आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद अब खूनी संघर्ष में बदल गया है। एक युवक ने पुलिस आयुक्त आगरा को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और उसके परिजनों ने दर्जनों लोगों के साथ मिलकर उसके घर पर हमला किया, मारपीट की, जान से मारने की कोशिश की और पूरे परिवार को घर से बाहर निकालकर मकान पर कब्जा कर लिया। पीड़ित के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2021 में हुई थी, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया, जो न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच, पीड़ित ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा भी दायर किया है। युवक का आरोप है कि 8 जून 2026 को उसकी पत्नी अपने कई परिजनों और अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडे व सरिया लेकर उसके घर पहुंची और गाली-गलौज व मारपीट करने लगी। पीड़ित ने 112 नंबर पर कॉल कर अपनी जान बचाई, और हमलावरों ने जाते-जाते मकान पर कब्जा करने और परिवार को खत्म करने की धमकी भी दी। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि पहली घटना के बाद भी पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद कथित तौर पर 14 जून 2026 को दोबारा हमला किया गया, जिसमें पीड़ित, उसके पिता, मां और दादी के साथ मारपीट की गई और उन्हें घर से बाहर निकालकर उसकी पत्नी को जबरन मकान में बिठा दिया गया। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मकान को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं, तो शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा।
आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद अब खूनी संघर्ष में बदल गया है। एक युवक ने पुलिस आयुक्त आगरा को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और उसके परिजनों ने दर्जनों लोगों के साथ मिलकर उसके घर पर हमला किया, मारपीट की, जान से मारने की कोशिश की और पूरे परिवार को घर से बाहर निकालकर मकान पर कब्जा कर लिया। पीड़ित के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2021 में हुई थी, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया, जो न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच, पीड़ित ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा भी दायर किया है। युवक का आरोप है कि 8 जून 2026 को उसकी पत्नी अपने कई परिजनों और अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडे व सरिया लेकर उसके घर पहुंची और गाली-गलौज व मारपीट करने लगी। पीड़ित ने 112 नंबर पर कॉल कर अपनी जान बचाई, और हमलावरों ने जाते-जाते मकान पर कब्जा करने और परिवार को खत्म करने की धमकी भी दी। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि पहली घटना के बाद भी पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद कथित तौर पर 14 जून 2026 को दोबारा हमला किया गया, जिसमें पीड़ित, उसके पिता, मां और दादी के साथ मारपीट की गई और उन्हें घर से बाहर निकालकर उसकी पत्नी को जबरन मकान में बिठा दिया गया। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मकान को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं, तो शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा।
- जनपद फिरोजाबाद के थाना अराँव क्षेत्र के भारौल गांव स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में बैंककर्मियों द्वारा गोल्ड पैकेट्स का गबन करने के आरोप में तीन बैंककर्मियों को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि इन तीनों अभियुक्तों ने कुल 96 पैकेट्स का गबन किया था। इस संबंध में फिरोजाबाद के एसएसपी ने भी जानकारी दी है। AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत ने 18 जून को इस खबर की जानकारी दी। AIN नेटवर्क उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के सभी जिलों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की तलाश में है। इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक अनुज रावत से 9193250352 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक मामले पर एक 'सबसे बड़ा खुलासा' किया है। सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में टेलीग्राम से संबंधित एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपनी पत्नी और उसके परिजनों पर घर पर हमला करने, मारपीट करने, जान से मारने की कोशिश करने और मकान पर जबरन कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस आयुक्त, आगरा को एक प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है कि उसकी पत्नी और दर्जनों अन्य लोगों ने मिलकर उसके पूरे परिवार को घर से बाहर निकाल दिया और मकान पर कब्जा कर लिया है। पीड़ित के अनुसार, उसकी शादी 2021 में हुई थी, जिसके कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच, पीड़ित ने भी पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि 8 जून 2026 को पत्नी अपने कई परिजनों और अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडे और सरिया लेकर उसके घर पहुंची और गाली-गलौज व मारपीट करने लगी, जिसके बाद पीड़ित ने 112 नंबर पर कॉल कर अपनी जान बचाई। हमलावरों पर जाते-जाते मकान पर कब्जा करने और परिवार को खत्म करने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित का कहना है कि पहली घटना के बाद भी पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते 14 जून 2026 को कथित तौर पर दोबारा हमला किया गया। इस दौरान पीड़ित, उसके पिता, मां और दादी के साथ मारपीट की गई, उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया और पत्नी को जबरन मकान में बैठा दिया गया। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मकान को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।1
