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Priyansukashyapji
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More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- सीतापुर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत कोतवाली नगर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसपी अंकुर अग्रवाल के कड़े निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने एक ऐसे शातिर चोर को दबोचा है, जिसने न केवल सीतापुर बल्कि हरदोई, शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी तक अपनी दहशत फैला रखी थी।"1
- सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पैर के इलाज के बजाय मरीज के पेट का ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मरीज सावित्री को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है। घटना के विरोध में परिजनों और किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान एक जूनियर डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है और 13 अप्रैल तक रिपोर्ट मांगी गई है। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- @jaydhole11
- ब्रेकिंग न्यूज़, 🖋️भारत नेपाल सीमा के वैधानिक घाटों पर आज नेपाली सशस्त्र सीमा बल द्वारा माइक से घोषणा की गई कि बगैर भंसार के सौ रुपए से ज्यादा सामान लाने पर प्रतिबंध है। 🖋️नेपाल में बालेंदु शाह की नई सरकार बनते ही प्रतिदिन नए नियम लागू हो रहे हैं 🖋️जिससे भारत नेपाल के रोटी बेटी के रिश्ते खत्म होते नजर आ रहे हैं ऐसा लोगों का मानना है।1
- सिधौली तहसील में भ्रष्टाचार पर बड़ा वार: एक लाख घूस लेते SDM के पेशकार रंगे हाथ गिरफ्तार लखनऊ एंटी करप्शन टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दाखिल-खारिज के नाम पर वसूली का खुलासा संवाददाता,,नरेश गुप्ता सिधौली/सीतापुर। तहसील सिधौली में बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने एसडीएम के पेशकार (वरिष्ठ बाबू) अनुपम श्रीवास्तव को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि अटरिया थाना क्षेत्र के एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के बदले पेशकार द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोपी ने कुल ₹1,00,000 की रकम तय की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से तहसील परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही किसान ने आरोपी को रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। शिकायतकर्ता जय प्रकाश मिश्रा निवासी ग्राम मऊ की सतर्कता से यह कार्रवाई संभव हो सकी। पहले भी विवादों में रहा आरोपी सूत्रों के अनुसार, अनुपम श्रीवास्तव का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले जब वह सदर तहसील में तैनात था, तब भी उस पर भ्रष्टाचार और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के गंभीर आरोप लग चुके हैं। लगातार शिकायतों के चलते उसे वहां से हटाकर सिधौली भेजा गया था, लेकिन यहां भी उसकी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ। तहसील में सन्नाटा, कर्मचारियों में खौफ अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में सन्नाटा पसर गया। कई कर्मचारी खुद को बचाने के लिए इधर-उधर होते नजर आए। एंटी करप्शन टीम आरोपी को अपने साथ लखनऊ ले गई है, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बड़ा संदेश: इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन अब पूरी तरह सख्त है और रिश्वतखोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फैक्ट बॉक्स ▪️ स्थान: तहसील सिधौली, जनपद सीतापुर ▪️ आरोपी: अनुपम श्रीवास्तव (पेशकार) ▪️ मामला: दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत ▪️ राशि: ₹1,00,000 ▪️ शिकायतकर्ता: अटरिया क्षेत्र का किसान (जय प्रकाश मिश्रा) ▪️ कार्रवाई: लखनऊ एंटी करप्शन टीम द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तारी ▪️ तरीका: शिकायत के बाद ट्रैप ऑपरेशन ▪️ पुराना रिकॉर्ड: ठगी व भ्रष्टाचार के आरोप, सदर तहसील से हटाया जा चुका ▪️ वर्तमान स्थिति: आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी1
- 🚨 सीतापुर में सनसनी: शारदा नहर से अज्ञात शव बरामद, इलाके में मचा हड़कंप सीतापुर। जनपद के थाना बिसवां क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बिसवां स्थित पुरानी पुल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर शारदा नहर में एक अज्ञात शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने नहर में शव को तैरते हुए देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को नहर से बाहर निकलवाया। आसपास के लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जांच भी शुरू कर दी गई है। 👉 पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है। रिपोर्ट: अरुण कुमार यादव स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश2
