Shuru
Apke Nagar Ki App…
प्रतापगढ़ के रानीगंज में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एक फरियादी का दर्द छलक उठा। फरियादी ने अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उसकी नाली से संबंधित समस्या का समाधान पिछले चार साल से नहीं हो पाया है, जिससे वह लगातार परेशानी झेल रहा है।
Krishnaabhan singh
प्रतापगढ़ के रानीगंज में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एक फरियादी का दर्द छलक उठा। फरियादी ने अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उसकी नाली से संबंधित समस्या का समाधान पिछले चार साल से नहीं हो पाया है, जिससे वह लगातार परेशानी झेल रहा है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रतापगढ़ के रानीगंज में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एक फरियादी का दर्द छलक उठा। फरियादी ने अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उसकी नाली से संबंधित समस्या का समाधान पिछले चार साल से नहीं हो पाया है, जिससे वह लगातार परेशानी झेल रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कुंडा क्षेत्र के कोटेदारों के सदस्य अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एकजुट हुए और जनसत्ता दल के राष्ट्रीय रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, जो कुंडा के विधायक भी हैं, को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कोटेदारों ने प्रमुख रूप से तीन मांगें रखीं: पहली, अन्य प्रदेशों की तर्ज पर उनका कमीशन बढ़ाकर ₹200 किया जाए; दूसरी, कोटेदारों के लिए ₹20,000 की न्यूनतम आय गारंटी सुनिश्चित की जाए; और तीसरी, पिछले छह महीने से बकाया कमीशन का भुगतान तुरंत किया जाए। यह ज्ञापन प्रयागराज मंडल अध्यक्ष कप्तान सिंह के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें जिला कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम सिंह समेत अन्य कोटेदार साथी भी शामिल थे। इस अवसर पर जिला महामंत्री मनोज सिंह, बिहार ब्लॉक अध्यक्ष दीनानाथ मिश्र, रमेश शंकर तिवारी, राजेश तिवारी, तहसील अध्यक्ष संतोष मिश्रा, और सुधीर श्रीवास्तव सहित सैकड़ों कोटेदार उपस्थित रहे।1
- जनपद प्रतापगढ़ के रानीगंज स्थित बभनमई कार्यालय पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा ने योगाभ्यास करते हुए स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया और सभी से नियमित रूप से इसका अभ्यास करने की अपील की। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आयोजित किया गया था, जिसमें कार्यकर्ताओं, क्षेत्रवासियों और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। योग शिविर के दौरान शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया, और सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वस्थ, सशक्त तथा तनावमुक्त जीवन जीने के लिए योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।1
- बिहार के भोजपुर में पुलिस की गोली से भरत तिवारी की हत्या के बाद से हर जगह गम और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर अभिनंदन प्रधान जी ने 'वीर भरत तिवारी' के लिए अपनी खूबसूरत आवाज़ में कुछ कहा है, जिसे सुनने का आग्रह किया गया है।1
- जौनपुर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति के प्रांगण में आयोजित इस पोषाहार वितरण और जागरूकता कार्यक्रम में कुल 76 टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार प्रदान किया गया, साथ ही उन्हें टीबी के उपचार, दवाओं के नियमित सेवन और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया। संस्था की प्रबंधक सचिव डॉ. अंजु सिंह ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान और 100 दिवसीय विशेष अभियान की जानकारी दी, यह स्पष्ट करते हुए कि टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए समय पर इलाज और उचित पोषण अनिवार्य है। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि डॉ. अविनाश सिंह, महेंद्र कुमार शुक्ला और सिनर्जी के कोऑर्डिनेटर अमित दुबे ने भी संबोधित करते हुए भारत सरकार के 'टीबी मुक्त भारत ऐप' की खूबियां बताईं। उन्होंने समझाया कि यह ऐप टीबी मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों, निश्चय मित्रों और आम नागरिकों को एक मंच पर जोड़ता है, जिससे स्वास्थ्य निगरानी, दवा लेने के समय की जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पाता है। कई मरीजों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराकर उन्हें इसका उपयोग भी सिखाया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेश त्रिपाठी ने किया, जिसमें संस्था की कोषाध्यक्ष शीला दुबे, सौम्या सिंह, अंकित सिंह, संतोष कुमार, सत्यजीत, लालमणि मिश्रा, सौरभ सिंह, सद्दाम, अंजलि समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। अंकिता सिंह ने टीबी जागरूकता पर आधारित एक गीत प्रस्तुत कर लोगों को इस बीमारी के प्रति सचेत रहने और समय पर उपचार कराने का संदेश दिया। यह कार्यक्रम टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में मरीजों के लिए एक सहारा साबित हुआ और समाज में जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बना।1
- पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा हो गया है। सभी संबंधितों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने '20000' की जांच कर लें।1
- प्रतापगढ़ जिले में एक अनोखा और कौतूहल भरा दृश्य देखने को मिला, जब 'बाबा के बुलडोजर' पर लदा एक विशाल जनरेटर पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने के लिए पहुंच गया। सड़क से गुजर रहे लोगों की नज़रें इस अनूठी घटना पर टिक गईं और उन्होंने इसे उत्सुकता से देखा। कई लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। भारी-भरकम जनरेटर को बुलडोजर के सहारे पेट्रोल पंप तक लाया गया, जहाँ उसे ईंधन उपलब्ध कराया गया। इस अनोखे अंदाज़ में पहुंचे वाहन और जनरेटर को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है, और इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।1
- सुल्तानपुर जनपद के खैराबाद निवासी 85 वर्षीय वृद्धा अमरुलनशा ने जिला प्रशासन पर एक बड़ी धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि मंडी सचिव रवींद्र वर्मा और मो. शफीक ने मिलकर उनके प्रोपराइटरशिप लाइसेंस में अवैध रूप से पार्टनर जोड़कर फर्जीवाड़ा किया है। यह लाइसेंस उनके दिवंगत पति अब्दुल रसीद के नाम पर सब्जी मंडी में था, जो उनकी मृत्यु के बाद अमरुलनशा के नाम पर स्थानांतरित हो गया था। पीड़िता के अनुसार, मंडी सचिव रवींद्र वर्मा ने मो. शफीक को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक फर्जी पार्टनरशिप डीड तैयार की और उस पर खुद हस्ताक्षर व मुहर लगाकर उसे प्रमाणित कर दिया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब 18 जून, 2026 को उन्हें माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए मंडी परिसर बुलाया गया। उच्च न्यायालय ने 01 अप्रैल, 2026 को ही मौके पर जाकर अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया था, जिसके लिए अधिकारियों की एक टीम भी गठित की गई थी। उपजिलाधिकारी सदर, सुल्तानपुर ने एक पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिसे उन्होंने 'अत्यंत खेदजनक' बताया। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को पुनः निर्देशित किया है कि वे तीन दिनों के भीतर उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। अमरुलनशा ने जिलाधिकारी से मांग की है कि 14 सितंबर, 2021 की फर्जी पार्टनरशिप डीड को तत्काल रद्द किया जाए और दोषी अधिकारियों व व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उनका लाइसेंस सुरक्षित रह सके।1