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महिला बाल विकास विभाग के बजट में मांगें शामिल करने आंगनबाड़ी संघ ने अपर कलेक्टर छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए प्रस्तावित बजट को लेकर शीघ्र ही मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित की जानी है, जिसमें आगामी बजट की रूपरेखा के साथ-साथ पिछले एक वर्ष की समीक्षा और आने वाले समय की कार्ययोजना तय की जाएगी। शुक्रवार की शाम पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार इसी बैठक को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी प्रमुख मांगों को बजट में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ (पंजीयन क्रमांक 409) के पदाधिकारियों ने जशपुर के अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को बजट में समुचित स्थान देने की मांग की। इस अवसर पर जशपुर परियोजना अध्यक्ष अंजना टोप्पो, जिला संरक्षक यशोमती बाई, आशा भगत एवं सरिता तिर्की उपस्थित रहीं। संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित बजट में उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

18 hrs ago
user_सच आप तक
सच आप तक
Journalist Jashpur, Chhattisgarh•
18 hrs ago

महिला बाल विकास विभाग के बजट में मांगें शामिल करने आंगनबाड़ी संघ ने अपर कलेक्टर छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए प्रस्तावित बजट को लेकर शीघ्र ही मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित की जानी है, जिसमें आगामी बजट की रूपरेखा के साथ-साथ पिछले एक वर्ष की समीक्षा और आने वाले समय की कार्ययोजना तय की जाएगी। शुक्रवार की शाम पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार इसी बैठक को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी प्रमुख मांगों को बजट में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ (पंजीयन क्रमांक 409) के पदाधिकारियों ने जशपुर के अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को बजट में समुचित स्थान देने की मांग की। इस अवसर पर जशपुर परियोजना अध्यक्ष अंजना टोप्पो, जिला संरक्षक यशोमती बाई, आशा भगत एवं सरिता तिर्की उपस्थित रहीं। संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित बजट में उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

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  • छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए प्रस्तावित बजट को लेकर शीघ्र ही मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित की जानी है, जिसमें आगामी बजट की रूपरेखा के साथ-साथ पिछले एक वर्ष की समीक्षा और आने वाले समय की कार्ययोजना तय की जाएगी। शुक्रवार की शाम पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार इसी बैठक को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी प्रमुख मांगों को बजट में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ (पंजीयन क्रमांक 409) के पदाधिकारियों ने जशपुर के अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को बजट में समुचित स्थान देने की मांग की। इस अवसर पर जशपुर परियोजना अध्यक्ष अंजना टोप्पो, जिला संरक्षक यशोमती बाई, आशा भगत एवं सरिता तिर्की उपस्थित रहीं। संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित बजट में उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
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    छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए प्रस्तावित बजट को लेकर शीघ्र ही मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित की जानी है, जिसमें आगामी बजट की रूपरेखा के साथ-साथ पिछले एक वर्ष की समीक्षा और आने वाले समय की कार्ययोजना तय की जाएगी। शुक्रवार की शाम पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार इसी बैठक को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी प्रमुख मांगों को बजट में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ (पंजीयन क्रमांक 409) के पदाधिकारियों ने जशपुर के अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को बजट में समुचित स्थान देने की मांग की। इस अवसर पर जशपुर परियोजना अध्यक्ष अंजना टोप्पो, जिला संरक्षक यशोमती बाई, आशा भगत एवं सरिता तिर्की उपस्थित रहीं।
संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित बजट में उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
    user_सच आप तक
    सच आप तक
    Journalist Jashpur, Chhattisgarh•
    18 hrs ago
  • चैनपुर के छीछवानी गांव में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है!
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    चैनपुर के छीछवानी गांव में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है!
