जल मंदिर प्याऊ का किया गया शुभारंभ जल मंदिर से राहगीरों को मिलेगा शुद्ध एवं शीतल पेयजल शहडोल। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद शहडोल के नवांकुर संस्था सर्व मानव उत्थान जन कल्याण समिति शहडोल द्वारा सामाजिक सरोकार की पहल करते हुए जल गंगा संवर्धन अभियान ‘जल शक्ति से नव भक्ति’ कार्यक्रम के तहत ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पचगांव कंकाली माता रोड शिव मंदिर के सामने ‘‘जल मंदिर (प्याऊ)’’ का शुभारंभ श्री विवेक पांडेय जिला समन्वयक, श्रीमती प्रिया सिंह बघेल विकासखंड समन्वयक सोहागपुर के द्वारा गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए आगंतुकों के लिए निःशुल्क शीतल जल प्याऊ का शुभारंभ किया गया। जिला समन्वयक एवं विकासखंड समन्वयक ने बताया कि इसका उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और तपती गर्मी में प्यासे राहगीरों एवं आगंतुकों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना है। वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, ऐसे में जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। ‘जल मंदिर’ जैसी पहलें समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यह प्रयास न केवल जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि समाज में सेवा एवं सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करेगा। शुभारंभ कार्यक्रम में सर्व मानव उत्थान जन कल्याण समिति के लोकनाथ नामदेव, परामर्श दाता आकांक्षा तिवारी, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पचगांव से सपना सिंह, प्रीती द्विवेदी, लक्ष्मी सिंह, सदस्य नैना द्विवेदी, लखन कुशवाहा, राम कुशवाहा, अखिलेश पटेल एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
जल मंदिर प्याऊ का किया गया शुभारंभ जल मंदिर से राहगीरों को मिलेगा शुद्ध एवं शीतल पेयजल शहडोल। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद शहडोल के नवांकुर संस्था सर्व मानव उत्थान जन कल्याण समिति शहडोल द्वारा सामाजिक सरोकार की पहल करते हुए जल गंगा संवर्धन अभियान ‘जल शक्ति से नव भक्ति’ कार्यक्रम के तहत ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पचगांव कंकाली माता रोड शिव मंदिर के सामने ‘‘जल मंदिर (प्याऊ)’’ का शुभारंभ श्री विवेक पांडेय जिला समन्वयक, श्रीमती प्रिया सिंह बघेल विकासखंड समन्वयक सोहागपुर के द्वारा गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए आगंतुकों के लिए निःशुल्क शीतल जल प्याऊ का शुभारंभ किया गया। जिला समन्वयक एवं विकासखंड समन्वयक ने बताया कि इसका उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और तपती गर्मी में प्यासे राहगीरों एवं आगंतुकों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना है। वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, ऐसे में जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। ‘जल मंदिर’ जैसी पहलें समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यह प्रयास न केवल जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि समाज में सेवा एवं सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करेगा। शुभारंभ कार्यक्रम में सर्व मानव उत्थान जन कल्याण समिति के लोकनाथ नामदेव, परामर्श दाता आकांक्षा तिवारी, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पचगांव से सपना सिंह, प्रीती द्विवेदी, लक्ष्मी सिंह, सदस्य नैना द्विवेदी, लखन कुशवाहा, राम कुशवाहा, अखिलेश पटेल एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
- शहडोल (मध्य प्रदेश): शहडोल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को ब्लैकमेल कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना कोतवाली पुलिस ने इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सनी यादव को सलाखों के पीछे भेज दिया है। घटना का विवरण: मामला फरवरी 2026 का है, जब एक नाबालिग बालिका ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि देवरी निवासी 19 वर्षीय सनी यादव पिछले एक साल से पीड़िता को उसकी फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर बालिका ने आत्मघाती कदम उठाया। विवेचना के दौरान यह भी पता चला कि एक अन्य आरोपी, रूपेश सिंह गौड़, ने भी पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या का दुष्प्रेरण), 65(1), पॉक्सो एक्ट (POCSO) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। वर्तमान स्थिति: आज दिनांक 31 मार्च 2026 को पुलिस ने दबिश देकर मुख्य आरोपी सनी यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने बताया कि प्रकरण का दूसरा आरोपी रूपेश फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस सफल कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- शहडोल जिला कांग्रेस कमेटी के लोग मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर को एक ज्ञापन सौपा है, ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि, गैस सिलेंडर एवं बिजली बिल में मूल वृद्धि का विरोध ज्ञापन के माध्यम से किया गया है, इस दौरान काफी संख्या में कांग्रेस कमेटी के लोग मौजूद रहे हैं।1
- कटनी से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। चलती ट्रेन के टॉयलेट डिब्बे में एक नवजात शिशु मिलने से हड़कंप मच गया। जैसे ही इसकी सूचना मिली, मौके पर आरपीएफ और जीआरपी की टीम तुरंत पहुंच गई। बताया जा रहा है कि शिशु को बेहद असहाय हालत में छोड़ दिया गया था। घटना के बाद यात्रियों में आक्रोश और हैरानी का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किसने मासूम को इस हालत में छोड़ा। यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है—आखिर कब तक मासूम यूं ही बेबस छोड़ दिए जाएंगे? इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई है।1
- Post by Suraj shriwastava1
