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अम्बाह में अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) सेंटर द्वारा गुरुवार को पहली बार भव्य श्री मधुबन जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। यह रथयात्रा नगर के जग्गा चौराहा स्थित दुर्गा वाटिका से प्रारंभ हुई और नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई जैन बगीची पहुंची, जहां इसका भव्य समापन हुआ। रथयात्रा के समापन के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ जी, सुभद्रा जी एवं बलभद्र जी की विधि-विधान से आरती उतारी गई और उन्हें भोग अर्पित किया गया, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने प्रसादी एवं जलपान ग्रहण किया। पूरी रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ भगवान के रथ को खींचते नजर आए। भजन-कीर्तन, नृत्य और "हरे राम, हरे कृष्ण" के जयघोष से नगर की गलियां भक्तिरस में डूबी रहीं। आयोजकों का कहना है कि अम्बाह में पहली बार आयोजित हुई यह रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का एक अनूठा प्रतीक बनकर उभरी है।

12 hrs ago
user_Aditya Sarwan
Aditya Sarwan
Local News Reporter अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago

अम्बाह में अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) सेंटर द्वारा गुरुवार को पहली बार भव्य श्री मधुबन जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। यह रथयात्रा नगर के जग्गा चौराहा स्थित दुर्गा वाटिका से प्रारंभ हुई और नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई जैन बगीची पहुंची, जहां इसका भव्य समापन हुआ। रथयात्रा के समापन के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ जी, सुभद्रा जी एवं बलभद्र जी की विधि-विधान से आरती उतारी गई और उन्हें भोग अर्पित किया गया, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने प्रसादी एवं जलपान ग्रहण किया। पूरी रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ भगवान के रथ को खींचते नजर आए। भजन-कीर्तन, नृत्य और "हरे राम, हरे कृष्ण" के जयघोष से नगर की गलियां भक्तिरस में डूबी रहीं। आयोजकों का कहना है कि अम्बाह में पहली बार आयोजित हुई यह रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का एक अनूठा प्रतीक बनकर उभरी है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश में खरीफ की फसल के समय किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है और एनपीके खाद को ₹2100 प्रति कट्टा की बढ़ी हुई दर पर अनिवार्य रूप से दिया जा रहा है, जिससे आर्थिक संकट में होने के बाद भी किसान इसे खरीदने को मजबूर हैं। खाद संकट का मुख्य कारण इसका उत्पादन न होना है, क्योंकि खाद बनाने वाली एलएनजी गैस का टैंकर समुद्र में खड़ा है और मोदी सरकार ट्रंप के आदेश को मानकर उसे भारत लाने का प्रयास नहीं कर रही है। किसानों की इस समस्या को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने पूरे प्रदेश में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मुरैना के कैलारस में पुरानी सब्जी मंडी पर दोपहर से यह हड़ताल शुरू हुई, जिसमें मुख्य रूप से माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सियाराम सिंह बस्तोली, निरंजन शाक्य, सुरेश चंद्र धाकड़, बनवारी लाल धाकड़ निरारा और डॉ. रामकुमार श्रीवास सहित सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। इस दौरान हुई सभा को गयाराम सिंह धाकड़, सरवन लाल धाकड़, कन्हैयालाल और रामकुमार श्रीवास आदि नेताओं ने संबोधित किया। इस भूख हड़ताल की समाप्ति पर कल 27 जून को दोपहर 12:00 बजे प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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    मध्य प्रदेश में खरीफ की फसल के समय किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है और एनपीके खाद को ₹2100 प्रति कट्टा की बढ़ी हुई दर पर अनिवार्य रूप से दिया जा रहा है, जिससे आर्थिक संकट में होने के बाद भी किसान इसे खरीदने को मजबूर हैं। खाद संकट का मुख्य कारण इसका उत्पादन न होना है, क्योंकि खाद बनाने वाली एलएनजी गैस का टैंकर समुद्र में खड़ा है और मोदी सरकार ट्रंप के आदेश को मानकर उसे भारत लाने का प्रयास नहीं कर रही है।

