भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत रंभा के अंतर्गत रिंगढाना गांव में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद डीडी उइके और क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह चौहान रविवार को प्रभावित परिवारों से मिलने और उनकी समस्याओं को जानने के लिए पहुंचे। उन्होंने आग प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री और विधायक ने पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा सुनी और कहा कि इस कठिन समय में शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनके साथ पूरी तरह खड़े हैं। उन्होंने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि किसी भी परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा तथा राहत एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक सभी प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद डीडी उइके और विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने आग प्रभावित परिवारों को कपड़े वितरित किए और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए सरकार की सहायता के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वे घटना के अगले ही दिन भी रिंगढाना पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रभावित परिवारों को नगद सहायता, कपड़े, राशन, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की थी। उन्होंने पुनः गांव पहुंचकर राहत कार्यों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के बैंक खाते शीघ्र खोले जाएं ताकि शासकीय सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंच सके। साथ ही, गांव में पेयजल की समस्या को देखते हुए तत्काल बोर खनन कर आवश्यक जल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने प्रशासन को राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने और समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक कार्य पूरे करने को कहा। आगजनी की इस घटना में कई परिवारों के मकान, घरेलू सामान, अनाज तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं जलकर नष्ट हो गई थीं, जिससे उनके सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के गांव पहुंचने और सहायता का आश्वासन मिलने पर संतोष व्यक्त किया, जिससे पीड़ित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष भैयालाल इरपाचे, जिला महामंत्री कृष्णा गायकी, मंडल अध्यक्ष अनिल उइके, जिला पंचायत सदस्य सोनू सुनील भलावी, पूर्व जनपद अध्यक्ष सुनील भलावी, मीनाग भूसुमकर, विकल सिंह, विनोद वरती, सरपंच गुजी बाई बारस्कर, सरपंच मानाराम जी, मुन्नालाल कवड़े सहित बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत रंभा के अंतर्गत रिंगढाना गांव में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद डीडी उइके और क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह चौहान रविवार को प्रभावित परिवारों से मिलने और उनकी समस्याओं को जानने के लिए पहुंचे। उन्होंने आग प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री और विधायक ने पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा सुनी और कहा कि इस कठिन समय में शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनके साथ पूरी तरह खड़े हैं। उन्होंने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि किसी भी
परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा तथा राहत एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक सभी प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद डीडी उइके और विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने आग प्रभावित परिवारों को कपड़े वितरित किए और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए सरकार की सहायता के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वे घटना के अगले ही दिन भी रिंगढाना पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रभावित परिवारों को नगद सहायता, कपड़े, राशन, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सामग्री
उपलब्ध कराने की व्यवस्था की थी। उन्होंने पुनः गांव पहुंचकर राहत कार्यों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के बैंक खाते शीघ्र खोले जाएं ताकि शासकीय सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंच सके। साथ ही, गांव में पेयजल की समस्या को देखते हुए तत्काल बोर खनन कर आवश्यक जल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने प्रशासन को राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने और समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक कार्य पूरे करने को कहा। आगजनी की इस घटना में कई परिवारों
