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झारखंड के पाकुड़ जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को एक कमरे के भीतर उसके आशिक के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। इस अप्रत्याशित स्थिति को देखते हुए, पति ने तुरंत उस कमरे को बाहर से बंद कर ताला लगा दिया। इसके बाद, पत्नी ने मौके पर ही एक 'हाई-प्रोफाइल ड्रामा' शुरू कर दिया।
Jharkhand न्यूज़
झारखंड के पाकुड़ जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को एक कमरे के भीतर उसके आशिक के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। इस अप्रत्याशित स्थिति को देखते हुए, पति ने तुरंत उस कमरे को बाहर से बंद कर ताला लगा दिया। इसके बाद, पत्नी ने मौके पर ही एक 'हाई-प्रोफाइल ड्रामा' शुरू कर दिया।
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- झारखंड के पाकुड़ जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को एक कमरे के भीतर उसके आशिक के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। इस अप्रत्याशित स्थिति को देखते हुए, पति ने तुरंत उस कमरे को बाहर से बंद कर ताला लगा दिया। इसके बाद, पत्नी ने मौके पर ही एक 'हाई-प्रोफाइल ड्रामा' शुरू कर दिया।1
- पाकुड़ जिले को नए स्थायी जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) मोo मोजाहिद अंसारी मिले हैं, जिन्होंने 'बिरसा का माटी' के साथ एक विशेष बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग के यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा, जिसके लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। डीटीओ अंसारी ने जिले के निवासियों को यह भी बताया कि विभाग द्वारा दी जाने वाली सभी सेवाएं बिल्कुल सरल होंगी और किसी भी प्रकार के दलालों के चंगुल में फंसने से बचना चाहिए। किसी भी शिकायत के लिए उन्होंने लोगों को सीधे उनसे संपर्क करने का आग्रह किया। नए डीटीओ ने जिलेवासियों से अनुरोध किया कि वे सभी परिवहन नियमों का पालन करें, क्योंकि ये केवल नियम नहीं बल्कि उनकी अपनी सुरक्षा और जिम्मेदारियों की रक्षा से जुड़े हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अक्सर परिवहन नियमों का पालन न करने से कई घर उजड़ जाते हैं और परिवार बिखर जाते हैं। डीटीओ अंसारी ने लोगों को समझाया कि सड़कों पर बहादुरी दिखाने में कोई लाभ नहीं है, बल्कि सुरक्षित और सावधान रहने में ही फायदा है। उन्होंने यह भी बताया कि यह उनका पहला डीटीओ पद है और चीजों को समझने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन जल्द ही विभाग का काम आम लोगों को दिखाई देने लगेगा तथा परिवहन विभाग के कार्यों को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे लोगों को सरल तरीके से सुविधाएं मिल सकें।1
- पाकुड़ व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के प्रयासों से मूल भरण-पोषण वाद संख्या 40/2026 में पति-पत्नी के बीच चले आ रहे लंबे समय के विवाद को सुलह-समझौते के आधार पर समाप्त कर दिया गया। न्यायालय में हुई समझौता वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर पुनः एक साथ रहने पर सहमति व्यक्त की। इस अवसर पर, प्रधान न्यायाधीश ने दंपति को आपसी समझ, विश्वास और सहयोग के साथ एक खुशहाल जीवन जीने की सलाह दी। समझौते के बाद, पति-पत्नी ने एक-दूसरे को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर अपनी नई शुरुआत का संदेश दिया, जिसके बाद न्यायालय से उन्हें खुशी-खुशी विदा किया गया। इस मेल-मिलाप को सफल बनाने में दोनों पक्षों के अधिवक्ता अब्बास अली और मोहन राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मौके पर न्यायालय कर्मी, दोनों पक्षों के परिजन और पैरा लीगल वॉलंटियर नीरज कुमार राउत सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। इस पहल की सराहना करते हुए, न्यायालय परिसर का माहौल भावुक और सकारात्मक बना रहा।2