किसानों की इस समस्या को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने पूरे प्रदेश में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मुरैना के कैलारस में पुरानी सब्जी मंडी पर दोपहर से यह हड़ताल शुरू हुई, जिसमें मुख्य रूप से माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सियाराम सिंह बस्तोली, निरंजन शाक्य, सुरेश चंद्र धाकड़, बनवारी लाल धाकड़ निरारा और डॉ. रामकुमार श्रीवास सहित सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। इस दौरान हुई सभा को गयाराम सिंह धाकड़, सरवन लाल धाकड़, कन्हैयालाल और रामकुमार श्रीवास आदि नेताओं ने संबोधित किया। इस भूख हड़ताल की समाप्ति पर कल 27 जून को दोपहर 12:00 बजे प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
    user_पत्रकार-धर्मेन्द्र सिंह तोमर
    पत्रकार-धर्मेन्द्र सिंह तोमर
    Voice of people अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • कैलारस में किसानों के लिए खाद की भारी किल्लत को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने पूरे प्रदेश में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। खरीफ की फसल के लिए किसानों को यूरिया खाद की बेहद जरूरत है, लेकिन डीएपी खाद बाजार में उपलब्ध नहीं है। किसानों को एनपीके खाद भी ₹2100 प्रति कट्टा की बढ़ी हुई दर पर अनिवार्य रूप से दी जा रही है, जिसे आर्थिक संकट में होने के बावजूद किसान खरीदने को मजबूर हैं। खाद बनाने वाली एलएनजी गैस का टैंकर जहाज समुद्र में खड़ा हुआ है, लेकिन मोदी सरकार ट्रंप के आदेश को मानकर उसे भारत में लाने का प्रयास नहीं कर रही है। इसके चलते खाद का उत्पादन समुचित मात्रा में नहीं हो पा रहा है और संकट और गहरा गया है। इसी समस्या को लेकर पुरानी सब्जी मंडी में दोपहर से शुरू हुई इस भूख हड़ताल में माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सियाराम सिंह बस्तोली, निरंजन शाक्य, सुरेश चंद्र धाकड़, बनवारी लाल धाकड़ निरारा और डॉ. रामकुमार श्रीवास सहित सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। भूख हड़ताल के दौरान आयोजित सभा को माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सरवन लाल धाकड़, कन्हैयालाल और रामकुमार श्रीवास ने संबोधित किया। यह भूख हड़ताल कल 27 जून को दोपहर 12:00 बजे प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के साथ समाप्त होगी।
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    कैलारस में किसानों के लिए खाद की भारी किल्लत को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने पूरे प्रदेश में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। खरीफ की फसल के लिए किसानों को यूरिया खाद की बेहद जरूरत है, लेकिन डीएपी खाद बाजार में उपलब्ध नहीं है। किसानों को एनपीके खाद भी ₹2100 प्रति कट्टा की बढ़ी हुई दर पर अनिवार्य रूप से दी जा रही है, जिसे आर्थिक संकट में होने के बावजूद किसान खरीदने को मजबूर हैं।

खाद बनाने वाली एलएनजी गैस का टैंकर जहाज समुद्र में खड़ा हुआ है, लेकिन मोदी सरकार ट्रंप के आदेश को मानकर उसे भारत में लाने का प्रयास नहीं कर रही है। इसके चलते खाद का उत्पादन समुचित मात्रा में नहीं हो पा रहा है और संकट और गहरा गया है। इसी समस्या को लेकर पुरानी सब्जी मंडी में दोपहर से शुरू हुई इस भूख हड़ताल में माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सियाराम सिंह बस्तोली, निरंजन शाक्य, सुरेश चंद्र धाकड़, बनवारी लाल धाकड़ निरारा और डॉ. रामकुमार श्रीवास सहित सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं।