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    19 hrs ago
  • जशपुर की करोड़पति चोरनी
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    जशपुर की करोड़पति चोरनी
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Reporter कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • सड़क हादसा में एक की मौत, गंभीर हालत में साथी अस्पताल में भर्ती गुमला रांची मुख्य मार्ग पर पुग्गु के समीप सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। जबकि एक जख्मी अस्पताल में भर्ती है जहां बेहोशी हालत में इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुरेंद्र उरांव 25 वर्षीय पुगू खोपा टोली निवासी जख्मी है उसे सर सहित अन्य हिस्से में गंभीर चोट लगी है। जबकि उसके साथ बाइक चालक मनोज कुमार 35 वर्षीय करमडिपा निवासी की मौत हो गई। दोनो एक बाइक पर सवार होकर आ रहे थे तभी यह हादसा हुआ। हादसा कैसे हुआ, इसका खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही हैं।
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    सड़क हादसा में एक की मौत, गंभीर हालत में साथी अस्पताल में भर्ती
गुमला रांची मुख्य मार्ग पर पुग्गु के समीप सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। जबकि एक जख्मी अस्पताल में भर्ती है जहां बेहोशी हालत में इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुरेंद्र उरांव 25 वर्षीय पुगू खोपा टोली निवासी जख्मी है उसे सर सहित अन्य हिस्से में गंभीर चोट लगी है। जबकि उसके साथ बाइक चालक मनोज कुमार 35 वर्षीय करमडिपा निवासी की मौत हो गई। दोनो एक बाइक पर सवार होकर आ रहे थे तभी यह हादसा हुआ। हादसा कैसे हुआ, इसका खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही हैं।
    user_दीपक गुप्ता
    दीपक गुप्ता
    Journalist गुमला, गुमला, झारखंड•
    13 hrs ago
  • Post by Pankaj Kumar
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    Post by Pankaj Kumar
    user_Pankaj Kumar
    Pankaj Kumar
    पालकोट, गुमला, झारखंड•
    18 hrs ago
  • धोखे से ‘गोद’ लिया या ममता का सौदा ? मैनपाट के मजदूर दंपति ने पड़ोसी व कोलकाता के अग्रवाल परिवार पर लगाया बच्चा छीनने का आरोप, सरगुजा एसपी से शिकायत… ₹100 के स्टांप पर दस्तखत कराकर 2 माह के मासूम को ले जाने का दावा; 1 लाख रुपये के लेनदेन की भी चर्चा सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र के जामढ़ोढ़ी निवासी एक मजदूर दंपत्ति ने पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपकर अपने दो माह के मासूम बच्चे को साज़िश के तहत ‘गायब’ करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उनकी गरीबी और अशिक्षा का लाभ उठाकर पड़ोसी और कोलकाता के एक दंपत्ति ने मिलकर उनके बच्चे को उनसे दूर कर दिया है। हालांकि, सच्चाई क्या है यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। शिकायत के अनुसार: भविष्य का झांसा देकर विश्वास में लिया प्रार्थी विजय कुमार और उनकी पत्नी बसंती मरावी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का भरण-पोषण करते हैं। उनके पड़ोसी दालू ने उन्हें विश्वास दिलाया कि कोलकाता निवासी गौतम कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी श्वेता दीवान बहुत संपन्न परिवार से हैं। प्रार्थी का आरोप है कि पड़ोसी ने उन्हें लालच दिया कि यदि वे अपने सबसे छोटे बच्चे ‘अयांश’ को उक्त दंपत्ति को सौंप देते हैं, तो वे उसका पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करेंगे। बच्चे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में माता-पिता इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गए। न्यायालय परिसर में गोदनामे का खेल शिकायती पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने पीड़ित दंपत्ति को अम्बिकापुर जिला न्यायालय परिसर बुलाया। यहाँ स्टाम्प वेंडर से 100 रुपए का स्टाम्प प्राप्त कर एक दस्तावेज तैयार कराया गया। पीड़ितों का आरोप है कि नोटरी के समक्ष उन पर विधि विरुद्ध तरीके से दबाव डाला गया और उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान ले लिए गए। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान जच्चा-बच्चा कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिए। 