- नाचते-नाचते बुझ गई जिंदगी, काली बने युवक हुई मौत उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) कहते हैं जिंदगी और मौत के बीच की दूरी बस एक पल की होती है। उमरिया जिले के जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पठारी में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यह कहावत उस वक्त सच साबित हो गई, जब भक्ति और उत्साह से भरा माहौल अचानक चीख-पुकार और सन्नाटे में बदल गया। दरअसल, गांव में कलश विसर्जन कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक काली नृत्य का आयोजन किया गया था। गांव के ही निवासी रामगरीब कोल उम्र 40 वर्ष हर साल की तरह इस बार भी मां काली का रूप धारण कर प्रस्तुति दे रहे थे। चेहरे पर काली का रौद्र रूप… जैसे ही बैंड-बाजे की गूंज तेज हुई, उनका नृत्य भी पूरे शबाब पर था। सामने खड़े ग्रामीण उनकी प्रस्तुति को देखकर भाव-विभोर हो रहे थे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय था, लेकिन किसी को क्या पता था कि यह प्रस्तुति उनकी जिंदगी की आखिरी प्रस्तुति साबित होगी। नृत्य के दौरान अचानक रामगरीब लड़खड़ाए और गिर पड़े। शुरुआत में लोगों ने इसे अभिनय का हिस्सा समझा, लेकिन जब कुछ देर तक वह नहीं उठे, तो वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। तुरंत कुछ लोग मंच पर पहुंचे और उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत गंभीर लग रही थी। ग्रामीणों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन प्राथमिक जानकारी में ही उनकी मौत की पुष्टि हो गई। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में हृदयाघात (हार्ट अटैक) को मौत का संभावित कारण बताया है। इस घटना के बाद पूरे कार्यक्रम का माहौल पल भर में बदल गया। जहां कुछ मिनट पहले तक जयकारों और संगीत की आवाज गूंज रही थी, वहीं अब हर तरफ सन्नाटा और गम का माहौल था। महिलाएं रोने लगीं, बच्चे सहम गए और पुरुष स्तब्ध खड़े रह गए। गांव वालों के मुताबिक, रामगरीब कोल धार्मिक आयोजनों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और खासकर काली नृत्य के लिए जाने जाते थे। उनका यह रूप और ऊर्जा लोगों को हर साल आकर्षित करती थी। इस बार भी लोगों को उनकी प्रस्तुति का बेसब्री से इंतजार था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह इंतजार ऐसी दर्दनाक याद में बदल जाएगा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे देखने वाले लोग जहां एक तरफ हैरान हैं, वहीं दूसरी ओर गहरा दुख भी जता रहे हैं। ग्राम पठारी में अब सिर्फ एक ही चर्चा है कि जो व्यक्ति कुछ ही मिनट पहले देवी का रूप लेकर लोगों को भावुक कर रहा था, वह अचानक यूं सबको छोड़कर चला जाएगा यह किसी ने सोचा भी नहीं था। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है, और कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता।1
- भाजपा मंत्री को बना दिया कांग्रेस प्रदेश सचिव उमरिया में लिस्ट से मचा बवाल उमरिया (देशबन्धु)जिले की सियासत में कांग्रेस की एक सूची ने ऐसा बवंडर खड़ा कर दिया है जिसकी गूंज अब संगठन की साख तक पहुंच गई है। मामला मध्य प्रदेश कांग्रेस केश कला शिल्पी प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय नव-नियुक्त प्रबंध समिति से जुड़ा है जहां एक नाम ने पूरी राजनीति गरमा दी। सूची में उमरिया निवासी अनुज सेन को प्रदेश सचिव घोषित कर दिया गया लेकिन असली विवाद यहीं से शुरू हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि अनुज सेन खुद को भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता बताते हैं और वर्तमान में भाजपा नगर मंडल उमरिया में मंत्री पद पर काबिज हैं। ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सूची में उनका नाम शामिल होना सीधे-सीधे संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अनुज सेन ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और वे वर्षों पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, बिना जानकारी और सहमति के उनका नाम जोड़ना सिर्फ एक गलती नहीं बल्कि साजिश भी हो सकती है। सेन ने दो टूक कहा कि वे आगे भी भाजपा के साथ ही जुड़े रहेंगे। बताया जा रहा है कि अनुज सेन करीब 8 साल पहले कांग्रेस से अलग हो चुके थे और तब से लगातार भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कांग्रेस की सूची तैयार करने में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर संगठन के भीतर गहरी गड़बड़ी? इस पूरे मामले ने कांग्रेस को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। विपक्ष को बैठे-बिठाए हमला करने का मौका मिल गया है वहीं संगठन के भीतर भी असंतोष की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। एक साधारण सूची में इस तरह की गलती ने कांग्रेस की गंभीरता और विश्वसनीयता दोनों पर चोट पहुंचाई है। विवाद बढ़ता देख कांग्रेस संगठन के महासचिव एडवोकेट पुष्पराज सिंह सामने आए और सफाई दी। उन्होंने स्वीकार किया कि अनुज सेन पहले कांग्रेस में थे लेकिन अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उनके अनुसार सूची में नाम शामिल होना एक तकनीकी त्रुटि है, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। हालांकि यह सफाई कई सवालों को शांत करने में नाकाफी साबित हो रही है। क्या इतनी अहम नियुक्ति सूची बिना सही जांच के जारी कर दी गई? क्या संगठन में समन्वय की कमी है या फिर जिम्मेदारी तय करने का अभाव? उमरिया का यह मामला अब एक साधारण नाम जुड़ने की गलती नहीं रह गया है बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और कार्यशैली पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है या यह मुद्दा आगे और सियासी रंग लेता है।1
- Post by Manoj Gupta Driver4
- शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुदरी गांव में एक हिरण घायल अवस्था में मिला है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने अटल कामधेनु गौ सेवा संस्थान के लोगों को इस बात की जानकारी दी जानकारी लगते ही संस्थान के लोग मौके पर पहुंचे और घायल हुए हिरण का उपचार करके हिरण को वन विभाग की टीम को सौपा है।1