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ट्रेनों के संचालन के मंच से अनुपम जैसवाल ने लोगों को किया संबोधन ट्रेनों के संचालन के मंच से अनुपम जैसवाल ने लोगों को किया संबोधन जनपद बहराइच के रूपइडिया नेपालगंज रोड में सीएम योगी का मंच
SHARMA NEWS AGENCY
ट्रेनों के संचालन के मंच से अनुपम जैसवाल ने लोगों को किया संबोधन ट्रेनों के संचालन के मंच से अनुपम जैसवाल ने लोगों को किया संबोधन जनपद बहराइच के रूपइडिया नेपालगंज रोड में सीएम योगी का मंच
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- नेपालगंज रोड से ट्रेन हुई रवाना यात्रियों में खुशी बाबागंज नानपारा होते हुए ट्रेन जाएगी बनारस तक जनपद बहराइच के नेपालगंज रोड रुपइडिहा से ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया तो लोगों में खुशी हुई हुई1
- बहराइच के बसीरगंज में जलभराव से परेशान मोहल्लेवासी, वर्षों से नहीं हो रहा समाधान बहराइच के बसीरगंज में जलभराव से लोग परेशान बारिश होते ही गंदे पानी से भर जाती है गली, वर्षों से नहीं हुआ समाधान उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच के मोहल्ला बसीरगंज, वार्ड नंबर 25 में आरटीओ ऑफिस के बगल स्थित रास्ते पर जलभराव ने स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि सड़क करीब डेढ़ से दो फीट नीचे होने के कारण हल्की बारिश होते ही पूरी गली गंदे पानी से भर जाती है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि पानी निकलने के बाद भी समस्या खत्म नहीं होती। गली में जमा गंदगी और नाले की सफाई उन्हें खुद करनी पड़ती है, तब जाकर गंदा पानी निकल पाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए कोई अधिकारी तक नहीं आता कि आखिर सफाई हो रही है या नहीं। निवासियों के अनुसार, यह समस्या पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों ने वार्ड के जनप्रतिनिधियों पर भी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में उनकी समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलनिकासी की उचित व्यवस्था, नालियों की नियमित सफाई और सड़क निर्माण की मांग की है।1
- दरोगा जी को कैसे पता था तमंचा इसी जेब में है? सच या ड्रामा? सड़क पर जा रहे एक युवक की जेब से दरोगा जी ने बिना किसी तलाशी के सीधे तमंचा और कारतूस निकाल लिया। वीडियो सामने आने के बाद जनता सवाल उठा रही है कि दरोगा जी को पहले से कैसे पता था कि असलहा उसी जेब में है? लोग इसे पहले से तैयार 'स्क्रिप्ट' बता रहे हैं और चुटकी ले रहे हैं। आपकी नजर में यह पुलिस की मुस्तैदी है या गुडवर्क दिखाने का कोई नया पैंतरा? नीचे कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें! 👇1
- एनकाउंटर पर देखिए क्या बोले अंकित बाल्यान के पिता...बोल1
- गंदी-गंदी गालियां दी जा रही है प्रशासन इस पर मौन है इस पर तुरंत कार्रवाई करना चाहिए प्रशासन को वरना पत्रकारों का मनोबल टूटता है गंदी-गंदी गालियां दी जा रही है प्रशासन इस पर मौन है इस पर तुरंत कार्रवाई करना चाहिए प्रशासन को वरना पत्रकारों का मनोबल टूटता है#मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ #एस पी बहराइच #डीएम बहराइच#सी ओ महसी1
- सीएमओ के औचक निरीक्षण में जिला अस्पताल की अव्यवस्थाएं उजागर अनुपस्थित कर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण श्रावस्ती। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भंगहा सहित विभिन्न विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां जिला अस्पताल में मिली अव्यवस्थाओं पर सीएमओ ने नाराजगी जताई, वहीं सीएचसी भंगहा में बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही मिलने पर तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) दिवस का आयोजन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं मिला। ड्यूटी से अनुपस्थित पाई गई एएनएम, लैब टेक्नीशियन और काउंसलर से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश सीएमओ ने दिए। अस्पताल के मुख्य द्वार पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती न होने के कारण परिसर में वाहन बेतरतीब खड़े मिले। इससे मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन में परेशानी की स्थिति बनी हुई थी। सीएमओ ने सुरक्षा एवं पार्किंग व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रेरणा ऐप के माध्यम से प्राथमिक विद्यालय बुधई पुरवा, सती चौरा और कम्पोजिट विद्यालय सिसवा का भ्रमण कर WIFS कार्यक्रम की समीक्षा की गई। निरीक्षण में बच्चों को साप्ताहिक आयरन एवं फोलिक एसिड की दवा नियमित रूप से खिलाए जाने की पुष्टि हुई। संबंधित रजिस्टर भी अद्यतन पाए गए। वहीं सीएचसी भंगहा के औचक निरीक्षण में PMSMA दिवस नियमानुसार संचालित मिला। सभी स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित पाए गए और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती मिलीं। इस पर सीएमओ ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की सराहना की।निरीक्षण के दौरान सात माह की गर्भवती महिला सरिता शर्मा निवासी भंगहा, जिनका हीमोग्लोबिन 8 ग्राम था, को आयरन सुक्रोज चढ़ाया जा रहा था। सीएमओ ने महिला के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए समय से आयरन की पांचों डोज पूरी कराने तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव अस्पताल में ही कराने की सलाह दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समयबद्ध तरीके से करें, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें1
- जनपद बहराइच के नानपारा नवजीवन हॉस्पिटल में पुराने से पुराने मरीजों का इलाज किया जाता है आंख दूरबीन द्वारा इलाज किया जाता है नाक कान का इलाज किया जाता है1
- रूपईडीहा से गोरखपुर–वाराणसी रेल सेवा का शुभारंभ नानपारा रेलवे स्टेशन पर बच्चों व नागरिकों ने किया भव्य स्वागत नानपारा स्टेशन पर छात्रों, नागरिकों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत नानपारा/बहराइच। नेपालगंज रोड रूपईडीहा से गोरखपुर–वाराणसी रेल सेवा का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। यह नई रेल सेवा बहराइच सहित पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में विकास, व्यापार, रोजगार और आवागमन को नई रफ्तार प्रदान करेगी। इस अवसर पर नानपारा रेलवे स्टेशन पर विद्यालय रामनारायण मदेशिया सरस्वती शिशु मंदिर, नानपारा के बच्चों द्वारा घोषवादन प्रस्तुत किया गया। वहीं श्री शंकर इंटर कॉलेज के एनसीसी छात्रों, स्थानीय नागरिकों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने रेल सेवा का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में रामनारायण मदेशिया सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य श्री बाल मुकुंद तिवारी, अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश गुप्ता, श्री शंकर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री अनुराग श्रीवास्तव, आचार्य हनुमान सिंह, अमित पाण्डेय, शोभित तिवारी, विवेक जायसवाल, आयुष तिवारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नई रेल सेवा के शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ ही व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होने की उम्मीद है।1
- बरेली से झकझोर कर रख देने वाला दृश्य सामने आ रहा है जहां सरकारी वादों की पोल एक बुजुर्ग की लाचारी ने खोल दी। बरेली जिला अस्पताल से आई यह तस्वीर सिर्फ एक घटना नहीं, हमारे स्वास्थ्य तंत्र का आईना है। एक लाचार बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी को ईलाज न मिलने पर हाथ ठेले पर लादकर अस्पताल पहुँसे ले जाता हुआ दिखता है — यह दृश्य किसी फिल्म का नहीं, हमारे दावों और वादों की हकीकत का है। सरकारी विज्ञापनों में स्वास्थ्य सेवाएँ दौड़ती दिखती हैं, ज़मीन पर एम्बुलेंस कागज़ों में ही सायरन बजाती रहती है। इमरजेंसी वार्ड, जो जीवन की अंतिम उम्मीद होता है, वहाँ घंटों कोई देखने वाला न हो — इससे बड़ी विडंबना क्या होगी? उस बुजुर्ग की काँपती आवाज़ में जब यह आशंका झलकी कि “अगर यहाँ रही तो मर जाएगी”, तब सवाल सिर्फ एक मरीज का नहीं रहा, पूरी व्यवस्था का हो गया। करोड़ों के बजट, बैठकों और दावों के बीच अगर एक बुजुर्ग को अपनी पत्नी के लिए ठेला ही एम्बुलेंस बनाना पड़े, तो समझ लीजिए �1