भूख हड़ताल के दौरान आयोजित सभा को माकपा नेता गयाराम सिंह धाकड़, सरवन लाल धाकड़, कन्हैयालाल और रामकुमार श्रीवास ने संबोधित किया। यह भूख हड़ताल कल 27 जून को दोपहर 12:00 बजे प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के साथ समाप्त होगी।
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मुरैना के पोरसा में वर्ष 1960 से संचालित सरकारी अस्पताल को नगर सीमा से बाहर ग्राम पंचायत दौहरौटा क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में नागरिकों का आक्रोश भड़क उठा है। नाराज नागरिकों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार श्याम सुंदर सराहिया को सौंपकर पोरसा नगर में पुनः अस्पताल खोलने की मांग की है। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर नहीं किया जा सकता। सौंपे गए ज्ञापन में नागरिकों ने कहा है कि एक तरफ सरकार हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ दशकों पुराने इस अस्पताल को नगर पालिका क्षेत्र से हटाकर ग्राम पंचायत क्षेत्र में भेज दिया गया है। इस फैसले के कारण शहर और आसपास के हजारों लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और गरीब मरीजों को इलाज के लिए अतिरिक्त दूरी तय करने की भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। नागरिकों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि पोरसा नगर में जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था दोबारा नहीं की गई, तो सोमवार से चरणबद्ध तरीके से जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में हाईकोर्ट ग्वालियर के एडवोकेट रविंद्र सिंह, मलखान सिंह, बंटू राठौर, जगदीश मानपुर, देवेंद्र कुमार जैन, अशोक सिंह, कौथर कलां के निर्भय सिंह तोमर और दिवाकर सिंह सहित दो दर्जन से अधिक नागरिक शामिल रहे।
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    मुरैना के पोरसा में वर्ष 1960 से संचालित सरकारी अस्पताल को नगर सीमा से बाहर ग्राम पंचायत दौहरौटा क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में नागरिकों का आक्रोश भड़क उठा है। नाराज नागरिकों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार श्याम सुंदर सराहिया को सौंपकर पोरसा नगर में पुनः अस्पताल खोलने की मांग की है। नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर नहीं किया जा सकता।

सौंपे गए ज्ञापन में नागरिकों ने कहा है कि एक तरफ सरकार हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ दशकों पुराने इस अस्पताल को नगर पालिका क्षेत्र से हटाकर ग्राम पंचायत क्षेत्र में भेज दिया गया है। इस फैसले के कारण शहर और आसपास के हजारों लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और गरीब मरीजों को इलाज के लिए अतिरिक्त दूरी तय करने की भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

नागरिकों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि पोरसा नगर में जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था दोबारा नहीं की गई, तो सोमवार से चरणबद्ध तरीके से जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में हाईकोर्ट ग्वालियर के एडवोकेट रविंद्र सिंह, मलखान सिंह, बंटू राठौर, जगदीश मानपुर, देवेंद्र कुमार जैन, अशोक सिंह, कौथर कलां के निर्भय सिंह तोमर और दिवाकर सिंह सहित दो दर्जन से अधिक नागरिक शामिल रहे।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के महुआ थाना परिसर में शासन के निर्देशानुसार नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान थाना प्रभारी उपेंद्र पारासर ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को नशे से दूर रहने व समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है और युवाओं को इस लत से बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और पुलिस ने आमजन से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।
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    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के महुआ थाना परिसर में शासन के निर्देशानुसार नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान थाना प्रभारी उपेंद्र पारासर ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को नशे से दूर रहने व समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है और युवाओं को इस लत से बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और पुलिस ने आमजन से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।
    user_Mahaveer Jain
    Mahaveer Jain
    Mechanic पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • राजस्थान के धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर निगरानी व्यवस्थाओं का जायजा लेने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति पहुंची है। समिति के चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल और सदस्य अंजन मोहन्ती ने धौलपुर दौरे के दौरान सबसे पहले अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जिले में लगे सीसीटीवी कैमरों, संवेदनशील मार्गों और चेक पोस्टों की रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था का अवलोकन किया। अधिकारियों ने समिति को अवैध बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए अपनाई जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं और त्वरित कार्रवाई की पूरी जानकारी दी। इसके बाद समिति ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, डीटीओ गौरव यादव, डीएफओ वी. चेतन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम को लेकर विभागीय समन्वय, निगरानी तंत्र और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई। समिति ने आधुनिक तकनीक के अधिक प्रभावी उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त और निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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    राजस्थान के धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन पर निगरानी व्यवस्थाओं का जायजा लेने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति पहुंची है। समिति के चेयरमैन चंद्र प्रकाश गोयल और सदस्य अंजन मोहन्ती ने धौलपुर दौरे के दौरान सबसे पहले अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जिले में लगे सीसीटीवी कैमरों, संवेदनशील मार्गों और चेक पोस्टों की रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था का अवलोकन किया। अधिकारियों ने समिति को अवैध बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए अपनाई जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं और त्वरित कार्रवाई की पूरी जानकारी दी।