1 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप और मानव तस्करी की आशंका पीड़िता बसंती मरावी ने आवेदन में दावा किया है कि आरोपी गौतम कुमार अग्रवाल और श्वेता दीवान ने इस कथित समझौते के एवज में पड़ोसी दालू को 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का भुगतान किया है। प्रार्थी ने इसे मानव तस्करी से जोड़ते हुए आशंका जताई है कि उनके बच्चे को कहीं और विक्रय कर दिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अब उन्हें बच्चे से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। मामले में राउरकेला निवासी एक महिला पुष्पा अग्रवाल की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी हकीकत कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गोद लेने की प्रक्रिया केवल ‘कारा’ (CARA) के नियमों के तहत ही मान्य होती है, स्टाम्प पेपर पर ऐसा कोई भी समझौता विधिक रूप से शून्य है। फिलहाल, यह पूरा मामला केवल पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए ₹100 के स्टांप पर हुए कथित गोदनामा पर आधारित है। सच्चाई की पुष्टि के लिए पुलिस को आरोपियों का पक्ष और दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच करनी होगी। पीड़ित परिवार ने तत्काल FIR दर्ज करने और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है। स्टाम्प पर बच्चा गोद लेना या देना ‘सफेद झूठ’ और दंडनीय अपराध ​ इस मामले में ₹100 के स्टाम्प पर जिस ‘गोदनामा’ की बात सामने आई है, कानूनन उसकी कोई मान्यता नहीं है। देश में बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया बेहद सख्त है: ​CARA ही एकमात्र रास्ता: भारत में बच्चा गोद लेने के लिए ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (CARA) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और अदालती आदेश अनिवार्य है। ​जेजे एक्ट का उल्लंघन: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), 2015 के अनुसार, बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चे का हस्तांतरण करना ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) की श्रेणी में आ सकता है। इसमें दोषी को कड़ी जेल और जुर्माने का प्रावधान है। ​नोटरी की सीमा: कोई भी नोटरी या स्टाम्प वेंडर बच्चा गोद लेने का दस्तावेज प्रमाणित करने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा किया गया है, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आती है। ​क्यों है यह अवैध?: बच्चे कोई वस्तु नहीं हैं जिनका सौदा स्टाम्प पेपर पर किया जा सके। बिना जिला बाल संरक्षण इकाई और सीडब्ल्यूसी (CWC) की जांच के किसी को भी बच्चा सौंपना बच्चे के जीवन को खतरे में डालना माना जाता है।
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    धोखे से ‘गोद’ लिया या ममता का सौदा ? मैनपाट के मजदूर दंपति ने पड़ोसी व कोलकाता के अग्रवाल परिवार पर लगाया बच्चा छीनने का आरोप, सरगुजा एसपी से शिकायत…
₹100 के स्टांप पर दस्तखत कराकर 2 माह के मासूम को ले जाने का दावा; 1 लाख रुपये के लेनदेन की भी चर्चा
सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र के जामढ़ोढ़ी निवासी एक मजदूर दंपत्ति ने पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपकर अपने दो माह के मासूम बच्चे को साज़िश के तहत ‘गायब’ करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उनकी गरीबी और अशिक्षा का लाभ उठाकर पड़ोसी और कोलकाता के एक दंपत्ति ने मिलकर उनके बच्चे को उनसे दूर कर दिया है। हालांकि, सच्चाई क्या है यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
शिकायत के अनुसार: भविष्य का झांसा देकर विश्वास में लिया
प्रार्थी विजय कुमार और उनकी पत्नी बसंती मरावी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का भरण-पोषण करते हैं। उनके पड़ोसी दालू ने उन्हें विश्वास दिलाया कि कोलकाता निवासी गौतम कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी श्वेता दीवान बहुत संपन्न परिवार से हैं। प्रार्थी का आरोप है कि पड़ोसी ने उन्हें लालच दिया कि यदि वे अपने सबसे छोटे बच्चे ‘अयांश’ को उक्त दंपत्ति को सौंप देते हैं, तो वे उसका पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करेंगे। बच्चे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में माता-पिता इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गए।
न्यायालय परिसर में गोदनामे का खेल
शिकायती पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने पीड़ित दंपत्ति को अम्बिकापुर जिला न्यायालय परिसर बुलाया। यहाँ स्टाम्प वेंडर से 100 रुपए का स्टाम्प प्राप्त कर एक दस्तावेज तैयार कराया गया। पीड़ितों का आरोप है कि नोटरी के समक्ष उन पर विधि विरुद्ध तरीके से दबाव डाला गया और उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान ले लिए गए। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान जच्चा-बच्चा कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिए।
1 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप और मानव तस्करी की आशंका
पीड़िता बसंती मरावी ने आवेदन में दावा किया है कि आरोपी गौतम कुमार अग्रवाल और श्वेता दीवान ने इस कथित समझौते के एवज में पड़ोसी दालू को 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का भुगतान किया है। प्रार्थी ने इसे मानव तस्करी से जोड़ते हुए आशंका जताई है कि उनके बच्चे को कहीं और विक्रय कर दिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अब उन्हें बच्चे से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। मामले में राउरकेला निवासी एक महिला पुष्पा अग्रवाल की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी हकीकत