के मकान, घरेलू सामान, अनाज तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं जलकर नष्ट हो गई थीं, जिससे उनके सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के गांव पहुंचने और सहायता का आश्वासन मिलने पर संतोष व्यक्त किया, जिससे पीड़ित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष भैयालाल इरपाचे, जिला महामंत्री कृष्णा गायकी, मंडल अध्यक्ष अनिल उइके, जिला पंचायत सदस्य सोनू सुनील भलावी, पूर्व जनपद अध्यक्ष सुनील भलावी, मीनाग भूसुमकर, विकल सिंह, विनोद वरती, सरपंच गुजी बाई बारस्कर, सरपंच मानाराम जी, मुन्नालाल कवड़े सहित बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत रंभा के अंतर्गत रिंगढाना गांव में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद डीडी उइके और क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह चौहान रविवार को प्रभावित परिवारों से मिलने और उनकी समस्याओं को जानने के लिए पहुंचे। उन्होंने आग प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री और विधायक ने पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा सुनी और कहा कि इस कठिन समय में शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनके साथ पूरी तरह खड़े हैं। उन्होंने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि किसी भी परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा तथा राहत एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक सभी प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद डीडी उइके और विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने आग प्रभावित परिवारों को कपड़े वितरित किए और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए सरकार की सहायता के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वे घटना के अगले ही दिन भी रिंगढाना पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रभावित परिवारों को नगद सहायता, कपड़े, राशन, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की थी। उन्होंने पुनः गांव पहुंचकर राहत कार्यों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के बैंक खाते शीघ्र खोले जाएं ताकि शासकीय सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंच सके। साथ ही, गांव में पेयजल की समस्या को देखते हुए तत्काल बोर खनन कर आवश्यक जल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने प्रशासन को राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने और समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक कार्य पूरे करने को कहा। आगजनी की इस घटना में कई परिवारों के मकान, घरेलू सामान, अनाज तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं जलकर नष्ट हो गई थीं, जिससे उनके सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के गांव पहुंचने और सहायता का आश्वासन मिलने पर संतोष व्यक्त किया, जिससे पीड़ित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष भैयालाल इरपाचे, जिला महामंत्री कृष्णा गायकी, मंडल अध्यक्ष अनिल उइके, जिला पंचायत सदस्य सोनू सुनील भलावी, पूर्व जनपद अध्यक्ष सुनील भलावी, मीनाग भूसुमकर, विकल सिंह, विनोद वरती, सरपंच गुजी बाई बारस्कर, सरपंच मानाराम जी, मुन्नालाल कवड़े सहित बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- भैंसदेही विधानसभा के भीमपुर ब्लॉक के रंभा पंचायत के रिंगढाणा गांव में आगजनी की घटना से प्रभावित परिवारों से मिलने केंद्रीय मंत्री (सांसद) डीडी उईके और क्षेत्रीय विधायक महेंद्रसिंह चौहान पहुँचे। इस दौरान रिंगढाणा के एक पीड़ित सहानु कास्देकर ने नेताओं को अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उनके बेटे की सोमवार को शादी थी और आग लगने से शादी का सब कुछ जलकर खाक हो गया है, जिससे अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि शादी कैसे करें। सहानु कास्देकर ने बताया कि उनके बेटे की बारात डोडाजाम जाने वाली थी और शादी की सारी खरीदी भी पूरी हो चुकी थी। आगजनी में उनके 4,12,000 रुपये नकद, शादी के सभी कपड़े, जेवर और अनाज सहित सबकुछ जलकर राख हो गया है। केंद्रीय मंत्री डीडी उईके ने रिंगढाणा के सभी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मंत्री और विधायक ने मौके पर लोगों को कपड़े भी वितरित किए और पीड़ितों से चिंता न करने का आग्रह करते हुए कहा कि वे सब उनके साथ खड़े हैं। गौरतलब है कि विधायक महेंद्रसिंह चौहान शनिवार को भी रिंगढाणा के पीड़ितों से मिलने गए थे, जहाँ उन्होंने नकद राशि के साथ कपड़े, राशन और पानी आदि की व्यवस्थाएँ करवाई थीं। आज फिर विधायक ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोगों के खाते समय सीमा में खोलें और पीने के पानी के लिए बोर खनन करवाएँ। इस दौरान केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डीडी उईके के साथ क्षेत्रीय विधायक महेंद्रसिंह चौहान, जनपद अध्यक्ष भैय्यालाल इरपाचे, जिला महामंत्री कृष्णा गायकी, मंडल अध्यक्ष अनिल उईके, जिला पंचायत सदस्य सोनू सुनील भलावी, पूर्व जनपद अध्यक्ष सुनील भलावी, मिनॉग भुसुमकर, यूमो अध्यक्ष विकलसिंह, विनोद वर्टी, सरपंच गुंजी बाई गन्नू बारस्कर, श्यामजी यादव, सरपंच मनाराम जी और मुन्नालाल कवड़े सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।3
- बैतूल जिले में मानसून का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ इस बार 30 मई तक इसके आने का अनुमान जताया गया था। हालांकि, अब 15 जून की तारीख आ चुकी है, पर मानसून का कोई अता-पता नहीं है, जिससे भीषण गर्मी का दौर जारी है। इस तपिश के बीच, बच्चे नदियों में स्नान कर गर्मी से राहत का आनंद ले रहे हैं।3