इसके बाद समिति ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, डीटीओ गौरव यादव, डीएफओ वी. चेतन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम को लेकर विभागीय समन्वय, निगरानी तंत्र और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई। समिति ने आधुनिक तकनीक के अधिक प्रभावी उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि धौलपुर में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त और निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा अंतर्गत महुआ थाना परिसर में शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महुआ थाना प्रभारी उपेंद्र पारासर ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई। थाना प्रभारी उपेंद्र पारासर ने कार्यक्रम में कहा कि नशा न केवल व्यक्ति, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज के लिए घातक है, इसलिए युवाओं को नशे की लत से बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिजनों व आसपास के लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
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    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा अंतर्गत महुआ थाना परिसर में शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महुआ थाना प्रभारी उपेंद्र पारासर ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई।

थाना प्रभारी उपेंद्र पारासर ने कार्यक्रम में कहा कि नशा न केवल व्यक्ति, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज के लिए घातक है, इसलिए युवाओं को नशे की लत से बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिजनों व आसपास के लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। 12 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे भरत तिवारी के परिवार को अदालत ने पटना हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है। कोर्ट का मानना है कि हाईकोर्ट इस मामले की बेहतर निगरानी कर सकता है। इस बीच, बिहार सरकार द्वारा इस मामले की न्यायिक जांच करवाई जा रही है, जिसकी जिम्मेदारी सेवानिवृत्त जज विनोद सिन्हा को सौंपी गई है। इस पूरे एनकाउंटर को एक गहरा षड्यंत्र करार देते हुए शाहपुर थाना प्रभारी (SHO) राजेश मालाकार के बयानों पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। थाना प्रभारी ने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि 'मरने को लिखा था सो मर गया' और 'ज्यादा खून निकलेगा तो मरेगा ही'। आरोप है कि शाहपुर से आरा के बीच चलती वैन में सभी की नजरों से बचकर भरत के गुप्तांग में जानबूझकर पहली गोली मारी गई और उसे मौके पर ही खत्म करने के लिए दूसरी गोली सीने में दागी गई। इस मामले में एसडीपीओ (SDPO) राजेश शर्मा और एसपी श्रीराज को भी चेतावनी दी गई है कि उनकी मनमानी कैमरे में भले न कैद हुई हो, लेकिन सच्चाई छिप नहीं सकती और जरूरत पड़ने पर सीबीआई इस पतंग की डोर को अपने पास खींच ही लेगी। इस षड्यंत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के कमांडो को भेजने पर भी कड़े सवाल खड़े किए गए हैं। एसटीएफ कमांडो, जिन्हें खतरनाक अपराधियों, डकैतों, नक्सलियों या आतंकवादियों को मारने के लिए भेजा जाता है, उन्हें एक सीधे-साधे इंसान के खिलाफ उतार दिया गया। भरत भूषण तिवारी कानून के रिकॉर्ड में कोई अपराधी या डकैत नहीं था, बल्कि गरीबों और दलितों की सेवा करने वाला एक मसीहा था, जिसने शादी न करने का संकल्प लिया था और अपना पिंडदान तक कर चुका था। सुरक्षा के लिए हथियार रखने की तुलना हनुमान जी के सोटे से की गई है। साथ ही, इस फर्जी एनकाउंटर की कहानी की तुलना मुजफ्फरपुर के थानाध्यक्ष राजेश शर्मा की 19 साल पुरानी उस कहानी से की गई है, जिसमें उसने फर्जी एनकाउंटर में तीन छात्रों को मार गिराया था। न्यायिक जांच शुरू होने के बाद इस खेल के षड्यंत्रकारियों में भारी चिंता है क्योंकि छल-कपट का फल इसी धरती पर भुगतना पड़ता है। इस एनकाउंटर को लेकर मुख्य रूप से तीन गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पहला, आरोपी के हथियार डालने और समर्पण करने के बाद भी गोली क्यों चलाई गई; दूसरा, एनकाउंटर में सामान्यतः पैर पर गोली मारी जाती है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट से निकली गोली सहित पांच घाव कैसे मिले; और तीसरा, एसटीएफ कमांडो को भेजने का आदेश किसने और क्यों दिया। इस फर्जी एनकाउंटर के आकाओं का बुरा वक्त अब शुरू हो चुका है।
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    भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। 12 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे भरत तिवारी के परिवार को अदालत ने पटना हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है। कोर्ट का मानना है कि हाईकोर्ट इस मामले की बेहतर निगरानी कर सकता है। इस बीच, बिहार सरकार द्वारा इस मामले की न्यायिक जांच करवाई जा रही है, जिसकी जिम्मेदारी सेवानिवृत्त जज विनोद सिन्हा को सौंपी गई है।

