
- राजस्थान सरकार द्वारा संचालित ओबीसी वर्गीकरण सर्वे को लेकर पाली जिले में रावणा राजपूत समाज की ओर से व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया। समाज के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह परिहार के सानिध्य में जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। इस अभियान के तहत समाजबंधुओं को राजधारा ऐप डाउनलोड करवाकर सर्वे में अपनी जानकारी सही ढंग से दर्ज करने के लिए प्रेरित किया गया और सभी ने सर्वे के जाति कॉलम में अपनी पहचान "रावणा राजपूत" अंकित कराने का सामूहिक संकल्प लिया। समाज के मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर उन्हें ओबीसी वर्गीकरण सर्वे के महत्व से अवगत कराना है। इसके तहत पाली शहर में राजू सिंह चौहान, गुंदोज में रघुनाथ सिंह पंवार, रानी में जय सिंह सिसोदिया एवं एडवोकेट राजेंद्र सिंह, फलना में सुख सिंह, देसूरी में भीम सिंह, नाडोल में नरपत सिंह, बिसलपुर में गोपाल सिंह कच्छवाह, राजू सिंह गहलोत, मंगू सिंह गहलोत व बद्री सिंह, बेड़ा में रतन सिंह तथा सुमेरपुर में तेजपाल सिंह व प्रभु सिंह के नेतृत्व में जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर राजधारा ऐप के माध्यम से लोगों का पंजीयन करा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि यह ओबीसी वर्गीकरण सर्वे समाज की वास्तविक जनसंख्या और पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से स्वयं राजधारा ऐप पर पंजीयन करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने की अपील की। इस दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठजन, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर समाज की पहचान को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।1
- अजमेर के ब्यावर की बेटी नीलम ने 'बॉलीवुड ग्लैम' फैशन शो में फर्स्ट विनर का खिताब जीतकर रैंप पर तहलका मचा दिया है। एक छोटे शहर से निकलकर फैशन की दुनिया में इतना बड़ा मुकाम हासिल करने वाली नीलम ने पहली बार कैमरे के सामने आकर अपना पहला और सबसे बेबाक इंटरव्यू साझा किया है। इस बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी जीत के हर एक सीक्रेट, तैयारियों और जीवन के कड़े संघर्ष की पूरी कहानी को सबके सामने रखा है। ब्यावर की बेटी की इस बेमिसाल जीत और कड़े संघर्ष की पूरी कहानी सीधे नीलम की जुबानी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।1
- भीलवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित राजस्थान के दूसरे कच्ची दीवार वाले बांध को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नेगड़िया खेड़ा पंचायत के फुंकिया बांध की पाल की मरम्मत का काम कई वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शुरू हो गया है। वर्तमान में यह निर्माण कार्य बहुत तेज गति से चल रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी हर्ष और खुशी का माहौल है। लंबे समय से इस जीर्णोद्धार की मांग कर रहे स्थानीय लोगों ने कार्य शुरू होने पर क्षेत्रीय विधायक लादू लाल पितलिया और प्रशासन का खुले दिल से आभार जताया है। सिंचाई विभाग गंगापुर के जेईएन श्रीकांत शर्मा ने भी इस परियोजना की तकनीकी जानकारी साझा की है।2
- पाली के कलेक्ट्रेट के सामने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सोमवार सुबह एक बार फिर अपनी 19 सूत्री मांगों को लेकर दोबारा महापड़ाव शुरू कर दिया है। इस हड़ताल के दूसरे चरण के प्रारंभ होने से जिले के 1442 केंद्रों पर ताले लटक गए हैं। इस वजह से करीब 23 हजार बच्चों और 12.5 हजार महिलाओं का पोषाहार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस हड़ताल के चलते प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ा है, जहां महज 13 अधिकारी मिलकर जिले के 1442 केंद्रों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और एक-एक सुपरवाइजर पर 110 सेंटरों का जिम्मा आ गया है। दूसरी ओर, संघ की जिलाध्यक्ष सुषमा शर्मा का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक यह प्रदर्शन बंद नहीं होगा।1
- भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय (एमजीएच) में एक प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित जीनगर समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पोटलां निवासी संगीता जीनगर को 9 जुलाई को प्रसव के लिए अस्पताल के एमसीएच विंग में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने पूरे दिन उसकी उचित देखभाल नहीं की। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद ही शाम को उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। इसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टरों ने दूसरा ऑपरेशन कर उसका गर्भाशय निकाल दिया। मृतका की ननद सानू जीनगर ने आरोप लगाया कि दूसरे ऑपरेशन के बाद संगीता को होश ही नहीं आया और हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार उदयपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में फैले संक्रमण और गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही को ही मौत का कारण बताया है। जीनगर समाज के प्रतिनिधि गौरव जीनगर ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज पूरे राजस्थान में उग्र आंदोलन करेगा। समाज ने बताया कि मृतका अनुसूचित जाति के एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और अपने पीछे एक तीन वर्षीय पुत्र, नवजात पुत्री, वृद्ध विधवा सास और मेहनत-मजदूरी करने वाले पति को छोड़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि वह बिना जांच किए भ्रामक जानकारी फैला रहा है और अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।1
- राजसमंद के भीम में घर में घुसे हथियारबंद बदमाशों ने एक बुजुर्ग महिला के साथ लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों ने महिला के कान से टॉप्स खींच लिए, जिससे उनका कान कट गया।1