- मध्य प्रदेश के आठनेर नगर में स्थित प्राचीन ताप्ती सरोवर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं और नगर के सामाजिक संगठनों के युवाओं ने श्रमदान करते हुए स्वच्छता अभियान चलाया। नगर में चली आ रही मान्यता के अनुसार, इस ताप्ती सरोवर में ताप्ती उद्गम स्थल मुलताई से वर्ष भर पानी आता है, जिसके कारण यह स्थान हजारों लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। सफाई कार्य में जुटे स्वयंसेवक संघ और सामाजिक संगठन के युवाओं ने भी इस सरोवर को आस्था का केंद्र बताया।1
- पाथाखेड़ा स्थित बजरंग मंदिर के पास खाने के टिफिन बेचने वाले एक व्यक्ति को अज्ञातवास ने टक्कर मार दी। इस घटना में वह व्यक्ति घायल हो गया, जिसके बाद उसे घोड़ाडोंगरी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- भैंसदेही से करीब 35-40 किलोमीटर दूर पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसे लोकलदारी गाँव के आदिवासी किसान अपनी पीढ़ियों से चली आ रही खेती वाली जमीनों से विस्थापित होने के गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके खेतों पर बनी झोपड़ियों को तोड़ा गया, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और अब इन्हीं जमीनों पर प्लांटेशन लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। लगभग 100 मकानों और करीब 1,500 निवासियों वाले इस गाँव की मुख्य आजीविका खेतिहर कृषि पर निर्भर है, लेकिन सड़क, परिवहन और पर्याप्त सुविधाओं की कमी के कारण यहाँ के युवा रोजगार के लिए महाराष्ट्र की ओर पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे दशकों से इन जमीनों पर खेती कर रहे हैं और कई पीढ़ियों की आजीविका इन्हीं खेतों से जुड़ी है। उन्होंने वनाधिकार (Forest Rights Act) के तहत कई बार आवेदन दिए, शिविरों में भी गए, लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद उन्हें वनाधिकार पट्टा नहीं मिला। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मिलने पर केवल आश्वासन ही मिला। एक वरिष्ठ ग्रामीण ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, "हमारी दादी-नानी यहीं पली-बढ़ीं, आज हमें हमारी जमीन से बेदखल किया जा रहा है।" वन अधिकार कानून, 2006, जंगलों में रहने वाले पारंपरिक समुदायों को भूमि और उपयोग के अधिकार देता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया लंबी और जटिल है जिसमें सत्यापन, ग्रामसभा का निर्णय और अधिकारियों की मंजूरी आवश्यक होती है। लोकलदारी के किसानों ने सभी आवश्यक दस्तावेज और आवेदन जमा किए, पर उन्हें मंजूरी नहीं मिली। भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने ग्रामीणों से मिलने के बाद उन्हें वन विभाग और जिला प्रशासन से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करने का आश्वासन दिया है। इस प्लांटेशन से स्थानीय आजीविका गंभीर रूप से प्रभावित होगी, जिससे युवा पलायन और सामाजिक अस्थिरता बढ़ सकती है। साथ ही महिला और बुजुर्ग परिवारों की सुरक्षा तथा पारंपरिक जमीनों के अधिकार भी जोखिम में पड़ जाएंगे। ग्रामीणों ने विधायक से मदद मांगी है और यदि बात नहीं बनी तो वे बड़े जन आंदोलन या कानूनी रास्ता अपनाने का संकेत दे रहे हैं। अब देखना होगा कि वन विभाग और जिला प्रशासन का आधिकारिक बयान क्या आता है और विधायक की अगली कार्रवाई क्या होती है।2
- भैंसदेही के भीमपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत रम्भा के ग्राम रिंगढ़ाना में एक दर्दनाक अग्निकांड ने 19 परिवारों की जिंदगी बदल दी है। बताया जा रहा है कि तेज हवा के बीच खाना बनाते समय निकली एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और एक के बाद एक 19 कच्चे मकान इसकी चपेट में आ गए। इस भीषण आग में घरों में रखा अनाज, कपड़े, घरेलू सामान और वर्षों की मेहनत से जुटाई गई पूंजी चंद पलों में राख में बदल गई, वहीं कई बकरियां और अन्य पालतू पशु भी झुलस गए। आग लगने के बाद गांव में चारों ओर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने का प्रयास किया, जिसमें कई लोगों के हाथ और शरीर झुलस गए। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता को नियंत्रित करने में उसे काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम अजीत मरावी पूरी रात मौके पर डटे रहे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर राहत तथा बचाव कार्य की कमान संभाली। जिन परिवारों के घर जल गए थे, उन्हें तत्काल राहत देते हुए आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूल भवनों में ठहराने की व्यवस्था की गई, ताकि कोई भी परिवार खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर न हो। मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण पेश करते हुए, एसडीएम अजीत मरावी और जनपद सीईओ झलकन की मौजूदगी में सचिव संघ भैंसदेही के अध्यक्ष संतोष लोखंडे, रितेश कावड़कर, भगवंतराव कनाठे सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। वहीं, चोपनी खुर्द के सरपंच गणेश ने भी आगे बढ़कर मदद की और ग्रामीणों से गेहूं एकत्रित कर अपने स्वयं के ट्रैक्टर से 15 कट्टी गेहूं रिंगढ़ाना पहुंचाया, साथ ही रातभर आग बुझाने के प्रयासों में सहयोग किया। रिंगढ़ाना के कई परिवारों की छत छिन जाने के बावजूद, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सामूहिक मदद ने संकट की इस घड़ी में इंसानियत के जीवित होने का प्रमाण दिया है। राख में तब्दील हुए घरों के बीच अब पीड़ित परिवारों को नए सिरे से जिंदगी बसाने की उम्मीद दिखने लगी है, और मदद के लिए बढ़ते हाथ उनके हौसले को टूटने नहीं दे रहे हैं।2