भाजपा मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के आह्वान पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में एक अति पिछड़ा समाज सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें शेखपुरा जिले से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। भाजपा जिलाध्यक्ष रेशमा भारती के नेतृत्व में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से हजारों कार्यकर्ता और समाज के प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में पहुंचे। सम्मेलन के दौरान अति पिछड़ा समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज के लोगों से संगठित होकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अति पिछड़ा समाज देश और प्रदेश के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था। शेखपुरा से आए कार्यकर्ताओं ने इस सम्मेलन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
भाजपा मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के आह्वान पर पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में एक अति पिछड़ा समाज सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें शेखपुरा जिले से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। भाजपा जिलाध्यक्ष रेशमा भारती के नेतृत्व में जिले के विभिन्न प्रखंडों
और पंचायतों से हजारों कार्यकर्ता और समाज के प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में पहुंचे। सम्मेलन के दौरान अति पिछड़ा समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज के लोगों से संगठित होकर
विकास की मुख्यधारा से जुड़ने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अति पिछड़ा समाज देश और प्रदेश के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता
है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था। शेखपुरा से आए कार्यकर्ताओं ने इस सम्मेलन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
- लखीसराय में सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने नई पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) डीलर अनुज्ञप्ति बहाली प्रक्रिया रद्द किए जाने के विरोध में समाहरणालय परिसर पहुंचकर प्रशासन के निर्णय पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की। इन आवेदकों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद, बिना किसी संतोषजनक कारण के बहाली को रद्द कर दिया गया है। अभ्यर्थियों ने बताया कि आवेदन आमंत्रित करने के बाद उनके दस्तावेजों की गहन जांच की गई, गोदामों का सत्यापन किया गया और शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों का परीक्षण भी पूरा हो गया था। इसके उपरांत, एक प्रोविजनल मेरिट सूची प्रकाशित की गई और दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी प्रदान किया गया। उनका गंभीर आरोप है कि प्राप्त आपत्तियों की निष्पक्ष जांच किए बिना ही पूरी चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। यह भी बताया गया कि जिन अभ्यर्थियों के विरुद्ध कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी, उनकी उम्मीदवारी भी इसी रद्द प्रक्रिया के कारण समाप्त हो गई है। इस अप्रत्याशित निर्णय से सैकड़ों आवेदकों की कड़ी मेहनत और उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फिर गया है, जिससे उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है।1
- अलीगंज के निवासियों के लिए एक नई सुविधा के रूप में नगर के बस स्टैंड के पास "विश्वकर्मा जंगल रेस्टोरेंट एंड केक पैलेस" का भव्य शुभारंभ सोमवार, 22 जून को दोपहर 2 बजे किया गया। इस उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, व्यवसायियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और प्रतिष्ठान के संचालक को शुभकामनाएं दीं। इस नए रेस्टोरेंट और केक पैलेस को एक आकर्षक जंगल थीम पर तैयार किया गया है। यहां ग्राहकों को स्वादिष्ट भोजन, विभिन्न प्रकार के व्यंजन और विशेष केक की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रतिष्ठान के संचालक पिंटू कुमार ने बताया कि उनकी प्राथमिकता ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता, स्वच्छ वातावरण और उचित मूल्य पर भोजन तथा केक उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नया प्रतिष्ठान परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने के लिए एक आदर्श स्थान साबित होगा। स्थानीय नागरिकों, जिनमें अरुण कुमार, विकास कुमार, मो० मुमताज, सहूद आलम, राहुल कुमार, बखोरी पासवान, औरंजेब और अरविंद कुमार शामिल हैं, ने इस पहल पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें परिवार और बच्चों के साथ जन्मदिन या किसी अन्य कार्यक्रम के लिए जमुई, नवादा या बिहार शरीफ जाना पड़ता था, लेकिन अब अलीगंज में ही ये सारी सुविधाएं उपलब्ध होने से उनके पैसे और समय दोनों की बचत होगी। उद्घाटन अवसर पर सभी आगंतुकों का स्वागत किया गया और प्रतिष्ठान की विशिष्टताओं के बारे में जानकारी दी गई, साथ ही सभी ने नए प्रतिष्ठान की सफलता की कामना की।1
- लखीसराय जिला परिषद अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इस कदम के कारण वर्तमान अध्यक्ष की कुर्सी पर संकट मंडरा रहा है।1
- एक फैन बिक्री के लिए उपलब्ध है, जिसकी कीमत ₹4000 निर्धारित की गई है। इस फैन को खरीदने के इच्छुक लोग संपर्क कर सकते हैं।1
- यह प्रश्न उठाया गया है कि पटना के बांकीपुर क्षेत्र के मुसलमान राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संबंध में क्या राय रखते हैं।1
- पकरीबरावां में धर्मेंद्र यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर वृक्षारोपण करके एक अनूठी पहल की है। इस कार्य से उन्होंने एक मिसाल पेश की।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मोकामा स्थित श्री कृष्ण मारवाड़ी हाई स्कूल परिसर में एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। रौशन भारद्वाज की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में योग शिक्षक रंजन सर ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और योग के महत्व की विस्तृत जानकारी प्रदान की। ब्रह्माकुमारी मोकामा की सहभागिता से कार्यक्रम में आध्यात्मिक और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का संदेश भी दिया गया। इस आयोजन का मुख्य विषय “स्वस्थ आयु के लिए योग” था और इसका मूल संदेश “योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं” रहा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।1
- लखीसराय जिला मुख्यालय के मंत्रणा कक्ष सभागार में सोमवार संध्या आयोजित एक प्रेस वार्ता में पुलिस ने NEET UG पुनर्परीक्षा में सक्रिय एक बड़े सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेजों के छात्र, फर्जी परीक्षार्थी, मूल अभ्यर्थी, उनके सहयोगी तथा बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 21 जून को आयोजित NEET UG पुनर्परीक्षा के दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर धांधली की सूचना मिली थी। इसके बाद केंद्राधीक्षकों, फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक दंडाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के क्रम में केंद्रीय विद्यालय, केआरके उच्च विद्यालय और उच्च विद्यालय हसनपुर सहित अन्य केंद्रों से नौ संदिग्ध अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन में यह बात सामने आई कि कई डमी कैंडिडेट वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे थे और बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में भी मिलीभगत थी। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित नेटवर्क था जो मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाता था। एसपी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस बड़े खुलासे ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1