- बांदा जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर विधायक प्रकाश द्विवेदी और उनके समर्थकों पर शालिनी सिंह पटेल ने तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या विधायक के जय-जयकार करने वाले 'चमचों' को अस्पताल की बदहाली और मरीजों की दुर्दशा दिखाई नहीं देती। शालिनी सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि बांदा जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीज सुबह 8 बजे से पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें तीन-तीन दिन बाद की जांच की तारीख दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस दौरान किसी मरीज की हालत गंभीर हो जाए या वह जीवित न रहे तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। पटेल ने यह भी बताया कि डॉक्टरों का पक्ष भी गलत नहीं है, क्योंकि अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है, सीएमएस स्वयं एक डॉक्टर हैं, और मंडलीय अस्पताल आज तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका है। इसके परिणामस्वरूप, मरीज स्ट्रेचर और बेड के अभाव में जमीन पर लेटकर इलाज कराने को मजबूर हैं। उन्होंने विधायक और उनके कार्यकर्ताओं के उन दावों पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि बांदा सदर विधानसभा को जापान और अमेरिका बना दिया गया है, जब एक अस्पताल की मूलभूत व्यवस्थाएं भी नहीं संभाली जा पा रही हैं। शालिनी सिंह पटेल ने जोर दिया कि विकास केवल फेसबुक पर दिखाने से नहीं होता, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए और जनता अस्पतालों की बदहाली, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी व मरीजों की पीड़ा को देख रही है। उन्होंने विधायक से जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आग्रह किया और कहा कि वह, शालिनी सिंह पटेल, उनके साथ खड़ी हैं, भले ही उनके खिलाफ लगातार मुकदमे लिखवाए गए हों और उन्हें जेल भिजवाया गया हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मुकदमों और जेल से नहीं डरतीं, और जनता के हित में होने वाले काम में समर्थन करेंगी, लेकिन फर्जी कार्यों, अन्याय और जनविरोधी नीतियों का हमेशा विरोध करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि विधायक सही काम करेंगे तो सब उनके साथ खड़े रहेंगे, लेकिन जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल प्रचार से विकास का प्रमाण नहीं दिया जा सकता।4
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-प्रथम स्थित चार सैय्यद के पास एक नाले से अधेड़ युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल, शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है और पुलिस मृतक की पहचान कराने के प्रयासों में जुटी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1
- आगरा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) महानगर अध्यक्ष शैलू पंडित पर 2022 में हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। माननीय न्यायालय ने इस मामले के मुख्य आरोपी आसिफ बेग को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिससे पीड़ित पक्ष और भाजपा कार्यकर्ताओं में संतोष देखा जा रहा है। यह जानलेवा हमला 24 फरवरी 2022 को हुआ था, जिसमें शैलू पंडित और उनके साथ गोगा मौर्या सहित कई युवा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के अगले दिन, 25 फरवरी को शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच और सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आसिफ बेग को दोषी ठहराया। आसिफ बेग और उसका भाई शाहिद बेग शाहगंज क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात अपराधियों में गिने जाते हैं। करीब चार साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को पीड़ित पक्ष न्याय की जीत मान रहा है। फैसले के बाद शैलू पंडित ने कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ लड़ाई की जीत है। उन्होंने न्यायालय, अभियोजन पक्ष और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। शैलू पंडित ने यह भी कहा कि यह फैसला अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि कानून से कोई बच नहीं सकता। वहीं, भाजयुमो के ब्रज क्षेत्र मंत्री गौरव राजावत ने इस फैसले को कानून में लोगों का विश्वास मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं पर किसी भी हमले के लिए समाजवादी पार्टी समर्थित अपराधी तत्व जिम्मेदार होंगे। आगरा की चर्चित घटनाओं में से एक इस मामले का फैसला न्याय व्यवस्था की बड़ी सफलता और अपराध के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद के थाना अराँव क्षेत्र के भारौल गाँव स्थित बैंक ऑफ इंडिया (BOI) शाखा में बैंककर्मियों द्वारा बैंक में रखे गोल्ड पैकेट्स का गबन करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सिरसागंज ने जानकारी दी है कि 03 बैंककर्मियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है। इस घटना की खबर एआईएन नेटवर्क के प्रधान संपादक अनुज रावत ने 18 जून को प्रसारित की। चैनल ने अपने पाठकों से देश और आसपास की खबरें देखने के लिए चैनल को लाइक, शेयर, फॉलो और सब्सक्राइब करने का भी अनुरोध किया है। एआईएन नेटवर्क को उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के सभी जिलों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की आवश्यकता है, इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक अनुज रावत से संपर्क कर सकते हैं।1
- कोटा पहुंचे राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि भारतीय शिक्षा प्रणाली हर छात्र को केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए ही क्यों प्रेरित करती है, इस मौजूदा प्रवृत्ति पर उन्होंने सवाल खड़ा किया। उनका यह बयान शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य को लेकर गहरी चिंता दर्शाता है।1
- कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र में अंकिता नाम की एक युवती ने पड़ोस के युवक आलोक पर रास्ते में हाथ पकड़कर अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। यह घटना गुजैनी थाना क्षेत्र के तात्या टोपे नगर चौकी क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़िता अंकिता का यह भी आरोप है कि जब उसने इस मामले की शिकायत की, तो आरोपी आलोक ने उसकी मां के साथ भी अभद्रता की और उनके साथ मारपीट करने का प्रयास किया। युवती ने गुजैनी थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाया है। इसके अतिरिक्त, पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसे शिकायत वापस लेने और जान से मारने की भी धमकी दी है।1