- बिहार सरकार के श्रम नियोजन एवं प्रवासी कल्याण युवा बेरोजगार मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने अपने परिवार के साथ झारखंड के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थान बासुकीनाथ धाम का दौरा किया। वहाँ उन्होंने कामना ज्योतिर्लिंग नागेश की विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक आरती की। मंत्री के आगमन के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे, जिसके लिए जरमुंडी थाना पुलिस बल के जवान तैनात रहे। पूजा संपन्न होने के बाद, मंत्री ने कुछ देर दारुक वन स्थित वन विभाग गेस्ट हाउस में विश्राम किया और फिर अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो गए।1
- दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित पाथरा पंचायत में सार्वजनिक धन के घोर दुरुपयोग का मामला सामने आया है। यहां एक ही स्थान पर तीन नालियों का निर्माण किया गया है, जिसके चलते ये सभी नालियां अब धंसने के कगार पर पहुँच गई हैं। इस प्रकार एक ही जगह पर तीन नालियों के निर्माण को लोकराषि का सरासर दुरुपयोग बताया जा रहा है।1
- गोड्डा के एक मंदिर से भगवान महादेव की पत्नी की मूर्ति चोरी होने का मामला सामने आया था, लेकिन अब इस घटना को 'ईश्वर का चमत्कार' बताया जा रहा है। दरअसल, चोर ने स्वयं ही चोरी की गई मूर्ति को वापस लाकर मंदिर में स्थापित कर दिया। इस घटना को लेकर पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जिसमें यह बताया जा रहा है कि चोर का मानसिक संतुलन सही नहीं था और इसी वजह से वह मूर्ति को अपने घर लेकर चला गया था।1
- पाकुड़ में मनरेगा के तहत लगभग ढाई वर्षों से लंबित नियुक्तियों को लेकर सोमवार को नाराज अभ्यर्थी अपनी शिकायत लेकर डीसी के समक्ष पहुँचे। अभ्यर्थियों ने बताया कि जिला ग्रामीण विकास अभिकरण पाकुड़ द्वारा 2023 में 6 पदों का विज्ञापन प्रकाशित किया गया था, जिसमें से केवल कंप्यूटर सहायक और ग्राम रोजगार सेवक के पदों पर ही नियुक्तियाँ करवाई गई हैं। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और लेखा सहायक जैसे महत्वपूर्ण पदों की बहाली प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं की गई है। अभ्यर्थियों ने अपनी शिकायत में बताया कि बहाली के लिए हर बार तिथि प्रकाशित की जाती है, लेकिन ठीक दो दिन पहले उसे रद्द कर दिया जाता है। इस मामले को लेकर बेरोजगार अभ्यर्थियों ने जिले के डीसी सहित राज्य के ग्रामीण मंत्री को भी कई बार पत्र लिखा, पर अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य के अन्य सभी जिलों में यह बहाली प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन पाकुड़ एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ यह अब तक लंबित है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिससे जिले के सैकड़ों अभ्यर्थियों में निराशा और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। कई अभ्यर्थियों की आयु सीमा भी प्रभावित होने लगी है। विज्ञापन के नियमों के अनुसार, यदि निर्धारित समय-अवधि के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो 30 जून के बाद यह नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त होने की संभावना है। ऐसा होने पर सैकड़ों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय और खिलवाड़ होगा। इस मौके पर सुरेंद्र कुमार हेंब्रम, शिवनारायण शाह, नवल किशोर सोरेन, नीतीश कुमार, हेमंत कुमार मंडल, रोहित कुमार पंडित, गोपाल आनंद, विक्रम कुमार दास, समर रविदास, मिलन रविदास, सुनील मरांडी, विवेक कुमार गौड़, सुभाजित यादव सहित अन्य अभ्यर्थी मौजूद थे।1
- झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जहाँ गरीब ग्रामीण इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।1