- # **लखीमपुर खीरी: मोहम्मदी में 'खनन माफिया' के हौसले बुलंद, ITI कॉलेज का अस्तित्व खतरे में! स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर नेशनल न्यूज़ लाइव लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश एंकर *** लखीमपुर खीरी के अमीर नगर चौकी क्षेत्र के ग्राम बरेठी में प्रशासन मौन, जेसीबी और डंपरों ने मचाया तांडव; छात्रों ने कैमरे पर बयां किया अपना दर्द** **लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश):** जनपद लखीमपुर खीरी के कोतवाली मोहम्मदी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी अमीर नगर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सूबे की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्लॉक कुंभी के ग्राम बरेठी में अवैध खनन माफियाओं का आतंक इस कदर व्याप्त है कि उन्होंने शिक्षा के मंदिर यानी आईटीआई (ITI) स्कूल की नींव तक को हिलाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रहे अवैध खनन के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि यहाँ पढ़ने वाले सैकड़ों छात्रों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। ### **दिन-रात चल रहा 'पीला पंजा', धूल में डूबा भविष्य** स्थानीय ग्रामीणों और आईटीआई कॉलेज के स्टाफ के अनुसार, ग्राम बरेठी में अवैध खनन का काला कारोबार किसी छिपकर नहीं, बल्कि डंके की चोट पर किया जा रहा है। अवैध खनन माफिया बेखौफ होकर जेसीबी (JCB) मशीनों, डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रालियों के काफिले के साथ धरती का सीना चीर रहे हैं। हालात यह हैं कि दिन-रात चलने वाले इन भारी वाहनों के कारण पूरे इलाके में धूल का गुबार छाया रहता है, जिससे कॉलेज के छात्रों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। सड़कों की हालत खस्ता हो चुकी है और खनन माफियाओं की दबंगई के आगे स्थानीय लोग भी बोलने से कतरा रहे हैं। ### **अधिकारियों की फाइलों में दबे प्रार्थना पत्र** खबर की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आईटीआई स्कूल के अध्यापकों ने इस समस्या के समाधान के लिए हाथ-पांव मारना कम नहीं किया। अध्यापकों द्वारा कई संबंधित उच्चाधिकारियों को लिखित प्रार्थना पत्र दिए गए। स्थानीय पुलिस चौकी से लेकर तहसील प्रशासन तक को अवगत कराया गया, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। > "हमने सोचा था कि शिकायत के बाद कार्रवाई होगी और हमारे बच्चों को शांतिपूर्ण माहौल मिलेगा, लेकिन यहाँ तो शिकायत के बाद खनन की रफ्तार और भी धुआंधार हो गई है। ऐसा लगता है जैसे माफियाओं को कानून का कोई डर ही नहीं है।" — **एक पीड़ित अध्यापक (नाम गोपनीय)** > ### **कैमरे के सामने छलका छात्रों का दर्द** जब मीडिया की टीम मौके पर पहुँची, तो आईटीआई कॉलेज के छात्रों ने कैमरे के सामने अपना दुखड़ा सुनाया। छात्रों का कहना है कि मशीनों के शोर के कारण क्लास में पढ़ाई करना असंभव हो गया है। * **ध्वनि प्रदूषण:** भारी मशीनों और डंपरों के शोर से एकाग्रता भंग होती है। * **सुरक्षा का खतरा:** तेज रफ्तार डंपरों के कारण कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों को हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। * **अवसाद:** छात्रों का कहना है कि वे यहाँ कौशल विकास और शिक्षा लेने आते हैं, लेकिन खनन का यह नंगा नाच देखकर वे मानसिक रूप से परेशान हैं। ### **प्रशासनिक मिलीभगत की उठ रही बू** क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर पुलिस चौकी अमीर नगर और स्थानीय कोतवाली की नाक के नीचे इतना बड़ा अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा है? ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाओं और कुछ भ्रष्ट कारिंदों के बीच गहरी सांठगांठ है, जिसके कारण कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। जब भी कोई टीम निरीक्षण के लिए आती है, माफियाओं को पहले ही सूचना मिल जाती है और काम बंद कर दिया जाता है। ### **पर्यावरण और बुनियादी ढांचे पर प्रहार** अवैध खनन केवल शिक्षा को ही प्रभावित नहीं कर रहा, बल्कि भूगर्भ जल स्तर और क्षेत्र की पारिस्थितिकी को भी नष्ट कर रहा है। गहरे गड्ढे खोदने के कारण पास की कृषि भूमि के कटान का खतरा बढ़ गया है। वहीं, जिन ट्रैक्टर-ट्रालियों से मिट्टी ढोई जा रही है, वे बिना ढके चलती हैं, जिससे वायु प्रदूषण अपने चरम पर है। ### **मुख्य बिंदु: एक नज़र में** | क्षेत्र | समस्या | जिम्मेदार | प्रभावित | |---|---|---|---| | **ग्राम बरेठी, मोहम्मदी** | अवैध खनन (जेसीबी/डंपर) | खनन माफिया | ITI कॉलेज एवं छात्र | | **कार्रवाई का दर्जा** | शून्य (प्रार्थना पत्र लंबित) | स्थानीय प्रशासन | जनसामान्य | ### **निष्कर्ष: कब जागेगा प्रशासन?** उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद मोहम्मदी क्षेत्र में खनन माफियाओं का यह 'बोलबाला' सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। अगर समय रहते इन माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो वह दिन दूर नहीं जब यह आईटीआई कॉलेज केवल कागजों पर रह जाएगा और यहाँ का पर्यावरण पूरी तरह तबाह हो जाएगा। अब देखना यह है कि इस खबर के प्रकाशित होने के बाद लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इस मामले में क्या कड़ा रुख अपनाते हैं। क्या छात्रों को उनका शांत वातावरण वापस मिलेगा, या माफियाओं का यह 'धुआंधार' खेल ऐसे ही जारी रहेगा? वाइट आईटीआई कॉलेज के स्टूडेंट की वाइट आईटीआई कॉलेज के अध्यापक की2
- सीतापुर में जिलाधिकारी राजागणपति आर. ने रविवार को नगर पालिका परिषद मिश्रिख और नैमिषारण्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों में भारी अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई पटल सहायकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट और पानी टंकी से जुड़े रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र रजिस्टर और IGRS पोर्टल की भी जांच की गई, जहां शिकायतों का सही रिकॉर्ड नहीं मिला। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए साफ निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही वंदन योजना के तहत बनी सड़क की गुणवत्ता की भी जांच की गई।1