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पकरीबरावां में धर्मेंद्र यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर वृक्षारोपण करके एक अनूठी पहल की है। इस कार्य से उन्होंने एक मिसाल पेश की।
Avdhesh kumar raj
पकरीबरावां में धर्मेंद्र यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर वृक्षारोपण करके एक अनूठी पहल की है। इस कार्य से उन्होंने एक मिसाल पेश की।
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- पकरीबरावां में धर्मेंद्र यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर वृक्षारोपण करके एक अनूठी पहल की है। इस कार्य से उन्होंने एक मिसाल पेश की।1
- बिहार में दो दलित पासवान युवकों की पीटकर ह*त्या के एक गंभीर मामले पर भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष अमर ज्योति ने तीखा बयान दिया है। यह बयान इस घटना के संबंध में जारी किया गया है, जहाँ दोनों युवकों को पीट-पीटकर मार डाला गया था।1
- नवादा के मोगलाखार निवासी दो युवक एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घंटों तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर उपचार न मिलने के कारण एक नौजवान की जान नहीं बचाई जा सकी, जिससे घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। इस दुखद घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जहाँ एक अनमोल जिंदगी का अंत हो गया और पीछे बिलखता परिवार तथा सूना आंगन रह गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि बिहार में सत्ताधारी दल JDU के स्वास्थ्य मंत्री और नवादा विधानसभा (237) के विधायक होने के बावजूद सदर अस्पताल का यह हाल क्यों है, जो बेहद अफसोसजनक है। यह घटना कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है, जिनमें प्रमुख है कि क्या समय पर इलाज मिलने से उस युवक की जान बच सकती थी।1
- नवादा शहर में मुहर्रम पर्व के अवसर पर रविवार को मुस्लिम रोड स्थित कसाई मोहल्ला से ताजिया निर्माण के लिए मिट्टी लाने हेतु एक जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और उन्होंने पारंपरिक तरीके से मुहर्रम की रस्मों का पालन किया। जुलूस कसाई मोहल्ला से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए निर्धारित स्थल तक पहुँचा, जहाँ से ताजिया बनाने के लिए मिट्टी लाई गई। इस दौरान युवाओं और बुजुर्गों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। जुलूस के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहे। प्रशासन ने लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुहर्रम का पर्व मनाने की अपील की। शहर के विभिन्न इलाकों में मुहर्रम को लेकर धार्मिक गतिविधियाँ जारी हैं और ताजिया निर्माण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।1
- बिहार शरीफ शहर इस समय भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह टोटो वाहनों की बेहिसाब संख्या को बताया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, इतनी भारी भीड़ में सड़कों पर निकलना अत्यंत मुश्किल हो गया है, और यह स्थिति बिहार शरीफ की एक पहचान बन चुकी है। इस गंभीर समस्या पर नागरिकों से उनकी राय मांगी गई है।1
- बिहार शरीफ, नालंदा में एक प्रेस वार्ता के दौरान दलित नेता अमर आज़ाद पासवान ने राजगीर में हुई एक गंभीर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 15 जून 2026 को राजगीर थाना क्षेत्र के झुनकिया बाबा मंदिर परिसर के पास मंदिर के पुजारी कुंज बिहारी शरण और कुछ अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर दो दलित युवकों की कथित तौर पर हत्या कर दी। पासवान ने राजगीर थाना कांड संख्या 411/26 और 412/26 के सभी अभियुक्तों को जल्द से जल्द जेल भेजने की मांग की है। दलित नेता ने आरोप लगाया कि राजगीर की इस घटना सहित पूरे नालंदा जिले में दलित-पासवान और अतिपिछड़ा समाज के लोगों की लगातार हत्याएं हो रही हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। इस हत्याकांड से पूरे बिहार के दलित समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी के मद्देनजर, 23 जून 2026 को सुबह 11 बजे श्रम कल्याण मैदान बिहार शरीफ से बिहार शरीफ समाहरणालय तक एक “दलित अतिपिछड़ा न्याय आक्रोश मार्च” निकाला जाएगा, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस आंदोलन का आयोजन अमर आज़ाद पासवान के नेतृत्व में कौशल कुमार, प्रेम पासवान, सुबोध पासवान और रजनीश पासवान करेंगे। इस प्रेस वार्ता में, जहाँ अमर आज़ाद पासवान, कौशल कुमार, सतेंद्र पासवान, रजनीश पासवा प्रेम, सुबोध पासवान, सोना सरदार, बीरेंद्र पासवान, कमलेश पासवान और नरेश पासवान सहित कई लोग उपस्थित थे, निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई गईं: पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए और उनके भरण-पोषण के लिए बिहार सरकार 50 लाख रुपये का मुआवजा दे; मृतक व्यक्तियों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी दी जाए; तथा घटना में संलिप्त दोषियों को स्पीडी ट्रायल के माध्यम से फांसी की सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोबारा न घटें।1
- वैशाली जिले के सर्वेश चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूरे बिहार प्रशासन को सीधे तौर पर चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में धमकी दी है कि यदि प्रशासन का कोई भी सदस्य उनके घर आता है, तो वे उसका एनकाउंटर कर देंगे।1
- बिहार के राजगीर स्थित जुनूकिया बाबा मंदिर में एक दुखद मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है, जिसमें दो दलित पासवान युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले के विरोध में और न्याय की मांग को लेकर, आगामी 23 जून को बिहारशरीफ में एक न्यायिक मार्च का ऐलान किया गया है।1