इस पूरे एनकाउंटर को एक गहरा षड्यंत्र करार देते हुए शाहपुर थाना प्रभारी (SHO) राजेश मालाकार के बयानों पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। थाना प्रभारी ने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि 'मरने को लिखा था सो मर गया' और 'ज्यादा खून निकलेगा तो मरेगा ही'। आरोप है कि शाहपुर से आरा के बीच चलती वैन में सभी की नजरों से बचकर भरत के गुप्तांग में जानबूझकर पहली गोली मारी गई और उसे मौके पर ही खत्म करने के लिए दूसरी गोली सीने में दागी गई। इस मामले में एसडीपीओ (SDPO) राजेश शर्मा और एसपी श्रीराज को भी चेतावनी दी गई है कि उनकी मनमानी कैमरे में भले न कैद हुई हो, लेकिन सच्चाई छिप नहीं सकती और जरूरत पड़ने पर सीबीआई इस पतंग की डोर को अपने पास खींच ही लेगी।

इस षड्यंत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के कमांडो को भेजने पर भी कड़े सवाल खड़े किए गए हैं। एसटीएफ कमांडो, जिन्हें खतरनाक अपराधियों, डकैतों, नक्सलियों या आतंकवादियों को मारने के लिए भेजा जाता है, उन्हें एक सीधे-साधे इंसान के खिलाफ उतार दिया गया। भरत भूषण तिवारी कानून के रिकॉर्ड में कोई अपराधी या डकैत नहीं था, बल्कि गरीबों और दलितों की सेवा करने वाला एक मसीहा था, जिसने शादी न करने का संकल्प लिया था और अपना पिंडदान तक कर चुका था। सुरक्षा के लिए हथियार रखने की तुलना हनुमान जी के सोटे से की गई है। साथ ही, इस फर्जी एनकाउंटर की कहानी की तुलना मुजफ्फरपुर के थानाध्यक्ष राजेश शर्मा की 19 साल पुरानी उस कहानी से की गई है, जिसमें उसने फर्जी एनकाउंटर में तीन छात्रों को मार गिराया था।

न्यायिक जांच शुरू होने के बाद इस खेल के षड्यंत्रकारियों में भारी चिंता है क्योंकि छल-कपट का फल इसी धरती पर भुगतना पड़ता है। इस एनकाउंटर को लेकर मुख्य रूप से तीन गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पहला, आरोपी के हथियार डालने और समर्पण करने के बाद भी गोली क्यों चलाई गई; दूसरा, एनकाउंटर में सामान्यतः पैर पर गोली मारी जाती है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट से निकली गोली सहित पांच घाव कैसे मिले; और तीसरा, एसटीएफ कमांडो को भेजने का आदेश किसने और क्यों दिया। इस फर्जी एनकाउंटर के आकाओं का बुरा वक्त अब शुरू हो चुका है।
    user_Vimal Kashyap
    Vimal Kashyap
    Artist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के 35वें माइलस्टोन पर चालक को झपकी आने से एक बस खाई में गिर गई। इस हादसे में बस में सवार 5 यात्री घायल हो गए हैं।
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    आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के 35वें माइलस्टोन पर चालक को झपकी आने से एक बस खाई में गिर गई। इस हादसे में बस में सवार 5 यात्री घायल हो गए हैं।
    user_Gyadeen Verma
    Gyadeen Verma
    Court reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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