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बम्हनी बंजर जन्माष्टमी के सुअवसर पर कृष्ण राधा की झांकी धूमधाम से निकाली गई बड़े धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मदिवस डीजे में डांस करते हुये नजर आए लोग
राकेश हरदहा
बम्हनी बंजर जन्माष्टमी के सुअवसर पर कृष्ण राधा की झांकी धूमधाम से निकाली गई बड़े धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मदिवस डीजे में डांस करते हुये नजर आए लोग
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- बम्हनी बंजर जन्माष्टमी के सुअवसर पर कृष्ण राधा की झांकी धूमधाम से निकाली गई बड़े धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मदिवस डीजे में डांस करते हुये नजर आए लोग2
- हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंजा बीजाडांडी राधा-कृष्ण मंदिर में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम, निकली भव्य झांकी हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंजा बीजाडांडी राधा-कृष्ण मंदिर में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम, निकली भव्य झांकी चार सितंबर शुक्रवार तीन बजे बीजाडांडी के राधा कृष्ण मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके बाद मंदिर से भव्य झांकी निकाली गई। बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बीजाडांडी में श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। बीजाडांडी ब्लॉक मुख्यालय स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में इस अवसर पर विशेष रौनक देखने को मिली, जहां दिन भर विविध धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हुए। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मंदिर प्रांगण में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों के बाद भगवान श्रीकृष्ण की एक भव्य झांकी निकाली गई। हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के गगनभेदी जयकारों के साथ यह शोभायात्रा राधा-कृष्ण मंदिर से शुरू हुई। नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए और धर्म-लाभ बांटते हुए यह झांकी पुन: राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में भक्तजन और ग्रामीण मौजूद रहे। इस धार्मिक आयोजन से बीजाडांडी का वातावरण पूरी तरह से कृष्णमय हो गया। 0000000000000000000000000001
- अजब मंडला की गजब कहानी... सड़क तालाब में हुई तब्दील दी मंडला - महर्षि विद्या मंदिर स्कूल मार्ग पर गहरे गड्ढे और जलभराव, हर दिन जोखिम में छात्र-छात्राओं, छेत्रवासी और वाहन चालकों की जान,प्रशासन की अनदेखी पर उठे सवाल,जिम्मेदार कौन1
- इमलीटोला प्राथमिक शाला की जर्जर दीवार भरभराकर गिरी, बाल-बाल बचे बच्चे 20 जुलाई को कलेक्टर से की गई थी जर्जर भवन की मरम्मत की शिकायत, जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल घुघरी। विकासखंड घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत इमलीटोला स्थित शासकीय प्राथमिक शाला इमलीटोला के जर्जर भवन की एक तरफ की दीवार शुक्रवार, 4 सितंबर को अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय विद्यालय में बच्चे मौजूद नहीं थे। जन्माष्टमी के अवसर पर अवकाश होने के कारण स्कूल बंद था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार विद्यालय भवन की जर्जर हालत को लेकर 20 जुलाई को कलेक्टर से भवन की मरम्मत कराने की शिकायत की गई थी। इसके बावजूद समय रहते मरम्मत या आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। आखिरकार शुक्रवार को भवन की दीवार अचानक धराशायी हो गई। यदि विद्यालय संचालित हो रहा होता और बच्चे कक्षा में मौजूद होते, तो यह घटना गंभीर रूप ले सकती थी। दीवार गिरने की घटना ने स्कूल भवनों की सुरक्षा और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होने से आज यह स्थिति बनी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय भवन का निरीक्षण कर मरम्मत अथवा वैकल्पिक व्यवस्था कब तक करता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब 20 जुलाई को जर्जर भवन की शिकायत प्रशासन तक पहुंच चुकी थी, तो हादसा होने से पहले जिम्मेदारों ने कार्रवाई क्यों नहीं की?1
- शराब के खिलाफ ग्रामीणों का सख्त संकल्प, निर्माण पर ₹50 हजार जुर्माना शराब के खिलाफ ग्रामीणों का सख्त संकल्प, निर्माण पर ₹50 हजार जुर्माना घंसौर। नशा मुक्ति अभियान के तहत विकासखंड घंसौर के ग्राम भालीवाड़ा में आज 4 सितंबर 2026 दिन शुक्रवार को ग्रामीणों ने शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ सामूहिक रूप से मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने बैठक कर गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने रैली निकालकर नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। ग्रामीणों के सामूहिक निर्णय के अनुसार गांव में शराब का निर्माण करते पकड़े जाने पर ₹50 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं शराब बनाने या बेचने वाले व्यक्ति को पकड़वाने अथवा उसकी जानकारी देकर कार्रवाई में सहयोग करने वाले व्यक्ति को ₹5 हजार का इनाम देने का भी निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नशे पर सख्ती बरतने का फैसला किया है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब और नशीले पदार्थों के कारण सामाजिक वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। भालीवाड़ा के ग्रामीणों की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।1
- सभी विभागों में तृतीय चतुर्थ कर्मचारी की पदोन्नति होगी1
- 🔴 30 बच्चों की मौत के दावे से मचा हड़कंप! हाईकोर्ट ने मांगी पूरी रिपोर्ट - बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर और बिरसा क्षेत्र में 30 बच्चों की मौत के दावे को लेकर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। - एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि केवल अखबारों में प्रकाशित खबरों के आधार पर जनहित याचिका दायर करना पर्याप्त नहीं है। - ⚖️ कोर्ट ने कहा—पहले ग्राउंड रियलिटी देखिए - हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करने और उपलब्ध तथ्यों की पुष्टि कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। - कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट के बाद ही मामले में आगे सुनवाई की जाएगी। इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 को होगी। - 👶 PIL में 30 बच्चों की मौत का दावा - नरसिंहपुर निवासी अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने 1 सितंबर को जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया कि बैहर और बिरसा क्षेत्र में पिछले करीब ढाई महीने के दौरान मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य बीमारियों से 30 बच्चों की मौत हुई है। - याचिका में प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप भी लगाया गया है। - 🏥 अस्पतालों पर बढ़ा दबाव - याचिकाकर्ता के अनुसार, 50 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में करीब 400 बच्चों का इलाज किया जा रहा है। इस दावे के आधार पर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। - 🗣️ आदिवासी संगठनों ने भी उठाए सवाल - स्थानीय आदिवासी संगठनों और प्रतिनिधियों ने भी बच्चों की मौत के मामलों को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि प्रभावित क्षेत्रों में बीमार बच्चों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी है। - संगठनों ने मृत बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है। - 📍 बैहर-बिरसा क्षेत्र | बालाघाट | मध्य प्रदेश - ⚠️ नोट: बच्चों की मौत और उनके कारणों से जुड़े आंकड़े याचिका और स्थानीय संगठनों के दावों पर आधारित हैं। हाईकोर्ट ने तथ्यों की ग्राउंड स्तर पर पुष्टि क9 र रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।1
- गर्भवती की मौत पर सियासत, नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर सांसद कुलस्ते का पलटवार गर्भवती की मौत पर सियासत, नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर सांसद कुलस्ते का पलटवार स्वास्थ्य व्यवस्था पर घिरी सरकार, सांसद बोले संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति न करे कांग्रेस1