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गोद लेने की प्रक्रिया केवल ‘कारा’ (CARA) के नियमों के तहत ही मान्य होती है, स्टाम्प पेपर पर ऐसा कोई भी समझौता विधिक रूप से शून्य है। फिलहाल, यह पूरा मामला केवल पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए ₹100 के स्टांप पर हुए कथित गोदनामा पर आधारित है। सच्चाई की पुष्टि के लिए पुलिस को आरोपियों का पक्ष और दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच करनी होगी। पीड़ित परिवार ने तत्काल FIR दर्ज करने और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है।
स्टाम्प पर बच्चा गोद लेना या देना ‘सफेद झूठ’ और दंडनीय अपराध
​ इस मामले में ₹100 के स्टाम्प पर जिस ‘गोदनामा’ की बात सामने आई है, कानूनन उसकी कोई मान्यता नहीं है। देश में बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया बेहद सख्त है:
​CARA ही एकमात्र रास्ता: भारत में बच्चा गोद लेने के लिए ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (CARA) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और अदालती आदेश अनिवार्य है।
​जेजे एक्ट का उल्लंघन: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), 2015 के अनुसार, बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चे का हस्तांतरण करना ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) की श्रेणी में आ सकता है। इसमें दोषी को कड़ी जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
​नोटरी की सीमा: कोई भी नोटरी या स्टाम्प वेंडर बच्चा गोद लेने का दस्तावेज प्रमाणित करने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा किया गया है, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आती है।
​क्यों है यह अवैध?: बच्चे कोई वस्तु नहीं हैं जिनका सौदा स्टाम्प पेपर पर किया जा सके। बिना जिला बाल संरक्षण इकाई और सीडब्ल्यूसी (CWC) की जांच के किसी को भी बच्चा सौंपना बच्चे के जीवन को खतरे में डालना माना जाता है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • मोटापा इंस्टेंट कैसे घटाएं? #BP #obesity #pain #patanjalinearme #thyroid
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    मोटापा इंस्टेंट कैसे घटाएं?
#BP
#obesity
#pain
#patanjalinearme
#thyroid
    user_युवा भारत
    युवा भारत
    Doctor कोलेबिरा, सिमडेगा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • धान खरीदी में अव्यवस्था, नमी कटौती, अवैध वसूली और किसानों से दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शुक्रवार को जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों पर एक साथ जिला-व्यापी आंदोलन किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस आंदोलन में कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। शुक्रवार की शाम पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को किसानों की उपज का “दाना-दाना खरीदना होगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस वर्ष कई किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं और टोकन, संशोधन व खरीदी प्रक्रिया को लेकर लगातार भटकने को मजबूर हैं। आंदोलन से किसानों के बीच अपनी मांगों को लेकर नई उम्मीद जगी है। इस दौरान युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल सहित कांग्रेस के सभी संगठनों की संयुक्त भागीदारी रही। पूर्व विधायक विनय भगत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों को परेशान करने का काम कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
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    धान खरीदी में अव्यवस्था, नमी कटौती, अवैध वसूली और किसानों से दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शुक्रवार को जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों पर एक साथ जिला-व्यापी आंदोलन किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस आंदोलन में कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। शुक्रवार की शाम पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को किसानों की उपज का “दाना-दाना खरीदना होगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस वर्ष कई किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं और टोकन, संशोधन व खरीदी प्रक्रिया को लेकर लगातार भटकने को मजबूर हैं। आंदोलन से किसानों के बीच अपनी मांगों को लेकर नई उम्मीद जगी है। इस दौरान युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल सहित कांग्रेस के सभी संगठनों की संयुक्त भागीदारी रही।
पूर्व विधायक विनय भगत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों को परेशान करने का काम कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
    user_सच आप तक
    सच आप तक
    Journalist Jashpur, Chhattisgarh•
    18 hrs ago
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